The Duniyadari: KORBA- सरकारी दफ्तरों में सख्त फैसले और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए पहचाने जाने वाले कलेक्टर और एसपी का एक अलग अंदाज कोरबा में देखने को मिला। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश नाग के विदाई समारोह में कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने माइक संभाला और अपनी आवाज में मशहूर विदाई गीत पेश किया।
दोनों अधिकारियों ने “चलते-चलते मेरे ये गीत याद रखना, कभी अलविदा न कहना…” गीत गाकर समारोह के माहौल को भावुक कर दिया। विदाई के मौके से जुड़े गीत के बोल और अधिकारियों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। गीत पूरा होते ही सभागार तालियों से गूंज उठा।
प्रशासनिक भूमिका से अलग दिखा सहज अंदाज
अधिकतर समय बैठकों, निरीक्षणों और प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहने वाले कलेक्टर और एसपी का यह अनौपचारिक अंदाज वहां मौजूद लोगों के लिए खास रहा। मंच पर दोनों अधिकारियों ने पद की औपचारिकता से हटकर सहकर्मी की विदाई में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
गीत बना विदाई की भावनाओं का जरिया
कार्यक्रम में गाए गए गीत ने विदाई के माहौल को और गहरा कर दिया। साथ काम करने के दौरान बने रिश्तों, साझा अनुभवों और आने-जाने की यादों की झलक इस प्रस्तुति में महसूस हुई। समारोह में मौजूद लोगों के लिए यह सिर्फ सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक सहकर्मी के प्रति अपनापन जताने का भावपूर्ण तरीका बन गया।
कलेक्टर और एसपी की इस प्रस्तुति ने यह भी दिखाया कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच अधिकारी अपने सहकर्मियों के साथ व्यक्तिगत और भावनात्मक जुड़ाव को भी महत्व देते हैं। दिनेश नाग की विदाई का यह कार्यक्रम इसी वजह से लंबे समय तक याद किए जाने वाला बन गया।














