Tuesday, August 18, 2026
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रायपुर में 16 साल बाद नई टाउनशिप की शुरुआत, पिरदा-तुलसी की 355 एकड़ जमीन पर बनेगा नया शहर

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The Duniyadari: पिरदा-तुलसी में 355 एकड़ में नई टाउनशिप, 879 भू-स्वामियों से मांगे दावे-आपत्तियां

रायपुर। राजधानी में सुनियोजित विकास को लेकर रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने एक नई बड़ी टाउनशिप परियोजना की दिशा में कदम बढ़ाया है। नवा रायपुर के समीप पिरदा और ग्राम तुलसी की लगभग 355 एकड़ भूमि को मिलाकर प्रस्तावित इस परियोजना के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। योजना के तहत प्रभावित 879 भू-स्वामियों से दावे और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।

कौशल्या विहार के बाद आरडीए की बड़ी पहल

करीब 16 साल बाद आरडीए एक बड़े टाउनशिप प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ रहा है। पिरदा-तुलसी योजना को कौशल्या विहार के बाद प्राधिकरण की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नई योजना बनाते समय पिछली परियोजना के अनुभवों और सामने आई चुनौतियों को ध्यान में रखा गया है।

प्रस्तावित विकास के बाद भू-स्वामियों को उनकी भूमि के हिस्से के अनुपात में 40 प्रतिशत विकसित भूमि वापस दिए जाने का प्रावधान रखा गया है। आरडीए की कोशिश है कि योजना से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया दिसंबर तक पूरी कर ली जाए।

पिछली योजना से मिले अनुभवों पर फोकस

कौशल्या विहार परियोजना के दौरान आरडीए को वित्तीय और क्रियान्वयन से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। परियोजना के कारण प्राधिकरण पर भारी वित्तीय दबाव आया और करीब 400 करोड़ रुपये तक कर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, अब आरडीए इस वित्तीय स्थिति से बाहर निकल चुका है।

नई परियोजना में भूमि विकास, आधारभूत ढांचे के निर्माण और भू-स्वामियों को विकसित भूमि लौटाने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित रखने पर जोर दिया जा रहा है।

सड़क, पानी और सीवरेज समेत कई सुविधाएं

टाउनशिप में आधुनिक शहरी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित क्षेत्र में सड़क, नाली, जलापूर्ति, सीवरेज, बिजली व्यवस्था और पार्क जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अलग-अलग क्षेत्रों का नियोजन किया जाएगा।

परियोजना में निजी निवेश की संभावनाओं को भी शामिल किया गया है, जिससे क्षेत्र के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

दावे-आपत्तियों के बाद बढ़ेगी प्रक्रिया

अधिसूचना जारी होने के बाद अब 879 भू-स्वामियों के दावे और आपत्तियां लिए जाएंगे। इनका निराकरण होने के बाद भूमि नियोजन और विकास से संबंधित अगली प्रक्रिया शुरू होगी। आरडीए का प्रयास है कि पिछली परियोजना से मिली सीख के आधार पर पिरदा-तुलसी टाउनशिप को बेहतर नियोजन और मजबूत अधोसंरचना के साथ विकसित किया जाए।