The Duniyadari: कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर भाजपा जहां सेवा और समर्पण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित कर रही है, वहीं पूर्व राजस्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल ने सरकार के कामकाज और चुनावी वादों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कोरबा में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि किसी सरकार की उपलब्धियों का आकलन केवल आयोजनों और प्रचार के आधार पर नहीं, बल्कि जनता को मिले वास्तविक लाभ से किया जाना चाहिए।
जयसिंह अग्रवाल ने प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में कहा कि यदि इसे उपलब्धियों के रूप में सामने रखा जा रहा है, तो इन वर्षों के कार्यों का विस्तृत हिसाब भी जनता के सामने होना चाहिए। उन्होंने रोजगार, महंगाई और किसानों की आय जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार से उपलब्धियों के ठोस आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की।
रोजगार और किसानों की आय पर मांगा जवाब
पूर्व मंत्री ने युवाओं को रोजगार देने के वादों का उल्लेख करते हुए पूछा कि रोजगार के क्षेत्र में सरकार ने अब तक कितना लक्ष्य हासिल किया है। उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने से जुड़े दावों पर भी सवाल उठाते हुए वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की बात कही। इसके अलावा नोटबंदी और जीएसटी के फैसलों से देश को हुए लाभ को लेकर भी उन्होंने सरकार से जवाब मांगा।
छत्तीसगढ़ में चुनावी गारंटियों का भी उठाया मुद्दा
जयसिंह अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा किए गए वादों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने सालाना दो लाख सरकारी रोजगार, 500 रुपये में घरेलू गैस सिलिंडर और 100 दिनों के भीतर अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने जैसी घोषणाओं की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि जनता अब केवल घोषणाएं सुनने के बजाय यह जानना चाहती है कि चुनाव के दौरान किए गए वादों में से कितने पूरे हुए और कितने अभी लंबित हैं। कांग्रेस शासन के दौरान 400 यूनिट तक आधे बिजली बिल की योजना, गोठान और गौसेवा से संबंधित योजनाओं को लेकर भी उन्होंने मौजूदा सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
15 लाख से स्मार्ट सिटी तक, पुराने दावों पर भी सवाल
पत्रकार वार्ता में उन्होंने 15 लाख रुपये से जुड़े चुनावी दावे, देश में 100 स्मार्ट सिटी विकसित करने की योजना और वर्ष 2022 तक हर बेघर परिवार को आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं और घोषणाओं की वर्तमान स्थिति जनता के सामने रखी जानी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने सरकारी संपत्तियों के विनिवेश से जुड़े फैसलों और उससे प्राप्त राशि का भी सार्वजनिक हिसाब देने की मांग की।
मणिपुर हिंसा और मीडिया की स्वतंत्रता का मुद्दा उठा
जयसिंह अग्रवाल ने मणिपुर में हुई हिंसा और उससे प्रभावित लोगों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। पत्रकारिता और मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर भी उन्होंने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना और उसकी आलोचना करना नागरिक अधिकारों का हिस्सा है।
पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों से नहीं है। उनका कहना है कि यदि प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को सेवा और उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, तो उसी अवधि में किए गए कार्यों और जनता से किए गए वादों का रिपोर्ट कार्ड भी सामने आना चाहिए।



















