Thursday, August 27, 2026
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भाजपा की 11 घंटे की मैराथन बैठक में जिलों का मंथन, समन्वय की कमी पर नेतृत्व सख्त

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The Duniyadari: रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की कवायद के बीच राजधानी स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में लगातार दूसरे दिन भी बैठकों का दौर जारी रहा। करीब 11 घंटे चली इस मैराथन बैठक में सरकार और संगठन के बीच तालमेल, जिलों में पार्टी की सक्रियता तथा प्रभारी मंत्रियों के कामकाज समेत कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने जिलेवार पार्टी की स्थिति का फीडबैक लिया। इस दौरान कुछ जिलों में सत्ता और संगठन के बीच अपेक्षित समन्वय नहीं होने की बात सामने आने पर संबंधित नेताओं को आपसी तालमेल बेहतर करने और संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

17 जिलों की स्थिति पर हुई अलग-अलग चर्चा

बैठक में प्रदेश के 17 जिलों की संगठनात्मक स्थिति की समीक्षा की गई। संबंधित प्रभारी मंत्रियों के साथ सांसदों और विधायकों से भी उनके क्षेत्रों का फीडबैक लिया गया। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के अलावा रामविचार नेताम, केदार कश्यप, लक्ष्मी रजवाड़े, लखन लाल देवांगन, दयालदास बघेल, गजेंद्र यादव, टंकराम वर्मा और गुरु खुशवंत साहेब सहित अन्य नेता मौजूद रहे।

नेतृत्व ने जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रियता, संगठन की मजबूती और सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने की स्थिति पर भी चर्चा की। जमीनी स्तर पर संगठन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदमों पर नेताओं से सुझाव और फीडबैक लिया गया।

नेताओं और कार्यकर्ताओं की नाराजगी भी बनी मुद्दा

बैठक के दौरान कुछ जिलों में नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद तथा नाराजगी से जुड़े मामलों पर भी चर्चा होने की जानकारी सामने आई। वरिष्ठ नेतृत्व ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए आपसी संवाद के जरिए विवाद और असंतोष दूर करने पर जोर दिया।

भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि संगठनात्मक गतिविधियों में अनुशासन और बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। आगामी राजनीतिक एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए जिलों में पार्टी की सक्रियता बढ़ाने और सरकार-संगठन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की रणनीति पर भी मंथन किया गया।

लगभग 11 घंटे तक चली दूसरे दिन की बैठक को छत्तीसगढ़ भाजपा के संगठनात्मक लिहाज से अहम माना जा रहा है।