The Duniyadari: गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र में लंबे समय से स्वच्छ पेयजल की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। किडनी रोग की घटनाओं के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे इस इलाके में अब सालभर साफ पानी उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
सुशासन तिहार के तहत समीक्षा बैठक में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तेल नदी पर लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से एनीकेट निर्माण को स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बारिश शुरू होने से पहले सभी आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि परियोजना का काम जल्द शुरू हो सके।
सरकार पहले ही जल जीवन मिशन के अंतर्गत सामूहिक जल प्रदाय योजना को मंजूरी दे चुकी है। इस योजना के तहत तेल नदी से पानी लेकर उसे ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जाएगा और फिर सुपेबेड़ा समेत नौ गांवों के 2074 परिवारों तक पहुंचाया जाएगा। योजना का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन नदी में पूरे वर्ष पर्याप्त जल उपलब्ध न होने के कारण इसकी नियमित संचालन व्यवस्था चुनौती बनी हुई थी।
तेल नदी में गर्मी और शुष्क मौसम के दौरान जलस्तर काफी कम हो जाता है, जिससे जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए एनीकेट निर्माण का निर्णय लिया गया है। इससे नदी में पानी का संग्रहण बना रहेगा और जल प्रदाय योजना को वर्षभर सुचारु रूप से संचालित किया जा सकेगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है। उनका मानना है कि एनीकेट बनने के बाद क्षेत्र के लोगों को आयरन और फ्लोराइड युक्त दूषित पानी से मुक्ति मिलेगी तथा स्वच्छ पेयजल की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो सकेगा।















