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आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई: ट्रेन में अवैध वसूली करने वाले 12 किन्नर पकड़े गए

The Duniyadari: दुर्ग। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) दुर्ग ने सख्त कदम उठाते हुए बिलासपुर-चेन्नई एक्सप्रेस में अवैध वसूली कर रहे 12 किन्नरों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रविवार को यात्रियों की लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर की गई।

जानकारी के मुताबिक, ट्रेन जब रायपुर से दुर्ग की ओर आ रही थी, उसी दौरान कई यात्रियों ने शिकायत की कि कुछ किन्नर अलग-अलग डिब्बों में घूमकर जबरन पैसे मांग रहे हैं। पैसे देने से इनकार करने पर यात्रियों को परेशान किया जा रहा था और उनसे बहस की जा रही थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ की टीम ने ट्रेन के दुर्ग स्टेशन पहुंचते ही तत्काल कार्रवाई की। जांच के दौरान शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद सभी 12 आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।

आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पूछताछ के साथ-साथ उनके नेटवर्क और अन्य संलिप्त लोगों की भी जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ट्रेनों में किसी भी प्रकार की जबरन वसूली, डराने-धमकाने या अभद्र व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

आरपीएफ ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत सुरक्षा बल या रेलवे स्टाफ को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

इस कार्रवाई के बाद यात्रियों ने राहत महसूस की है और आरपीएफ की तत्परता की सराहना की है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सहज यात्रा का माहौल मिल सके।

रामनवमी को लेकर हाई लेवल बैठक, सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस

The Duniyadari: रायगढ़ में आगामी रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से मनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में शांति समिति की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समाज के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने बैठक में स्पष्ट कहा कि जिले में त्योहारों की पहचान आपसी भाईचारे और सौहार्द से रही है, जिसे हर हाल में बनाए रखना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि रामनवमी पर निकलने वाली शोभायात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए, खासकर नटवर स्कूल से रामलीला मैदान तक प्रस्तावित मार्ग पर विशेष सतर्कता रखी जाए।

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डीजे की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट तय की गई है, ताकि बिजली तारों से किसी प्रकार का खतरा न हो। इसके साथ ही सभी विभागों को जिम्मेदारी सौंपते हुए कलेक्टर ने बिजली, स्वास्थ्य, सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सभी जुलूस तय रूट और समय के अनुसार ही निकलेंगे। उन्होंने भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की तैनाती पर जोर दिया और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल, पेट्रोलिंग और कंट्रोल रूम से निगरानी की बात कही।

एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पारंपरिक रूप से जुलूस में धार्मिक मर्यादा के तहत सीमित रूप में अस्त्र-शस्त्र रखने की अनुमति रहेगी, लेकिन इसका दुरुपयोग या सार्वजनिक प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

सोशल मीडिया को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट साझा करने वालों पर साइबर टीम की नजर रहेगी और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में मौजूद समाज प्रमुखों और आयोजन समितियों ने भी अपने सुझाव रखे, जिन पर प्रशासन ने सकारात्मक सहयोग का भरोसा दिलाया। कुल मिलाकर, प्रशासन का लक्ष्य है कि रायगढ़ में रामनवमी का पर्व पूरी श्रद्धा, सुरक्षा और सौहार्द के साथ संपन्न हो।

दर्दनाक हादसा: पतंग उड़ाते समय छत से गिरा 7 साल का मासूम, मौत से गांव में मातम

The Duniyadari: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां एक मासूम की जिंदगी खेल-खेल में खत्म हो गई। बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम नेवारीकला में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाला 7 वर्षीय हर्ष कुमार साहू पतंग उड़ाते समय ऊंचाई से गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह हर्ष स्कूल जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन रास्ते में अपने दोस्तों के साथ पतंग उड़ाने लग गया। वह पास के एक मकान की दूसरी मंजिल की छत पर चढ़ गया। छत पर सुरक्षा के लिए बाउंड्री वाल नहीं थी, इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह करीब 30 फीट नीचे गिर पड़ा।

तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और परिजनों को सूचना दी। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

हर्ष अपने परिवार का इकलौता बेटा था और दो बहनों के बीच सबसे छोटा था। उसके पिता शहर में एक गैरेज में काम करते हैं और हादसे के वक्त ड्यूटी पर थे। बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां की हालत भी बिगड़ गई और वह बेहोश हो गईं, जबकि पूरे परिवार में कोहराम मच गया।

नवरात्रि के दौरान हुई इस घटना से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया है। हर कोई इस हादसे से स्तब्ध है और परिजनों को सांत्वना दे रहा है।

पुलिस ने मामले में पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया है। प्रारंभिक जांच में इसे लापरवाही का मामला माना जा रहा है। अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि छोटे बच्चों को छत या ऊंचाई वाले स्थानों पर अकेला न छोड़ें और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम जरूर करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

बांकीमोंगरा के जंगल साइड में बनेगा साहू समाज का भव्य भवन, माता कर्मा जयंती पर अध्यक्ष श्रीमती सोनी झा ने भूमिपूजन

The Duniyadari: बांकीमोंगरा: नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा क्षेत्र के जंगल साइड स्थित साहू सदन में भक्त माता कर्मा जयंती का पर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका परिषद की अध्यक्षा श्रीमती सोनी विकास झा सम्मिलित हुईं। उन्होंने समाज के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए क्षेत्र के साहू समाज के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए भव्य भवन का निर्माण कार्य भूमिपूजन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पालिका अध्यक्षा श्रीमती सोनी झा ने कहा कि किसी भी समाज की एकता और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए एक व्यवस्थित स्थान का होना अनिवार्य है। सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उन्होंने जंगल साइड में पिछले वर्ष साहू समाज के लिए भव्य भवन निर्माण कराने की घोषणा किया था । इस घोषणा के बाद समाज के लोगों में भारी उत्साह देखा गया और उन्होंने करतल ध्वनि से अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। वहीं 22 मार्च 2026 को भव्य भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

इस दौरान पालिका अध्यक्ष श्रीमती सोनी विकास झा, विकास झा व अन्य अतिथियों ने माता कर्मा की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना किया। पूजा अर्चना के पश्चात भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया, तत्पश्चात समाज के प्रमुखों द्वारा मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा अध्यक्ष श्रीमती सोनी विकास झा व विकास झा का पुष्प गुच्छ व महामाला से भव्य स्वागत किया गया।

श्रीमती झा ने अपने संबोधन में कहा माता कर्मा का जीवन भक्ति, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। उनके आदर्श न केवल साहू समाज के लिए, बल्कि संपूर्ण मानव जाति के लिए प्रेरणादायक हैं। समाज के विकास के लिए हमारी परिषद सदैव तत्पर है।

 

इस अवसर अतिथि के रुप शामिल भाजयुमो छत्तीसगढ़ पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष विकास झा ने कहा कि

आज का दिन केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि उस अटूट भक्ति और शक्ति को नमन करने का दिन है, जिसने भगवान श्री कृष्ण को भी प्रेम के वश में कर दिया था। माता कर्मा का जीवन हमें सिखाता है कि ईश्वर केवल आडंबरों से नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा और सरल भाव से प्राप्त किए जा सकते हैं। श्री झा ने कहा कि हम सब मिलकर माता कर्मा के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें, एक ऐसा समाज बनाएं जहाँ सेवा, समर्पण और समरसता हो। माता कर्मा का आशीर्वाद छत्तीसगढ़ की इस पावन धरा और हम सभी पर सदैव बना रहे।

 

इस अवसर पर साहू समाज के अध्यक्ष, स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाज के गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया।

बड़ा हादसा टला: शादी से लौट रही कार में लगी आग, 7 लोग बाल-बाल बचे

The Duniyadari: मुंगेली- छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। बारात से लौट रही एक XUV700 कार में अचानक आग लग गई, लेकिन गाड़ी में सवार दूल्हा-दुल्हन समेत सभी 7 लोगों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। यह घटना लालपुर थाना क्षेत्र के बंधवापुल के पास हुई।

जानकारी के मुताबिक, बेमेतरा जिले के खाती गांव से बारात मुंगेली के मोहतरा गांव आई थी, जहां रविवार रात शादी की रस्में पूरी हुईं। सोमवार सुबह विदाई के बाद दूल्हा-दुल्हन और अन्य लोग कार से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक वाहन से धुआं उठता नजर आया।

स्थिति को भांपते हुए चालक ने तुरंत गाड़ी रोक दी और जांच करने लगा। देखते ही देखते कार में आग तेजी से फैलने लगी और धुएं के कारण अंदर बैठे लोगों को कुछ दिखाई देना बंद हो गया। ऐसे में सभी यात्रियों ने हिम्मत और सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत गाड़ी से बाहर निकलकर खुद को सुरक्षित कर लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में कार पूरी तरह आग की चपेट में आ गई और जलकर खाक हो गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह नष्ट हो चुका था।

राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दर्दनाक हादसा: सैप्टिक टैंक में गिरने से तीन मजदूरों की मौत, ठेकेदार व अस्पताल प्रबंधन पर केस दर्ज

The Duniyadari: राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां सैप्टिक टैंक में गिरने से तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर खतरनाक कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मजदूर अस्पताल परिसर में सैप्टिक टैंक से जुड़े कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान वे अचानक टैंक में गिर गए। जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण तीनों की घटनास्थल पर ही जान चली गई।

सूचना मिलते ही टिकरापारा थाना पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और जांच शुरू कर दी है।

इस मामले में पहले ही ठेकेदार किशन सोनी के खिलाफ लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। अब पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एट्रोसिटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी हैं, जिससे केस और सख्त हो गया है। साथ ही अस्पताल प्रबंधन को भी जांच के दायरे में लिया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि मजदूरों को काम के दौरान जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं। इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड भी मंगवाए गए हैं।

प्रशासन ने मृतक मजदूरों के परिजनों को आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह हादसा बताता है कि सैप्टिक टैंक जैसे जोखिम भरे कार्यों में सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है। किसी भी प्रकार की लापरवाही न केवल जानलेवा साबित हो सकती है, बल्कि जिम्मेदार लोगों को कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ता है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।

दिनदहाड़े फायरिंग: रिटायर्ड फौजी ने युवक को मारी गोली, दो आरोपी गिरफ्तार

The Duniyadari: जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और गोली चल गई। घटना में एक युवक घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, पामगढ़ के विकास नगर निवासी शैलेंद्र साहू अपने साथियों के साथ हिमांशु किराना स्टोर के पास पहुंचा था, जहां वह कथित तौर पर गाली-गलौज कर रहा था। दुकान संचालक हिमांशु श्रीवास ने इसका विरोध किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई और विवाद बढ़ गया।

इसी दौरान स्थिति तनावपूर्ण होती देख हिमांशु का भाई गुलशन श्रीवास मौके पर पहुंचा। बताया जा रहा है कि गुलशन, जो आर्मी से रिटायर्ड हवलदार है, अपने साथ लाइसेंसी पिस्टल लेकर आया और गुस्से में आकर पंकज कश्यप पर फायर कर दिया। गोली पंकज के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया।

घायल युवक को उसके साथियों ने तुरंत पामगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मुख्य आरोपी गुलशन श्रीवास को हिरासत में ले लिया। साथ ही, उसके भाई हिमांशु श्रीवास को भी सहयोग के आरोप में पकड़ा गया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्टल जब्त कर ली है।

थाना प्रभारी सावन सारथी के मुताबिक, दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है।

मासूम पर कहर: सीमेंट प्लांट में सुरक्षाकर्मी की बेरहमी, वीडियो वायरल

The Duniyadari: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित एक सीमेंट प्लांट में नाबालिग बच्चे के साथ सुरक्षाकर्मी द्वारा की गई बेरहमी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सुरक्षाकर्मी बच्चे को जमीन पर पटक-पटक कर मारते हुए दिखाई दे रहा है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित बच्चे के बड़े भाई कार्तिक साहू ने बताया कि शनिवार शाम करीब 5 बजे उसका छोटा भाई प्लांट परिसर में आम खाने के लिए गया था। इसी दौरान वहां तैनात सुरक्षाकर्मी ने उस पर चोरी का शक जताया और पकड़ लिया। बिना किसी पुष्टि के सुरक्षाकर्मी ने बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।

घटना में घायल बच्चे को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई है और लगातार निगरानी में रखा गया है।

बताया जा रहा है कि घटना के बाद पीड़ित परिवार तुरंत शिकायत दर्ज नहीं करा सका, क्योंकि गांव के उपसरपंच द्वारा उन्हें धमकाया गया था। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद परिवार ने हिम्मत जुटाई और रविवार शाम थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। एडिशनल एसपी ने पुष्टि की है कि आरोपी सुरक्षाकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और वीडियो सहित अन्य सबूतों को खंगाला जा रहा है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह घटना न केवल एक बच्चे की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों की संवेदनशीलता पर भी गंभीर चिंता जताती है। दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

रायगढ़ में फिर पकड़ी गई अवैध अफीम खेती, एक हफ्ते में दूसरा खुलासा

The Duniyadari: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध अफीम की खेती का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लैलूंगा ब्लॉक के नवीन घट गांव में खेतों के भीतर अफीम के पौधे मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गांव के तीन अलग-अलग खेतों में अफीम उगाई जा रही थी। जानकारी के मुताबिक, साधुराम नागवंशी ने करीब 10 डिसमिल जमीन पर, जगतराम ने लगभग 2 डिसमिल और अभिमन्यु नाग ने करीब 15 डिसमिल जमीन में अफीम के पौधे लगाए थे।

इस खुलासे के बाद यह आशंका गहराने लगी है कि इलाके में अवैध अफीम खेती का संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

एक हफ्ते में दूसरी बड़ी कार्रवाई

रायगढ़ में यह एक सप्ताह के भीतर दूसरा मामला है, जो साफ इशारा करता है कि इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियां तेजी से फैल रही हैं। इससे पहले भी जिले सहित दुर्ग, बलरामपुर और बिलासपुर में अफीम की खेती पकड़ी जा चुकी है।

जांच तेज, पौधे होंगे जब्त

पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र की जांच करेगी और अवैध फसल को जब्त कर नष्ट किया जाएगा। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि इस खेती के पीछे कौन लोग जुड़े हैं और इसका नेटवर्क कितना बड़ा है।

प्रशासन सख्त, कार्रवाई तय

लगातार हो रहे खुलासों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खेती करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

राजनीति भी गर्माई

मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि अब तो ऐसा लग रहा है कि भाजपा को अपने चुनाव चिन्ह ‘कमल’ की जगह ‘अफीम का फूल’ कर लेना चाहिए। इस बयान के बाद सियासी माहौल और गरमा गया है।

कुल मिलाकर, रायगढ़ में बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामले यह संकेत दे रहे हैं कि अवैध अफीम खेती पर लगाम लगाने के लिए अब और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

अवैध पैक्ड पानी कारोबार पर कार्रवाई, बड़ी मात्रा में पाउच जब्त

The Duniyadari: गंडई क्षेत्र में सस्ते मुनाफे के लिए चल रहे अवैध पैक्ड पेयजल कारोबार पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। 22 मार्च 2026 को खैरागढ़ की टीम ने मेसर्स शिव जल इंडस्ट्रीज में अचानक निरीक्षण किया, जहां बड़ी अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान बिना बैच नंबर के करीब 80 बोरी पानी पाउच मिले, जिन्हें मौके पर ही सीज कर दिया गया। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 1,760 रुपये बताई गई है।

अधिकारियों के अनुसार, बरामद पाउच ‘सुहीनी’ ब्रांड के 250 मिलीलीटर पैक थे। गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल लेकर लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जांच टीम ने बताया कि पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर के लिए देश में स्पष्ट नियम तय हैं, जिनमें लाइसेंस, लेबलिंग और गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य है। इसके बावजूद क्षेत्र में कई छोटी इकाइयां नियमों की अनदेखी कर असुरक्षित पानी का उत्पादन कर रही हैं, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बिना जांच और मानकों के तैयार पानी में बैक्टीरिया और हानिकारक तत्व हो सकते हैं, जिससे पेट संबंधी संक्रमण, उल्टी-दस्त, टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को केवल प्रमाणित और लाइसेंस प्राप्त पैक्ड पानी ही इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि इस तरह की जांच आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने भी इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे निरीक्षण से बाजार में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।