The Duniyadari: बिलासपुर के नेहरू नगर स्थित अर्चना विहार कॉलोनी में सोमवार को हुए एक जोरदार सिलेंडर विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि अंकुर कुमार चौबे के मकान की दीवारें, दरवाजे और खिड़कियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। घर के अंदर रखा लगभग 18 से 20 लाख रुपये का सामान, जिसमें टीवी, फ्रिज और शादी का नया घरेलू सामान शामिल था, पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया।
घटना के तुरंत बाद मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने बिना देर किए बचाव कार्य शुरू किया, जबकि सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और हालात को संभालते हुए क्षेत्र को सुरक्षित किया। गनीमत रही कि इस भयावह हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि मकान का एक हिस्सा मानो बिखर गया। बताया जा रहा है कि कमरे में रखी एक भारी अलमारी ने विस्फोट की दिशा को रोकने में अहम भूमिका निभाई, जिससे पास के कमरे में मौजूद परिवार के सदस्य सुरक्षित बाहर निकल सके। यदि ऐसा नहीं होता, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।
धमाके के बाद पूरे इलाके में धुआं और मलबा फैल गया, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस के मुताबिक, घर के सभी इलेक्ट्रॉनिक और घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं और कुल नुकसान करीब 20 लाख रुपये आंका गया है।
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू गैस उपकरणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गैस सिलेंडर और अन्य उपकरणों की समय-समय पर जांच बेहद जरूरी है, क्योंकि हाल के महीनों में इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं। पुलिस फिलहाल हादसे के कारणों की जांच कर रही है और मकान मालिक से पूछताछ जारी है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।













