मुंबई/नई दिल्ली। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर में 0.75 प्रतिशत की वृद्धि तथा वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख के बीच भारतीय शेयर बाजारों में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुुक्रवार को बड़ी गिरावट देखी गई।
बीएसई सेंसेक्स 1,020.80 अंक लुढ़क कर 58,098.92 और एनएसई निफ्टी 302.45 अंक की गिरावट के साथ 17,327.35 अंक पर बंद हुआ।
सबसे ज्यादा गिरावट बैंक और फाइनेंस सर्विस में
बीएसई में लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 277.58 लाख करोड़ रुपये रह जाने से लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
बैंक और फाइनेंस सर्विस की कंपनियों के स्टॉक में बड़ी गिरावट आई है। निफ्टी बैंक में हैवीवेट और डी-स्ट्रीट पसंदीदा एचडीएफसी बैंक लगभग 2.7 प्रतिशत टूटा है।
बता दें कि वैश्विक मंदी के डर से विदेशी निवेशकों ने गुरुवार को भारतीय बाजारों से 2,500 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेच दिए।
इससे पहले दोपहर करीबन 1.20 बजे के आसपास सेंसेक्स 800 से ज्यादा अंक तक टूट गया और यह करीबन 1.46% तक की गिरावट के साथ 58,236.96 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी 263.60 अंक (-1.5%) टूटकर 17,366.20 पर आ गया है।
इससे पहले बीएसई का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 558.59 यानी 0.94% टूटकर 58,561.13 पर ओपन हुआ था। वहीं, एनएसई का निफ्टी 147.55 अंक यानी 0.84% गिरकर 17,482.25 पर खुला था।














