कोरबा। शहर में इन दिनों बिजली बिल जमा कराने के नाम से ठगी करने वाले गैंग सक्रीय है। शातिर ठग अब बिल जमा कराने के नाम से ठगी कर रहे है। ठगी की शिकार बालको की एक महिला ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराकर न्याय की गुहार लगाई है।
मामला बालको थाना क्षेत्र के रिसदा का है जहां श्रीमती रंजना बेन रहती है। विगत दिनों बिजली बिल रीडिंग के लिए घर आये युवक ने अपना नाम मंगल चंद बताते हुए बिजली बिल जमा करने की बात कही और बीस हजार नगद ले लिया। मीटर रीडिंग करने वाले युवक ने रकम लेने के बाद भी अब तक बिजली बिल जमा नही किया है और उनके दिए गए नम्बर पर फोन लगाने पर कोई उत्तर नही दे रहा है। फोन न उठाने के बाद महिला ने अपने आप को ठगा महसूस करते हुए मामले की शिकायत साइबर सेल में की है। पीड़ित महिला ने साइबर सेल प्रभारी से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
कोरबा।ट्रैफिक थाना टीपी नगर में गुरुवार की संध्या एएसआई फागु राम साहू की सेवानिवृति पर विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित यातायात डीएसपी शिव चरण परिहार ने सेवानिवृत हुए एएसआई फागु राम साहू को सेवा के बाद बेहतर स्वास्थ्य के साथ परिवार संग समय व्यतीत करने की शुभकामना दी।
बता दें कि यातायात थाना मे पदस्थ एएसआई फागु राम साहू 42 वर्ष की सेवा के बाद आज सेवा निवृत्त हुये। इस दौरान यातायात थाना टीपी नगर में भावभीनी विदाई दी गई।मौके पर उपस्थित डीएसपी शिव चरण सिंग परिहार ने भी नौकरी की अवधि के बाद बचे हुए समय परिवार के साथ बिताने की बात कही। उन्होंने कहा कि नौकरी के दौरान कई बार ऐसा भी समय आता है कि व्यक्ति अपने निजी जीवन को छोड़ ड्यूटी को पूर्ण करने में ज्यादा दायित्व निभाने को विवश होता है। ऐसे में सेवानिवृति होने पर बचे हुए समय फागु राम साहू अपने परिवार के साथ बेहतर ढंग से गुजारे और विभाग को जब भी आवश्यकता होगी, उनका मार्गदर्शन अवश्य लिया जाएगा। इस दौरान एएसआई मनोज राठौर ने कहा कि श्री साहू सर्विसकाल में कई थाना चौकियों में सेवा देकर विभाग के मुखिया द्वारा दी गई जिम्मेदारी का निर्वहन किया। इसके बाद सभी आगंतुगों द्वारा सेवानिवृत हुए फागु राम साहू को माला पहनाकर उनको सम्मनित किया गया। वहीं पुलिस परिवार की ओर से उन्हें उपहार भी प्रदान किया गया। मौके पर यातायात के डीएसपी शिव चरण परिहार,एएसआई मनोज राठौर के अलावा अन्य पुलिस पदाधिकारी व अधिकारी मौजूद थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कई जिलों के 7 जगहों पर आयकर विभाग की सर्च चल रही है. इसमें मुख्यमंत्री कार्यालय की उपसचिव सौम्या चौरसिया के दो जगहों पर भी आयकर विभाग की टीम सर्च करने के लिए पहुंची है. बाहर से आई आयकर विभाग की अलग अलग टीमें सुबह 6 बजे इन जगहों पर पहुंची. तब से अबतक सर्च जारी है वहां जवानों की तैनाती देखी जा रही है.
दरअसल गुरुवार सुबह जब प्रदेश में आयकर विभाग के छापे की जानकारी लगी तो प्रदेश में हड़कंप मच गया. सबसे पहले महासमुंद जिले में आयकर के सर्च की जानकारी मिली. इसके बाद देखते ही देखते रायगढ़, भिलाई, कोरबा में भी आयकर विभाग की टीम पहुंचने की जानकारी मिली है.
वहीं आयकर विभाग के सर्च पर छत्तीसगढ़ सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सौम्या चौरसिया से जुड़े 2 जगहों सहित 7 स्थान पर आयकर विभाग की टीम सर्च कर रही है. इसके अलावा 5 अन्य स्थानों में से एक सूर्यकांत तिवारी का भी है. जिसे राजनेताओं और अधिकारियों का करीबी माना जाता है.
सौम्या चौरसिया से जुड़े 2 जगहों पर सर्च
सौम्या चौरियासा मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ हुई थी. पिछले दो साल में दूसरी बार उनके यहां आयकर विभाग की टीम पहुंची है. इससे पहले फरवरी 2020 में चौरसिया के भिलाई स्थित घर में आयकर विभाग की रेड पड़ी थी. इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आयकर के छापे को असंवैधानिक और राजनीति से प्रेरित बताया था और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा था.
2020 के रेड पर आया था वित्त मंत्रालय का पत्र
इस पत्र के जवाब में 2 मार्च 2020 के वित्त मंत्रालय का पत्र आया. इसमें कहा गया कि 27 फरवरी 2020 की रायपुर में हवाला डीलरों और व्यापारियों के ठिकानों पर रेड हुई थी. जो विश्वसनीय इनपुट और शराब से भारी मात्रा में बेहिसाब नगदी के सबूतों के आधार पर रेड की गई थी. इसके अलावा खनन व्यवसाय और अधिकारियों के ट्रांसफर में लेनदेन की जानकारी मिली थी. कुछ फर्जी कंपनियों से आवास और संपत्तियों में अघोषित निवेश की जानकारी थी. इसके अलावा वित्त मंत्रालय की तरफ से यह भी बताया गया था कि जांच में 150 करोड़ से अधिक का बेहिसाब लेनदेन का पता चला है.
न्यूज डेस्क। महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी (BJP) नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने आज (गुरुवार को) शिवसेना (Shiv Sena) के बागी नेता एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के सीएम के तौर पर एकनाथ शिंदे के नाम का ऐलान किया. देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बीजेपी, एकनाथ शिंदे को समर्थन देगी. ऐसे में ये जान लीजिए कि आखिर एकनाथ शिंदे कौन हैं और कैसे वो अचानक महाराष्ट्र की राजनीति के इतने महत्वपूर्ण नेता बन गए.
कैसा रहा एकनाथ शिंदे का बचपन?
बता दें कि एकनाथ शिंदे का जन्म महाराष्ट्र के सतारा जिले में हुआ था. शिंदे ने अपने बचपन में काफी गरीबी देखी. जब वो 16 साल के थे तो उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक सहायता के लिए ऑटो रिक्शा चलाना शुरू किया. बताया जाता है कि 1980 के दशक में वो बाल ठाकरे के विचारों से काफी प्रभावित हुए. इसके बाद शिंदे, शिवसेना में शामिल हो गए. एकनाथ शिंदे साल 2004 में पहली बार विधायक चुने गए. बाल ठाकरे के निधन के बाद शिवसेना के बड़े नेताओं में शिंदे को गिना जाने लगा. लेकिन पिछले दो साल में शिंदे की जगह उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे को ज्यादा तवज्जो दी जाने लगी, इस बात से एकनाथ शिंदे नाराज हो गए.
शिंदे का राजनीतिक गुरु कौन है?
जान लें कि एकनाथ शिंदे को राजनीति में जाने की प्रेरणा तब के कद्दावर नेता आनंद दीघे से मिली. एकनाथ शिंदे पहले शिवसेना के शाखा प्रमुख बने और फिर बाद में वो ठाणे म्युनिसिपल के कॉर्पोरेटर बन गए. लेकिन एक दौर ऐसा भी आया जब वो निजी जीवन में बहुत दुखी हुए. उनका परिवार पूरी तरह बिखर गया था. 2 जून, 2000 को एकनाथ शिंदे के 11 साल के बेटे दीपेश और 7 साल की बेटी शुभदा का निधन हो गया था. शिंदे अपने बच्चों के साथ सतारा गए थे. बोटिंग के दौरान एक्सीडेंट हो गया था. बेटा-बेटी की मौत के बाद शिंदे ने राजनीति छोड़ने का फैसला कर लिया था. इस बुरे दौर में शिंदे को आनंद दीघे ने सही राह दिखाई और राजनीति में बने रहने के लिए कहा.
एकनाथ शिंदे को मिली अपने गुरु की राजनीतिक विरासत
गौरतलब है कि 26 अगस्त 2001 को शिंदे के राजनीतिक गुरु आनंद दीघे का एक हादसे में निधन हो गया था. उनकी मौत को आज भी कई लोग हत्या मानते हैं. कहा जाता है कि दीघे के निधन से शिवसेना के लिए ठाणे में खालीपन आ गया था और पार्टी का वर्चस्व कम होने लगा था. फिर समय रहते शिवसेना ने एकनाथ शिंदे को मौका दिया, उन्हें वहां की कमान सौंप दी. शिंदे शुरुआती दिनों से ही आनंद दीघे के साथ जुड़े हुए थे. ठाणे की जनता ने भी एकनाथ शिंदे पर भरोसा जताया और शिवसेना परचम लहरा.
शिंदे का राजनीतिक सफर
बता दें कि एकनाथ शिंदे साल 2004 में पहली बार विधायक चुने गए. फिर लगातार तीन बार साल 2009, 2014 और 2019 में जनता ने शिंदे को विधायक बनाया. साल 2014 में देवेंद्र फडणवीस सरकार में शिंदे PWD मंत्री बने. फिर उद्धव सरकार में भी शिंदे को मंत्री बनाया गया. अब शिंदे के नाम का ऐलान महाराष्ट्र के सीएम के तौर पर हो चुका है. एकनाथ शिंदे आज (गुरुवार को) शाम मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.
रुद्रप्रयाग। बदरीनाथ हाईवे सिरोहबगड़ और गौरीकुंड हाइवे भारी बारिश के चलते मलबा आने से सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं रुद्रप्रयाग गौरीकुंड राजमार्ग पर सोनप्रयाग में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक यात्री की मौत हो गई है। जबकि तीन यात्री घायल हो गए।
चमोली जनपद में भी देर रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश से जिले में 12 ग्रामीण संपर्क मार्ग जगह-जगह मलबा आने से बंद है। नंदानगर, पोखरी, देवाल, थराली विकासखंडों में कई सड़कें मलबा आने से बंद पड़ी है।
बारिश होने से बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा में भी गिरावट आई है। पर्वतीय जिलों में भारी बारिश के चलते मलबा आने से सड़कें कई सड़कें बंद हो गई है। सड़कों को खोलने के लिए 235 जेसीबी मशीनों को काम पर लगाया है।
कोरबा । कोरबा जिले के कोल कारोबारी के ठिकाने में आईटी की टीम ने दबिश दी है। कारोबारी के दुरपा रोड के घर को टीम ने अपने कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
बता दें कि आज आयकर विभाग (Income tax department) ने कोरबा के कोल कारोबारियों के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई कर हड़कंप मचा दिया। जानकारी के मुताबिक कोरबा के कोल कारोबारी हेमंत जायसवाल के दुरपा रोड के मकान को आईटी की टीम ने कब्जे में लिया है। बताया जा रहा है ये मामला कोल साइडिंग की खरीदी को लेकर बताया जा रहा है। बहरहाल आईटी के रेड की खबर के बाद काले कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
रायपुर। प्रदेश में कोरोना के नए मामले में उतार-चढ़ाव का सिलसिला लगातार जारी है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 126 नए संक्रमितों की पहचान हुई है।
प्रदेश में सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 861 पहुंच गई है। सबसे ज्यादा राजधानी रायपुर में 33 नए मरीजों की पहचान हुई है।
मुंबई। सुप्रीम कोर्ट से फ्लोर टेस्ट का रास्ता साफ होने के बाद Uddhav Thackeray left the Legislative Council including the post of CM महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने फेसबुक लाइव करके कुर्सी छोड़ने का ऐलान कर दिया। उन्होंने विधान परिषद से भी इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। वह कल विधानसभा में होने वाले फ्लोर टेस्ट में नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहता कि कल शिवसैनिकों का खून बहे और वे सड़क पर उतरें। इसलिए मैं कुर्सी छोड़ रहा हूं।
उद्धव ने बागियों को दिया भावुक संदेश
उन्होंने इस फेसबुक लाइव में अपनी उपलब्धियों के साथ बगावत पर दुख व्यक्त किया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि अच्छे कामों को नजर जल्दी लगती है। उद्धव ठाकरे ने सोनिया गांधी और शरद पवार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जिनको उन्होंने बहुत कुछ दिया वे नाराज हैं और जिन्हें कुछ नहीं दिया वे आज भी साथ हैं। मुझे इन लोगों से धोखे की आशंका नहीं थी।
मझे नहीं थी दगा की उम्मीदः उद्धव
उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर आपने मुझसे बात करने की कोशिश की होती तो मैं जरूर बात करता। मैं आज भी बात करने को तैयार हूं। मैंने आपको अपना माना था। आपसे दगा की उम्मीद नहीं थी। मुझे पता चला है कि मुंबई में केंद्र सरकार ने सुरक्षा के लिए अलग से फोर्स भेजी है। यहां आप लोगों के आने पर सीआरपीएफ दाखिल होने वाली है। मुझे शर्म आ रही है। क्या आप शिवसैनिकों के खून से मुंबई के रास्ते लाल करने वाले हैं?
‘भोग रहा हूं पापों की सजा’
ठाकरे ने कहा, कांग्रेस ने भी मंत्रिमंडल से निकलने की बात की। आज शिवसैनिकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्हें घऱ से निकलने से रोका जा रहा है। कल के फ्लोर टेस्ट से मुझे मतलब नहीं है। आपके पास कितनी संख्या है मुझे मतलब नहीं है।
आप शायद कल विरोधियों का बहुमत सिद्ध ही कर देंगे। जिनको शिवसैनिकों ने बड़ा किया। आपको याद रखना चाहिए कि उस बालासाहेब के बेटे को कुर्सी से उतारने का पुण्य आपने किया है। आपको बड़ा किया यह मेरा पाप है और मैं उसे भोग रहा हूं।
नई दिल्ली। महाराष्ट्र विधानसभा में राज्यपाल के आदेश पर 30 जून का फ्लोरटेस्ट करने का सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद मीडिया और राज्य के नागरिकों को संबोधित करते हुए सीएम उद्धव ठाकरे अपना इस्तीफा दे दिया।
बता दें इससे पहले आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में कोर्ट ने शिवसेना की बागी विधायकों की अयोग्यता के वाले मामले में कोर्ट में आगे सुनवाई जारी रहेगी। सुबह 11 बजे फ्लोर टेस्ट होगा। इसके साथ ही उसी वक्त बड़ी खबर सामने आ रही थी कि फ्लोर टेस्ट से पहले सीएम उद्धव ठाकरे इस्तीफा दे सकते हैं।
नई दिल्ली। महाराष्ट्र विधानसभा में राज्यपाल के आदेश पर 30 जून का फ्लोरटेस्ट करने का सुप्रीम कोर्ट ने इजाजत दे दी है। इसके साथ आज पूरे दिन चलने वाली अटकलों पर विराम लग गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि शिवसेना की बागी विधायकों की अयोग्यता के वाल कोर्ट में आगे सुनवाई जारी रहेगी। सुबह 11 बजे फ्लोर टेस्ट होगा। इसके साथ ही बड़ी खबर सामने आ रही है कि फ्लोर टेस्ट से पहले सीएम उद्धव ठाकरे इस्तीफा दे सकते हैं।
The Duniyadari: *असली नाम रामदुलार, लालमन बनकर ली थी सरकारी सेवा*
बलरामपुर- जिले के वाड्रफनगर ब्लॉक में फर्जी दस्तावेजों से सरकारी नौकरी हथियाने का मामला...