Wednesday, July 8, 2026
Home Breaking CIMS की अव्यवस्थाओं पर हाईकोर्ट सख्त, AI से तैयार शपथ पत्र पर...

CIMS की अव्यवस्थाओं पर हाईकोर्ट सख्त, AI से तैयार शपथ पत्र पर जताई नाराजगी

9

The Duniyadari: Bilaspur- छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) की स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्र पर टिप्पणी करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने कहा कि दस्तावेज में कई बातें अनावश्यक रूप से दोहराई गई हैं, जिससे यह संदेह पैदा होता है कि इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से तैयार किया गया है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट कहा कि केवल व्यवस्थित और आकर्षक दस्तावेज पेश करने से अस्पताल की वास्तविक स्थिति नहीं बदल जाती। यदि स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह संतोषजनक होतीं, तो मामला न्यायालय तक पहुंचने की नौबत ही नहीं आती। कोर्ट ने सरकार से वास्तविक हालात सामने रखने और तथ्यों को पारदर्शी तरीके से प्रस्तुत करने की अपेक्षा जताई।

अदालत ने यह भी कहा कि जरूरतमंद मरीजों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और यही सबसे बड़ी सेवा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट कमिश्नरों की निरीक्षण रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया, जिसमें अस्पताल भवन में पानी रिसने, कई हिस्सों में जलभराव और लंबे समय से फायर फाइटिंग सिस्टम के बंद रहने जैसी गंभीर कमियों की ओर ध्यान दिलाया गया।

सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि फायर फाइटिंग सिस्टम की मरम्मत के लिए 15 जून 2026 को कार्यादेश जारी किया जा चुका है और सुधार कार्य जारी है। हालांकि, हाईकोर्ट ने संकेत दिए कि केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, बल्कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में जमीनी स्तर पर सुधार दिखाई देना चाहिए।