The Duniyadari: KORBA
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के तत्वाधान, छ०ग० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशन एवं माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष संतोष शर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के मार्गदर्शन में चेक बाउंस के मामले में 18 जुलाई 2026 को विशेष लोक अदालत का शुभारंभ माननीय श्री संतोष शर्मा, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोरबा द्वारा किया गया। जिसमें माननीय न्यायाधीशगण श्री लीलाधर सारथी, विशेष सत्र न्यायाधीश (एस. टी. / एस.सी.) अधि० कोरबा, श्रीमती गरिमा शर्मा, प्रथम अपर जिला न्यायाधीश, कोरबा, श्री सुनील कुमार नन्दे तृतीय अपर जिला न्यायाधीश, श्री अविनाश तिवारी श्रम न्यायाधीश कोरबा, सुश्री सीमा प्रताप चन्द्रा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ. टी. सी.), कोरबा, कु० मयूरा गुप्ता, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा, कु. डॉली ध्रुव, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कोरबा, श्रीमती सोनी तिवारी प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कोरबा, कु० डिम्पल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा, कु. कुमुदिनी गर्ग, कु० तृप्ति राघव, व्यवहार न्यायालय वर्ग – 02 एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय श्रेणी कोरबा, कु० ग्रेसि सिंह, व्यवहार न्यायालय वर्ग – 02 एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय श्रेणी कोरबा में उपस्थित रहे। श्री अशोक तिवारी सदस्य, छ०ग० राज्य विधिज्ञ परिषद् बिलासपुर, लीगल एड डिफेंस कौंसिल कोरबा, अधिवक्तागण, पैरालीगल वालंटियर्स व आमजन उपस्थित रहे ।
इसमें सर्वोच्च न्यायालय से लेकर तहसील स्तर तक के न्यायालयों में विशेष लोक अदालत आयोजित की गयी। जिला न्यायालय कोरबा एवं तालुका विधिक सेवा समितियों- कटघोरा, पाली में परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के मामलों में लंबित प्रकरणों को न्यायालयों आपसी सहमति एवं राजीनामा के आधार पर निराकरण हेतु रखा गया था। विशेष लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन एवं न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में से कुल 744 प्रकरणों को निराकरण के लिये चिन्हांकित किया गया था। प्रधान जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण माननीय श्री संतोष शर्मा के नेतृत्व में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। विशेष लोक अदालत आयोजित करने के कुल 09 खंडपीठों का गठन किया गया था। इस विशेष लोक अदालत में 49 मामलों का सफलतापूर्वक निपटान किया गया।
उपरोक्त नेशनल लोक अदालत में धारा 138 एनआई एक्ट से संबंधित मामले अर्थात् चेक बाउंस से संबंधित मामले की सुनवाई की गई।















