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सीजी क्राइम: यूट्यूब देख टीचर की बेटी ने की ठगी, मजदूर कार्ड बनवाने झांसा देकर लिए फिंगर प्रिंट, फिर खाते से निकाले लाखों रुपए

जांजगीर/रायगढ़। रायगढ़ जिले में चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में यूट्यूब देख ठगी का मामला सामने आया है। जहां स्कूल टीचर की बेटी ने पहले यूट्यूब से बॉयोमीट्रिक डिवाइस पर फिंगर प्रिंट लेना सीखा। फिर अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर लोगों को मजदूर कार्ड बनवाने का झांसा देकर अलग-अलग लोगों के खाते से करीब 3 लाख रुपए पार कर दिए और भाग निकले। इस मामले में जब शिकायत हुई तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

ऐसे लोगों को दिया झांसा

जानकारी के मुताबिक, गोवर्धनपुर के कियोस्क शाखा में कई लोग पैसे निकालने के लिए आते थे। इन्हीं में कई लोगों को मजदूर कार्ड बनवाने की जरूरत थी। इसी बात का फायदा उठाकर दिसंबर महीने में युवक-युवती ने उन्हें झांसे में लिया था।

दोनों ने मिलकर दावा किया हम आसानी से आपका मजदूर कार्ड बनवा देंगे। मगर उसके लिए आपको कुछ दस्तावेज देना होंगे। जैसे- आधार कार्ड, पासबुक। साथ ही आपको फिंगर प्रिंट भी देना होंगे। यह सुनकर लोग उनके झांसे में आ गए थे और उन्होंने अपने दस्तावेज के साथ फिंगर प्रिंट (बॉयोमीट्रिक मशीन पर) भी दे दिया था।

पैसे निकालने गए तो पता चला

जानकारी के अनुसार ठगी के शिकार हुए लोग जब अपने खाते में पैसा निकालने पहुंचे तो दोमनिका कुजूर के खाते से 20 हजार, रत्ना डनसेना के खाते से 1,19,300 रुपए और अंजली के खाते से 1,44,859 रुपए गायब हो चुके थे। तब जाकर इन्हें अहसास हुआ कि इनके साथ ठगी हुई है। इसके बाद इन्होंने मिलकर कुछ दिन पहले ही पुलिस से शिकायत की थी।

केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड से गिरफ्तार

शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी थी। पुलिस ने पीड़ितों से आरोपियों के बारे में पूछताछ की, उनकी पहचान जानी, फिर उनके ठिकानों में दबिश भी दी। लेकिन वो दोनों गायब हो चुके थे। इस बीच पुलिस को पता चला कि दोनों केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड के पास हैं। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर दबिश दी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

ग्लू और फेविकोल लगाकर लेते थे फिंगर प्रिंट

आरोपियों ने बताया कि उन्होंने लोगों से दस्तावेज और फिंगर प्रिंट बॉयोमीट्रिक डिवाइस पर ग्लू/फेवीकोल लगाकर फिंगर प्रिंट लेते थे। बाद में उस फिंगर प्रिंट को अपने अंगूठे पर लगाकर कियोस्क शाखा से पैसे निकाल लिया करते थे। अब पुलिस ने दोनों से एक लाख 66 हजार रुपए नकद बरामद किया है। साथ ही पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और मोबाइल जब्त किया गया है। पुलिस ने बताया कि दोनों के खिलाफ जांजगीर के डभरा थाने में भी इसी तरह से धोखाधड़ी करने की शिकायत दर्ज है। पुलिस और थानों से संपर्क कर जानकारी जुटा रही है।

इस राज्य ने किया लॉकडाउन का ऐलान, ऐन पहले लोगों ने खरीदी 210 करोड़ रुपये की शराब

न्यूज डेस्क। कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों के बीच राज्य सरकारें पाबंदियां लागू कर रही हैं. इसी कड़ी में तमिलनाडु सरकार (Tamil Nadu Govt) ने भी पिछले सप्ताह कुछ नई पाबंदियों का ऐलान किया. इनमें नाईट कर्फ्यू (Night Curfew) और रविवार को लॉकडाउन (Sunday Lockdown) शामिल है. इस फैसले का ऐलान होने के बाद शनिवार को लोगों ने शराब खरीदने (Liquor Sale) का रिकॉर्ड बना दिया. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के लोगों ने अकेले शनिवार को 210 करोड़ रुपये की शराब की खरीदारी कर डाली.

संडे लॉकडाउन के चलते लोगों ने किया स्टॉक

राज्य में शराब की बिक्री करने वाले सरकारी विभाग तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन (Tasmac) के अनुसार, रविवार के लॉकडाउन से ऐन पहले शनिवार को करीब 210 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई. आम तौर पर तमिलनाडु में शनिवार और रविवार को मिलाकर 300 करोड़ रुपये की शराब की औसत बिक्री होती है. रविवार को दुकानें बंद रहने के चलते इस बार लोगों ने शनिवार को ही स्टॉक जमा कर लिया.

इन तीन जिलों में बिकी 50 करोड़ से ज्यादा की शराब

कॉरपोरेशन ने बताया कि शनिवार को हुई रिकॉर्ड बिक्री में सिर्फ तीन जिलों कांचीपुरम, चेंगलपत्तु और तिरुवल्लुवर ने 25 फीसदी का योगदान दिया. तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन पांच जोन में बंटा हुआ है. ये पांच जोन चेन्नई, कोयम्बटूर, मदुरई, ट्रिची और सलेम हैं. Tasmac के पास राज्य में शराब की खुदरा बिक्री के साथ ही थोक आपूर्ति का भी अधिकार है.

राज्य सरकार ने लगाई ये पाबंदियां

राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (Tamil Nadu CM MK Stalin) ने कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण पिछले सप्ताह गुरुवार को पाबंदियों का ऐलान किया था. राज्य सरकार ने रात के 10 बजे से सुबह के 5 बजे तक नाईट कर्फ्यू लगाया है. इसके अलावा हर रविवार को कंप्लीट लॉकडाउन का भी ऐलान किया गया है. राज्य में 9वीं तक के स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं.

पत्नियों की अदला-बदली के लिए एलीट लोग चला रहे थे बड़ा रैकेट, 7 अरेस्ट

नई दिल्ली। देश के दक्षिण राज्य केरल ( Kerala ) के कोट्टायम से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। दरअसल यहां पुलिस ने पत्नियों की अदला बदली ( Wife Swapping ) के लिए चलाए जा रहे रैकेट को पकड़ा है। इस मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार भी किया है। पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक इस गिरफ्तार में वो शख्स भी शामिल है जिसकी पत्नी की शिकायत पर ये रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। फिलहाल इस मामले में सात लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि पत्नी की अदला-बदली का रैकेट चला रहे ग्रुप में 1000 सदस्य बताए जा रहे हैं।

महिला की शिकायत से मचा हड़कंप

कोट्टायम पुलिस के मुताबिक एक महिला की शिकायत के बात हड़कंप मच गया है। दरअसल महिला ने बताया कि इस तरह के एक ग्रुप में पत्नियों की अदल-बदली की जा रही है। महिलाओं को उनकी मर्जी के बगैर अन्य पुरुषों के पास भेजा जाता है।

इस महिला ने पुलिस से शिकायत में कहा कि उसे उसका पति अप्राकृतिक यौन संबंध के लिए बाध्य कर रहा था। पुलिस के मुताबिक महिला की शिकायत की जांच के दौरान इस गिरोह का पर्दाफाश किया गया।
ये है पूरा मामला

दरअसल केरल के कोट्टायम के पास ही कारुकाचल में पुलिस ने रेड मारी तो यहां से सात लोगों को पत्नियों की कथित अदला-बदली के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया । पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि इस महिला को उसके पति ने अन्य के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। जांच से पुलिस गिरोह तक पहुंची।

ऐप के जरिए संचालित हो रहा था ग्रुप

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पत्नी की अदला-बदली करने वाला गिरोह टेलीग्राम , मेसेंजर ऐप के जरिए इस ग्रुप को संचालित कर रहा था। इस ऐप से एक दूसरे से संपर्क बनाया जाता था। इस मामले में चांगनचेरी के डिप्टी एसपी, आर श्रीकुमार के मुताबिक, ‘पहले तो इस ग्रुप के सदस्य टेलीग्राम और मैसेंजर ग्रुप्स में शामिल होते फिर एक-दूसरे से मिलते थे।’

पुलिस ने बताया कि फिलहाल सात आरोपियों को कोट्टायम, अलप्पुझा और एर्नाकुलम से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का मानना है कि इस पूरे गिरोह में एलीट क्लास ( उच्च तबके ) लोग शामिल हैं। इस चैट ग्रुप में 1 हजार से ज्यादा सदस्य हैं, इसलिए इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस को अन्य आरोपियों की भी तलाश है।

लव ट्राएंगल में एक आशिक ने दूसरे को मारा चाक़ू, युवक की मौत

कोरबा। कोतवाली थाना क्षेत्र के एक युवक की चाक़ू मारकर हत्या कर दी गई. हत्या के पीछे की वजह प्रेम प्रसंग है। युवक को उसके ही एक दोस्त ने अपने एक साथी के साथ मिलकर चाकू से गोदकर मार दिया। हत्या के बाद उसके शव को झाड़ियों में छिपा दिया। सीसीटीवी और कॉल डीटेल की मदद से पुलिस हत्यारों तक पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि कोतवाली थाना अंतर्गत मोती सागर पारा निवासी 18 वर्षीय दीपेश शांडिल्य 8 जनवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा दीपेश के संबंध में तपदिश की जा रही थी। आज सुबह रेलवे साइडिंग के पास दीपेश की रक्तरंजित लाश मिलने की सुचना पर पुलिस मौके पर पहुंचकर युवक की हत्या को लेकर लोगो से पूछताछ शुरू की। कोतवाली के खबरीलालो को सक्रिय किए गया और साइबर सेल की भी मदद ली तो ज्ञात हुआ कि दीपेश के साथ अंतिम बार क्षेत्र के ही 2 लड़कों के साथ देखा गया था व कॉल लोकेशन भी ट्रेस हुआ। पुलिस ने सीतामढ़ी हटरी के पास के निवासी सनी ठाकुर और शनि मंदिर के पास के रहने वाले विजय यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ी पूछताछ में इन दोनों ने दीपेश की हत्या करना बताया। अब तक जो ज्ञात हुआ है उसके मुताबिक सनी ठाकुर और मृतक का विवाद प्रेम प्रसंग को लेकर था। एक ही लड़की को दोनों पसंद करते थे और दीपेश के द्वारा उससे बातचीत करने पर सनी को ऐतराज था। इसी बात को लेकर छात्र दीपेश को बातचीत करने के लिए सनी ठाकुर ने बुलाया था और बात करते-करते रेलवे साइडिंग की ओर चले गए। यहां विवाद बढ़ने पर अपने पास रखे चाकू से सनी और विजय ने मिलकर दीपेश को चाकू से गोद डाला। इसके बाद चाकू को नहर में फेंक कर घर चले गए थे। जिससे की किसी को शक न हो। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर दीपेश के शव को सोमवार को बरामद किया है। फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।

ब्रेकिंग: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह कोरोना पॉजिटिव, हुए होम क्वारंटाइन

नई दिल्ली। देश में कोरोना की तीसरी लहर एक बार फिर तबाही मचा रही है। यहां अलग अलग राज्यों से कई नए मरीजों की पुष्टि हो रही है। इसी बीच खबर आ रही है ​कि देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कोरोना की चपेट में आ गए हैं।

जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से 70 वर्षीय वरिष्ठ बीजेपी नेता ने खुद को होम क्वारंटाइन कर लिया है।सोमवार को रक्षा मंत्री ने ट्विटर के जरिए बताया, मैं आज कोरोना पॉजिटिव निकला हूं, होम क्वारंटाइन में हूं। हाल ही में मेरे संपर्क में आए लोग खुद को आइसोलेट कर लें और अपनी जांच करा लें।

बजट पूर्व मंत्रियों संग सीएम भूपेश बघेल की बैठक शुरु… इस बार इन मुद्दों पर होगा फोकस, पढ़ें पूरी खबर…

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा पेश होने बजट के लिए सीएम भूपेश बघेल ने मंत्रियों के साथ विभागवार बैठकें शुरु कर दी हैं। वर्ष 2021 में 97 हजार 106 करोड़ के बजट के बाद अब छत्तीसगढ़ का मुख्य बजट बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि 2022-23 के बजट में प्रदेश के हर एक नागरिक को कुछ न कुछ जरूर मिलेगा।

तीन दिनों तक चलने वाली बजट की तैयारी बैठक में पहले दिन खाद्य विभाग, पीएचई विभाग, महिला एवं बाल विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग के मंत्री अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों के अधिकारियों से पिछले बजट का हिसाब और अगामी बजट पर वितीय प्रावधान के लए मांगपत्र भी मांगे गए।

माना जा रहा है कि इस बार के बजट के प्रावधानों में खेतिहर मजदूरों के लिए न्याय योजना में बढ़ोत्तरी के असार है वहीं बस्तर संभाग के सभी सात जिलों के लिए बस्तर टाइगर्स नाम से पुलिस बल के गठन से बदलाव की कोशिश में तेजी लाई जाएगी इसके साथ समग्र विकास ई एजुकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर, गवर्नेस, हेल्थ, ट्रांसफार्मेशन जैसे विषय बजट में शामिल होंगे।

भूपेश सरकार ने आने वाले बजट में राज्य के किसानों और कमजोर वर्गों की समृद्धि, गांवों की आर्थिक प्रगति, शिक्षा की गुणवत्ता, चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के अवसर बनाने और अधोसंरचना को तेजी से विकसित करने की भावना के साथ लाने की तैयारी है।

सीजी ब्रेकिंग:  मंत्रालय महानदी भवन और इंद्रावती भवन में बाहरी लोगों का प्रवेश पर रोक

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोविड-19 के तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के नियंत्रण के तहत मंगलवार (11 जनवरी) से मंत्रालय महानदी भवन और विभागाध्यक्ष कार्यालय इंद्रावती भवन में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार को इस बाबत आदेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेशानुसार मंत्रालय और सभी विभागाध्यक्ष कार्यालयों में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के एक तिहाई कर्मचारियों को प्रतिदिन बुलाया जाएगा।

इसके लिए विभागों के रोस्टर के हिसाब से डियूटी लगायी जाएगी। कार्यालयों में अनुभाग अधिकारी और उनसे वरिष्ठ अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य रूप से रहेगी। सभी अधिकारी और कर्मचारी को फेस मास्क अनिवार्य रूप उपयोग करना होगा।

वैसे तो पैसा कमाने में टूट जाती है कमर, लेकिन ये जगह है ऐसी जहां कबूतर हैं करोड़पति

न्यूज डेस्क। इंसानों के नाम करोड़ों की प्रोपर्टी तो सुनी है लेकिन जानवरों और पक्षियों के नाम करोड़ों की संपत्ति कभी सुनी नहीं होगी. आज हम आपको करोड़पति कबूतरों के बारे में बताते हैं. करोड़पति कबूतर सुनने में भले ही अजीब लगता हो, लेकिन यह सच है. राजस्थान के नागौर जिले के जसनगर गांव में इन कबूतरों के नाम करोड़ों रुपए की संपत्ति हैं. इनमें दुकानें, कई बीघा जमीन और नकद रुपए भी हैं. कबूतरों के नाम 27 दुकानें, 126 बीघा जमीन और बैंक खाते में करीब 30 लाख रुपए नकद है. इतना ही नहीं, इन्हीं कबूतरों की 10 बीघा जमीन पर 470 गायों की गोशाला भी संचालित की जा रही है.

40 साल पहले की गई थी कबूतरान ट्रस्ट की स्थापना
40 साल पहले पूर्व सरपंच रामदीन चोटिया के निर्देशों और अपने गुरु मरुधर केसरी से प्रेरणा लेकर गांव के ग्रामीणों के सहयोग से अप्रवासी उद्योगपति स्वर्गीय सज्जनराज जैन व प्रभुसिंह राजपुरोहित द्वारा कबूतरान ट्रस्ट की स्थापना की गई. भामाशाहों ने कबूतरों के संरक्षण व नियमित दाने पानी की व्यवस्था के लिए ट्रस्ट के माध्यम से कस्बे में 27 दुकानें बनवाई और इन्हें इनके नाम कर दिया. अब इसी कमाई से ट्रस्ट पिछ्ले 30 सालों से रोजाना 3 बोरी अनाज दे रहा है.

ट्रारा द्वारा रोजाना की जाती है 3 बोरी धान की व्यवस्था
कबूतरान ट्रस्ट द्वारा रोजाना करीब चार हजार रुपए लागत से 3 बोरी धान की व्यवस्था की जाती है. ट्रस्ट द्वारा संचालित गोशाला में भी आवश्यकता पड़ने पर 470 गायों के चारे पानी की व्यवस्था की जाती है. दुकानों से किराया के रूप में करीब 80 हजार कुल मासिक आय है. करीब 126 बीघा कृषि भूमि की अचल संपत्ति है. कमाई से कबूतरों के संरक्षण में खर्च होने के बाद की बचत ग्राम के ही एक बैंक में जमा करा दी जाती है, जो आज 30 लाख रुपए के करीब है.

इस ट्रस्ट के लिए आज भी लोग देते हैं दिल खोलकर दान
ट्रस्ट के सचिव प्रभुसिंह राजपुरोहित ने बताया कि कस्बे में कई भामाशाह ने कबूतरों के संरक्षण के लिए दिल खोल कर दान दिया था. आज भी दान देते रहते हैं. उस दान के रुपयों का सही उपयोग हो और कभी कबूतरों के दाने पानी में कोई संकट न आए, इसके लिए ग्रामीणों व ट्रस्ट के लोगों ने मिलकर दुकानें बनाईं. आज इन दुकानों से करीब 9 लाख रुपए की सालाना आय होती है, जो कबूतरों के दाने पानी के लिए खर्च की जाती है.

पानी की टंकी से निकला धनकुबेर का ‘खजाना’, नोट सुखाने के लिए ऑफिसर ने लगाया धांसू जुगाड़

न्यूज डेस्क। शुक्रवार को आयकर विभाग (Income Tax) ने दमोह में शराब व्यवसायी शंकर राय और उनके परिवार के घर और संपत्तियों पर छापेमारी (IT Raid) कर 8 करोड़ रुपये नकद और 3 किलोग्राम सोना जब्त किया. दिलचस्प बात यह है कि नोट एक भूमिगत पानी की टंकी (Cash in Water Tank) में रखे बैग में छिपे हुए देखे गए. सोशल मीडिया (Social Media) पर एक वीडियो (Viral Video) सामने आया है जिसमें आईटी विभाग के अधिकारी लोहे और हेयर ड्रायर की मदद से नकदी सुखाते दिख रहे हैं.

पानी के कंटेनर से मिला 1 करोड़ रुपये की नकदी से भरा बैग
इनकम टैक्स रेड का नेतृत्व करने वाले जबलपुर में आयकर विभाग के ज्वाइंट कमीश्नर मुनमुन शर्मा ने कहा, ‘आयकर विभाग ने राय परिवार से 8 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं, जिसमें एक पानी के कंटेनर में 1 करोड़ रुपये की नकदी से भरा एक बैग भी शामिल है. इसके अलावा, तीन किलोग्राम सोना भी जब्त किया गया था.’ ऑपरेशन समाप्त होने के बाद संयुक्त आयुक्त मुनमुन शर्मा ने बताया, ‘फिजिकल छापेमारी समाप्त हो गई है और राय परिवार से जब्त दस्तावेजों के आधार पर जांच जारी रहेगी जो भोपाल में की जाएगी.’ उन्होंने कहा, ‘विभाग अब जब्त दस्तावेजों और अनाम संपत्तियों की जांच करेगा. इसलिए, हमें अंतिम आंकड़े की प्रतीक्षा करनी होगी.’

टैक्स अधिकारियों की 39 घंटे तक चली छापेमारी
गुरुवार सुबह छह बजे शुरू हुई छापेमारी 39 घंटे तक चली. टैक्स अधिकारियों ने शंकर राय के परिवार के दस से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की. व्यवसायी शंकर राय एक कांग्रेस नेता और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हैं, जबकि उनके भाई कमल राय एक भाजपा नेता हैं जो नगर पालिका के उपाध्यक्ष रह चुके हैं. मुनमुम शर्मा ने कहा, ‘शराब के कारोबार के अलावा, राय परिवार का परिवहन, होटल, बार और पेट्रोल पंप के साथ-साथ पैसे उधार देने का व्यवसाय भी है.’ हेयर ड्रायर से सुखाते नोटों का वीडियो इंटरनेट पर जमकर वायरल हो गया.

आम लोगो की समस्या से रूबरू होने अब होगा वर्चुअल जनदर्शन…SP ने जारी किया मोबाइल एवं व्हाट्सएप नंबर…

कोरबा। कोरबा के संवेदनशील पुलिस अधीक्षक ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अब आम लोगो की समस्या से रूबरू होने वर्चुअल जनदर्शन करने का निर्णय लिया है। जिससे की आम जन समस्याओं का समाधान किया जा सके।

बता दें कि सूबे के मुखिया भूपेश बघेल ने जनदर्शन के माध्यम से आम जनता की समस्याओं से रूबरू होने एवं उनका समाधान करने का निर्देश सभी जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों को दिया गया है । जिसके परिपालन में पुलिस अधीक्षक कोरबा भोजराम पटेल द्वारा प्रत्येक मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जनदर्शन लगाकर जनता की समस्याओं को सुनकर समाधान किया जा रहा था । किंतु वर्तमान में बढ़ते कोविड-19 संक्रमण के कारण जनदर्शन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है ।मुख्यमंत्री के मंशा अनुरूप आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक नया प्रयोग करते हुए भोजराम पटेल द्वारा वर्चुअल जनदर्शन की शुरआत की गई है पुलिस अधीक्षक ने मोबाइल एवम व्हाट्सएप नंबर 09479279973 जारी करते हुए कहा कि शिकायत कर्ता अपनी शिकायतों के सम्बंध में उक्त मोबाइल नम्बर पर काल कर एवम शिकायतों का सॉफ्ट कॉपी भेजकर समस्याएं बता सकते हैं ,सभी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा ।