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NTPC के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक ने पश्चिमी क्षेत्र 2 एवं यूएसएससी का किया दौरा… महिला एवं युवा कर्मचारियों के साथ किया संवाद…

कोरबा। एनटीपीसी के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक ने कोरबा प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने पश्चिमी क्षेत्र 2 एवं यूएसएससी का दौरा किया और विभागीय काम काज की समीक्षा की। अपनी दौरे के दौरान उन्होने संयंत्र परिसर का दौरा किया एवं एनटीपीसी अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होने महिला एवं युवा कर्मचारियों के साथ संवाद करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अपना श्रेष्ठतम योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

बता दें कि अनिल कुमार पाण्डेय, क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (पश्चिमी क्षेत्र 2 एवं यूएसएससी) अपने 2 दिवसीय दौरे पर दिनांक 6 फ़रवरी 2022 को एनटीपीसी कोरबा पहुंचे। उनके साथ इस दौरे में श्रीमती राजेश्वरी पाण्डेय, अध्यक्ष (अर्पिता महिला समिति) भी रहीं।

अनिल कुमार पाण्डेय, क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (पश्चिमी क्षेत्र 2 एवं यूएसएससी) एवं श्रीमती राजेश्वरी पाण्डेय, अध्यक्ष (अर्पिता महिला समिति) द्वारा एनटीपीसी कोरबा के कार्यकारी निदेशक बिस्वरूप बसु, श्रीमती निवेदिता बसु (अध्यक्ष – मैत्री महिला समिति) एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों एवं यूनियन एवं असोशिएशन की पदाधिकारीओं की उपस्थिति में आवासी परिसर स्थित कल्याण मंडप का उदघाटन किया तथा साथ ही पाण्डेय ने एनटीपीसी हॉस्पिटल स्थित दिव्ययांगजन पुनर्वास केंद्र का दौरा कर उसकी कार्य प्रणाली की जानकारी लेते हुए दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग प्रदान किया।

जानें, क्या होती है पुलिस रिमांड, आपराधिक मामलों में क्यों अहम होती है ये प्रक्रिया

न्यूज डेस्क।हमारे देश में पुलिस जब किसी भी मामले में किसी आरोपी को गिरफ्तार करती है. तो उसके बाद एक शब्द अक्सर सुनने में आता है, जो है ‘पुलिस रिमांड.’ पुलिस आरोपी या अपराधी को एक प्रक्रिया के तहत रिमांड पर लेती है. आइए जानते हैं कि क्या होती है पुलिस रिमांड और इसका अदालत से क्या संबंध होता है.

क्या होती है पुलिस रिमांड

जब पुलिस किसी गंभीर मामले या गैर जमानती अपराध की धारा के तहत किसी आरोपी या अपराधी को गिरफ्तार करती है, तो 24 घंटे के भीतर पुलिस को उस आरोपी या अपराधी को अपने एरिया या नजदीकी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश करना होता है. ऐसे में पुलिस को अगर संबंधित मामले में उस आरोपी या अपराधी से पूछताछ करनी हो और उस केस में पूछताछ जरूरी हो. तो पुलिस मजिस्ट्रेट को एक अर्जी देकर पूछताछ के लिए आरोपी या अपराधी की हिरासत यानी रिमांड मांगती है.

पुलिस की अर्जी और केस की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट या जज उस आरोपी या अपराधी को एक दो दिन या पुलिस की मांग मुताबिक पुलिस की हिरासत में दे देते हैं. इसी प्रक्रिया को कानून की किताब में पुलिस रिमांड कहा जाता है. पुलिस रिमांड की अवधि खत्म हो जाने पर या तो पुलिस फिर से रिमांड मांगती है या जरूरत नहीं होने पर मजिस्ट्रेट या जज उस आरोपी या अपराधी को अपनी कस्टडी में लेकर जेल भेज देते हैं.

 

क्या होती है पुलिस

पुलिस अधिनियम 1861 के अधीन भर्ती संबंधित विभाग में भर्ती किए गए सभी लोग ‘पुलिस’ माने जाएंगे. इसका मतलब यह है कि इस अधिनियम के अंतर्गत जितने भी लोगों को पुलिस बल के लिए भर्ती किया गया है, वे सभी पुलिस के अंतर्गत आते हैं. पुलिस जनता के जान-माल की रक्षा करने, शांति व्यवस्था बनाए रखने और सामाजिक सुरक्षा का प्रबंध करने वाला सरकारी महकमा है. जिसके तहत पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हैं.

स्किन टू स्किन टच मामले में विवादित फैसला देकर चर्चा में आईं न्यायाधीश पुष्पा गनेडीवाला ने दिया इस्तीफा

मुंबई। स्किन टू स्किन टच मामले पर फैसला देकर चर्चा में आईं बॉम्बे हाईकोर्ट की न्यायाधीश पुष्पा गनेडीवाला ने अपना इस्तीफा दे दिया है। न्यायाधीश पुष्पा गनेडीवाला का आज आखिरी कार्यकाल दिन होगा। हालांकि वे 12 फरवरी को रिटायर होने वाली थीं। कानूनी जानकारों की माने इस इस्तीफे के बाद वे हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में अपनी प्रैक्टिस कर सकेंगी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस गनेडीवाला के नाम की स्थायी जज के रूप में सिफारिश नहीं करने का फैसला किया था।

बता दें कि पुष्पा गनेडीवाला ने पॉक्सो (POCSO) मामले पर फैसला सुनाते हुए ‘स्किन टू स्किन’ टच सहित कुछ विवादास्पद निर्णय दिए थे। उनके फैसले के मुताबिक, अगर आरोपी और पीड़ित के बीच ‘स्किन-टू-स्किन’ यानी त्वचा से त्वचा का संपर्क नहीं हुआ है तो पॉस्को कानून के तहत यौन उत्पीड़न का कोई अपराध नहीं बनता है।

पुष्पा गनेडीवाला ने एक नाबालिग को गलत तरीके से छूने के आरोप से बरी कर दिया था। उन्होंने अपने फैसले को इस आधार पर सुनाया था कि नाबालिग लड़की को बिना कपड़ा हटाए छूना POCSO अधिनियम के तहत अपराध नहीं है, क्योंकि स्किन टू स्किन संपर्क नहीं हुआ। ये फैसला 19 जनवरी 2020 को पारित किया गया था।

0.जस्टिस गनेडीवाला के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने किया था रद्द

बीते 18 नवंबर 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत यौन उत्पीड़न प्रावधानों की जानकारी देते हुए जनवरी 2020 में पारित जस्टिस गनेडीवाला के दो फैसलों को रद्द कर दिया था।

फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा हिजाब विवाद, कर्नाटक हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश को चुनौती

नई दिल्ली। कर्नाटक के स्कूल और कॉलेजों में हिजाब पहनने की मांग को लेकर शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। दरअसल, इस मामले में गुरुवार (10 फरवरी) कर्नाटक उच्च न्यायालय ने अंतिम फैसला आने तक स्कूल और कॉलेजों में धार्मिक कपड़े पहनने का अंतरिम आदेश दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।

यह है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक सरकार में हिजाब को लेकर विवाद की शुरुआत जनवरी 2022 के दौरान हुई थी। उस वक्त उडुपी के एक सरकारी कॉलेज में छह छात्राएं हिजाब पहनकर कॉलेज पहुंच गई थीं।

कुछ दिन पहले ही कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए मना किया था। इसके बावजूद छात्राएं हिजाब पहनकर पहुंचीं। उन्हें रोका गया तो दूसरे कॉलेजों में भी विवाद होने लगा।

कर्नाटक सरकार के इस फैसले के बाद शुरू हुआ विवाद

गौरतलब है कि कर्नाटक सरकार ने राज्य में कर्नाटक एजुकेशन एक्ट-1983 की धारा 133 लागू कर दी है। इसके तहत सभी स्कूल-कॉलेज में यूनिफॉर्म अनिवार्य कर दी गई है। ऐसे में सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में तय यूनिफॉर्म ही पहननी होगी। वहीं, प्राइवेट स्कूल भी अपनी यूनिफॉर्म चुन सकते हैं।

उच्च न्यायालय ने दिया था अंतरिम आदेश

सरकार के इस आदेश पर विवाद होने लगा, जिसके बाद कुछ छात्राओं ने कर्नाटक उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर कीं। इस याचिका को एकल पीठ ने चीफ जस्टिस ऋतुराज अवस्थी की अध्यक्षता वाली बड़ी बेंच को भेज दिया, जिस पर गुरुवार को भी सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस ऋतुराज अवस्थी ने स्कूल-कॉलेज खोलने का अंतरिम आदेश जारी किया। साथ ही, आखिर फैसला आने तक धार्मिक कपड़े पहनने पर रोक लगा दी।

गौतम अडाणी फिर मुकेश अंबानी से आगे निकले, बने एशिया के सबसे अमीर

नई दिल्ली। अडाणी समूह के मुखिया गौतम अडाणी ने रिलायंस समूह के मुकेश अंबानी को फिर पछाड़ दिया है। एक दिन पहले अंबानी ने एशिया के सबसे अमीर का ताज फिर हासिल किया था, लेकिन गौतम अडाणी फिर उनसे आगे निकल गए। अंबानी-अडाणी के बीच भारत के नंबर-1 अरबपति की होड़ भी पिछले हफ्ते से जारी है।

फोर्ब्स रियल टाइम बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक गुरुवार को अडाणी की संपत्ति में 2.1 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही अडाणी एक बार फिर एशिया के सबसे बड़े अरबपति बन गए। जबकि बुधवार को भारत के सबसे बड़े अरबपति मुकेश अंबानी ने गौतम अडाणी को पीछे छोड़ दिया था।

विश्व में अडाणी 10 वें नंबर पर, अंबानी 11 पर

विश्व के 10 शीर्ष अमीरों की सूची में अब अडाणी 91.2 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ 10 वें नंबर पर पहुंच गए। जबकि, मुकेश अंबानी 91.0 अरब डॉलर के साथ 11वें स्थान पर आ गए। तीन फरवरी को मुकेश अंबानी की संपत्ति का मूल्य 1.2 अरब डॉलर घट गया था। इस कारण अडाणी  12वें स्थान से चढ़कर 10 वें पर पहुंच गए थे।

इसी दिन मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक की नेटवर्थ में 29 अरब डॉलर की गिरावट आई थी। इस कारण जुकरबर्ग दुनिया के शीर्ष-10 अमीरों की सूची से बाहर हो गए। अभी वह 81.4 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया के रईसों में 13वें स्थान पर हैं।

पिता IPS तो मां थींं सांसद, जानिए कौन हैं सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया की पीसीएस पत्नी

Anurag Bhadauria Wife: देश प्रदेश में कई ऐसे राजनेता हैं जिन्होंने लव मैरिज की है। ऐसे ही नेताओं में एक नाम है समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया का। अनुराग भदौरिया ने अनुपमा राग (Anupama Raag) से इंटर कास्ट लव मैरिज की है। आइए जानते हैं कौन हैं अनुपमा :
अनुराग भदौरिया और अनुपमा साल 1999 में पहली बार मिले थे और दोनों ने साल 2006 में शादी रचा ली थी।


अनुपमा पेशे से पीसीएस अधिकारी हैं। उन्होंने यूपीपीएससी की परीक्षा पास की थी। फिलहाल वह लखनऊ में पोस्टेड हैं।
अनुपमा की मां सुशीला सरोज समाजवादी पार्टी की सांसद रह चुकी है। सुशीला सरोज साल 2004 में मोहनलालगंज से लोकसभा का चुनाव जीती थीं। सुशीला सरोज प्रदेश सरकार में भी मंत्री रह चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने महिला आयोग में भी काम किया है।
अनुपमा राग के पिता का नाम राम प्रकाश सरोज है। वह आईपीएस अफसर रहे हैं।
अनुपमा राग एक तेज तर्रार प्रशासनिक अधिकारी होने के साथ ही एक म्यूजिशियन भी हैं। वह गाने लिखती भी हैं, गाती भी हैं और कंपोज भी करती हैं।
अनुपमा राग के कुछ म्यूजिक वीडियो वायरल भी हुए हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यश भारती सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।

सीजी ब्रेकिंग: तबादले के लिए एनआईसी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य, देखें शिक्षा विभाग का आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग Chhattisgarh School Education Department के अंतर्गत सभी स्थानांतरण अब एनआईसी NIC Website द्वारा निर्मित वेबसाइट के माध्यम से होंगे। स्वैच्छिक स्थानांतरण चाहने वाले व्यक्तियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

इसके बाद यदि वे चाहें तो इस आवेदन को प्रिंट करके कागज पर भी प्रेषित कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन नहीं किए जाने की स्थिति में केवल कागज पर किए गए आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा।

स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय ने गुरुवार को इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक स्थानांतरण की एण्ट्री संचालनालय लोकशिक्षण द्वारा एनआईसी की वेबसाइट पर की जाएगी तथा उससे निकाले गए प्रिंट को ही फाईल पर लगाकर प्रेषित किया जाएगा।

बिना वेबसाइट में एण्ट्री किए कोई प्रशासनिक स्थानांतरण भी नहीं किया जाएगा। स्थानांतरण आदेश भी एनआईसी के वेबसाइट के माध्यम से ही जारी होंगे। संबंधित कर्मचारियों के कार्य मुक्ति और नए स्थान पर ज्वाईनिंग भी एनआईसी की वेबसाइट के माध्यम से ही की जाएगी।

 

अनजान लड़के संग डेट पर गई अरबपति की पत्नी, चार्ज किये इतने लाख रुपये

न्यूज डेस्क।एक अरबपति कारोबारी की पत्नी अपने एक फैन को डेट पर ले गई. इसके बदले कारोबारी की पत्नी ने अनजान शख्स से करीब ढाई लाख रुपये चार्ज किए. पत्नी ने खुद इसके पीछे की वजह बताई है.

मॉडल मैरिसोल योट्टा की शादी 2021 में जर्मनी के अरबपति कारोबारी बास्टियन योट्टा से हुई थी. मॉडल मैरिसोल इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव रहती हैं. उनके करीब 5 लाख फॉलोअर्स हैं.

मैरिसोल ने बताया कि सोशल मीडिया को लेकर वह अपने पति के साथ कॉम्पीटिशन कर रही हैं. दोनों ने तय किया है कि देखते हैं किसके अधिक फैन्स होते हैं और कौन पहले महीने में सोशल मीडिया से अधिक कमाई करता है. इसी के बाद मॉडल ने एक फैन से ढाई लाख रुपये चार्ज किए और उसके साथ डेट पर गई.

कौन हैं अरबपति कारोबारी बास्टियन योट्टा?
बास्टियन योट्टा बेहद लग्जरियस लाइफ जीने के लिए मशहूर हैं. बास्टियन योट्टा की कंपनी कई तरह की मशीनें तैयार करती हैं जिनमें वजन कम करने वाली MindSlimming मशीन भी शामिल है. Yotta Life नाम से से उनका इंस्टाग्राम पर अकाउंट है जहां वह अपनी शानदार फोटोज पोस्ट करते हैं.

जर्मनी में रहने के दौरान बास्टियन को अपनी ग्लैमरस लाइफ की वजह से दिक्कत होने लगी थी जिसके बाद उन्होंने अमेरिका जाने का रुख किया. उन्होंने कहा था कि जर्मनी में लोग उनसे जलने लगे थे और उनकी लाइफस्टाइल पर सवाल उठा रहे थे.

बास्टियन योट्टा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि लोग हॉलिडे पर जाते हैं, लेकिन उनके पास holilife है, क्योंकि उनके लिए रोज ही हॉलिडे है. उन्होंने कहा था कि वे इस बात की परवाह नहीं करते कि एक शाम पर 8 लाख रुपये खर्च हो रहा है या फिर 15 लाख।

सीजी कोरोना अपडेट : प्रदेश में कोरोना के मामलों में गिरावट, 1008 नए मामले 7 की गई जान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना की तीसरी लहर का संक्रमण अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। पॉजिटिविटी दर भी कम हो गई है, लेकिन मौत के आंकड़े अब भी डरा रहे हैं। गुरुवार को प्रदेश में 1008 नए केस मिले हैं, जिसमें दुर्ग में सबसे ज्यादा 115 रायपुर में 113 और बिलासपुर में 106 संक्रमितों की पुष्टि हुई है। कोरोना से प्रदेश में 7 लोगों की जान भी चली गई। छत्तीसगढ़ में इस महामारी से अब तक 13,978 लोगों की जान जा चुकी है।

राज्य में एक्टिव केस 9897

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के अनुसार गुरुवार को 129 लोगों को संक्रमण मुक्त होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी गई है। जबकि 1,570 लोगों ने घरों में पृथकवास पूरा किया। अब तक 11,10,119 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। राज्य में 9897 मरीज उपचाराधीन हैं।

Breaking: रंजना को बनाया गया जिला उपभोक्ता फोरम का सदस्य… राज्य सरकार ने जारी की नियुक्ति, देखें आदेश

रायपुर। सरकारी एडवोकेट रहे श्रीमती रंजना दत्ता को राज्य सरकार ने जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य पद पर पदस्थ किया हैं।

बता दें कि लंबे समय से रिक्त पड़े जिला उपभोक्ता फोरम सदस्यों के पदों के लिए पिछले दिनों आवेदन मंगाया गया था। आवेदनों की जांच के बाद आज राज्य सरकार ने 5 जिला के लिए उपभोक्ता फोरम सदस्यों की नियुक्ति आदेश जारी की है। जारी आदेश के मुताबिक सरकारी वकील रही रंजना दत्ता को बलौदाबाजार भाटापारा के लिए सदस्य नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सरकार ने 5 जिलों में उपभोक्ता फोरम के सदस्यों की नियुक्ति की है। इन जिलों में बस्तर, कोरिया-बैकुंठपुर, महासमुंद, बलौदा बाजार-भाटापारा और दुर्ग जिला शामिल है। नियुक्त किये गए सभी सदस्यों का कार्यकाल 4 वर्ष का होगा।

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