The Duniyadari: कोरबा। हरदीबाजार थाना क्षेत्र के भारतमाला मार्ग पर शनिवार को तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि बोलेरो न्यूओ कार डिवाइडर से टकराने के बाद पलटकर सड़क के बीच जा गिरी। हादसे में वाहन सवार कोरबा के एक व्यापारी घायल हो गए, जबकि चालक की जान बच गई।
मिली जानकारी के अनुसार महिंद्रा बोलेरो न्यूओ (क्रमांक CG 12 BJ 8333) में कोरबा के सीतामणी मुख्य मार्ग निवासी गौरव अग्रवाल सवार थे। वे बिलासपुर से कोरबा लौट रहे थे और वाहन स्वयं चला रहे थे। इसी दौरान रास्ते में झपकी आने से वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया और डिवाइडर से टकराकर पलट गया।
दुर्घटना में घायल गौरव अग्रवाल को तत्काल पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही हरदीबाजार थाने में पदस्थ एएसआई कृपा शंकर दुबे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का जायजा लिया और घायल की स्थिति की जानकारी ली। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
The Duniyadari: कोरबा, 07 मार्च। जिले के दूरस्थ आदिवासी बहुल ग्राम नकिया में शनिवार को उस समय अलग ही दृश्य देखने को मिला, जब कलेक्टर कुनाल दुदावत अचानक गांव पहुंच गए। आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। कलेक्टर के इस सहज अंदाज से ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बातें रखीं।
ग्रामीणों ने राशन, सड़क, बिजली, स्कूल, आंगनबाड़ी, बाजार शेड और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी मांगें रखीं। कलेक्टर ने सभी समस्याओं का परीक्षण कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
दौरे के दौरान कलेक्टर ने कोरबा विकासखंड के सुदूरवर्ती ग्राम लेमरू, नकिया और श्यांग का निरीक्षण कर विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। पीवीटीजी परिवारों के बीच चौपाल लगाकर उन्होंने योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, इसकी जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
कुछ महिलाओं ने महतारी वंदन योजना की राशि खाते में नहीं आने की शिकायत की। इस पर कलेक्टर ने बैंक अधिकारियों को सोमवार को गांव में शिविर लगाकर जांच करने और समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने बाजार शेड निर्माण, कोतरा डांड तक सड़क, खराखेत पारा में स्कूल भवन और आंगनबाड़ी, गांवों में विद्युतीकरण तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए आवास स्वीकृत करने की मांग रखी। कलेक्टर ने कहा कि जिन परिवारों का सर्वे नहीं हुआ है वे आवेदन दें, नया लक्ष्य मिलते ही आवास निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
कलेक्टर ने लेमरू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर वहां लैब टेक्नीशियन की व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता और आपातकालीन उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव और हाई-रिस्क मामलों की नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान देने को कहा।
इसके अलावा चिर्रा-श्यांग सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने ठेकेदार को जून तक सड़क निर्माण पूरा करने और काम की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।
ग्राम नकिया में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत समय पर घर निर्माण पूरा करने वाले पहाड़ी कोरवा समुदाय के हितग्राही वीरूराम और शाम कुंवर को कलेक्टर ने सम्मानित भी किया।
दौरे के दौरान जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, सहायक कलेक्टर क्षितिज कुमार गुरबले, एसडीएम सरोज महिलांगे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
The Duniyadari: रायपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम में प्रदेशभर से आई स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं मेहनत, आत्मविश्वास और नवाचार के दम पर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं और राज्य सरकार उनके सशक्तिकरण के लिए लगातार पहल कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। पहले जहां महिलाएं सीमित दायरे में रहती थीं, वहीं अब स्व-सहायता समूहों के माध्यम से वे आर्थिक गतिविधियों से जुड़कर परिवार और गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर हर गांव में अधिक से अधिक लखपति दीदियां तैयार करना है।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश में 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से करीब 8 लाख महिलाएं यह उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं। आगे इस संख्या को 10 लाख से भी अधिक तक पहुंचाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण परिवारों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर चुकी है, जिनके निर्माण में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं भी भागीदारी निभा रही हैं। वहीं महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई महतारी वंदन योजना के तहत अब तक लगभग 70 लाख महिलाओं को 24 किश्तों में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है। चालू बजट में इसके लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना से लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं। अब उन्हें व्यापारिक केंद्रों और धार्मिक स्थलों के भ्रमण के लिए लखपति दीदी भ्रमण योजना भी शुरू की जा रही है। साथ ही पंचायत विभाग के माध्यम से 250 महतारी सदनों के निर्माण और पोषण योजनाओं के संचालन के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बालिकाओं की आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रस्तावित रानी दुर्गावती योजना का भी उल्लेख किया। इस योजना के तहत 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर बेटियों को 1.5 लाख रुपये की सहायता देने की बात कही गई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लखपति दीदियां पूरे प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं और अब लक्ष्य उन्हें करोड़पति दीदी के रूप में आगे बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि बकरी पालन क्लस्टर परियोजना शुरू कर इस क्षेत्र को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना और आईआईएम रायपुर के साथ हुए समझौते से स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी पर आधारित कॉफी टेबल बुक और छत्तीसकला से जुड़ी ब्रांड बुक का विमोचन किया। इसके साथ ही लखपति दीदी ग्राम पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन कर उन्हें लखपति दीदी ग्राम घोषित किया जाएगा। इस मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को सम्मानित भी किया गया।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और आने वाले समय में वे लखपति से करोड़पति बनने की दिशा में कदम बढ़ाएंगी।
कार्यक्रम में बस्तर, बालोद और जशपुर सहित कई जिलों से आई महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। इस दौरान विभिन्न विभागों के मंत्री, विधायक, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रहीं।
The Duniyadari: कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के आह्वान पर 8 मार्च को दुर्ग में बिजली कर्मचारियों का 20वां प्रांतीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर प्रदेशभर के कर्मचारियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। अधिवेशन में शामिल होने के लिए कोरबा जिले से भी बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी के नेतृत्व में दुर्ग के लिए रवाना होंगे।
यूनियन के कोरबा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी यादव ने बताया कि यह अधिवेशन केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि बिजली कर्मचारियों के लिए एक बड़ा मंच होगा। इसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हजारों कर्मचारी एकत्र होकर अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
कर्मचारियों की मांगों पर होगी अहम चर्चा
अधिवेशन में लंबे समय से लंबित विभिन्न मांगों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। यूनियन का कहना है कि अब समय आ गया है कि कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर ठोस रणनीति बनाकर उन्हें निर्णायक रूप दिया जाए। इस दौरान कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए जाने की संभावना है।
इन मांगों पर रहेगा विशेष जोर
अधिवेशन में समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने, संविदा कर्मियों के नियमितीकरण, ड्यूटी के दौरान दुर्घटना होने पर एक करोड़ रुपये मुआवजा देने, वेतन पुनरीक्षण समिति के गठन और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लागू करने जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए जाएंगे।
पुरानी पेंशन योजना को लेकर बनेगा दबाव
यूनियन नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग पुरानी पेंशन योजना की बहाली है। अधिवेशन में इस विषय पर प्रस्ताव पारित कर सरकार से इसे जल्द लागू करने की मांग की जाएगी।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की चेतावनी
यूनियन पदाधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि कर्मचारियों की जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो प्रदेश के बिजली कर्मचारी व्यापक आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं। ऐसे में दुर्ग में होने वाला यह प्रांतीय अधिवेशन कर्मचारियों की आगे की रणनीति तय करने के लिए अहम माना जा रहा है।
The Duniyadari: जगदलपुर/तेलंगाना। तेलंगाना में शनिवार को बड़ी संख्या में माओवादी हथियार छोड़ने जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक करीब 124 माओवादी एक साथ आत्मसमर्पण करेंगे। इसे वाम उग्रवाद के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह सरेंडर शाम करीब चार बजे मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की मौजूदगी में होगा।
सूत्रों के अनुसार इस आत्मसमर्पण में पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) से जुड़े कई सक्रिय सदस्य शामिल हैं। माओवादी सैन्य कमांडर थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रभारी मल्लाजी रेड्डी के नेतृत्व में यह कदम उठाया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर कैडरों के आत्मसमर्पण से माओवादी संगठन की सैन्य संरचना को गंभीर झटका लगेगा। बताया जाता है कि माओवादियों की संगठित सैन्य गतिविधियां अब मुख्य रूप से दंडकारण्य क्षेत्र तक ही सीमित रह गई थीं।
जानकारी के मुताबिक संगठन की सबसे सक्रिय और मजबूत बटालियन भी इसी इलाके में संचालित होती थी। इस बटालियन की जिम्मेदारी कुख्यात कमांडर माड़वी हिड़मा और कमांडर बा देवा के पास थी। हाल ही में हिड़मा के मारे जाने और देवा के सरेंडर के बाद संगठन की सैन्य ताकत पहले ही कमजोर पड़ चुकी थी।
बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र की सीमा से लगे घने जंगलों में सक्रिय यह बटालियन माओवादी संगठन की सबसे प्रभावी इकाइयों में गिनी जाती थी। अब बड़ी संख्या में कैडरों के आत्मसमर्पण के बाद इसकी संरचना लगभग खत्म होने की स्थिति में पहुंच गई है।
सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि संगठन के शीर्ष स्तर पर भी आत्मसमर्पण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद निचले स्तर के कैडरों में भी माओवादी संगठन छोड़ने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है।
The Duniyadari: छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध आयुर्वेद चिकित्सक नाड़ी वैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने चैत्र माह के दौरान स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि हिंदी पंचांग के अनुसार चैत्र माह की शुरुआत 4 मार्च 2026 से हो चुकी है और यह 2 अप्रैल 2026 तक रहेगा। इस दौरान मौसम में तेजी से बदलाव होता है, इसलिए आहार-विहार पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
डॉ. शर्मा के अनुसार भारतीय परंपरा में ऋतुचर्या यानी मौसम के अनुसार खान-पान और दिनचर्या अपनाने की परंपरा रही है। चैत्र माह में वसंत ऋतु अपने अंतिम चरण में होती है और धीरे-धीरे ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत होने लगती है। तापमान बढ़ने से वातावरण गर्म और शुष्क होने लगता है, जिसके कारण सर्दी-खांसी, ज्वर, अपच, उल्टी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि इस मौसम में तैलीय, मसालेदार और भारी भोजन से परहेज करना चाहिए। साथ ही होटल या बासी भोजन से भी दूरी बनाकर रखना बेहतर होता है। शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। वातावरण में बढ़ती शुष्कता के कारण आंखों में सूखापन भी हो सकता है, इसलिए समय-समय पर आंखों को धोना और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार गुलाबजल का उपयोग करना लाभदायक माना गया है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि चैत्र माह में हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाला भोजन करना चाहिए। इस दौरान गुड़ का सेवन करने से बचना चाहिए, जबकि चने का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना गया है।
आहार के रूप में जौ, ज्वार की खीर, चावल, मक्के की खीर, छिलके वाली मूंग दाल और मौसमी फल जैसे अमरूद, अनार, संतरा, सेव, अंगूर और नारियल का सेवन किया जा सकता है। सब्जियों में सहजन की फली, हरा धनिया, अदरक, पुदीना, करेला, ककड़ी और लौकी उपयोगी मानी गई हैं। मसालों में काली मिर्च, सूखा धनिया, मीठा नीम, अजवाइन, जीरा, मेथी और सौंफ का सेवन भी लाभदायक बताया गया है।
वहीं गुड़, नया गेहूं, बाजरा, उड़द दाल, कुलथी दाल, राजमा, गाजर, मूली, मटर, फूलगोभी, पत्ता गोभी, बैंगन और अधिक तेल-मसाले वाले भारी भोजन से परहेज करने की सलाह दी गई है।
जीवनशैली के संबंध में उन्होंने कहा कि रात में जल्दी सोना और सुबह जल्दी उठना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। योग, प्राणायाम, ध्यान और हल्का व्यायाम करना चाहिए, लेकिन अत्यधिक श्रम से बचना चाहिए। इसके साथ ही दिन में सोने, देर रात तक जागने और तामसिक आहार के सेवन से दूर रहने की सलाह भी दी गई है।
The Duniyadari: दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आने से प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। संयुक्त कार्रवाई के दौरान खेतों में अफीम की फसल पाई गई। शुरुआती जांच में करीब डेढ़ से दो एकड़ जमीन पर खेती होने की पुष्टि हुई है, जबकि आसपास के क्षेत्र को मिलाकर लगभग चार से पांच एकड़ में ऐसी खेती होने की आशंका जताई जा रही है। यह पूरा मामला जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र के समोदा और झेंजरी गांव की सीमा से जुड़ा बताया जा रहा है।
बताया गया है कि 6 मार्च को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में चोरी-छिपे अफीम उगाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और खेतों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अफीम की फसल मिलने पर प्रशासन भी सक्रिय हो गया। इसके बाद कलेक्टर सहित प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने भी स्थल का निरीक्षण किया और फसल के नमूने जांच के लिए एकत्र किए।
इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब ग्राम समोदा के सरपंच अरुण गौतम ने आरोप लगाया कि अवैध खेती भाजपा किसान मोर्चा से जुड़े नेताओं विनायक ताम्रकर और बृजेश ताम्रकर के संरक्षण में कराई जा रही थी। सरपंच का दावा है कि जिसने पुलिस को इसकी जानकारी दी थी, उस पंच के साथ कथित तौर पर मारपीट भी की गई। हालांकि जिन नेताओं के नाम सामने आए हैं, उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि जमीन अधिया पर खेती के लिए दी गई थी और उन्हें ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी नहीं थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अफीम की फसल झेंजरी गांव में खसरा नंबर 310 की जमीन पर उगाई गई थी। करीब 9 एकड़ 92 डिसमिल क्षेत्र वाली इस जमीन के मालिक मधुमति ताम्रकर और प्रीति बाला ताम्रकर बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार खेत में कुछ बाहरी लोगों, संभवतः राजस्थान से आए व्यक्तियों द्वारा गुप्त रूप से यह खेती कराई जा रही थी।
फिलहाल पुलिस को मौके पर करीब डेढ़ से दो एकड़ में अफीम की फसल दिखाई दी है। अंधेरा होने के कारण शुक्रवार को कार्रवाई बीच में रोक दी गई थी। शनिवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में रायपुर से विशेषज्ञों की टीम भी जांच के लिए पहुंचेगी। प्रशासन का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस अवैध खेती के पीछे किन-किन लोगों की भूमिका रही है।
The Duniyadari: बैतूल। Betul जिले में एक महिला की हत्या का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। इस घटना में आरोपी कोई और नहीं बल्कि महिला का ही पति निकला, जिसने गुस्से में आकर उसे बेरहमी से पीट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मामला Kotwali Police Station Betul क्षेत्र का बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक हिवरखेड़ी गांव में रहने वाली रंजन जांगड़े अपने पति बलराम जांगड़े के साथ ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार चला रही थी। बताया जा रहा है कि महिला को शराब पीने की आदत थी। कुछ दिन पहले वह अपनी एक सहेली के साथ रुककर शराब पीने लगी और देर रात तक घर नहीं पहुंची, जिससे उसका पति नाराज हो गया।
अगले दिन जब महिला घर लौटी तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर पति बलराम ने लाठी से उसकी पिटाई कर दी। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और बाद में बुधवार शाम उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद घबराए पति ने खुद ही डायल 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
The Duniyadari: रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवाओं ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और मेहनत से प्रदेश का नाम रोशन किया है। Vishnu Deo Sai ने UPSC Civil Services Examination 2025 में सफल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है और युवाओं की मेहनत व लगन का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से वैभवी अग्रवाल, दर्शना सिंह बघेल, डायमंड सिंह ध्रुव, रौनक अग्रवाल और संजय डहरिया की सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इन प्रतिभाशाली युवाओं ने अपने संकल्प और कठिन परिश्रम से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि Union Public Service Commission की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिनी जाती है। ऐसे में प्रदेश के युवाओं का इसमें सफलता हासिल करना यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ के छात्र भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाने में पूरी तरह सक्षम हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इन युवाओं की उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। इससे अन्य युवाओं को भी बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने के लिए मेहनत करने की प्रेरणा मिलेगी।
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि ये युवा प्रशासनिक सेवा में ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करते हुए देश और समाज की सेवा करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ये युवा सुशासन और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अपने इन प्रतिभाशाली बेटों-बेटियों पर गर्व है।