रायपुर । छत्तीसगढ़ के दो आईएएस अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। जल संसाधन विभाग के विशेष सचिव जनक प्रसाद पाठक को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
वहीँ समाज कल्याण और भू-अभिलेख के संचालक रमेश कुमार शर्मा को अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए मुद्रण एवं लेखन सामग्री के संचालक की जिम्मेदारी दी गई है।
नई दिल्ली। सीएम के बेटे की “जन्मदिन पार्टी” में शामिल नहीं होने के चलते चार कार्मचारियों के सस्पेंशन आर्डर जारी किए हैं । मामला तेलंगाना का है ।
दरअसल 24 जुलाई को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के बेटे केटी राम राव (केटीआर) का जन्मदिन था। केटीआर खुद तेलंगाना सरकार में मंत्री हैं। सीएम के जन्मदिन का कार्यक्रम नगर परिषद द्वारा बेलमपल्ली सरकारी अस्पताल में आयोजित किया गया था। इस दौरान चार कर्मचारी नहीं पहुंचे थे।
जिसके बाद नगर आयुक्त ने 25 जुलाई को चारों कर्मचारियों को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर अपनी अनुपस्थिति पर स्पष्टीकरण देने को कहा। उन्होंने कहा कि वे स्पष्टीकरण नहीं देंगे तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सस्पेंशन आर्डर में लिखा है, “माननीय नगर मंत्री श्री के तारका रामा राव (KTR) का जन्मदिन समारोह 24.07.2022 को बेलमपल्ली सरकारी अस्पताल में सुबह 10.00 बजे आयोजित किया गया था।
कार्यालय के सभी कर्मचारियों को वाट्सएप संदेश के माध्यम से उपस्थित होने की सूचना दी गई। लेकिन संदेश को नजरअंदाज कर दिया गया और कम उपस्थिति दर्ज की गई।”
नोट में लिखा है, “इस संबंध में, उपरोक्त कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के लिए आपके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। आप इस मेमो को छूने के बाद (24) घंटों के भीतर जवाब दे सकते हैं। अन्यथा, आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी ।
यदि आप इस ज्ञापन का जवाब नहीं देते हैं तो आपके वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया जाएगा। निलंबित कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें समझाने का अवसर दिए बिना ही बर्खास्त कर दिया गया। उन्होंने यह भी सवाल किया कि एक मंत्री का जन्मदिन समारोह उनके जॉब प्रोटोकॉल का हिस्सा क्यों है।
जगदलपुर/ कोंडागांव । छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले से बड़ी खबर है। बफना नदी के पानी में डूबने से हुआ बड़ा हादसा हुआ है। जहां स्वामी आत्मानंद स्कूल के बच्चे डूब गए हैं। बताया जा रहा है कि घूमने 9 बच्चे गए थे जिसमें से 4 बच्चे डूब गए हैं। 2 बच्चों की बॉडी निकाली गयी है। 2 अभी भी पानी में डूबे हैं। 3 केशकाल के 1 कोंडागांव के बच्चे हैं। फिल्हाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
Fake IAS Of Jharkhand: झारखंड (Jharkhand) के पलामू (Palamu) में रहने वाले एक युवक ने यूपीएससी (UPSC) की सिविल सर्विस परीक्षा (CSE) में कामयाबी पाने की फर्जी खबर पूरे राज्य में फैला दी. सफलता की इस झूठी सूचना के आधार पर उसने एक दर्जन से ज्यादा जगहों पर खुद को सम्मानित कराया. बता दें कि बीते बुधवार को उसने झारखंड सरकार की तरफ से आयोजित यूपीएससी के सफल अभ्यर्थियों के सम्मान समारोह में राज्य के सीएम हेमंत सोरेन (Hemant Soren) के हाथों सम्मान लिया. इतना ही नहीं वो सीएम के साथ रात्रि भोज में भी शामिल हुआ. बता दें कि अब खुलासा हुआ है कि कुमार सौरभ उर्फ सौरभ पांडेय नामक युवक ने उत्तर प्रदेश के एक कामयाब अभ्यर्थी के जैसा नाम होने का बेजा फायदा उठाया. वह पिछले 2 महीने से समाज से लेकर सरकार तक भ्रम फैला रखा था.
एक जैसा नाम होने का उठाया फायदा
बता दें कि यूपीएससी 2021 के एग्जाम में कामयाब अभ्यर्थियों की लिस्ट में 357वीं रैंक उत्तर प्रदेश के कुमार सौरभ ने हासिल की है. जब उनको कहीं से जानकारी मिली कि उनके नाम का फायदा झारखंड का एक युवक उठा रहा है और समारोह में सम्मानित हुआ है. तब जाकर इस मामले का भंडाफोड़ हुआ.
युवक ने ऐसे फैलाई फर्जी खबर
दरअसल, पलामू के पांडू के रहने वाले सौरभ पांडेय भी यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाए. बीते 30 मई को रिजल्ट आया तो उसने खुद के कामयाब होने की खबर फैला दी. उसने यूपीएससी मुख्यालय के पास सूट टाई वाली अपनी फोटो भी कई जगहों पर शेयर कर दी थी.
नौकरी नहीं ज्वाइन करने की बताई ये वजह
दरअसल, सौरभ पांडेय पिछले कुछ दिनों से समाज में कई लोगों से यह कहता फिर रहा था कि उसकी रैंक ठीक नहीं आई, इस वजह से इस बार नौकरी ज्वाइन नहीं करेगा. वह फिर से तैयारी में जुटा है और पूरा प्रयास कर रहा है कि अगली बार अच्छा रैंक ले आए.
जब पत्रकारों ने सौरभ पांडेय से उसके यूपीएससी पास करने और उसके एडमिट कार्ड के बारे में जानकारी मांगी तो उसने स्वीकार कर लिया कि परीक्षा में असफल हो जाने पर उसने सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए अपने पास हो जाने की झूठी खबर फैलाई थी. झारखंड सरकार ने भी मीडिया में छपी रिपोर्ट के आधार पर उसे सम्मानित कर दिया था.
नई दिल्ली। गोवा में अवैध बार केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेताओं को शुक्रवार को समन भेजा। अवैध बार में बेटी जोइश ईरानी का नाम आने के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कोर्ट में केस दायर किया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने जयराम रमेश, पवन खेड़ा और नेट्टा डिसूजा को समन जारी कर कहा कि जोइश पर आरोप लगाने वाले सभी ट्वीट डिलीट करें।
जस्टिस मिनी पुष्कर्ण की सिंगल जज बेंच ने कहा कि 18 अगस्त तक इन तीनों नेताओं को अपने जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि स्मृति की बेटी जोइश के खिलाफ तथ्यों की जांच किए बिना आरोप लगाए गए हैं। इससे स्मृति ईरानी की छवि को भी नुकसान पहुंचा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि ईरानी को कभी भी कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया था। 24 जुलाई को स्मृति ने कांग्रेस और उसके तीनों के खिलाफ 2 करोड़ की मानहानि का केस भी किया था।
इधर इस मामले में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने समन मिलने की खबर के बाद ट्वीट किया। लिखा, “दिल्ली हाईकोर्ट ने हमें स्मृति ईरानी द्वारा दायर मामले का औपचारिक जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया है। हम कोर्ट के सामने फैक्ट रखने के लिए उत्सुक हैं। हम ईरानी की बातों को खारिज करेंगे और उन्हें दोबारा चुनौती देंगे।“
क्या है मामला
यह मामला तब शुरू हुआ था, जब कांग्रेस ने आरोप लगाया कि स्मृति ईरानी की बेटी जोइश ईरानी गोवा में सिली सोल्स कैफे एंड बार नाम से जो रेस्टोरेंट चलाती हैं, उसका लाइसेंस अवैध है। मालिकों ने शराब के लाइसेंस को जिसके नाम से रिन्यू कराया, उसकी 13 महीने पहले मौत हो चुकी है। इस संबंध में वकील एरेज रोड्रिग्ज ने शिकायत की थी।
न्यूज डेस्क। आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम से दो दिन पहले लापता हुई शादीशुदा लड़की अपने बॉयफ्रेंड के संग नेल्लूर में घूमती मिली. इधर, भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने गुमशुदा की समुद्र में डूबने की आशंका के चलते 36 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया और खोजबीन में 1 करीब करोड़ रुपए फूंक दिए. लापता युवती की तलाश में एक हेलीकॉप्टर और 3 जहाज लगा दिए गए थे.
दरअसल, 23 साल की शादीशुदा लड़की सोमवार को विशाखापट्टनम के आरके बीच पर पति संग अपनी शादी की सालगिरह मनाने गई थी. इस दौरान कपल ने पहले सिंहाचलम मंदिर में दर्शन किए और वहां से समुद्र तट पर आ गए. फिर दोनों समंदर किनारे अपने-अपने मोबाइल से फोटो क्लिक कराए और कुछ वीडियो भी रिकॉर्ड किए.
इसी बीच पति के मोबाइल पर किसी का कॉल आ गया और वह बातों में मशगूल हो गया. वहीं, उसकी पत्नी अपने मोबाइल से सेल्फी लेने लगी. इसके बाद जब पति की कॉल पर बातचीत खत्म हुई तो उसने इधर-उधर पत्नी को देखा, नहीं दिखी तो उसको कॉल भी किया, लेकिन फिर कोई सफलता नहीं मिली. इसके बाद परेशान पति ने पत्नी की तलाशी के लिए स्थानीय थ्री टाउन पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई और अपने घरवालों समेत ससुराल पक्ष को भी सूचना दी.
पुलिस ने आशंका जताई गई कि युवती समंदर की लहरों की चपेट में आ गई होगी. इसी को देखते हुए पुलिस ने भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल की मदद ली. इसके साथ ही समुद्र के अंदर तलाशी लेने के लिए मछुआरों और गोताखोरों को उतारा गया. समुद्र तट से लापता युवती को ढूंढने नौसेना ने 3 जहाज और एक हेलिकॉप्टर लगा दिए. लेकिन फिर भी गुमशुदा का कुछ भी अता-पता नहीं चला.
पुलिस और नौसेना की तरफ से लगातार चलाए जा रहे तलाशी अभियान के बीच इस कहानी में अचानक नया मोड़ आ गया. दरअसल, शादीशुदा युवती ने अपनी मां को टेक्स्ट मैसेज के जरिए अपने ठिकाने की जानकारी दी और बताया कि वह अपने प्रेमी के साथ नेल्लूर (आंध्रप्रदेश) भाग आई है. साथ ही उसने परिवार से अपने प्रेमी के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का भी अनुरोध किया.
इंस्पेक्टर के. रामा राव के मुताबिक, युवती ने खुद अपने लोकेशन की जानकारी दी और कहा कि वह सुरक्षित है और इस समय नेल्लूर में है. इसका सत्यापन किया जा चुका है. अधिकारियों के मुताबिक, ‘लापता युवती के तलाशी अभियान के लिए नौसेना के 3 जहाजों और एक हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया था. तलाशी अभियान की अनुमानित लागत लगभग 1 करोड़ रुपए है, क्योंकि ऑपरेशन दो दिनों से अधिक समय से चला था.
विशाखापट्टनम की रहने वाली इस युवती की शादी 2020 में श्रीकाकुलम निवासी युवक से हुई थी. वह अभी पढ़ाई कर रही है और उसका पति हैदराबाद की एक फॉर्मेसी कंपनी में कर्मचारी है. सोमवार को दूसरी शादी की सालगिरह मनाने यह कपल सिंहाचलम मंदिर और वहां से समुद्र तट पर गया था.
महासमुंद। जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां आकाशीय बिजली गिरने की वजह से मजदूरों की मौत हो गई। वहीँ कई मजदूरों को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक महासमुंद के सराईपाली के सिंघोडा थाना क्षेत्र के घाटकछार गांव में महिलाएं धान रोपाई का काम कर रही थीं। तभी अचानक तेज बारिश होने लगी जिसके बाद आकाशीय बिजली गिर गई।
जब महिलाएं खेत में रोपाई का काम कर रही थी। तभी अचानक मौसम बिगड़ गया और बारिश होने के दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिर गयी, जिसकी चपेट में आने से पांच मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों में तीन महिलाएं और दो बच्चियां शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि करीब 6 लोग इस आकाशीय बिजली की चपेट में आने से घायल भी हुए हैं जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
न्यूज डेस्क।मॉडल और एक्ट्रेस अर्पिता मुखर्जी सुर्खियों में हैं. पश्चिम बंगाल स्थित उनके घर से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने करीब 50 करोड़ कैश बरामद किया है. अर्पिता बंगाल सरकार में मंत्री रहे पार्थ चटर्जी की करीबी बताई जा रही हैं. फिलहाल, ED ने अर्पिता और पार्थ दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच में जुटी है. इस बीच आईपीएस ऑफिसर अरुण बोथरा ने अर्पिता मुखर्जी को लेकर एक ट्वीट किया है, जो चर्चा में है. यूजर्स ने उनके ट्वीट पर रिएक्ट किया है.
आईपीएस अपने ट्वीट में लिखते हैं- ‘कुछ भी कहो पर अर्पिता जी ने वफादारी की मिसाल कायम की है. खुद के ऊपर सोसाइटी के 11,809 रुपये बाकी थे, दरवाजे पर नोटिस लग गया पर दूसरे के पैसे को पूरा संभाल कर रखा.’
IPS अरुण बोथरा ने अर्पिता मुखर्जी के घर से बरामद कैश की एक तस्वीर और बकाया मेंटेनेंस की लिस्ट भी शेयर की है. लिस्ट के मुताबिक, अर्पिता के ऊपर मेंटेनेंस का 11 हजार से अधिक रुपये बकाया है.
आईपीएस ऑफिसर का ट्वीट
उनके ट्वीट पर यूजर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रिया दी है. एक यूजर ने कहा- अर्पिता के पास छुट्टे पैसे नहीं होंगे, तो एक अन्य यूजर ने लिखा- जहां इतने पैसे रखे हो वहां 11 हजार पर कोई ध्यान देता है?
वहीं, @anjanikumar41 नाम के ट्विटर यूजर ने एक मीम शेयर करते हुए लिखा- कहो बिनोद… दूसरे के पैसे रखने के लिए कितना मिलता है? @Brahmin_Bachcha ने लिखा- किसी भिड़े टाइप के सोसाइटी के एकमेव प्रेसिडेंट की हाय लगी होगी. @prasun004 लिखते हैं- मतलब कितना भी पैसा क्यों न आ जाए, सोसायटी मेंटेनेंस आदमी बहुत लटकाने के बाद ही भरता है.
जानिए पूरा मामला
दरअसल, पश्चिम बंगाल में टीचर भर्ती घोटाले की जांच में जुटे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 23 जुलाई को अर्पिता के फ्लैट पर छापा मारा था. इस दौरान ED को करीब 21 करोड़ रुपए कैश मिला था. अर्पिता के घर से 20 मोबाइल और 50 लाख रुपये की ज्वैलरी भी बरामद हुई थी. इतना ही नहीं ईडी को अर्पिता के घर से करीब 60 लाख की विदेशी करेंसी भी मिली थी. इसके बाद ईडी ने अर्पिता मुखर्जी को गिरफ्तार कर लिया था.
जोरहाट। हवाई यात्रा के क्षेत्र में सेवाएं देने वाली देश की सबसे बड़ी विमान कंपनी इंडिगो एक बार फिर बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। दरअसल इंडिगो की एक फ्लाइट असम के जोरहाट में टेक-ऑफ करने के दौरान रनवे से फिसल गई। इस घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ। यह प्लेन गुरुवार को जोरहाट से कोलकाता के लिए उड़ान भरने वाली थी।
मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया है। इंडिगो एयरलाइंस का कहना है कि शुरुआती जांच में विमान में कोई खराबी नहीं पाई गई है। मिली जानकारी के मुताबिक रनवे से फिसलने के तुरंत बाद ही पायलट ने प्लेन रोक दी। सभी यात्रियों को नीचे उतार दिया गया। कुछ समय बाद दूसरी फ्लाइट से यात्री कोलकाता के लिए रवाना हुए।
स्पाइसजेट के विमान को उड़ान भरने से रोका गया
दूसरी तरफ, मुंबई हवाई अड्डे से गुजरात के कांडला के लिए उड़ान भर रहे स्पाइसजेट के विमान को चेतावनी संकेत के बाद उड़ान भरने से रोक दिया गया। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के सीनियर अधिकारी ने कहा कि निदेशालय ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पिछले 40 दिनों में स्पाइसजेट के विमान में तकनीकी खराबी की यह कम से कम नौवीं घटना है।
बैकुंठपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में गुरुवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिएक्टर स्केल पर इसकी क्षमता 4.6 थी। भूकंप का केंद्र बैकुंठपुर में जमीन से 16 किमी अंदर बताया जा रहा है। महज दो सेकेंड के लिए झटका महसूस हुआ। इसके चलते चरचा अंडरग्राउंड माइंस में गोफ गिरने से 2 मजदूर घायल हो गए। उन्हें बिलासपुर रेफर किया गया है। 18 दिन में यहां दूसरी बार भूकंप के झटके लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक, देर रात करीब चरचा कालरी क्षेत्र में रात 12.58 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। महज 2 सेकेंड के लिए आए इस झटके का पता ज्यादातर लोगों को नहीं चला। झटकों की वजह से चरचा अंडर ग्राउंड कोल माइंस में गोफ गिर गया। इसके बाद भागते समय दो मजदूर घायल हो गए। दोनों मजदूरों को अपोलो अस्पताल रेफर किया गया है। इस दौरान माइंस में एक दर्जन से ज्यादा श्रमिक काम कर रहे थे।
बता दें कि जुलाई में दूसरी बार बैकुंठपुर में भूकंप के झटके महससू किए गए। इससे पहले 11 जुलाई को 4.3 तीव्रता का झटका आया था। उस समय जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ था। तब भी दो सेकेंड के लिए ही झटके लगे थे और केंद्र बैकुंठपुर से पश्चिम-उत्तर दिशा में 16 किमी दूर और जमीन से 10 किमी अंदर था। इससे पहले 16 मार्च को भी अंबिकापुर संभाग में भूकंप के झटके महसूस किये गए थे। तब रिक्टर पैमाने पर 3.1 तीव्रता के भूकंप मापा गया था।