Wednesday, May 27, 2026
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निलंबित प्रधान पाठक को हाईकोर्ट से राहत नहीं, पहले विभागीय अपील करने के निर्देश

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The Duniyadari: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक निलंबित प्रधान पाठक की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए स्पष्ट किया है कि सेवा संबंधी मामलों में पहले विभागीय प्रक्रिया अपनाना जरूरी है। अदालत ने कहा कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबन आदेश के खिलाफ अपील का प्रावधान मौजूद है, इसलिए सीधे रिट याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता।

मामले की सुनवाई जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की एकलपीठ में हुई। याचिकाकर्ता आरती बाला आदिल, जो बेमेतरा जिले के बेरला विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ थीं, को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 20 मई 2026 को निलंबित कर दिया गया था। इसके खिलाफ उन्होंने सीधे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जब कानून में वैकल्पिक वैधानिक उपाय उपलब्ध हो, तब सीधे संवैधानिक याचिका दाखिल करना उचित नहीं माना जा सकता। हालांकि कोर्ट ने शिक्षिका को राहत देते हुए 30 दिनों के भीतर विभागीय अपील प्रस्तुत करने की अनुमति दी है।

साथ ही सक्षम प्राधिकारी को निर्देश दिया गया है कि अपील प्राप्त होने के बाद उसका शीघ्र और नियमों के अनुरूप निराकरण किया जाए, ताकि मामले के समाधान में अनावश्यक देरी न हो।