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घर से सिर्फ टिफिन बॉक्स और बिस्तर बंद लेकर चले थे वेदांत के अनिल अग्रवाल,ट्विटर पर साझा की अपने पुराने दिनों की यादें

न्यूज डेस्क। वेदांता समूह के अनिल अग्रवाल को आज कौन नहीं जानता? लेकिन क्या आपको पता है कि जब वो अपने सपनों को पूरा करने के लिए बिहार से चले थे, तो एकदम खाली हाथ थे। उनके पास सिर्फ एक टिफिन बॉक्स और बिस्तर बंद था। अपनी इसी याद को उन्होंने ट्विटर पर शेयर किया है।

अनिल अग्रवाल ने ट्विटर पर अपने पुराने दिनों की यादें साझा की हैं, उन्होंने लिखा है, ‘करोड़ों लोग अपनी किस्मत आजमाने मुंबई आते हैं, मैं भी उन्हीं में से एक था। मुझे याद है कि जिस दिन मैंने बिहार छोड़ा, मेरे हाथ में सिर्फ एक टिफिन बॉक्स और बिस्तर बंद था। इसके साथ आंखों में सपने, मैं विक्टोरिया टर्मिनस स्टेशन पहुंचा और पहली बार कई चीजों को देखा…।’

पहली बार देखी काली-पीली टैक्सी, डबल डेकर बस

अनिल अग्रवाल ने लिखा, मैंने पहली बार काली-पीली टैक्सी, डबल डेकर बस और सिटी ऑफ ड्रीम्स (City of Dreams) को देखा। इन सब चीजों मैंने सिर्फ फिल्मों में देखा था। मैं युवाओं को कड़ी मेहनत से काम करने के लिए प्रोत्साहित करता हूं ताकि वो बुलंदियों को छू सकें। अगर आप मजबूत इरादे के साथ पहला कदम उठाएंगे, मंजिल मिलना तय है।’

स्टरलाइट इंडस्ट्रीज से हुई शुरुआत

अनिल अग्रवाल ने जब पटना बिहार को छोड़ा तो उनकी उम्र 20 भी पूरी नहीं हुई थी। 1970 के दशक में उन्होंने कबाड़ की धातुओं की ट्रेडिंग शुरू की और 1980 के दशक में उन्होंने स्टरलाइट इंडस्ट्रीज की स्थापना कर ली। स्टरलाइट इंडस्ट्रीज 1990 के दशक में कॉपर को रिफाइन करने वाली देश की पहली प्राइवेट कंपनी बनी।

 

यही कंपनी आगे चलकर वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड और अब कहें तो पूरा Vedanta Group बन गई। वेदांता ग्रुप आज के समय देश ही नहीं दुनिया की सबसे बड़ी खनन कंपनियों में से एक है। ये लौह अयस्क, एल्युमीनियम के साथ-साथ कच्चे तेल के उत्पादन में भी काम करती है। आज वेदांता लिमिटेड का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.36 लाख करोड़ रुपए है. फोर्ब्स मैगजीन के मुताबिक अनिल अग्रवाल की नेटवर्थ करीब 3.9 अरब डॉलर यानी करीब 29,275 करोड़ रुपए है।

क्या निजी वाहनों को मिलेगी टोल टैक्स से छूट, जानें सरकार ने क्या कहा

न्यूज डेस्क। प्रदेश सरकार ने निजी वाहन चालकों का बड़ी राहत देते हुए टोल टैक्स नहीं लेने का फैसला किया है। सरकार के फैसले के बाद टोल टैक्स बैरियर पर अब केवल कमर्शियल वाहनों से ही टोल टैक्स लिया जाएगा। निजी वाहन मालिकों बिना टोल टैक्स चुकाए यात्रा कर सकेंगे। दरअसल मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने टोल टैक्स संबंधी नीति में संसोधन किया है। पॉलिसी में बदलाव के बाद अब प्रदेश में नई सड़कों पर निजी वाहनों से टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा।

बीजेपी सरकार का यह कदम आगामी चुनाव को लेकर बड़ा फैसला माना जा रहा है। इससे निजी वाहन चालक जैसे कार सहित अन्य वाहन जो व्यवसायिक उपयोग में नहीं आते सभी को टोल टैक्स से छूट मिलेगी। प्रदेश सरकार ने निजी वाहन मालिकों को ये बड़ी राहत देते हुए टोल टैक्स पॉलिसी में ही नए प्रावधान कर दिए हैं। जिससे अब छोटे वाहनों से टोल टैक्स बैरियर पर टैक्स नहीं लिया जाएगा। वाहन चालकों को यह सुविधा राज्य सड़क विकास निगम द्वारा आपरेट एंड ट्रांसफर के तहत बनाई जाने वाली नई सड़कों पर पर मिलेगी।

 आखिर कौन हैं ऐक्टर Deep Sidhu की गर्लफ्रेंड Reena Rai, जो आखिरी वक्त में भी थी साथ

चंडीगढ़। पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू नहीं रहे। हरियाणा के सोनीपत में एक हादसे में उनकी जान चली गई। हादसे के वक्त कार में उनकी गर्लफ्रेंड रीना राय भी मौजूद थी। कहा जा रहा है कि, दीप सिद्धू कार में सवार होकर रीना राय संग दिल्ली से पंजाब लौट रहे थे, तभी अचानक केएमपी पर पिपली टोल प्लाजा के पास उनकी कार ट्रक से टकरा गई और हादसा हो गया।

इस हादसे से कुछ समय पहले ही दीप और रीना ने वैलेंटाइन डे सेलिब्रेट किया था और इंस्टाग्राम पर साथ में तस्वीरें शेयर की थीं। दीप सिद्धू तो नहीं रहे, लेकिन बहुत लोग अब रीना राय के बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं।

पंजाबी एक्ट्रेस हैं रीना राय दीप सिद्धू मॉडल थे और फिल्मों में एक्टिंग की। उसी तरह रीना राय भी पंजाबी एक्ट्रेस हैं। वह ग्लैमर वर्ल्ड से जुड़ी रही हैं। उन्होंने कई ब्यूटी पेजेंट्स में ह‍िस्सा लिया। वर्ष 2014 में रीना ने मिस साउथ एश‍िया का ख‍िताब जीता। साल 2018 में उन्होंने दीप सिद्धू की पंजाबी फिल्म ‘रंग दे पंजाब’ में काम किया। बताया जाता है कि, यही वो फिल्म थी, जिससे रीना को पहचान मिली। उनकी एक्टिंग को लोगों ने खूब सराहा।

इंस्टाग्राम पर खासा क्रेज

रीना राय के बारे में कहा जा रहा है कि, वे दीप सिद्धू से शादी करने वाली थीं। उन्हें दीप की मंगेतर बताया जा रहा था। वैसे उन्हें शोब‍िज की दुन‍िया में आए ज्यादा वक्त नहीं हुआ, लेक‍िन सोशल मीड‍िया पर वे खासी पॉपुलर हैं। इंस्टाग्राम पर उनके 13 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। उनकी खूबसूरती की चर्चा और दीप संग उनका रिलेशन सुर्ख‍ियों में रहा। पंजाब की हिट जोड़ी इंस्टाग्राम पर रीना राय के लिए अब उनके फैंस दुआ कर रहे हैं।

बता दें कि, रीना की अपने बॉयफ्रेंड दीप के साथ एक और फिल्म आने वाली थी।इस फिल्म का नाम है देसी। मगर..बदकिस्मती है कि इस फिल्म को देखने के लिए अब दीप इस दुन‍िया में नहीं रहे।

खुलकर किया था प्यार का इजहार

कहा जाता है कि, दीप सिद्धू भी रीना से बेइंतहा प्यार करते थे। 1 मई 2021 को उन्होंने रीना के लिए एक रोमांटिक और दिल को छू लेने वाला पोस्ट लिखा था। रीना के लिए उन्होंने खुलकर अपनी फीलिंग्स का इजहार किया था और मुश्किल वक्त में उनका साथ देने के लिए उन्हें शुक्रिया भी किया था।

ऐसा क्या किया कि गूगल ने इस शख्स को दिया 65 करोड़ रुपए का इनाम, पढ़ें पूरी खबर

इंदौर। गूगल की 28 गलतियां ढ़ूढ कर उसकी रिपोर्ट भेजने वाले एक इंदौर के इस शख्स को गूगल ने 65 करोड़ रुपए का इनाम तो दिया साथ थैंक्यू भी कहा।
अनोखी उपलब्धि दर्ज करवाई है इंदौर के अमन पांडे ने। गूगल ने अपनी रिपोर्ट में अमन का जिक्र भी किया है और कहा है कि बग्समिरर टीम के अमन पांडे पिछले साल हमारे शीर्ष शोधकर्ता रहे।


दरअसल, अमन पांडे ने गूगल की 280 गलतियां खोजकर बग रिपोर्ट भेजी थी। अमन इंदौर में बग्समिरर नाम की कंपनी चलाते हैं। गूगल ने पिछले साल अपनी विभिन्न सेवाओं पर बग रिपोर्ट करने वालों को 87 लाख डॉलर का इनाम दिया था। गूगल ने कहा कि उन्होंने पिछले साल 232 बग रिपोर्ट किए।

उन्होंने 2019 में पहली बार अपनी रिपोर्ट दी थी और तब से अब तक वह एंड्राइड वल्नरेबिलिटी रिवॉर्ड प्रोग्राम (वीआरपी) के लिए 280 से अधिक वल्नरेबिलिटी के बारे में रिपोर्ट कर चुके हैं। यह हमारे कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वूपर्ण साबित हुआ है।

भोपाल के एनआईटी से बीटेक करन वाले अमन ने 2021 में अपनी कंपनी का पंजीयन करवाया था। उनकी कंपनी बग्समिरर गूगल, एप्पल और अन्य कंपनियों को उनके सिक्योरिटी सिस्टम को अधिक मजबूत बनाने में मदद करती है।

अमन पांडे दरअसल मूल रूप से झारखंड के रहने वाले हैं। शुरुआती पढ़ाई पतरातू में हुई है। उसके बाद बोकारो स्थित चिन्मया विद्यालय से 12वीं तक की पढ़ाई हुई है। बाद में भोपाल एनआईटी से बीटेक किया है। अमन इंदौर में काम के सिलसिले में ही रहते हैं। उनका परिवार अभी भी झारखंड में रहता है।

टीचर, वकील, पुलिस… जानें क्या है 38 साल में 14 शादी करने वाले डॉन जुआन की कहानी

न्यूज डेस्क। रमेश चंद्र स्वैन… 66 साल का वह शख्स, जिसने 38 साल में 7 राज्यों में 14 शादी की. रमेश चंद्र स्वैन, ओडिशा का डॉन जुआन नाम से कुख्यात है. आज हम आपको डॉन जुआन की कहानी बताएंगे, जिसने टीचर, वकील, पुलिसकर्मी से लेकर कई पेशेवर महिलाओं को अपने प्रेम जाल में फंसाया और उनसे शादी की.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के एक तटवर्ती गांव के रहने वाले रमेश चंद्र स्वैन ने 38 साल में कई महिलाओं को धोखा दिया. उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है. पुलिस के मुताबिक, रमेश ने खुद को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में उपमहानिदेशक बताकर महिलाओं के साथ ठगी की.

पुलिस ने 14 में से 9 पत्नियों को ढूंढा

पुलिस ने बताया कि डॉन जुआन उर्फ रमेश चंद्र स्वैन ने अपनी पत्नियों से लाखों रुपयों की ठगी की, जिनमें से तीन दिल्ली में, दो ओडिशा में, दो-दो मध्य प्रदेश, पंजाब और असम में तथा एक-एक झारखंड और उत्तराखंड में रहती हैं. पुलिस ने डॉन जुआन की 14 में से 9 पत्नियों को ढूंढ लिया और बाकी की तलाश जारी है.

पहली शादी 1982 में और आखिरी 2020 में

भुवनेश्वर पुलिस के उपायुक्त यूएस दास ने कहा कि हमे संदेह है कि उसके द्वारा ठगी गई कई महिलाएं सामाजिक बंधन के कारण सामने नहीं आ रही हैं, हम उनसे ओडिशा पुलिस से संपर्क करने की अपील करते हैं. अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, डॉन जुआन उर्फ रमेश ने पहली शादी 1982 में की और आखिरी शादी 38 साल बाद 2020 में की.

रमेश के तीन बच्चे चिकित्सक

रमेश चंद्र स्वैन ने अपनी आखिरी शादी एक शिक्षिका से दिल्ली स्थित आर्य समाज मंदिर में की. हालांकि रमेश का कहना है कि मैंने इन सभी महिलाओं से शादी नहीं की और मुझे एक चिकित्सक की जरूरत थी. रमेश को चिकित्सक की क्यों जरूरत थी, इसका पता नहीं चल पाया है, लेकिन उसके पहली पत्नी से तीनों बच्चे चिकित्सक हैं और विदेश में रहते हैं.

वकील, टीचर, कमांडेंट… इन महिलाओं को उसने फंसाया

रमेश की दूसरी पत्नी चिकित्सक हैं और प्रयागराज में रहती हैं. एसीपी संजीव सतपथी ने कहा कि उसने दोस्ती की चाहत रखने वाली महिलओं को ठगा. उन्होंने बताया कि जिन महिलाओं को उसने अपने जल में फंसाया उनमें आईटीबीपी की एक कमांडेंट, शिक्षिकाएं और दिल्ली उच्च न्यायालय की वकील तक शामिल हैं.

आखिरी शादी में खुल गई पोल

पुलिस के मुताबिक, डॉन जुआन उर्फ रमेश वैवाहिक वेबसाइटों के जरिये महिलाओं से दोस्ती करता था. उसने अब तक 14 शादी की, लेकिन आखिरी शादी में वह फंस गया. महिला को उसकी पहली शादी की भनक लग गई और 5 जुलाई 2021 को उसने भुवनेश्वर के ही महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई, फिर उसकी पोल खुल गई.

अकेली तलाकशुदा महिलाओं को करता था टारगेट

ओडिशा पुलिस के एसीपी संजीव सतपथी ने कहा ने कि रमेश मध्यम आयु वर्ग की अकेली खासकर तलाकशुदा महिलाओं को निशाना बनाता था, जो वैवाहिक वेबसाइटों पर साथी की तलाश करती थीं. पुलिस ने 11 एटीएम कार्ड, चार आधार कार्ड और बिहार स्कूल प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं.

दो बार गिरफ्तार भी हो चुका है

पुलिस ने कहा कि डॉन जुआन उर्फ रमेश साल 2010 में हैदराबाद और वर्ष 2006 में एर्नाकुलम में बेरोजगार युवाओं को धोखा देने के आरोप में दो बार गिरफ्तार किया गया था. पुलिस का कहना है कि रमेश की शैक्षणिक योग्यता की जांच की जरूरत है, क्योंकि वह निश्चित रूप से एमबीबीएस चिकित्सक नहीं हैं.

सबकी नजरों से बचकर नौकरानी ने किया ऐसा खेल, मालिक के उड़ गए होश

अबू धाबी। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में एक नौकरानी (Maid) के ऐसा खेल कर दिया कि उसके मालिक के होश उड़ गए. नौकरानी ने मालिक के घर के सदस्यों की जानकारी के बिना जमकर अंतरराष्ट्रीय कॉल कर डालीं, जब बिल आया तो सभी हैरान रह गए. दरअसल, आरोपी दूसरे देश से UAE नौकरी के लिए आई थी. वो छुप-छुपकर अपने बॉस के लैंडलाइन से घर कॉल किया करती थी. उसने 2,554 दिरहम (52 हजार 500 रुपए से अधिक) की इंटरनेशनल कॉल कर डाली थीं.

पीड़ित परिवार ने लगाई गुहार
‘खलीज टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अदालती दस्तावेजों में कहा गया है कि घर की मालिकन ने शहर के कोर्ट में नौकरानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. मालकिन ने अपनी शिकायत में कहा कि नौकरानी ने बिना उसकी सहमति और जानकारी के घर का लैंडलाइन फोन इस्तेमाल किया और इंटरनेशनल कॉल (International Calls) किए. महिला ने कहा कि इसके लिए उसे 3 हजार दिरहम यानी करीब 62 हजार रुपए दिए जाएं.

भनक लगते ही भाग गई नौकरानी
यूएई की महिला ने अदालत से ये भी कहा कि नौकरानी उसका घर छोड़कर भाग गई है और जाने से पहले उसने किचन के बर्तनों को तोड़ दिया था, जिनकी कीमत 2 हजार दिरहम यानी 41 हजार से अधिक थी. महिला ने कोर्ट से आग्रह किया कि उसे ये रकम भी नौकरानी से दिलवाई जाए. इसके साथ ही महिला ने कोर्ट में कहा कि नौकरानी ने उसे नैतिक और वित्तीय नुकसान पहुंचाया है, इसलिए वो मुआवजे के रूप में उसे 5 हजार दिरहम यानी एक लाख से अधिक रुपए का भुगतान करे.

कुछ समय तक ही किया था काम
पीड़ित महिला ने अदालत में कहा कि नौकरानी ने उसके घर में कुछ समय तक काम किया. विदेशी महिला बिना किसी की जानकारी के अपने घर अंतरराष्ट्रीय कॉल करती थी. जिसका बिल 52 हजार 500 रुपए तक पहुंच गया था. उसने कंपनी के फोन बिल की कॉपी भी अदालत में पेश की. महिला ने कहा कि नौकरानी टेलीफोन बिल का भुगतान किए बिना भाग गई है.

अदालत ने सुनाया ये फैसला
पूरे मामले को समझने के बाद अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दूरसंचार कंपनी के दस्तावेजों के आधार पर इस बात की पुष्टि होती है कि घर के फोन से किए गए अंतरराष्ट्रीय कॉल की वजह से टेलीफोन बिल 52 हजार 500 रुपए तक पहुंच गया था. अदालत ने नौकरानी को बिल और महिला के कानूनी खर्चों का भुगतान करने का आदेश दिया है.

छत्तीसगढ़ में बढ़ीं आदिवासी बच्चों और महिलाओं की मौतें, सांसद नेताम ने गिनाए आंकड़े

रायपुर। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने बुधवार को राजधानी रायपुर के एकात्म परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में पिछले तीन साल में आदिवासी बच्चों की मौतों का आंकड़ा पेश करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवा चरमरा गई है।

नेताम ने कहा कि इस ओर मुख्यमंत्री का जरा सा भी ध्यान नहीं है। वे तो केवल अपनी कुर्सी को कैसे बचाएं, इसी में लगे रहते हैं। इतने खराब हालात छत्तीसगढ़ में आज तक नहीं देखा गया। नेताम ने बताया कि छत्तीसगढ़ में बीते 3 वर्ष में 25 हजार 164 आदिवासी बच्चों की मौत और 955 आदिवासी गर्भवती महिलाओं की मौत हुई है।

दरअसल आदिवासी महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों की मौत का यह मामला 8 फरवरी को राज्य सभा में उठा था। बीजेपी के आदिवासी नेता और छत्तीसगढ़ से राज्य सभा सांसद रामविचार नेताम ने छत्तीसगढ़ की जनजातीय महिलाओं और बच्चों की कुपोषण और अन्य बीमारियों के कारण हुई मृत्यु के मामलों की जानकारी मांगी थी।

इस सवाल के जबाव में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में बीते 3 साल में आदिवासी महिलाओं और बच्चों की मृत्यु दर में वृद्धि हुई है। आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य और आंशिक रूप से आदिवासी बाहुल्य जिलों में 25 हजार 164 बच्चों की मौत हुई है। वहीं 955 गर्भवती महिलाओं की भी मौत हुई है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को घेरते हुए नेताम ने कहा कि इस ओर मुख्यमंत्री का जरा सा भी ध्यान नहीं है। वे तो केवल अपनी कुर्सी को कैसे बचाएं, इसी में लगे रहते हैं। इतने खराब हालात छत्तीसगढ़ में आज तक नहीं देखा गया। आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

गिनाए राज्य सभा में सरकार के दिए जवाब के आंकड़े

नेताम ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि साल 2018 में 3, 290 बच्चों की मौत हुई है। 2018 – 19 में कुल 6448 मौतें हुईं। 2019-2020 में 7406 मौतें हुईं। उहोंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था प्रदेश सरकार का विषय है, लेकिन फिर भी भारत सरकार इसमें मदद कर रही है। उन्होंने ये भी कहा कि आदिवासी महिलाओं की भी सर्वाधिक मौत हो रही है।

नेताम ने कहा कि महिलाओं की सर्वाधिक मौतें राजनांदगांव जिले में हुई हैं। केंद्र सरकार हर साल हजारों करोड़ रुपये की रकम राज्य सरकार को देती है, फिर भी राज्य सरकार को इन आदिवासियों की चिंता नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार से ऐसे मृतकों को म़ुआवजा देने की भी मांग की।

राजस्व अमला पर FIR दर्ज करने की मांग… अधिवक्ता संघ ने पुलिस को सौपा ज्ञापन…

कोरबा। तहसील कार्यलय में तालाबंदी को अधिवक्ता संघ ने गंभीरता से लेते हुए राजस्व अमला पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। संघ के पदधिकारियों ने तहसील कार्यालय में पदस्थ अधिकारी व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए रामपुर पुलिस को ज्ञापन सौपा है।

बता दें कि रायगढ़ तहसील कार्यालय में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लिपिक व भृत्य के साथ कथित मारपीट के मामले में अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी पर अधिवक्ता संघ ने भी मोर्चा खोल दिया है। जिला अधिवक्ता संघ ने निंदा पुलिस के एकतरफा कार्यवाही पर निंदा प्रस्ताव पारित किया है। बिना किसी सूचना के 3 दिवसीय तालाबंदी से जनाक्रोश व्याप्त है। जनसामान्य को हो रही असुविधाओं को देखते हुए आज अधिवक्ता संघ ने रामपुर पुलिस चौकी में एक आवेदन देकर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने की बात को लेकर प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। अधिवक्ता संघ के अशोक तिवारी, गणेश कुलदीप, अनीश सक्सेना, ममता दास, चंद्रदीप शर्मा, राजकुमार अज्ञेय, संजय जायसवाल, सुधीर निगम, कमल श्रीवास्तव, मानसिंह यादव, सुरेश शर्मा,आर.बी.सोनी,रंजना दत्ता, रामकिशोर,प्रेमलता राठौर, ओ श्रीनिवास, राजेश्वरी राठौर, बसंती सौंधिया, सहित भारी संख्या में वकीलों ने रामपुर चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है।

 

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पुलिस ने अनोखे अंदाज में बप्पी लाहिड़ी को दी श्रद्धांजलि, पोस्ट इंटरनेट पर हुआ वायरल

न्यूज डेस्क। पॉपुलर सिंगर व म्यूजिशियन बप्पी लाहिरी (Bappi Lahiri) का बुधवार सुबह 69 वर्ष की आयु में मुंबई के क्रिटिकेयर अस्पताल (CritiCare Hospital) में निधन हो गया. वह कई स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए एक महीने से अस्पताल में थे. हाल ही में, संगीत की दिग्गज लता मंगेशकर (Lata Mangeskar) का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया था. उसके बाद अब एक और बुरी खबर आई है. इस खबर के तुरंत बाद, मशहूर हस्तियों और राजनेताओं सहित ट्विटर यूजर्स ने दुख प्रगट करते हुए ‘डिस्को किंग’ बप्पी लाहिड़ी के लिए अपनी संवेदना व्यक्त की.

मुंबई पुलिस ने बप्पी लाहिड़ी को दी श्रद्धांजलि
मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने भी बप्पी दा (Bappi Da) को श्रद्धांजलि देने के लिए ट्विटर का सहारा लिया. पोस्ट में उनके एक लोकप्रिय गाने के बोल हैं, जिसमें लिखा है, ‘यार बिना चैन कहां रे’. इसके साथ ही दो हैशटैग #KingOfHearts #MusicOfGold का यूज किया. पोस्ट में गौर करने वाली बात यह है कि ‘यार बिना चैन कहां रे’ में आने वाले चैन की जगह तस्वीर डाला हुआ है. सोने के आभूषणों के प्रति उनके प्रेम को प्रदर्शित किया गया है. तस्वीर को एक कैप्शन के साथ शेयर किया गया है. कैप्शन में लिखा गया, ‘बप्पी दा, प्यार कभी नहीं होगा’.

ट्रेंडिंग टॉपिक पर मुंबई पुलिस करती है ट्वीट
मुंबई पुलिस अपने ऐसे अनोखे अंदाज के लिए पहचानी जाती है, जब भी कोई ट्रेंड होता है तो ट्वीट करना नहीं भूलती. 27 नवंबर 1952 को आलोकेश लाहिड़ी (Alokesh Lahiri) के रूप में जन्मे, उन्हें उनके प्रशंसकों द्वारा प्यार से ‘बप्पी दा’ कहा जाता है. लाहिड़ी ने पहली बार एक बंगाली फिल्म ‘दादु’ के लिए संगीत तैयार किया और एक फिल्म ‘नन्हा शिकारी’ के साथ अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की.

भारतीय सिनेमा में डिस्को म्यूजिक का रहा बोल-बाला
80 के दशक में, उन्होंने भारतीय सिनेमा में डिस्को संगीत (Disco Music) को लोकप्रिय बनाया और डिस्को डांसर के लिए अपने चार्टबस्टर संगीत और ‘जिमी, जिमी, आजा, आजा…’ सॉन्ग के साथ ग्लोबल फेम प्राप्त किया. उन्होंने हिंदी और बंगाली फिल्मों जैसे ‘चलते चलते, डिस्को डांसर, अमर संगीत, आशा ओ भालोबाशा, अमर तुमी, अमर प्रेम, मंदिरा, बदनाम, रक्तलेखा, प्रिया’ आदि में बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलताएं दी हैं.

 

ओमिक्रोन से संभले थे कि समाने आ गया ये नया वैरिएंट, जानिए कितना है खतरनाक

न्यूज डेस्क। कोविड-19 महामारी फैले दो साल से ज्‍यादा हो चुके हैं। भारत में दूसरी लहर में डेल्‍टा प्रमुख स्‍ट्रेन था तो अब उसे पीछे छोड़कर ओमिक्रोन सबसे ज्‍यादा फैलने वाला स्‍ट्रेन बन गया है।

देशभर से जीनोम सीक्‍वेंसिंग के लिए भेजे गए 95% से ज्‍यादा सैंपल्‍स में ओमिक्रोन वेरिएंट मिला है। भारत में पिछले कुछ समय से कोरोना के मामले घट रहे हैं। अगर चार हफ्ते तक केसेज स्थिर रहते हैं तो माना जा सकता है कि यहां कोरोना ‘एंडेमिक’ स्‍टेज में पहुंच रहा है।

वहीं, वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगला कोविड वेरिएंट और खतरनाक साबित हो सकता है। WHO का कहना है कि अब और भी नए वैरिएंट आ सकते हैं जो ओमीक्रोन से भी ज्यादा तेजी से फैल सकते हैं।

इस चेतावनी के बीच ही यूके से नया वेरिएंट मिलने की खबर आई है। डेल्‍टा और ओमीक्रोन के कॉम्बिनेशन से बना ‘डेल्‍टाक्रोन’ वेरिएंट को पहले लैब एरर समझा गया था, मगर अब इसके मामले आने से टेंशन बढ़ गई है।

भारत में ओमिक्रोन ने डेल्‍टा को पीछे छोड़ा

जीनॉमिक्‍स पर बने कंसोर्टियम INSACOG के अनुसार, फरवरी के आखिरी हफ्ते के बाद लिए गए 95% से ज्‍यादा सैंपल्‍स की जीनोम सीक्‍वेंसिंग में ओमिक्रोन वेरिएंट मिला है। एक्‍सपर्ट्स ने कहा कि डेल्टा वेरिएंट जहां कई लहरों में फैला, वहीं ओमिक्रोन पूरे देश में एक साथ फैला। जनवरी में INSACOG ने कहा था कि भारत में ओमिक्रोन कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन स्‍टेज में पहुंच गया है।

नए वेरिएंट पर वैज्ञानिकों की चेतावनी

वैज्ञानिकों ने चेताया है कि अगला कोविड वेरिएंट ओमिक्रोन से भी खतरनाक हो सकता है। कई देशों में केसेज घटने पर पाबंदियां हटा ली गई हैं। इस बीच, एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के प्रफेसर मार्क वूलहाउस ने कहा है कि यह नहीं पता कि कोरोना वायरस का अगला वेरिएंट कहां से आएगा।

उन्‍होंने कहा, ‘ओमिक्रोन वेरिएंट डेल्‍टा से नहीं आया। यह वायरस के फैमिली ट्री के बिल्‍कुल अलग हिस्‍से से आया। और चूंकि हम यह नहीं जानते कि वायरस के फैमिली ट्री में से कहां से अगला वेरिएंट आएगा, हमें यह पता नहीं चल सकता कि यह कितना पैथोजेनिक (खतरनाक) होगा। यह कम पैथोजेनिक हो सकता है, मगर ज्‍यादा भी।’

वारविक यूनिवर्सिटी के प्रफेसर लॉरेंस यंग भी वूलहाउस की राय से इत्‍तेफाक रखते हैं। यंग ने कहा, ‘लोगों को लगता है कि वायरस अल्‍फा से बीटा फिर डेटा और तब ओमिक्रोन के रूप में इवॉल्‍व हुआ है। ऐसा नहीं है। यह कहना कि वायरस के वेरिएंट्स कमजोर होते जाएंगे, गलत है। नया वेरिएंट ज्‍यादा खतरनाक हो सकता है।’

डेल्‍टाक्रोन के यूके में मिले हैं केस

यूनाइटेड किंगडम में ओमिक्रोन और डेल्‍टा वेरिएंट्स के हाइब्रिड स्‍ट्रेन ‘डेल्‍टाक्रोन’ के केसेज मिले हैं। शुरू में समझा गया कि लैब टेस्‍ट में गड़बड़ी हुई है मगर इस नए स्‍ट्रेन की अब पुष्टि हो चुकी है। अभी तक यूके के अधिकारियों ने इसकी संक्रामकता और वैक्‍सीन पर असर को लेकर कुछ नहीं कहा है।