Tuesday, June 2, 2026
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किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास

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The Duniyadari: कोरबा 02 जून 2026/

किसानों को उनकी खेती और अन्य आवश्यकताओं के लिए लचीली और सरल प्रक्रियाओं के साथ एकल खिड़की के तहत बैंकिंग प्रणाली से पर्याप्त और समय पर कृषि ऋण सहायता प्रदान करने, फसलों की खेती के लिए अल्पकालिक ऋण आवश्यकताओं को पूरा करने, फसल कटाई के बाद के खर्च हेतु, विपणन ऋण हेतु, किसान परिवार की उपभोग आवश्यकताएँ, कृषि परिसंपत्तियों और कृषि से संबंधित गतिविधियों के रखरखाव के लिए कार्यशील पूंजी, कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए निवेश ऋण की आवश्यकता को पूर्ण करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड योजना का शुभारंभ वर्ष 1998 में किया गया।

छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी नीतियों के तहत कोरबा जिले में किसानों को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना का सुचारू संचालन किया जा रहा है। कोरबा जिले में 60 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का एक मजबूत नेटवर्क कार्यरत है। इन समितियों के माध्यम से जिले के 55 हजार 841 किसान क्रेडिट कार्ड धारक सीधे जुड़े हुए हैं। समितियों द्वारा किसानों को खरीफ और रबी फसलों के लिए खाद, उन्नत बीज और नगद ऋण का वितरण बिना किसी ब्याज के समय पर सुनिश्चित किया जा रहा है। जिले के पंजीकृत किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। अब किसान क्रेडिट कार्ड का दायरा केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं है। शासन के निर्देशानुसार कोरबा जिले में इसका विस्तार अन्य कृषि-संबद्ध क्षेत्रों यथा पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी में भी किया गया है। डेयरी व्यवसाय, बकरी पालन और कुक्कुट पालन के लिए पशुपालकों को कार्यशील पूंजी हेतु केसीसी की सुविधा दी जा रही है। मछली पालकों को तालाब पट्टा, जाल, चारा और नाव जैसी तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। फल, सब्जी और मसालों की खेती करने वाले जिले के उद्यानिकी किसानों को भी इस योजना के तहत कवर किया जा रहा है।

*के.सी.सी. का लाभ*

किसान क्रेडिट कार्ड (के.सी.सी.) के तहत ऋण सीमा खेती के क्षेत्रफल, फसल की लागत और किसान की आवश्यकताओं के आधार पर तय की जाती है। पहले वर्ष की सीमा में फसल खर्च के साथ घरेलू जरूरतों, रखरखाव और बीमा के लिए अतिरिक्त राशि शामिल होती है।दूसरे से पाँचवें वर्ष तक लागत बढ़ने की संभावना को देखते हुए हर वर्ष लगभग 10 प्रतिशत अतिरिक्त सीमा जोड़ी जाती है। भूमि विकास, सिंचाई, कृषि उपकरण और अन्य कृषि गतिविधियों के लिए अलग से सावधि (टर्म) ऋण दिया जा सकता है। कुल के.सी.सी. सीमा में अल्पकालिक फसल ऋण और दीर्घकालिक निवेश ऋण दोनों शामिल होते हैं। बैंक किसान की पुनर्भुगतान क्षमता के अनुसार ऋण सीमा तय करता है और आवश्यकता होने पर अतिरिक्त जमानत भी मांग सकता है।

*पात्रता-*

किसान क्रेडिट कार्ड हेतु व्यक्तिगत/संयुक्त उधारकर्ता जो मालिक कृषक हैं, किरायेदार किसान, मौखिक पट्टेदार और फसल साझा करने वाले, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) या किसानों के संयुक्त देयता समूह (जेएलजी) जिनमें किरायेदार किसान, साझा फसल आदि कृषक पात्र ता की श्रेणी में शामिल हैं।

*आवेदन की प्रक्रिया -*

पात्र कृषक अपने नजदीकी बैंक शाखा अथवा सहकारी समितियों में जाकर आवश्यक दस्तावेजों सहित के.सी.सी. प्रपत्र भरकर आवेदन कर सकते है। आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज़ जैसे पासपोर्ट आकार की दो फोटो, पहचान पत्र जैसे ड्राइविंग लाइसेंस/आधार कार्ड/मतदाता पहचान पत्र/पासपोर्ट, पते का प्रमाण जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, राजस्व अधिकारियों द्वारा विधिवत प्रमाणित भूमि स्वामित्व का प्रमाण, रकबे के साथ फसल पैटर्न (उगाई गई फसलें), 60 लाख/3 लाख रुपये से अधिक की ऋण सीमा के लिए प्रतिभूति दस्तावेज, जैसा भी लागू हो, मंजूरी के अनुसार कोई अन्य दस्तावेज जमा करना पडे़गा।

*किसानों से अपीलः-*

कृषि विभाग के उप संचालक श्री डी.पी.एस. कंवर ने जिलें के सभी पात्र किसानों से अपील की है कि राज्य शासन के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर की मंशानुरूप जिले के सभी शेष कृषक, पशुपालकों और मछली पालकों से अपील है कि वे अपने नजदीकी सहकारी समिति या बैंक शाखा में संपर्क कर अपना किसान क्रेडिट कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाएं और शासन की शून्य प्रतिशत ब्याज ऋण योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।ताकि किसानों को उनकी खेती और अन्य आवश्यकताओं के लिए सुगम कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा सके।

*खरीफ 2026 में ऋण वितरण की प्रगति-*

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, बिलासपुर नोडल क्षेत्र जिला-कोरबा (छ.ग.) से प्राप्त जानकारी अनुसार खरीफ वर्ष 2026 अंतर्गत जिलें में अब तक 5312 पंजीकृत कृषक सदस्यों को नगद राशि रूपये 2863.91 लाख, खाद राशि रूपये 7.66 लाख, इस प्रकार कुल राशि रूपये 2871.57 लाख का ऋण वितरण किया जा चुका है। जिसमें 354 नवीन कृषकों को कुल राशि रू. 213.61 लाख का ऋण वितरण शामिल है।