Home Blog Page 2751

 AAP का अनोखा आंदोलन! बोर्ड में फ्लैक्स लगा याद दिलाया पुल की कैपिसिटी… ब्रीज ध्वस्त हुआ तो मच जाएगी तबाही…

कोरबा। दर्री बराज में बने पुल के ऊपर फ़र्राटे भर रहे भारी वाहनों की कैपिसिटी को लेकर आम आदमी पार्टी ने शांति आंदोलन शुरू किया है। पार्टी के नेताओ ने पुल के ऊपर लगे बोर्ड की ओर इंगित करते हुए पुल के भार क्षमता को याद दिलाया है और कहा है कि दर्री ब्रिज का पुल ध्वस्त अगर हो जाये तो शहर में तबाही मच सकती है।
बता दें कि दर्री ब्रिज के ऊपर बने पुल पुराना व जर्जर हो चुका है ।इसे लेकर आम आदमी पार्टी ने दर्री बरॉज की खस्ताहाल सड़क से भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने मांग पहले की थी । इसके पूर्व में वैकल्पिक मार्ग तय किया गया था।लेकिन इसके 5 दिन बाद ही इस प्रतिबंधात्मक आदेश को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर भारी वाहनों की आवाजाही को हरी झंडी दे दी गई।खस्ताहाल सड़क से भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटना की आंशका बनी है। प्रशासन ने दर्री के हसदेव बॅराज पुल से 20 टन से अधिक वजन के खाली या लोडेड भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था। यह निर्णय नगर निगम आयुक्त, जिला परिवहन अधिकारी और डीएसपी यातायात की ओर से संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट और हसदेव बॅराज के ईई के तकनीकी प्रतिवेदन पर लिया गया था पर अब फिर भरी वाहनों की लम्बी गाड़िया रोज फर्राटे भर रही है। इसे लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विशाल केलकर के नेतृत्व में तख्ती लेकर प्रशासन के आदेश पर ब्यंग कसा जा रहा है।

आम आदमी पार्टी के तख्ती में लिखा है प्रसाशन को सेट करो और कुछ भी करो ?

रिश्वतखोरी मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, गेल के निदेशक समेत पांच गिरफ्तार

नई दिल्ली।केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL) के निदेशक को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की उपक्रम (PSU) महारत्न कंपनी के उत्पाद बेचने वाले डीलरों को छूट प्रदान करने की नीति के संभावित लाभार्थियों से कथित तौर पर 50 लाख रुपये से अधिक की रिश्वत लेने के मामले में यह गिरफ्तारी की गई है।

एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने निदेशक ई एस रंगनाथन, बिचौलियों और व्यापारियों की संलिप्तता वाले कथित रिश्वत घोटाले का खुलासा किया और शनिवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने रंगनाथन के कार्यालय और आवास सहित आठ स्थानों पर छापे मारे हैं।

छापेमारी के दौरान 1.29 करोड़ कैश बरामद
सीबीआई के प्रवक्ता आर सी जोशी ने कहा, “उक्त आरोपी (रंगनाथन) के परिसरों से छापेमारी के दौरान करीब 1.29 करोड़ नकद और सोने के आभूषण एवं अन्य कीमती सामान बरामद किए गए।” अधिकारियों ने बताया कि, यह आरोप है कि रंगनाथन महारत्न पीएसयू द्वारा मार्केट किए गए पेट्रो रसायन उत्पादों को खरीदने वाली निजी कंपनियों को छूट के संभावित लाभार्थियों से रिश्वत ले रहे थे।

सीबीआई ने ऐसे बिछाया जाल
प्रवक्ता आरसी जोशी ने बताया कि, सीबीआई ने बड़ी सूजबूझ के साथ गेल के निदेशक ई एस रंगनाथन को गिरफ्तार करने का प्लान बनाया था। ये गिरफ्तारी तब हुई जब उक्त निजी व्यक्ति कथित रूप से गेल के निदेशक को देने के लिए दूसरे कंपनी के निदेशक से 10 लाख रुपये की कथित रिश्वत ले रहा था।

Ration Card में तुरंत अपडेट करें अपना मोबाइल नंबर, हमेशा मिलेगा राशन; ये रही आसान प्रक्रिया

 

नई दिल्ली: Ration Card: राशन कार्ड धारकों के लिए काम की खबर है. राशन कार्ड एक बेहद जरूरी कागजात है जिससे आप सरकार की तरफ से फ्री में राशन (Ration) ले सकते हैं. लेकिन आप जान लें कि अगर इस कार्ड पर आपका मोबाइल नंबर गलत डला है या फिर नंबर बदल गया है और कार्ड अपडेट नहीं हुआ है तो आपके लिए परेशानी हो सकती है. इसलिए आप बिना देर कीये फटाफट अपने राशन कार्ड पर मोबाइल नंबर अपडेट करा लें.
अपडेट जरूर करें मोबाइल नंबर
राशन कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट कराना बहुत ही आसान है. आप घर बैठे बहुत आसानी से ये कर सकते हैं. दरअसल, अगर आपके राशन कार्ड में पुराना मोबाईल नंबर डला होगा तो आपको राशन से जुड़े अपडेट नहीं मिल पाएंगे. विभाग की तरफ से आय दिन कई जरूरी अपडेट मैसेज के जरिए कार्डधारकों तक भेजे जाते हैं.
ऐसे अपडेट करें राशन कार्ड में मोबाइल नंबर (How to change mobile number in Ration Card )
1. इसके लिए पहले आप इस साइट https://nfs.delhi.gov.in/Citizen/UpdateMobileNumber.aspx पर विजिट करें.
2. आपके सामने एक पेज ओपन होगा. यहां आपको Update Your Registered Mobile Number लिखा हुआ दिखाई देगा.
3. अब इसके नीचे दिए गए कॉलम में आप अपनी जानकारी फिल करें.
5. यहां पहले कॉलम में Aadhaar Number of Head of Household/NFS ID लिखें.
6. दूसरे कॉलम में Ration card No लिखें.
7. तीसरे कॉलम में Name of Head of Household लिखें.
8. आखिरी कॉलम में आप अपना नया मोबाइल नंबर लिखें और सेव करें.
10. अब आपका मोबाइल नंबर अपडेट हो जाएगा.
‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ शुरू
गौरतलब है कि देश के 20 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में एक जून 2020 से राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी सेवा ‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ शुरू हो चुकी है. इस योजना के तहत आप किसी भी राज्य में रहकर राशन खरीद सकते हैं. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, गोवा, झारखंड, त्रिपुरा, बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब हिमाचल प्रदेश और दमन-दीव में पहले से ही ये योजना लागू है.

एक रात में करोड़पति बन गया गरीब लकड़हारा, अंडरग्राउंड हुआ, SDM ने दिए जांच के आदेश

बिहार के किशनगंज में एक गरीब लकड़हारा रातों-रात करोड़पति बन गया. गांव में तरह-तरह की अफवाहों का बाजार गर्म है. ग्रामीणों का कहना है कि लकड़हारा लतीफ और उसके बेटे उबेलुदल को 15 दिन पहले कहीं से गुप्त धन मिला, जिसकी वजह से वो अमीर हो गया. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि उसने लॉटरी का टिकट खरीदा था जिसमें उसे 1 करोड़ रुपये जीते. जब यह मामला एसडीएम के पास पहुंचा तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और जांच के आदेश दिए.

एक रात में करोड़पति बन गया लकड़हारा

यह मामला किशनगंज टाउन थाना क्षेत्र के टेउसा पंचायत का है. जहां पर एक गरीब लकड़हारा रातों-रात करोड़पति बन गया. गांव के लोग यह देखकर हैरान रहे गए. फिर तरह तरह अफवाहें जोर पकड़ने लगी और दोनों डर की वजह से भूमिगत हो गए हैं. गांव वालों का कहना है कि इतने रुपये आने के बाद लकड़हारा उबेदुल ने रिश्तेदारों को सात बाइक भी गिफ्ट में दी थीं. नया ट्रैक्टर और कई बीघा जमीन खरीदी. इसके अलावा पक्के घर का निर्माण कराया.

लॉटरी खरीदकर बना करोड़पति

ऐसा बताया जा रहा है कि बिहार में लॉटरी टिकट पर प्रतिबंध है, इसलिए उसने बंगाल से लॉटरी का टिकट खरीदा था. बात फैलने से और कानूनी पचड़ों में न पढ़ने की वजह से पिता और पुत्र भूमिगत कहीं हो गए. पुलिस दोनों को ढूंढने के लिए लगी हुई है. दोनों के पकड़ में आने के बाद ही मामले का सही खुलासा हो पाएगा.

एसडीएम ने दिए जांच के आदेश

वहीं किशनगंज के एसडीएम शाहनवाज अहमद नियाजी ने कहा कि इनकम टैक्स विभाग और ईडी से जांच करवाई जाएगी. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर मनीलांड्रिंग का मामला सामने आया तो पर्दे के पीछे छुपे लोगों को भी बेनकाब किया जाएगा. फिलहाल किशनगंज में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. आखिर एक रात में इतने रुपये तो आए कैसे.

UP Elections: BJP में शामिल हुए पूर्व IPS अफसर असीम अरुण, मुलायम की छोटी बहू अपर्णा भी आ सकती हैं साथ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़ी आज की सबसे बड़ी खबर यह है कि मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव भाजपा में शामिल होने जा रही हैं। खबर के मुताबिक, थोड़ी देर में भापजा की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस होने जा रही है, जिसमें अपर्णा यादव (Aparna Yadav) विधिवत रूप से भाजपा की सदस्यता लेंगी।

यहां तक कहा जा रहा है कि भाजपा उन्हें लखनऊ कैंट से उम्मीदवार बना सकती है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और भाजपा नेता स्वतंत्रदेव सिंह इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे।

बता दें कि हाल के दिनों में भाजपा के कुछ मंत्री और विधायक समाजवादी पार्टी में शामिल हुए थे। वहीं Aparna Yadav का भाजपा में शामिल होना, भगवा पार्टी की ओर से काउंटर अटैक बताया जा रहा है। इससे पहले मुलायम के समधी हरिओम यादव भी भाजपा का दामन थाम चुके हैं।

भाजपा में शामिल हुए पूर्व IPS अफसर असीम अरुण

इस बीच, पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरुण रविवार को लखनऊ में पार्टी कार्यालय में भाजपा में शामिल हो गए। इस मौके पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर मौजूद थे।

असीम अरुण ने कहा कि योगी राज के तहत यूपी में कानून व्यवस्था की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। पुलिस को ही नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था को ऐसी शक्ति देने के लिए मैं सीएम योगी का धन्यवाद करता हूं, जिससे सुधार हो सके।

वैक्सीन लगाने गई टीम को देख पेड़ पर चढ़ी युवती, फिर ऐसे लगाई गई वैक्सीन

छतरपुर। वैक्सीन लगवाने से बचने के लिए लोग अलग-अलग तरह के बहाने करते देखे गए हैं। इस बीच मध्य प्रदेश के छतरपुर की एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह युवती वैक्सीन लगवाने से बचने के लिए पेड़ पर चढ़ जाती है। वैक्सीन लगाने गई टीम उसे समझा-बुझाकर नीचे उतारती है। तब कहीं जाकर उसे वैक्सीन लगाई जा सकी।

टीम को देखते ही पेड़ पर चढ़ी

मामला छतरपुर जिले के बड़ामलहरा तहसील के छोटे से गांव मनकारी का है। दरअसल इन दिनों कोविड वैक्सीन लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए वैक्सीनेशन टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को समझाकर वैक्सीन लगा रही हैं। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम बड़ामलहरा के मनकारी गांव पहुंची। यहां वैक्सीनेशन टीम को देखते ही 18 वर्षीय युवती पेड़ पर चढ़ गई।

वैक्सीन को लेकर था मन में डर

असल में युवती वैक्सीन लगवाने को लेकर काफी डरी हुई थी। इसके चलते वह वैक्सीन लगवाने से मना कर रही थी। उसे पेड़ पर चढ़ा देख आसपास के लोगों और वैक्सीनेशन टीम के सदस्यों ने काफी समझाया। तब कहीं जाकर युवती नीचे उतरी और उसे वैक्सीन लगाया जा सका।

ब्रेकिंग: एम्स में सबसे पहले आई ऐसी RTPCR टेस्ट किट जो बताएगी ओमिक्रान वैरिएंट

रायपुर। छत्तीसगढ़ कोरोना के नए वैरिएंट के खतरे के बीच रविवार को रायपुर एम्स से अच्छी खबर निकलकर सामने आई है। दरअसल रायपुर एम्स को नई तरह की आरटीपीसीआर टेस्ट किट मिल गई है, जो केवल आरटीपीसीआर टेस्ट से ही ओमिक्रॉन का पता लगाने में सक्षम है।

रायपुर के डायरेक्टर डॉ. नितिन एम नागरकर के मुताबिक जीनोम जांच के लिए अभी अनुमति नहीं मिली है। उससे पहले नई तरह की टेस्ट किट मिल गई है।

अभी तक भेजा जाता था भुवनेश्वर

जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए अभी आरटीपीसीआर टेस्ट के बाद पॉजिटिव के सैंपल को एडवांस लैब में भुवनेश्वर भेजना पड़ रहा है। जांच रिपोर्ट में आने में देरी को इस बात से ही समझा जा सकता है कि ओमिक्रॉन के खतरे की आहट के बाद भेजे गए 50 से अधिक सैंपलों में से अब तक केवल 12 ही रिपोर्ट आई है।

प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की ट्रीटमेंट कमेटी ने भी दिए प्रस्ताव

इस बीच, प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की ट्रीटमेंट कमेटी ने भी आरटीपीसीआर टेस्ट के जरिए ओमिक्रॉन वैरिएंट पता लगाने वाली टेस्ट किट खरीदने का प्रस्ताव दिया है।

जल्दी ही प्रदेश के दूसरे सरकारी अस्पतालों और सार्वजनिक जगहों पर नई किट के जरिए जल्द ही आरटीपीसीआर टेस्ट किट के जरिए ओमिक्रॉन वैरिएंट का पता लगाया जा सकेगा।

हाल ही में आईसीएमआर ने टाटा मेडिकल एंड डायग्नोस्टिक की नई स्वदेशी आरटीपीसीआर टेस्ट किट ओमि-स्योर को मंजूरी दी है। जिसके जरिए आरटीपीसीआर टेस्ट के जरिए ही ओमिक्रॉन वैरिएंट की पहचान की सकती है।

सामान्य आरटीपीसीआर जैसा ही टेस्ट होगा, रिपोर्ट भी जल्दी

दरअसल, इस विशेष किट के जरिए सामान्य आरटीपीसीआर टेस्ट ही किया जाएगा, उसे बाद में जीनोम जांच के लिए एडवांस लैब में भेजने की दरकार नहीं होगी।

जानकारों के मुताबिक आरटीपीसीआर टेस्ट किट के जरिए ओमिक्रॉन की पहचान एस जीन टार्गेट फेल्योर के जरिए की जाती है यानी ऐसे सैंपल जिनमें एस जीन नहीं होगा उनको ओमिक्रॉन पॉजिटिव माना जाएगा।

SBI के ATM में रुपए डालने वाली ठेका कंपनी CMS का स्टाफ ही निकला चोरी का मास्टर माइंड, 8 लाख नकदी के साथ 3 गिरफ्तार

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में SBI के लाखों रुपए का गबन करने वाले CMS कंपनी के के 3 कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं चौथे की तलाश जारी है। इस कंपनी को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने बैंक से पैसे लेकर एटीएम में डालने का ठेका दिया है। आरोपी बैंक से पैसे लेकर शहर के विभिन्न ATM में डालने का काम किया करते थे। लेकिन, कुछ दिनों से इन्होंने बैंक के निर्धारित लाखों रुपए ATM में नहीं डाले और उनमें से पैसे गबन करते गए। मामले की शिकायत के बाद हुई जांच में तीन आरोपियों को सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिनके पास से कुल 8 लाख रुपए नकद समेत, 2 लग्जरी चार पहिया वाहन, स्कूटी, मोबाइल और अन्य सामान बरामद किए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, CMS कंपनी की तरफ से सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि बैंक के पैसे जो ATM में जमा करने दिए जाते हैं उनमें से आधे ही जमा हो रहे हैं। शेष राशि का गबन किया जा रहा है। इस शिकायत पर पुलिस ने एक टीम गठित की और मामले की जांच शुरू की। संदेह के आधार पर CMS कंपनी के कर्मचारियों पर निगरानी रखी गई थी। कर्मचारी योगेश यादव, कैलाश यादव एवं ललित नारायण साहू को पकड़ा गया था। इनसे पूछताछ की गई। योगेश यादव एवं कैलाश यादव दोनों CMS कंपनी के कस्टोडियन हैं। जो प्रतिदिन बैंक से निर्धारित राशि लेकर संबंधित ATM में जमा करने जाते थे।

जांच में पता चला कि इनमें से मुख्य आरोपी योगेश यादव उर्फ योगी ATM में निर्धारित राशि जमा न कर अपनी मर्जी से कम राशि जमा करता था और बचे हुए पैसे से अपने शौक पूरे करता था। कुछ पैसे कैलाश यादव एवं ऑडिटर ललित नारायण साहू को भी देता था। आरोपी योगेश यादव ने अपने शौक में कई महंगे सामान खरीदना एवं उपयोग करना बताया है। साथ ही लॉखों रुपए ऑनलाइन बेटिंग में भी लगाए, जिससे पूरे पैसे हार गया है। पुलिस ने योगेश यादव के पास से मोबाइल फोन, लैपटाप, स्मार्ट वॉच, स्कार्पियो, हैरियर वाहन, एक दुपहिया वाहन, AC, TV अन्य सामना बरामद किया है। साथ ही तीनों आरोपियों के पास से 8 लाख रुपए बरमाद किए गए हैं।

चौथे आरोपी की तलाश जारी

नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार ने बताया कि, CMS कंपनी की शिकायत के बाद 3 लोगों को तो गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं चौथा आरोपी मंजूर रजा फरार हो गया है। जिसकी तलाश की जा रही है। फिलहाल CMS और बैंक की तरफ से अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कुल कितनी राशि का गबन किया गया है। इधर, CMS के रायपुर इंचार्ज नजीम खान ने बताया कि अभी ऑडिट का काम चल रहा है। इसके बाद ही खुलासा किया जाएगा।

ब्रेकिंग: चार करोड़ से ज्यादा के पुराने नोट बरामद, 7 हिरासत में, जानें क्या था शातिरों का प्लान

न्यूज डेस्क। एसटीएफ ने पुरानी करेंसी के बदले नए नोट बदलने वाले गैंग को गिरफ्तार किया है। गैंग के सात लोगों को गिरफ्तार कर करीब चार करोड़ से अधिक की रकम बरामद की है। मामला उत्तराखंड के हरिद्वार का है। बरामद रकम किसकी है, इसको लेकर ज्वालापुर कोतवाली में आरोपियों से पूछताछ चल रही है। इनकम टैक्स विभाग को भी जानकारी दे दी गई है।

पुलिस के मुताबिक उत्तराखंड एसटीएफ को हरिद्वार में पुरानी करेंसी के बदले नए नोट बदलने की सूचना मिल रही थी। एसटीएफ ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछाया। शनिवार देर शाम एसटीएफ के इंस्पेक्टर अब्दुल कलाम की अगुवाई में टीम ने मध्य हरिद्वार की एक कॉलोनी में छापा मारा। वहां से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से नोटबंदी से पहले चलने वाले करीब करीब चार करोड रुपए के पुराने नोट बरामद हुए। सभी नोट 500 और 1000 के हैं। बरामद रकम चार करोड़ से अधिक बताई जा रही है। देर रात तक रकम की गिनती का कार्य चला।

गिरफ्तार सात आरोपियों में तीन स्थानीय और चार उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और अमरोहा जिले के निवासी हैं। पुलिस के मुताबिक यह गैंग आरबीआई के किसी अधिकारी के संपर्क में था। जिसकी मदद से वह पुरानी करेंसी बदलने की फिराक में था।

ये था प्लान

बताया जा रहा कि पांच करोड की पुरानी करेंसी के एवज में एक करोड़ की नई करेंसी मिलनी थी। पकड़े गए आरोपियों को करेंसी बदलवाने के एवज में कमीशन मिलना था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रूपेश वालिया निवासी जगजीतपुर, यशवीर सिंह निवासी हरिपुर कला, अरविंद वर्मा निवासी ग्राम काला कुआं अमरोहा कोतवाली अमरोहा, आबिद अली ग्राम सैदपुर नौगांव सादात अमरोहा, सोमपाल सिंह रेलवे स्टेशन रोड बिलारी मुरादाबाद, विकास गुप्ता निवासी खेड़ी खुर्द श्यामपुर ऋषिकेश, राजेंद्र निवासी शास्त्री स्टेशन रोड बिलारी जनपद मुरादाबाद के रूप में हुई है।

मास्क और वैक्सीन से मिली छुट्टी! यहां की सरकार ने कोरोना को मान लिया ‘फ्लू’

नई दिल्ली: कोरोना को लेकर दुनियाभर में पाबंदियां का दौर फिर से लौट आया है लेकिन यूरोप के देशों में मास्क और वैक्सीन की अनिवार्यता को हटाया जा रहा है. स्पेन की सरकार ने कोरोना को एक आम फ्लू मान लिया है. साथ ही लोगों से इसके साथ जीने की अपील की गई है.

खात्मे की कगार पर महामारी?
मास्क ही नहीं वहां की सरकार कोरोना वैक्सीन की अनिवार्यता भी हटा सकती है. सरकार का मानना है कि कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट ही महामारी को खात्मे की कगार पर ले जाएगा और यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. ब्रिटेन के एजुकेशन सेक्रेटरी ने बताया कि यूके अब पेंडेमिक से एंडमिक की दिशा की ओर बढ़ रहा है.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित होने पर अस्पताल में भर्ती होने की आशंका काफी कम है. साथ ही मौत का आंकड़ा भी कम दर्ज हो रहा है. ऐसे में स्पेन के प्रधानमंत्री प्रेडो सांचेज ने महामारी काल में लगाई गईं पाबंदियां को खत्म कर सामान्य जनजीवन में लौटने का फैसला लिया है.

आयरलैंड में वैक्सीनेशन जरूरी नहीं
उन्होंने कहा कि अब महामारी के खत्म होने के हालात की समीक्षा में जुटे हुए हैं लेकिन यूरोप की सरकारें शायद इसे अलग मापदंडों पर तौल रही हैं. उधर, आयरलैंड में भी बढ़ते कोरोना मामलों के बावजूद स्वैच्छिक वैक्सीनेशन सिस्टम बनाया जा रहा है. सरकार अब लोगों को वैक्सीनेशन के मामले में खुद फैसला करना का अधिकार देना चाहती है.

इसके अलावा भी कई देशों ने क्वारंटीन पीरियड को घटाने का फैसला किया है. इसके साथ ही जरूरी सेवाओं पर किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं लगाई जा रही है. चेक रिपब्लिक ने हाल ही में आइसोलेशन पीरियड को दो हफ्तों से घटाकर सिर्फ 5 दिन कर दिया है.
आने वाले दिनों में अगर बाकी यूरोपीय देश भी अपने यहां पाबंदियों में ढील देते हैं तो पिछले साल जैसे हालात पैदा होने की भी आशंका है. हालांकि डेनमार्क में भी पाबंदियां हटाई गईं हैं और मास्क को जरूरी नहीं माना जा रहा है. ऐसा ही फैसला नीदरलैंड की सरकार ने भी लिया है और वहां अब मास्क पहनना अनिवार्य नहीं है.

WHO ने इस बीच ओमिक्रॉन को लेकर चेतावनी दी है. संगठन ने कहा कि डेल्टा वेरिएंट की तुलना में भले ही ओमिक्रॉन से बीमारी के कम गंभीर होने को लेकर कुछ जानकारियां हैं, लेकिन यह हल्की बीमारी नहीं है क्योंकि ओमिक्रॉन के चलते भी लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आ ही रही है.