The Duniyadari: 12 नवंबर तक जांच एजेंसी की हिरासत में रहेगा आरोपी, अदालत में गिरफ्तारी को लेकर बचाव पक्ष ने उठाए सवाल; मामले पर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज
रायपुर, 4 नवंबर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े चर्चित मामले में सौरभ चंद्राकर की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। रायपुर पहुंचने के बाद उसे अदालत के सामने पेश किया गया, जहां लंबी सुनवाई के बाद CBI को आठ दिनों तक पूछताछ करने की अनुमति मिल गई। अब जांच एजेंसी 12 नवंबर तक आरोपी से मामले से जुड़े पहलुओं पर जानकारी जुटाएगी।
अदालती कार्यवाही के दौरान बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। आरोपी के वकील ने दलील दी कि गिरफ्तारी से संबंधित आवश्यक कागजात उपलब्ध नहीं कराए गए और जांच एजेंसी की कार्रवाई में कई सवाल खड़े होते हैं। बचाव पक्ष ने PMLA के तहत ED की ओर से की गई कार्रवाई का भी हवाला दिया। हालांकि, दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद अदालत ने CBI की रिमांड अर्जी स्वीकार कर ली।
दिल्ली में हो सकती है पूछताछ, ED ने भी दिखाई दिलचस्पी
अदालत से अनुमति मिलने के बाद CBI सौरभ चंद्राकर को दिल्ली ले जाकर पूछताछ कर सकती है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए निगरानी के बीच पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी आरोपी से पूछताछ के लिए उसकी हिरासत मांगी है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों केंद्रीय एजेंसियों की जांच अहम मानी जा रही है।
सरकार ने गिरफ्तारी को बताया जांच में अहम पड़ाव
सौरभ की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि पूछताछ के दौरान ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने भी स्पष्ट किया कि इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
कांग्रेस ने भाजपा को घेरा, PMO से संबंध होने का लगाया आरोप
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए महादेव ऐप के संचालन और उससे जुड़े लोगों को लेकर कई दावे किए। उन्होंने शुभम सोनी को ऐप का मालिक बताते हुए कहा कि सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल उसके अधीन काम करते थे। बैज ने इस पूरे प्रकरण में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका होने का आरोप भी लगाया। हालांकि, उनके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
CBI की जांच पर कांग्रेस ने खड़े किए सवाल
दीपक बैज ने जांच एजेंसी से पूछा कि क्या इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारियों से भी पूछताछ की जाएगी? उन्होंने विकास गर्ग और प्रदीप मिश्रा के नाम लेते हुए सवाल किया कि क्या इन लोगों को सौरभ चंद्राकर के सामने बैठाकर पूछताछ होगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पिछली सरकार के कार्यकाल में इस मामले को लेकर 72 एफआईआर दर्ज कराने और 500 से अधिक स्थानों पर छापेमारी होने का दावा किया। साथ ही उन्होंने मौजूदा सरकार से पिछले तीन वर्षों में हुई कार्रवाई का हिसाब भी मांगा। फिलहाल, आठ दिनों की CBI रिमांड के दौरान सौरभ चंद्राकर से होने वाली पूछताछ पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।















