Monday, September 21, 2026
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कोरबा में 10 लाख के निर्माणाधीन मंच पर बड़ा सवाल, ढलाई के अगले ही दिन भरभराकर गिरा छज्जा

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The Duniyadari: कोरबा। मुड़ापार के दशहरा मैदान में तैयार किए जा रहे मंच का एक हिस्सा ढलाई के लगभग एक दिन बाद ही टूटकर नीचे आ गिरा। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। राहत की बात यह रही कि जिस समय निर्माण का हिस्सा गिरा, उस दौरान लोग वहां से दूर हो चुके थे, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

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जानकारी के मुताबिक वार्ड क्रमांक 29 स्थित दशहरा मैदान में नगर निगम की ओर से करीब 10 लाख रुपये की लागत से मंच तैयार कराया जा रहा है। निर्माण के लिए खनिज न्यास मद की राशि का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। ढलाई के कुछ ही समय बाद छज्जे के गिरने से निर्माण की मजबूती और काम की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

निर्माण की गुणवत्ता पर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल

मंच का हिस्सा गिरने के बाद आसपास के लोगों में नाराजगी देखी गई। स्थानीय लोगों ने निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और निर्धारित तकनीकी मानकों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक राशि से होने वाले निर्माण में गुणवत्ता की नियमित निगरानी जरूरी है। लोगों ने पूरे काम की तकनीकी जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

इस मामले में ठेकेदार अश्वनी चौबे पर भी लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि निर्माण का हिस्सा किस तकनीकी वजह से गिरा। आधिकारिक स्तर पर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पार्षद का दावा- पहले ही अधिकारियों को दी थी सूचना

हादसे की जानकारी मिलने पर वार्ड 29 के पार्षद गोपाल कुर्रे घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया। पार्षद के अनुसार निर्माण को लेकर वह पहले भी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर चुके थे।

उनका दावा है कि 16 सितंबर को उन्होंने लिखित शिकायत देकर निर्माण कार्य से जुड़ी अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन शिकायत के बाद भी मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पार्षद ने यह भी कहा कि मंच की ढलाई के बारे में उन्हें पहले से सूचना नहीं दी गई थी।

अधिकारी के कथित बयान को लेकर भी नाराजगी

पार्षद ने अधिकारी तपन तिवारी से हुई बातचीत का हवाला देते हुए दावा किया कि उन्हें कथित तौर पर हादसे को लेकर यह कहा गया कि “ऐसे हादसे होते रहते हैं।” इस कथित बयान पर पार्षद ने नाराजगी जताई है और निर्माण कार्य की निगरानी को लेकर सवाल उठाए हैं।

पार्षद का आरोप है कि संबंधित अधिकारी की पोस्टिंग के बाद से उनके वार्ड में निरीक्षण के लिए दौरा भी नहीं किया गया। हालांकि इन आरोपों पर नगर निगम अधिकारी या संबंधित विभाग की ओर से अभी विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है।

कार्रवाई की मांग तेज, FIR और ब्लैकलिस्ट की उठी मांग

घटना के बाद राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर भी प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश राठौर ने निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि रवि सिंह चंदेल ने जिम्मेदार अधिकारी के निलंबन की मांग की है।

उन्होंने ठेकेदार अश्वनी चौबे को ब्लैकलिस्ट करने के साथ मामले में FIR दर्ज कराने की मांग भी रखी है। साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर नगर निगम आयुक्त के घेराव की चेतावनी दी गई है।

फिलहाल मंच का हिस्सा गिरने की घटना ने निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब तकनीकी जांच और नगर निगम की आधिकारिक रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि निर्माण में आखिर किस स्तर पर चूक हुई।