The Duniyadari: Raipur- वीरता, साहस और देशभक्ति की प्रतीक वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर गुरुवार को लोकभवन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने रानी लक्ष्मीबाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके अदम्य साहस तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद किया।
कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी रानी लक्ष्मीबाई को नमन किया। राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना तथा लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी भी श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए उपस्थित रहे।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की ऐसी महान योद्धा थीं, जिन्होंने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए देशवासियों में आजादी की अलख जगाई। उनका जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण है।
रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में हुआ था। बचपन में उनका नाम मणिकर्णिका था और परिवार तथा परिचित उन्हें प्यार से ‘मनु’ कहकर पुकारते थे। बचपन से ही उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ युद्ध कौशल, घुड़सवारी और शस्त्र संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। विवाह के बाद वे झांसी की रानी बनीं और आगे चलकर 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अपनी वीरता का परिचय देते हुए इतिहास में अमर हो गईं।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने उनके त्याग और बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।















