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ओबीसी वोट बैंक के किले में तीसरा चरण, BJP और SP के सामने अपने ‘गढ़’ बचाने की चुनौती

लखनऊः उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के 2 चरण पूरे हो चुके हैं. तीसरे चरण का मतदान 20 फ़रवरी को होगा. ऐसे में सभी राजनीतिक दल जनता को अपने पक्ष में करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही हैं. सभी पार्टियों के बड़े चेहरे व कद्दावर नेता लगातार चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं. ऐसे में तीसरे चरण का मुकाबला दिलचस्प बन गया है.

59 सीट पर होना है मतदान
यूपी विधान सभा चुनाव के तीसरे चरण में 16 ज़िलों की 59 सीटों पर मतदान होना है. तीसरे चरण में जिन सीटों पर चुनाव होना है, वो ओबीसी वोट बैंक का गढ़ माना जाता है. खासतौर पर यादव, लोधी, शाक्य और कुर्मी वोट बैंक का प्रभाव इन इलाकों में है. इस फेज में कई जिले यादव लैंड के तौर पर भी जाने जाते हैं और सपा संरक्षक मुलायम सिंह और अध्यक्ष अखिलेश यादव के गढ़ भी कहलाते हैं.

बीजेपी, सपा के लिए अहम है तीसरा चरण
बीजेपी और सपा दोनों के लिए तीसरे चरण का चुनाव बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहीं से यूपी में आगे की चुनावी दिशा तय हो जाएगी. बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों ने तीसरे चरण के चुनाव में पूरी ताकत लगा दी है. तीसरे चरण में यादव वोट बैंक के साथ सबसे निर्णायक गैर यादव ओबीसी वोट हैं.

पिछले चुनाव में बीजेपी को मिली थी बड़ी कामयाबी
दरअसल, तीसरे चरण का चुनाव पश्चिमी यूपी, मध्य यूपी और बुंदेलखंड के 5 जिलों में होगा. इनमें हाथरस, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, एटा, कासगंज, फर्रुखाबाद, औरेया, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर शहर, झांसी, हमीरपुर, ललितपुर, जालौन, महोबा आदि जिलों में वोटिंग होनी है. 2017 के चुनाव में बीजेपी ने इन 59 सीटों में से 49 सीटें जीती थी. सपा मात्र 8 सीट जीत पाने में कामयाब हो पाई थी. वहीं, कांग्रेस और बीएसपी 1-1 सीट ही जीत पाई थी.

2017 के चुनाव में यादव वोट का हुआ था बंटवारा
2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने समाजवादी पार्टी के परिवार की लड़ाई का खूब फायदा उठाया था और यादव लैंड में वोटों का जबरदस्त बंटवारा किया था. यही कारण है कि इस बेल्ट में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया था. 2017 के चुनाव में इन सीटों पर बीजेपी गैर यादव ओबीसी वोट बैंक को पूरी तरह साथ लाने में कामयाब रही थी. 2017 की ही रणनीति बीजेपी 2022 में अपनाने की कोशिश कर रही है. तीसरे चरण में बीजेपी गैर यादव ओबीसी वोट बैंक लोधी, कुर्मी, शाक्य को अपने साथ रखना चाहती है, ताकि यहां से उसे बढ़त मिल सके. यही कारण है कि बीजेपी ने इस इलाके में लोधी समाज को सबसे ज्यादा टिकट दिया है. इस इलाके में कल्याण सिंह के नाम पर लोधी वोट बीजेपी के साथ जुड़ा है.

इस बार यादव वोट का मुश्किल है बंटवारा
वहीं, बीजेपी यह जानती है कि यादव वोट का इस बार जरा सा भी बंटवारा नहीं होगा, लेकिन इसके बावजूद हरिओम यादव जैसे सपा के बागियों को फिरोजाबाद की सिरसागंज सीट से चुनाव लड़ाया गया है. जबकि, अखिलेश यादव के खिलाफ एसपी सिंह बघेल को चुनावी मैदान में उतारा गया है.

बीजेपी पिछले चुनाव के समीकरण को चाहती है भुनाना
तीसरे चरण की 59 सीटों में से बीजेपी ने 21 OBC, 12 दलित, 10 ब्राह्मण, 8 ठाकुर और 1 सिंधी समाज के नेताओं को टिकट दिया है. 21 OBC में से सबसे ज्यादा 9 टिकट लोधी समाज से, तो 4 टिकट शाक्य और 3 टिकट कुर्मी समाज को दिया गया है. तीसरे चरण की गंभीरता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने इन सीटों पर चुनाव प्रचार भी किया है. बीजेपी अपने 2017 के पुराने फ़ॉर्मूले से 2022 का सियासी समीकरण साधने की भी कोशिश कर रही है. बीजेपी को यह लगता है कि सवर्ण वोट उसके साथ रहेगा.

सपा भी गैर यादव वोट को साधने की कर रही कोशिश
वहीं, समाजवादी पार्टी की बात करें, तो पार्टी के सामने 2012 वाले प्रदर्शन को दोहराने की परीक्षा है. समाजवादी पार्टी ने इस बेल्ट में सबसे पहले अपने कोर यादव वोट बैंक को सहेजने और फिर गैर यादव ओबीसी वोट बैंक को अपने पाले में लाने की बड़ी रणनीति तैयार की है. अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव के साथ हाथ मिलाया और शिवपाल यादव इटावा की जसवंतनगर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. 2017 के चुनाव में शिवपाल यादव ने इस फेज की कुछ सीटों पर सपा को नुकसान पहुंचाया था. वहीं, अखिलेश यादव ने इस बार यादव टिकट कुछ कम कर, गैर यादव ओबीसी के नेताओं को टिकट दिया है.

सपा ब्राह्मण वोट को पक्ष में करने की कर रही कोशिश
समाजवादी पार्टी ने यहां पर शाक्य, पाल, प्रजापति, लोधी समाज के नेताओं पर दांव लगाया है, ताकि बीजेपी से गैर यादव ओबीसी वोट बैंक को अपने पाले में ला सके. समाजवादी पार्टी ने इस फेज की 59 सीटों में से 28 OBC, 15 दलित, 5 मुस्लिम, 5 ब्राह्मण, 2 ठाकुर, 2 बनिया/कायस्थ और 1 सिख नेता को टिकट दिया है. सपा ने यहां पर सबसे ज्यादा टिकट ओबीसी नेताओं को दिया और फिर पहली बार यादव लैंड में सपा ने 5 ब्राह्मण नेताओं को एक साथ टिकट दिया है. दरअसल सपा को लगता है कि बीजेपी से नाराज ब्राह्मण वोट उनके साथ आ सकता है.

सपा ने किया महान दल से गठबंधन
दरअसल, सपा तीसरे चरण के चुनाव में यादव+मुसलमान के साथ शाक्य, पाल, प्रजापति और लोधी वोट के बड़े हिस्से को अपने साथ लाना चाहती है. यही कारण है कि सपा ने महान दल के साथ गठबंधन किया है. महान दल के अध्यक्ष केशव देव मौर्य की पत्नी सुनीता शाक्य भी फर्रुखाबाद सदर सीट से चुनाव लड़ रही हैं. वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य भी इस बेल्ट में काफी सक्रिय दिख रहे हैं.

चुनाव के लिए जोर लगा रही सपा
यह फेज सपा के लिए कितना महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि यहां पर अखिलेश एक दिन में 10-10 चुनावी रैलियां कर रहे हैं. तीसरे चरण का चुनाव प्रचार खत्म होने से पहले इटावा में मुलायम-अखिलेश- शिवपाल ने एक साथ रथयात्रा निकाली, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि परिवार एक है और वोटों में कोई बंटवारा ना हो सके. तीसरे चरण में ही मैनपुरी की करहल सीट भी आती है, जहां से खुद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव चुनाव लड़ रहे हैं. ये भी सपा की रणनीति का एक हिस्सा है, ताकि आसपास की सीटों पर इसका असर पड़ सके.

एक-दूसरे के गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश कर रहीं पार्टियां
तीसरे चरण के चुनाव को आप दो हिस्सों में बांटकर आसानी से यहां की चुनावी गणित को समझ सकते हैं. पहला हाथरस से कन्नौज तक जो कि सपा का गढ़ कहा जाता है और दूसरा कानपुर से लेकर बुंदेलखंड तक जो बीजेपी का गढ़ कहा जाता है. इस समय सपा और बीजेपी दोनों अपने गढ़ को बचाने के साथ एक दूसरे के गढ़ में सेंधमारी की भी भरपूर कोशिशें कर रही हैं.अब देखना यह होगा कि तीसरे चरण में 59 विधानसभा सीटों पर जनता किसके पक्ष में मतदान करेगी और किसे यूपी का सिंहासन सौंपेंगी ?

इतना VIP चोर देखा है कहीं? फ्लाइट से सफर करता है, लग्जरी कार से घूमता है; अब गिरफ्तार

इंदौर। मध्य प्रदेश में इंदौर पुलिस ने एक VIP कार चोर को गिरफ्तार (vip car thief sher singh meena arrest) किया है. इंदौर में कार चुराने (sher singh meena hacked high security car) के लिए यह शख्स फ्लाइट से आता था. उसके बाद महंगे होटल में ठहरता था.

लग्जरी कारों को करता था हैक
यह चोर शहर के पॉश इलाकों में महंगी और लग्जरी कार को टारगेट करता था. इसके बाद एक खास डिवाइस को कार में लगाकर पांच मिनट में उसे हैक (sher singh meena used to hack high security cars) कर लेता था, फिर उसे उड़ा लेता था. लग्जरी कार होने की वजह से आरोपी शेर सिंह मीणा को पुलिस भी नहीं रोकती थी. पुलिस का कहना है कि यह शातिर चोर राजस्थान के करौली का रहने वाला है.

पुलिस को दिखाया डेमो
शेर सिंह मीणा के गिरफ्तार होने के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. यहां तक की उसने पुलिस के सामने अपनी चोरी के ट्रिक का डेमो भी दिखाया कि कैसे वह मिनटों में हैक कर लग्जरी कार को चोरी कर लिया करता था. दरअसल, वह उस डिवाइस से डुप्लीकेट चाबी बनाता था. फिर कार लेकर गायब हो जाता था.

इतनी महंगी है ये हैकिंग डिवाइस
शेर सिंह मीणा का कहना है कि उस डिवाइस की कीमत महज 30 हजार रुपये है. वह कस्टमर की डिमांड पर कार चोरी किया करता था. उसका कहना है कि वह कई लग्जरी कारों की चोरी कर चुका है.

6वीं फेल ने अधिकारियों को पहनाई टोपी
कहा जा रहा है कि पुलिस उसके पास ग्राहक बनकर पहुंची और उससे संपर्क किया. इसके बाद पुलिस ने पूरी प्लानिंग करके उसे गिरफ्तार कर लिया. इंदौर के लसूड़िया थाने में उसने पुलिस के सामने डेमो दिखाया. बताते हैं कि शेर सिंह मीणा 6वीं फेल है, लेकिन उसके कारनामे देख इंदौर पुलिस भी हैरान रह गई है. यह शातिर चोर मिनटों में लग्जरी कार को हैक कर उड़ा लेता था. इंदौर पुलिस का कहना है कि शेर सिंह मीणा ने कई लग्जरी कारों के ताले तोड़े हैं.

हाई सिक्योरिटी कारों पर रहती थी नजर
वह हाई सिक्योरिटी को आसानी से ब्रेक कर देता था. पुलिस का कहना है कि आरोपी पर दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में लूट, चोरी, वाहन चोरी, डकैती के 50 से ज्यादा केस दर्ज हैं. पुलिस का कहना है कि शेर सिंह कई बार पुलिस चकमा देकर पुलिस की कस्टडी से भाग चुका है. उसके कारण कई पुलिसकर्मी निलंबित भी हो चुके हैं.

पुलिस की पकड़ में कैसे आया चोर
दरअसल, फरवरी में एक कारोबारी की कार चोरी हो गई थी. पुलिस को यह कार लवारिस हालत में मिली थी. इस दौरान पुलिस को टैबलेट, सिम, टूल्स मिली थी. पुलिस ने सिम की जांच की तो नोएडा-गुरुग्राम एनसीआर की लिंक मिली. लिंक जोड़ने के बाद पुलिस गुना और गुरुग्राम रवाना हुई. फिर कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने शेर सिंह मीणा को गिरफ्तार कर लिया.

चीफ जस्टिस से मिला अधिवक्ता संघ का प्रतिनिधिमंडल…रायगढ़ मामले की जांच करने 2 सदस्यीय टीम बनाने का निर्देश जारी…

रायगढ़। अधिवक्ता संघ रायगढ़ की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल ने आज हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से मुलाकात की इस दौरान स्टेट बार काउंसिल के पदाधिकारी भी मौजूद थे। चीफ जस्टिस से मुलाकात कर अधिवक्ताओं ने राजस्व न्यायालयों में बिक रहे फैसलों के संबंध में रायगढ़ में बने हालातों और पूरे घटनाक्रम की उन्हें जानकारी दी, साथ ही पुलिस की ओर से की जा रही एकपक्षीय कार्यवाही के बारे में भी चर्चा की।
अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल को चीफ जस्टिस ने बार काउंसिल आफ इंडिया के सदस्य  शैलेंद्र दुबे, छ. ग. राज्य विधिज्ञ परिषद के पूर्व अध्यक्ष  प्रभाकर सिंह चंदेल, छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद अपील समिति के पूर्व अध्यक्ष  रविंद्र पाराशर एवम छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद के पूर्व सदस्य  अवध त्रिपाठी, हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल वहाब खान, उपाध्यक्ष  रजनीश बघेल अधिवक्ताओं के साथ रायगढ़ अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधि मंडल मे पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता  रमेश शर्मा,  सत्येंद्र सिंह,  राजकुमार उपाध्याय, चुनाव अधिकारी  मनोज तिवारी को
आश्वासन दिया है कि अधिवक्ताओं के सम्मान को कहीं भी झुकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए आवश्यक कदम उठाए जाने की बात भी कही है।

एडवोकेट जनरल  सतीश चंद्र वर्मा ने दो सदस्यीय जांच टीम बनाने का दिया निर्देश

रायगढ़ के हालातों को बेहद गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के एडवोकेट जनरल ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित करने का निर्देश जारी कर दिया है। इस जांच टीम में स्टेट बार काउंसिल के दो विद्वान सदस्य शामिल होंगे जो रायगढ़ आकर पूरे मामले की विस्तृत जांच करेंगे और इसकी रिपोर्ट छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत परिषद के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

चीफ जस्टिस से मिला अधिवक्ता संघ का प्रतिनिधिमंडल…रायगढ़ मामले की जांच करने 2 सदस्यीय टीम बनाने का निर्देश जारी…

रायगढ़। अधिवक्ता संघ रायगढ़ की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल ने आज हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से मुलाकात की इस दौरान स्टेट बार काउंसिल के पदाधिकारी भी मौजूद थे। चीफ जस्टिस से मुलाकात कर अधिवक्ताओं ने राजस्व न्यायालयों में बिक रहे फैसलों के संबंध में रायगढ़ में बने हालातों और पूरे घटनाक्रम की उन्हें जानकारी दी, साथ ही पुलिस की ओर से की जा रही एकपक्षीय कार्यवाही के बारे में भी चर्चा की।
अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल को चीफ जस्टिस ने बार काउंसिल आफ इंडिया के सदस्य  शैलेंद्र दुबे , छ. ग. राज्य विधिज्ञ परिषद के पूर्व अध्यक्ष  प्रभाकर सिंह चंदेल, छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद अपील समिति के पूर्व अध्यक्ष  रविंद्र पाराशर एवम छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद के पूर्व सदस्य  अवध त्रिपाठी, हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष  अब्दुल वहाब खान, उपाध्यक्ष  रजनीश बघेल अधिवक्ताओं के साथ रायगढ़ अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधि मंडल मे पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता  रमेश शर्मा,  सत्येंद्र सिंह,  राजकुमार उपाध्याय, चुनाव अधिकारी  मनोज तिवारी को
आश्वासन दिया है कि अधिवक्ताओं के सम्मान को कहीं भी झुकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए आवश्यक कदम उठाए जाने की बात भी कही है।

एडवोकेट जनरल सतीश चंद्र वर्मा ने दो सदस्यीय जांच टीम बनाने का दिया निर्देश

रायगढ़ के हालातों को बेहद गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के एडवोकेट जनरल ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित करने का निर्देश जारी कर दिया है। इस जांच टीम में स्टेट बार काउंसिल के दो विद्वान सदस्य शामिल होंगे जो रायगढ़ आकर पूरे मामले की विस्तृत जांच करेंगे और इसकी रिपोर्ट हाई कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

गर्लफ्रेंड के पुलिस ‘अंकल’ की प्रताड़ना से तंग आकर लड़के ने दे दी जान, मोबाइल में मिले नाम

इंदौर. इंदौर के एरोड्रम थाना इलाके के विजय श्री नगर में एक युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। युवक का नाम आकाश बडिया है जो शहर के महाराजा रणजीत सिंह कॉलेज में बीबीए (BBA) फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था। आकाश का शव उसके ही घर पर फांसी पर लटका हुआ है। आकाश के मोबाइल में एक स्टेटस मिला है जिसमें उसने चंदन नगर थाने के टीआई और एसआई का नाम लिखकर अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है।

टीआई-एसआई को बताया मौत का जिम्मेदार
बीबीए स्टूडेंट आकाश बडिया ने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजन जब कमरे में पहुंचे तो आकाश फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। तुरंत परिजन ने घटना की सूचना एरोड्रम थाने को दी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरु की। पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से आकाश का मोबाइल मिला है जिसमें उसने सुसाइड करने से पहले एक स्टेटस डाला था और उसमें चंदन नगर थाने के एसआई विकास शर्मा और टीआई दिलीप पुरी को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर जांच शुरु कर दी है।

CG : नारकोटिक्स सेल का गठन, ये अधिकारी हुए शामिल, देखें…

रायपुर। अवैध रूप से चल रहे नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने ले लिए क्राइम एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी के नेतृत्व में राजधानी पुलिस ने नारकोटिक्स सेल का गठन किया है।

इस सेल में सीएसपी विश्वदीपक त्रिपाठी, इंस्पेक्टर गिरीश तिवारी, अश्वनी राठौर, प्रधान आरक्षक महेंद्र राजपूत, सरफराज चिस्ती, आरक्षक प्रमोद बेहरा, आशीष राजपूत और राजकुमार देवांगन को शामिल किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार नारकोटिक्स सेल में 8 पुलिस अधिकारियों (Narcotics Cell) का नाम शामिल किया गया है। इस संबंध में रायपुर एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने आदेश जारी कर दिया है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी में नशे का कारोबार करने वालों की अब खैर नहीं। दरअसल नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए नारकोटिक्स सेल (Narcotics Cell) का गठन किया गया है। नारकोटिक्स सेल का गठन IG रायपुर रेंज की बैठक में किया गया है।

खत्म हो गई कप्तान Rohit Sharma की टेंशन, Team India को मिला MS Dhoni जैसा धाकड़ फिनिशर

नई दिल्ली:महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने जब से इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट लिया है. तभी से टीम को उनके जैसे फिनिशर की तलाश थी. इस जगह के लिए भारत ने हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) और रविंद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) जैसे कई प्लेयर्स को आजमाया, लेकिन कोई भी धोनी (Dhoni) जैसा करिश्मा नहीं दिखा पाया. अब कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की टेंशन खत्म होती हुई दिखाई दे रही है. टीम इंडिया को महेंद्र सिंह धोनी जैसा ही एक धाकड़ फिनिशर मिल गया है. आइए जानते हैं, उसके बारे में.

टीम इंडिया को मिला ये फिनिशर
भारतीय टीम ने पहले टी20 मैच में वेस्टइंडीज (West Indies) टीम को 6 विकेट से हरा दिया है. इस मैच में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और ईशान किशन (Ishan Kishan) ने पहले विकेट के लिए 64 रनों की साझेदारी की थी, लेकिन उसके बाद रोहित शर्मा आउट हो गए और भारतीय टीम की नाव बीच मंझधार में फंसी हुई नजर आ रही थी. लगातार चार विकेट खोकर टीम इंडिया (Team India) संकट में दिख रही थी, लेकिन तभी क्रीज पर एक ऐसे बल्लेबाज की एंट्री हुई, जिसने विरोधी टीम के नाक में दम करके रख दिया. इस प्लेयर ने बिल्कुल महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) के अंदाज में गेम को फिनिश किया और टीम इंडिया (Team India) को कोई भी झटका नहीं लगने दिया. जी हां हम बात कर रहे हैं वेंकटेश अय्यर (Venkatesh Iyer) की. अय्यर ने शानदार कैमियो पारी खेलकर टीम इंडिया को जीत दिलाई.

अय्यर ने दिलाई भारतीय टीम को जीत
वेंकटेश अय्यर (Venkatesh Iyer) ने मैच में शानदार खेल का नजारा पेश किया. उनके प्रदर्शन ने सभी का दिल जीत लिया है. अय्यर ने गेंद और बल्ले दोनों से ही कमाल का खेल दिखाया. कप्तान रोहित शर्मा ने वेंकटेश अय्यर से एक ओवर गेंदबाजी करवाई, जिसमें उन्होंने 4 रन दिए. जब भारतीय टीम चार विकेट गंवाकर मुश्किल में फंसी हुई नजर आ रही थी. तब अय्यर ने 13 गेंदों में 24 रन बनाकर मैच को एक तरफा कर दिया. उन्होंने विजयी छक्के के साथ भारत को जीत दिलाई, जैसा भारत के पूर्व करिश्माई कप्तान महेंद्र सिंह धोनी करते थे. अब कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की टेंशन खत्म होती हुई दिखाई दे रही है, क्योंकि टीम इंडिया को वेंकटेश अय्यर जैसा धाकड़ फिनिशर मिल गया है.

आईपीएल में दिखाया दम
वेंकटेश अय्यर (Venkatesh Iyer) आईपीएल 2021 की खोज रहे हैं. उन्होंने अपने दम पर केकेआर टीम को फाइनल में पहुंचाया था. उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी के सभी मुरीद हो गए थे. वहीं, उन्होंने केकेआर (KKR) टीम के लिए ओपनिंग करते हुए 10 मैचों में 370 रन बनाए और 3 विकेट भी हासिल किए. उनके घातक खेल को देखते हुए केकेआर टीम ने उन्हें रिटेन किया है. वह बहुत ही शानदार फॉर्म में चल रहे हैं. पिछले साल ही भारत के लिए इस खिलाड़ी ने अपना वनडे और टी20 डेब्यू किया है.

भारत ने जीता मैच
पहला टी20 मैच भारतीय टीम ने बहुत ही शानदार तरीके से जीत लिया है. भारतीय गेंदबाजों ने मैच में कमाल का खेल दिखाया. भुवनेश्वर कुमार ने अपने पहले ही ओवर में वेस्टइंडीज के ब्रेंडन किंग को पवेलियन की राह दिखाई थी. वहीं, रवि बिश्नोई ने एक ही ओवर में दो विकेट हासिल कर वेस्टइंडीज (West Indies) के बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ ही तोड़ दी. टीम इंडिया (Team India) के गेंदबाजों की बदौलत ही विंडीज टीम 157 रन ही बना सकी. उसके बाद कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने 40 रनों की शानदार पारी खेली. अंत ने सूर्यकुमार यादव और वेंकटेश अय्यर के कैमियो ने भारतीय टीम को जीत दिला दी. इसी के साथ भारत ने सीरीज में 1-0 की लीड हासिल कर ली है. दूसरा टी20 मैच कोलकाता में 18 फरवरी को खेला जाएगा.

सड़क पर हर एक को खुलेआम गले लगने का चांस दे रहीं ये एक्ट्रेस, आपके पास भी है मौका

नई दिल्ली: कहते हैं कि किसी को भी गले लगाने से आप पॉजिटिविटी और प्यार का भाव बढ़ाते हैं. कई बार ये जादू की झप्पी सामने वाले के लिए किसी दवा से कम काम नहीं करती. ऐसा ही प्यार इन दिनों बॉलीवुड एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा (Richa Chadha) फैला रही हैं. जिसका सबूत सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो है.

फ्री में लगा रहीं लोगों को गले
सोशल मीडिया पर ऋचा चड्ढा (Richa Chadha) का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में आप देखेंगे कि एक्ट्रेस हाथ में एक बैनर पकड़े हुए हैं जिसके ऊपर लिखा है Free Hugs. इस टैग को हाथ में पकड़े ऋचा चड्ढा मुंबई की सड़कों पर घूम रही हैं और सभी को एक एक करके अपने गले लगने का मौका दे रही हैं. वो भी एकदम फ्री.
https://www.instagram.com/reel/CaExBU3qb4l/?utm_source=ig_embed&ig_rid=b58efbed-30db-4eb5-b7e3-b9b040db39f8

हर उम्र के लोगों को लगा रहीं गले
इस वीडियो में आप देखेंगे कि ऋचा चड्ढा (Richa Chadha) सड़क पर खड़ी हुई हैं और हर उम्र के लोगों को अपने गले लगा रही हैं. वहीं कुछ लोगों से वो कुछ कहते हुए भी नजर आ रही हैं. एक्ट्रेस को इस तरह देख कई लोग उनके पास आकर उनके गले लग रहे हैं और एक्ट्रेस हर एक को खुशी से अपने गले लगाकर जादू की झप्पी दे रही हैं.

सड़क पर बिल्ली के साथ हुई थीं स्पॉट
इससे पहले ऋचा चड्ढा (Richa Chadha) सड़क पर बिल्ली के साथ स्पॉट हुई थीं. खास बात है कि एक्ट्रेस के लुक से ज्यादा उन्होंने जिस बैग में बिल्ली को रख रथा था उसकी चर्चा ज्यादा हुई. ऋचा ने एक ट्रांसपेरेंट बैग कैरी किया हुआ था जिसके अंदर उनकी पालतू बिल्ली आराम से बैठी हुई थी. एक्ट्रेस को इस तरह से बिल्ली वाले बैग के साथ देखकर इसकी चर्चा होने लगीं.

‘द ग्रेट इंडियन मर्डर’ में आई थीं नजर
ऋचा चड्ढा आखिरी बार वेब सीरीज ‘द ग्रेट इंडियन मर्डर’ (The Great Indian Murder) में नजर आई थीं. इसमें ऋचा ने डीसीपी सुधा भारद्वाज का रोल निभाया था. ये वेब सीरीज 4 फरवरी 2022 को रिलीज हुई है. इसे आप डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर देख सकते हैं.

 

 

VIDEO: वकीलों की रिहाई के लिए अधिवक्ताओं का आंदोलन… राजस्व अफसरों का फूंका पुतला…

कोरबा।छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग और अधिवक्ताओं के बीच छिड़े विवाद में अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया की शामिल हो गया है। कॉउंसिल का इस संबंध में कहना है कि इस राजस्व विभाग के कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों के चलते ऐसी स्थिति बनी है। बेगुनाह वकीलों को रिहा कर केस वापस लिया जाए। वहीं मामले में सबसे पहले गिरफ्तार किए गए वकील भुवनलाल साव की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। अधिवक्ताओं की ओर से उन्हें ही बेगुनाह बताया जा रहा है।
कॉउंसिल के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की ओर से DGP को पत्र भेजा गया है।

बिना किसी सूचना के तहसील कार्यालय में 3 दिवसीय तालाबंदी से जनाक्रोश व्याप्त है। जनसामान्य को हो रही असुविधाओं को देखते हुए कल अधिवक्ता संघ ने रामपुर पुलिस चौकी में एक आवेदन देकर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने की बात को लेकर प्रकरण दर्ज करने की मांग की थी।

लगातार तनातनी के बीच विरोध का क्रम जारी है। आज विरोध स्वरूप जिला न्यायालय परिसर से तानसेन चौक तक जहां राजस्व विभाग के लोग धरने पर बैठे हैं, वहां तक पुतले के साथ एक रैली निकाली गई और रामपुर पुलिस चौकी के सामने उसका दहन किया गया। पुतला दहन की बात पर पुलिस के साथ विवाद की स्थिति निर्मित होने के बाद अधिवक्ता संघ के द्वारा राजस्व विभाग का पुतला दहन किया गया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने रामपुर पुलिस चौकी जाकर कल दिए गए आवेदन पत्र पर कारवाई करते हुए प्रकरण दर्ज करने की मांग की। वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक तिवारी ने इस दौरान अधिवक्ताओं को सम्बोधित किया।
इस मध्य अशोक तिवारी, गणेश कुलदीप, गोपी कौशिक, अनीश सक्सेना, ममता दास, चंद्रदीप शर्मा, रमेश यादव, राजकुमार अज्ञेय, संजय जायसवाल, सुधीर निगम, संजय शाह, कमल श्रीवास्तव, मानसिंह यादव, सुरेश शर्मा, अरुण सिंग, सुश्री सुमन तिवारीआर.बी.सोनी,दीपक दुबे, उत्पल अग्रवाल, हारून सईद, संतोष कुमार नागेश्वर राव, दिनेश अग्रवाल, रंजना दत्ता, रामकिशोर, प्रेमलता राठौर, ओ श्रीनिवास, राजेश्वरी राठौर, बसंती सौंधिया, सहित भारी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

 

 

देंखे वीडियो…

Breaking: ट्रैफिक सूबेदार और उसका साथी 50 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार..ACB की कार्रवाई…

रायपुर।ACB/EOW की टीम ने जीपीएम ज़िले के सूबेदार विकास नारक जो कि यातायात प्रभारी भी है उसे और उसके एक साथी भरत पनिका को बस संचालन के लिए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ़्तार किया है।

यह पहला मौक़ा है जबकि सूबेदार स्तर के किसी अधिकारी को एसीबी ने पकड़ा हो। एसीबी निदेशक आरिफ़ शेख़ ने बताया कि सूबेदार की शिकायत बस संचालक ने की थी उससे साठ हज़ार रुपए की माँग की जा रही थी, नहीं देने पर वह बग़ैर वजह चालान कर रहा था।

एसीबी की ओर से पंकज चंद्रा ने शिकायत पर जाँच कार्यवाही की और योजनाबद्ध तरीक़े से बस संचालक और सूबेदार के बीच संवाद कराया गया जिसमें 50 हज़ार रुपए में सहमति बन गई जिसके बाद रिश्वत की रक़म लेते हुए एसीबी ने सूबेदार विकास नारक और उसके सहयोगी भरत पनिका को गिरफ़्तार कर लिया।