Thursday, April 23, 2026
Home Breaking 13 साल बाद माओवादी संगठन छोड़ घर लौटी उर्मिला, जिला मुख्यालय में...

13 साल बाद माओवादी संगठन छोड़ घर लौटी उर्मिला, जिला मुख्यालय में किया सरेंडर

15

The Duniyadari: राजनांदगांव जिले में लंबे समय से सक्रिय माओवादी गतिविधियों को एक बड़ा झटका लगा है।

बस्तर क्षेत्र की रावघाट एरिया कमेटी से जुड़ी महिला माओवादी उर्मिला उर्फ टेटकी (28) ने आखिरकार हथियारों का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

बुधवार शाम वह खुद जिला मुख्यालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची, जहां उसने आत्मसमर्पण की इच्छा जताई। गुरुवार को अधिकारियों की मौजूदगी में उसका औपचारिक सरेंडर कराया जाएगा।

मानपुर ब्लॉक के मुंजाल गांव की रहने वाली उर्मिला बीते 13 वर्षों से माओवादी संगठन के साथ जुड़ी हुई थी। किशोरावस्था में ही उसे संगठन में शामिल कर लिया गया था।

उसने बताया कि 15 साल की उम्र में डीवीसीएम जंगू उसे अपने साथ बस्तर के अंदरूनी इलाके कोयलीबेड़ा ले गया, जहां से उसकी माओवादी जिंदगी की शुरुआत हुई।

उर्मिला ने हाल के घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले उसकी मुलाकात डीवीसीएम चंदर और एसीएम रुपी से कांकेर के जंगलों में हुई थी।

इसके कुछ समय बाद हुई मुठभेड़ में रुपी मारी गई, जबकि चंदर अब भी अपने साथियों के साथ सक्रिय बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि उर्मिला बिना हथियार के ही जंगल के रास्तों से होते हुए बस्तर से निकली और कई दिनों की पैदल यात्रा कर मानपुर क्षेत्र पहुंची। वह अपने गृह जिले में ही आत्मसमर्पण करना चाहती थी, जो आखिरकार संभव हो सका।

पुलिस के अनुसार, उर्मिला को जिले का अंतिम सक्रिय माओवादी कैडर माना जा रहा है। उसके आत्मसमर्पण को क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब प्रशासन की पुनर्वास नीति के तहत उसे मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई