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हैवानियत की हद! पत्नी को न्यूड करके दोस्तों के सामने कराया डांस, कई बार किया गैंगरेप

इंदौर: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) से एक खौफनाक मामला सामने आया है. कहते हैं पति-पत्नी का रिश्ता बहुत ही पवित्र होता है लेकिन इंदौर में एक पति ने अपनी पत्नी के साथ जो कुछ किया उसके बारे में जानकर आपकी रूह कांप जाएगी. वारदात के खुलासे के बाद इलाके में सनसनी मची हुई है.

पति ने दोस्तों के साथ मिलकर कई बार किया गैंगरेप
आरोप है कि पति फॉर्म हाउस में अपने दोस्तों के सामने पत्नी को न्यूड करके उससे डांस करवाता था. आरोपी पति ने इंदौर स्थित अपने फॉर्म हाउस पर दोस्तों के साथ मिलकर पत्नी के साथ कई बार गैंगरेप (Gang Rape) की घटना को अंजाम दिया. पति और उसके दोस्तों ने पीड़िता के साथ अप्राकृतिक रूप से संबंध भी बनाए.

पति की हैवानियत से तंग आकर दर्ज करवाई शिकायत

पति और उसके दोस्तों की हैवानियत से तंग आकर महिला ने इंदौर के एक पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई. जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लिया और महिला के पति समेत उसके पांच दोस्तों को रविवार को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया.

मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हुई थी दोनों की मुलाकात
इंदौर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित महिला छत्तीसगढ़ की रहने वाली है. वो एक सरकारी टीचर है. आरोपी पति से महिला की पहचान एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हुई थी. इसके बाद दोनों ने शादी रचाई थी.
पीड़ित महिला ने बताया कि जब उसकी शादी हुई तो विवाह समारोह में पति के घर से कोई नहीं आया था. वो अकेले ही शादी करने के लिए आया था. आरोपी पहले से शादीशुदा है.

ब्रेकिंग: छत्‍तीसगढ़ में अब लक्षण के आधार पर ही कोरोना का इलाज, सरकार ने बदले नियम

रायपुर। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज को लेकर राज्य सरकार ने प्रोटोकाल में बड़ा बदलाव किया गया है। नए प्रोटोकाल में अब मरीजों को सिर्फ लक्षण के आधार पर ही दवाएं दी जाएगी। कोरोना संक्रमण के लिए पहले दी जा रही दवाएं (एजिथ्रोमाइसिन, आइवरमेक्टिन, हाईड्रोक्सीक्लोरोक्विन, फेविपिरावीर, डाक्सीसाइक्लिन व अन्य) उपयोग में नहीं ली जाएगी।

छत्‍तीसगढ़ राज्य कोरोना नियंत्रण अभियान के नोडल अधिकारी डा. सुभाष मिश्रा ने बताया कि कोरोना संक्रमण को लेकर दी जा रहीं पहले की दवाओं में देखा गया है कि संक्रमण के इलाज में फायदेमंद साबित नहीं हुए। इसे देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश के बाद संक्रमितों के इलाज के लिए नई गाइड लाइन जारी की गई है। संक्रमण के दौरान मरीजों में जिस तरह के लक्षण नजर आएंगे, उन्हें उनके आधार पर ही दवाएं दी जाएगी। इधर प्रशासन द्वारा होम आइसोलेशन के मरीजों के लिए भी दवाओं के पैकेट में पैरासिटामाल, लिवोसेट्रिजीन, विटामिन-सी, जिंक टेबलेट दवाएं दी जा रही है।

खुद से ना करें जांच और इलाज

देखा जा रहा है कि कोरोना के लक्षण नजर आने पर मेडिकल स्टोर से किट लाकर जांच व खुद से दवाएं खरीद रहे। स्वास्थ्य विभाग के पास भी संक्रमितों का डाटा नहीं पहुंच रहा है। सीएमएचओ डा. मीरा बघेल ने कहा है कि कोरोना संक्रमित होने पर मेडिकल स्टोर से खुद से दवाएं खरीदना, सेल्फ किट से कोरोना जांच की प्रवृत्ति घातक है। शासकीय केंद्रों में जांच व इलाज की निशुल्क व्यवस्थाओं का उपयोग करें।

नहीं रहे कथक के सरताज पद्म विभूषण बिरजू महाराज,83 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

नई दिल्ली। प्रसिद्ध कथक नर्तक पंडित बिरजू महाराज का हार्ट अटैक की वजह से निधन हो गया है। पद्म विभूषण से सम्मानित 83 साल के बिरजू महाराज ने रविवार और सोमवार की दरमियानी रात दिल्ली के साकेत हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गायक मालिनी अवस्थी और अदनान सामी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। ​​​​​​

बिरजू महाराज की पोती रागिनी ने बताया कि महाराज का एक महीने से इलाज चल रहा था। बीती रात उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई; जिसके बाद उन्हें अस्पताल में एडमिट किया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

लखनऊ में हुआ था जन्म

मशहूर नर्तक बिरजू महाराज का जन्म 4 फरवरी 1938 को लखनऊ में हुआ था। लखनऊ घराने से ताल्लुक रखने वाले बिरजू महाराज का असली नाम पंडित बृजमोहन मिश्रा था। वह कथक के करने के साथ-साथ शास्त्रीय गायक भी थे। बिरजू महाराज के पहले उनके पिता और गुरू अच्छन महाराज, चाचा शंभु महाराज और लच्छू महाराज भी कथक के प्रसिद्ध नर्तक थे।

1983 में मिला पद्म विभूषण सम्मान

कथक नर्तक बिरजू महाराज को साल 1983 में भारत सरकार द्वारा पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। पद्म सम्मान के अलावा बिरजू महाराज को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और कालिदास सम्मान भी मिला है। बिरजू महाराज को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और खैरागढ़ यूनिवर्सिटी से डॉक्रेट की मानद उपाधि भी दी गई थी। इसके अलावा साल 2012 में फिल्म विश्वरूपम में डांस कोरियोग्रोफी के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया। वहीं साल 2016 में बाजी राव मस्तानी के मोहे रंग दे लाल गाने की कोरियोग्राफी के लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार भी दिया जा चुका है। बिरजू महाराज ने माधुरी दीक्षित, दीपिका पादूकोण जैसे कई फिल्मी हस्तियों को कोरियाग्राफ किया था।

ब्रेकिंग: कोरोना काल में 1.47 लाख बच्चों ने खोए माता-पिता, NCPCR ने सुप्रीम कोर्ट में दी जानकारी,ज्यादातर 8 से 13 उम्र के

नई दिल्ली। नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है कि अप्रैल 2020 से अब तक देश के 1 लाख 47 हजार 492 बच्चों ने कोरोना और अन्य कारणों के चलते अपने माता-पिता में से किसी एक को या दोनों को खोया है। इसमें 76,508 लड़के, 70,980 लड़कियां और 4 ट्रांसजेंडर बच्चे शामिल हैं।

बाल स्वराज पोर्टल-कोविड केयर जारी किए गए हैं डेटा

NCPCR ने बताया कि उनका डेटा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तरफ से बाल स्वराज पोर्टल-कोविड केयर पर दी गई जानकारी पर आधारित है। कमीशन ने बताया कि 11 जनवरी तक के डेटा के मुताबिक, अप्रैल 2020 से देश में 10,094 बच्चे अनाथ हुए, 1 लाख 36 हजार 910 बच्चों ने किसी एक पेरेंट को खोया और 488 बच्चों को उनके माता-पिता ने छोड़ दिया। कुल मिलाकर यह संख्या 1,47,492 है।

रिपोर्ट की अन्य प्रमुख बातें-

इन बच्चों में सबसे ज्यादा 59,010 बच्चे 8 से 13 साल के हैं। इसके बाद 22,763 बच्चे 14 से 15 साल के हैं। 22,626 बच्चे 16 से 18 साल के और 26,080 बच्चे 4 से 7 साल की उम्र के हैं।
इनमें 1,25,205 बच्चे अपने माता या पिता के साथ हैं, 11,272 बच्चे परिवार के किसी सदस्य के साथ रह रहे हैं जबकि 8,450 बच्चे किसी अन्य गार्जियन की देखरेख में हैं।
1,529 बच्चे किसी चिल्ड्रन होम में हैं, 19 बच्चे शेल्टर होम में हैं, 2 बच्चे ऑब्जर्वेशन होम में, 188 अनाथालय में, 66 बच्चे स्पेशल अडॉप्शन एजेंसी और 39 बच्चे होस्टल में हैं।
इनमें से सबसे ज्यादा ओडिशा के 24,405 बच्चे, महाराष्ट्र के 19,623 बच्चे, गुजरात के 14,770 बच्चे, तमिलनाडु के 11,014 बच्चे, उत्तर प्रदेश के 9,247, आंध्र प्रदेश के 8,760 बच्चे, मध्य प्रदेश के 7,340 बच्चे, पश्चिम बंगाल के 6,835 बच्चे, दिल्ली से 6,629 और राजस्थान से 6,827 बच्चे हैं।
कमीशन ने कहा कि वह सुनिश्चित कर रहा है कि इस महामारी में बच्चे किसी तरह प्रभावित न हों। इस बारे में कमीशन राज्य कमीशन के साथ वर्चुअल मीटिंग में बच्चों के हितों की रक्षा के लिए उनकी तैयारियों का जायजा ले रहा है।

रायपुर में कोरोना ब्लास्ट 1215 नए पॉजिटिव, छत्तीसगढ़ में 3303 मरीज

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना का आतंक लगातार जारी है। प्रदेश में आज 32 हजार 563 सैंपलों की जांच हुई। छत्तीसगढ़ में 3303 नए मरीज की पहचान हुई है। वहीं अकेले राजधानी रायपुर में आज 1215 नए केस आए हैं। वहीं दूसरी ओर कोरोना से 7 लोगों की मौत हुई है।

देखें जिलेवार आंकडें –

कांग्रेस ने बिकिनी गर्ल बनाया कैंडिडेट, जानें क्यों मचा बवाल

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी इस बार महिलाओं पर फोकस कर रही हैं। यूपी के लिए पार्टी अपनी पहली लिस्ट जारी कर चुकी है। इसमें हस्तिनापुर विधानसभा सीट (Hastinapur assembly Seat) से अर्चना गौतम (Archana Gautam) को उम्मीदवार बनाया है। Archana Gautam का नाम सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जबरदस्त चर्चा है। उनकी तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं।

कौन हैं Archana Gautam

अर्चना गौतम एक्टर और मॉडल रह चुकी हैं। उन्होंने विभिन्न सौंदर्य प्रतियोगिताएं जीतीं हैं। Archana Gautam नवंबर 2021 में कांग्रेस में शामिल हुई थीं। कांग्रेस ने आगामी यूपी विधानसभा चुनावों के लिए मेरठ की हस्तिनापुर सीट से गौतम को अपना उम्मीदवार बनाया है। नाम की घोषणा के तुरंत बाद, Archana Gautam की बिकनी पहने तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने लगीं।

अब, हिंदू महासभा ने Archana Gautam की उम्मीदवारी पर आपत्ति जताई है। हिंदू महासभा का कहना है कि कांग्रेस ने Archana Gautam को प्रत्याशी बनाकर हस्तिनापुर को एक धार्मिक स्थल के रूप में मानने वाले हिंदुओं और जैनियों की भावनाओं को आहत किया है।

इस बीच, मिस बिकिनी इंडिया 2018, मिस उत्तर प्रदेश 2014 और मिस कॉस्मो वर्ल्ड 2018 जीतने वालीं Archana Gautam कहना है कि अगर वह हस्तिनापुर सीट से जीतती हैं, तो उनका मुख्य ध्यान विकास कार्यों पर होगा। एडल्ट कॉमेडी ‘ग्रेट ग्रैंड मस्ती’ से बॉलीवुड में अपनी शुरुआत करने वाली अभिनेत्री Archana Gautam की भी प्राचीन शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना है।

छत्तीसगढ़ में डिजिटल मेम्बरशिप देगी कांग्रेस, एप के जरिये ले सकेंगे सदस्यता

रायपुर। कांग्रेस अब सदस्यता बुक के अलावा डिजिटल माध्यम से भी सदस्यता अभियान चलाएगी। कांग्रेस की वर्चुवल बैठक में एआईसीसी के डिजिटल सदस्यता प्रभारी के राजू ने डिजिटल सदस्यता के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में  प्रभारी पीएल पुनिया, अध्यक्ष मोहन मरकाम, एआईसीसी सदस्यता प्रभारी के राजू, सचिव चंदन यादव, सप्तगिरि शंकर उल्का, सांसद ज्योति मणी भी जुड़े थे।

इस तरह मिलेगी कांग्रेस की सदस्यता

कांग्रेस पार्टी ने इसके लिए एक एप बनाया है, जिसे प्ले स्टोर से डाउन लोड करना होगा। इसके लिए कांग्रेस जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर पर चीफ इनरोलर और इनरोलरो की नियुक्ति करेगी।

21 जनवरी को प्रदेश भर के चीफ इनरोलर की ट्रेनिंग होगी। इस अभियान के माध्यम से सदस्यता लेने वाले को अपना वोटर कार्ड, पता, उम्र, धर्म, जाति, फ़ोटो आदि की पूरी जानकारी एप में देनी होगी। सदस्यता मिलने के तुरंत बाद नए सदस्य का डिजिटल परिचय पत्र भी बनेगा, जिसे डाउन लोड किया जा सकेगा।

बैठक को प्रभारी पीएल पुनिया, चंदन यादव, सांसद ज्योति मणी ने भी संबोधित किया। पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने बैठक का संचालन किया और दावा किया कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस देश मे डिजिटल सदस्यता में भी बेहतरीन प्रदर्शन करेगी, हम अपने लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करेंगे। बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष, पीसीसी के पदाधिकारी भी शामिल हुए।

ब्रेकिंग: रायपुर में कोविड जांच के लिए देना होगा पूरा पता और दो रिश्तेदारों का नंबर,जानें क्यों कलेक्टर ने लिया ये फैसला

रायपुर। कोरोना जांच में लोगों की लापरवाही रोकने के लिए रायपुर जिला प्रशासन ने पूरा पता और तीन फोन नंबर लिखाए बिना किसी की कोरोना जांच नहीं करने का निर्देश दिया है। जांच कराने वाले को खुद के अतिरिक्त दो नजदीकी रिश्तेदारों अथवा परिचितों के नंबर लिखवाने होंगे।

रायपुर के अपर कलेक्टर ने सभी कोविड-19 जांच केंद्रों के लिए निर्देश जारी किया है। कहा गया है कि जांच के लिए आए व्यक्तियों के निवास का पूर्ण पता एवं 2 अन्य सम्पर्क नंबर लेने के उपरांत ही अग्रिम कार्यवाई करें। ऐसा इसलिए ताकि व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर उसके सम्पर्क में आए व्यक्तियों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग एवं सैम्पलिंग की जा सके।

अपर कलेक्टर ने लिखा है कि कोरोना काे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने संक्रामक महामारी घोषित किया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के मुताबिक कोरोना के जांच केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।

मरीजों की जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चल रहा है, मरीजों ने निवास का स्पष्ट पता एवं सम्पर्क नंबर सही नहीं दिया है। इसकी वजह से उस संक्रमित मरीज की पहचान, इलाज और उसके संपर्क में आए लोगों ट्रेसिंग एवं सैम्पलिंग भी नहीं हो पा रही है।

पिछले सप्ताह बैठक में आया था मामला

रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार ने शुक्रवार को नोडल अधिकारियों के साथ कोरोना के हालात की समीक्षा की थी। इस दौरान बताया गया कि कई लोगों ने कोरोना पॉजिटिव आने के बाद भी होम आइसोलेशन के लिए पंजीयन नहीं करा रहे हैं। जांच के समय गलत पता और मोबाइल नंबर दर्ज कराया है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। कलेक्टर ने ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।

जिले में 81 कंटेनमेंट जोन

कोरोना की तीसरी लहर में रायपुर जिला हॉटस्पाट बना हुआ है। यहां हर रोज औसतन 7500 नमूने लिए जा रहे हैं। वहीं 1500 से अधिक मरीज सामने आ रहे हैं। अभी यहां 8 हजार 462 सक्रिय मरीज हैं। रायपुर जिले की संक्रमण दर 22.45% से अधिक हो रही है। जिले में 81 कंटेनमेंट जोन सक्रिय हैं।

दारोगा की पत्नी ने SP सहित कई अफसरों पर लगाए हत्या के आरोप, सीबीआई जांच की मांग

न्यूज डेस्क।पलामू के दिवंगत दारोगा की पत्नी पूजा कुमारी ने पलामू एसपी, जिला परिवहन पदाधिकारी और एसडीपीओ पर हत्या का आरोप लगाया है. साहिबगंज जिले के जिरवा बारी ओपी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है. दारोगा की पत्नी ने पलामू एसपी चंदन कुमार सिन्हा, एसडीपीओ सुरजीत कुमार और जिला परिवहन पदाधिकारी अनवर हुसैन के खिलाफ सीबीआई जांच की भी मांग की है.

मृतक दारोगा लालजी यादव की पत्नी पूजा कुमारी ने इन तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए जिरवाबाड़ी ओपी में आवेदन दिया. जिरवाबाड़ी ओपी की पुलिस ने इस मामले में जीरो पर कायमी की है. पुलिस के अनुसार, इस मामले को अब जांच के लिए पलामू भेजा जाएगा.

चूंकि घटनास्थल पलामू जिले में है. इसलिए जांच-पड़ताल के बाद वहां की पुलिस इस आवेदन के संबंध में निर्णय लेगी. पुलिस से की गई शिकायत में पूजा कुमारी ने कहा है कि मेरे पति लालजी यादव पलामू जिले के नवा बाजार थाने में प्रभारी के रूप में पदस्थ थे. उनको पुलिस अधीक्षक पलामू चंदन कुमार सिन्हा ने कुछ दिनों से अवैध गिट्टी लोड ट्रक व ट्रैक्टर को चलाने के लिए कहा था. उससे अवैध वसूली करने कहा जाता था.

‘वसूली न करने पर दी जाती थी हत्या की धमकी’

पूजा कुमारी ने आरोप लगाया है कि वसूली कर पैसे नहीं देने पर निलंबित कर हत्या कराने की धमकी दी जाती थी. पूजा कुमारी ने बताया कि घटना के दिन भी पति ने फोन कर सारी बात की जानकारी दी थी. उसके पति ने बताया था कि एसपी भद्दी गाली भी देते थे. इसी बीच जिला परिवहन पदाधिकारी अनवर हुसैन ने अवैध बालू लदी गाड़ी को लाकर थाने के बाहर रखने को कहा. एसडीपीओ ने भी पति को फोन कर कहा कि गाड़ी नहीं रखोगे तो एसपी से कहकर निलंबित करा दूंगा और बाद में निलंबित करा भी दिया.

‘घटना के दिन 10 जनवरी को पति ने की थी फोन पर बात’

पूजा कुमारी ने बताया कि पति ने उन्हें बताया था कि निलंबन मुक्त करने के लिए एसपी 10 लाख रुपये मांग रहे हैं. एसडीपीओ भी कहते थे कि तुम 10 लाख रुपया दे दो तो तुम्हें दूसरे थाना का प्रभारी बना दिया जाएगा, अन्यथा तुम्हारी हत्या करा दी जाएगी. घटना के दिन 10 जनवरी को पति ने रात 8:19 बजे मोबाइल पर बात की थी और पूर्व की बातों को दोहराया था. पूजा कुमारी ने आशंका जताई है कि तीनों पदाधिकारियों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर मेरे पति की हत्या कर दी है. पूजा कुमारी ने आवेदन में तीनों पदाधिकारियों को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की है.

सरकारी क्वार्टर में मफलर से लटका मिला था शव

पलामू में कथित तौर पर आत्महत्या करनेवाले साहिबगंज निवासी दारोगा लालजी यादव का शव बुधवार 11 जनवरी जनवरी को पलामू नावा बाजार थाना परिसर के सरकारी क्वार्टर में मफलर से लटका मिला था. 13 जनवरी गुरुवार को उनका शव साहिबगंज पहुंचा था. लालजी यादव का पार्थिव शरीर साहिबगंज पहुंचने पर स्थानीय ग्रामीण व आसपास के लोगों ने साक्षरता चौक को बांस-बल्ला लगाकर जाम कर दिया था. इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की जा रही है.

इस शहर पर बंदरों ने कर लिया कब्जा, गैंग बनाकर कर लूटपाट, पढ़ें पूरी खबर

लोपबुरी सिटी (थाईलैंड)। बंदरों के आतंक से शायद हर कोई परिचित होगा। पिछले महीने महाराष्ट्र (Maharashtra) के एक गांव में बंदरों (Monkey) ने अपने बच्चे की मौत का बदला लेने के लिए आसपास के क्षेत्र के लगभग ढाई सौ कुत्तों और उनके बच्चों को मार दिया था।

त​ब यह खबर अंतरराष्ट्रीय जगत में सुर्खियां बनी। वीडियो और फोटो खूब वायरल (Viral Photo and Video) हुए। मगर ऐसे हालात शायद ही कभी बने होंगे कि बंदरों ने गैंग बनाकर किसी एक शहर पर कब्जा कर लिया। वहां की दुकानों में जाकर लूटपाट कर रहे और लोगों को उनके घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया।

जी हां, थाईलैंड (Thailand) के लोपबुरी (Lopburi) शहर के लोग मकाऊ (Macaques) बंदरों के आतंक से बुरी तरह प्रभावित हैं। लोग घर छोड़कर दूसरे शहर में चले गए हैं। दुकानों के सामान सड़कों पर बिखरे पड़े हैं। क्षेत्र पर कब्जा जमाने के लिए बंदरों की गैंग पूरे दिन आपस में लड़ती है। हालात इतने अराजक हो चुके हैं कि प्रशासन भी सीधे कार्रवाई से बच रहा है।

शहरी खानपान की लगी आदत

दरअसल, थाईलैंड का लोपबुरी शहर पहले से ही मकाऊ बंदरों का रिहाइश इलाका रहा है। दुनियाभर के पर्यटक (Tourist) यहां बंदरों की इस खास प्रजाति को देखने आते रहे हैं। मगर मार्च 2020 के बाद से यहां न सिर्फ इस प्रजाति की आबादी जबरदस्त तरीके से बढ़ी है बल्कि, हिंसक और अराजक भी हुई है।

फास्ट फूड के हैं शौकींन

ये बंदर अब फास्ट फूड (Fast Food) और शहरी खानपान के इतने आदी हो चुके हैं कि अब दुकानों और घरों में जाकर जबरदस्ती हासिल कर रहे हैं। हाल ही में जब यह शहर पर्यटकों के लिए एक बार फिर खोला गया, तब यह शहर इस खास प्रजाति के बंदरों से भरा हुआ था।

खौफ में जी रहे शहर के लोग

शहर में अब मनुष्य कम और बंदर ज्यादा दिखाई दे रहे हैं। जहां कहीं इन्सान हैं भी, वे काफी खौफ में जीवन गुजार रहे हैं। वहीं, सरकारी अधिकारी भी इन बंदरों पर कार्रवाई को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, ये बंदर पर्यटकों द्वारा दिए गए खानपान के इतने आदती हो गए कि जब कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के दौरान शहर में लॉकडाउन (Lockdown) लगाया गया, तो वे खुद शहर में आ गए और उनकी संख्या सैंकड़ों नहीं, हजारों में है।