The Duniyadari: Mahasamund जिले के पिथौरा क्षेत्र स्थित ग्राम लहरौद में प्रशासन की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई उस समय विवादों में घिर गई, जब एक 13 वर्षीय बालिका ने कथित तौर पर फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रशासनिक अमले को कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ी।
बताया जा रहा है कि राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए गांव पहुंची थी। इसी दौरान प्रभावित परिवारों में चिंता और नाराजगी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान एक बालिका ने अपने घर को बचाने की गुहार लगाई, लेकिन जब उसे कोई राहत मिलती नजर नहीं आई तो उसने कथित रूप से फिनाइल का सेवन कर लिया।
घटना के तुरंत बाद परिजन और ग्रामीण उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत स्थिर बताई है। बालिका की तबीयत बिगड़ने की खबर मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई रोक दी और टीम वापस लौट गई।
परिवार का कहना है कि वे कई दशकों से उक्त स्थान पर रह रहे हैं और उन्हें सरकारी आवास योजना का लाभ भी मिला था। उनका दावा है कि जमीन से जुड़ा मामला न्यायालय में लंबित है, इसलिए अंतिम निर्णय से पहले बेदखली की कार्रवाई उचित नहीं थी।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कार्रवाई से पहले पर्याप्त संवाद और सूचना नहीं दी गई। उनका कहना है कि गांव में अन्य स्थानों पर भी इसी तरह के कब्जे हैं, लेकिन चुनिंदा परिवारों के खिलाफ ही कार्रवाई की गई।
वहीं प्रशासन का पक्ष है कि यह कार्रवाई वैधानिक आदेश और प्राप्त शिकायतों के आधार पर की जा रही थी। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच कराने और सभी तथ्यों की समीक्षा करने की बात कही है।
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।















