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KORBA:कलेक्टर के मार्गदर्शन में शिक्षा जगत,मेगा हेल्थ शिविरों से स्वास्थ्य, महिला आर्थिक विकास सहित जनहित में हुए विभिन्न कार्यों ने ऊंचाइयों के नए सोपान तय किए…

कोरबा ।कलेक्टर श्रीमती रानू साहू के मार्गदर्शन एवं कुशल नेतृत्व में कोरबा जिले में पिछले एक वर्ष में जनहित के विभिन्न कार्यो का क्रियान्वयन हुआ है। एक ओर पिछले एक वर्ष के दौरान जिले में आम नागरिकों की सहुलियतो और सुविधाओं में वृद्वि हुई है। वही दूसरी ओर जिला प्रशासन की विशेष पहल से जनता को राशन, पेंशन, आय, जाति प्रमाण पत्र भी सरलता से प्राप्त हुई हैं। कलेक्टर श्रीमती साहू की स्वास्थ्य, शिक्षा एवं नागरिकों के हित में काम करने की मंशा के फलस्वरूप जिले में सरकार तुंहर द्वार कार्यक्रम, वृहद स्वास्थ्य शिविर, निःशुल्क बीपी, शुगर जांच शिविर, नये स्वामी आत्मानंद स्कूलों की स्वीकृति, सी-मार्ट एवं रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना से जिले वासियों को निश्चित रूप से लाभ हुई है।

कलेक्टर श्रीमती साहू की विशेष पहल सरकार तुंहर द्वार कार्यक्रम के तहत् अब तक जिले में 12 शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। इनमें से आठ ग्रामीण क्षेत्रों और चार नगर निगम कोरबा क्षेत्र में आयोजित किए गये है। कलेक्टर की विशेष पहल से आम शिविरों की तुलना में सरकार तुंहर द्वार शिविर में अधिकारी-कर्मचारी नागरिकों के घर जाकर शिविर के 15 दिन पहले घर-घर सर्वे करके उनकी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त किए। प्राप्त आवेदनों का निराकरण करने के पश्चात शिविर स्थल में ही सेवाओं से नागरिकों को लाभान्वित किया गया। इसके माध्यम से 83 हजार से अधिक नागरिकांे को राशन कार्ड, वन अधिकार, नामान्तरण, बंटवारा, सीमांकन, आर्थिक सहायता, जॉब कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, बैंक लिंकेज, महिला कोष ऋण वितरण, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, ई श्रम पंजीयन, आयुष्मान कार्ड, बीज एवं कृषि उपकरण वितरण, आय, जाति प्रमाण पत्र आदि से लाभान्वित किया गया है। सरकार तुंहर द्वार शिविर से जिले वासियों को आसानी से राजस्व प्रकरणों का निराकरण करके लाभान्वित किया गया। साथ ही किसान किताब और किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान करके किसानों को खेती किसानी करने के लिए आसानी से खाद-बीज और कृषि ऋण देने में सहुलियत प्रदान किया गया। कलेक्टर श्रीमती साहू की विशेष पहल से इन शिविरों में ड्राइविंग लाइसेंस भी मौके पर ही बनाया गया। परिवहन विभाग ने अपने संपूर्ण तकनीकी अमलों और जरूरी सामानों के साथ शिविर स्थल में मौजूद रहकर लोगों के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में काफी सहुलियत प्रदान की। अभी तक शिविर के माध्यम से लगभग एक हजार से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस बनाये जा चुके है। आसान प्रक्रिया और चंद घण्टो में लाइसेंस मिलने से प्रोत्साहित होकर महिलाएं भी शिविर स्थल में लाइसेंस बनवाने आये। शिविर के माध्यम से लगभग 300 महिलाओं का ड्राइविंग लाइसेंस बनाया जा चुका है। कलेक्टर श्रीमती साहू की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण पिछले एक वर्ष मंे जिलेवासियों को मूलभूत सुविधाओं की सेवा आसानी से प्राप्त हुई।


*मेगा हेल्थ कैम्प से 10 हजार से अधिक लोगों का हुआ निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और ईलाज-*

कलेक्टर श्रीमती साहू की नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और जरूरतमंदो को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की मंशानुसार जिले में मेगा हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया। इन कैम्पों में जिले और जिले से बाहर के विशेषज्ञ डाक्टरों द्वारा मरीजों का ईलाज किया गया। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने के कारण बडे अस्पतालों मे जाकर ईलाज कराने नही जा सकने के कारण को समझते हुए कलेक्टर ने हेल्थ कैम्प का आयोजन किया। इन कैम्पों में भारी संख्या में लोगों ने आकर सेवाओं का लाभ उठाया। पिछले एक वर्ष में चार मेगा हेल्थ कैम्प के माध्यम से 10 हजार से अधिक लोगों का स्वास्थ्य जांच और ईलाज किया गया। साथ ही गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजो की पहचान कर उनके बेहतर ईलाज के लिए जिला प्रशासन की मदद से उच्च अस्पतालों मे रिफर किया गया। स्वास्थ्य शिविर में निःशुल्क दवाईयों के वितरण से भी लोग लाभान्वित हुए।

*निःशुल्क बीपी, शुगर जांच कैम्प से 50 हजार से अधिक नागरिक हुए लाभान्वित-*

लोगो में बीपी, शुगर की बीमारी के प्रति जागरूकता लाने और समय रहते बीमारी की पहचान कर ईलाज शुरू करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती साहू की पहल से निःशुल्क बीपी, शुगर जांच कैम्प का आयोजन किया गया। जिले में आयोजित दो कैम्पों के माध्यम से लगभग 50 हजार से अधिक लोगो का बीपी, शुगर जांचा गया। साथ ही जांच उपरांत बीपी शुगर असामान्य होने पर लोगों को जरूरी दवाइयां और बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक सलाह भी दी गई।


*सी-मार्ट की स्थापना और रिपा क्षेत्र के विकास से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा आर्थिक बल-*

जिले की स्व सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक बल देने तथा उनके द्वारा बनाये जा रहे स्थानीय उत्पादों को बेचने के लिए जगह प्रदान करने के उद्देश्य से कोरबा शहर में सी-मार्ट का स्थापना किया गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के मंशानुसार सभी जिलों में सी-मार्ट स्थापित करने के निर्देश उपरांत कलेक्टर श्रीमती साहू ने कोरबा शहर में सी मार्ट स्थापित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की। महिलाओं के द्वारा बनाए गए उत्पाद के बिक्री के लिए जगह उपलब्ध कराने के लिए जिला मुख्यालय में सी-मार्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ताकि स्व सहायता समूह की महिलाओं को अच्छा बाजार मिल सके जिससे महिलाओं को आर्थिक लाभ हो। इसी प्रकार ग्रामीण महिलाओं को गौठान में विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोडने के लिए रूरल इडस्ट्रियल पार्क की स्थापना की जा रही है। जिले में अमरपुर और केराझरिया गौठान रिपा क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। जिसमें शेड विकसित किया जा रहा है। इन शेड में महिलाएं आजीविका के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित करेंगी। साथ ही महिलाओं को स्वरोजगार से जुडने का अवसर प्राप्त होगा।

KORBA: थाना प्रभारी एवं विवेचकों को दी गई बैंकिंग फ्रॉड के मामलों में जांच के तरीकों की जानकारी, बैंकों में अपनाई जा रही तकनीकी सिक्यूरिटी के बारे में विस्तार से बताया

कोरबा। बैंकों में बढ़ते हुए बैंकिंग फ्रॉड के मामलों को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल द्वारा पुलिस अधिकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए कोरबा पुलिस एवं आईसीआई बैंक के संयुक्त तत्वाधान में बुधवार 29 जून को EDC ऑडिटोरियम जमनीपाली कोरबा में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में आईसीआईसीआई बैंक के प्रधान कार्यालय पुणे से आए हुए विशेषज्ञ सुमित महाबलेश्वर एवं कमलेश वाल्डे द्वारा Bank frouds : Prevention & Investigation विषय पर जानकारी देते हुए बैंक द्वारा उपयोग किया जा रहे आधुनिक तकनीक के बारे में बताया गया। साथ ही इन मामलों की जांच के तरीके के बारे में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी गई ।

कार्यशाला में उपस्थित अधिकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कहा कि बदलते हुए परिवेश में बैंकिंग के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है , किंतु जागरूकता की कमी के कारण बैंकिंग फ्रॉड हो रहे है। उन्होंने कहा जनता को जागरूक करने की आवश्यकता है। पटेल ने जोर देते हुए कहा की इस तरह के ठगों पकड़ने के लिए हमें आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर इन ठगों से ज्यादा हाईटेक बनना होगा।

0.पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी गई जानकारी

कार्यशाला में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से आईसीआईसीआई बैंक की ओर से आए हुए विशेषज्ञों के द्वारा जानकारी दी गई। साथ ही पुलिस अधिकारियों द्वारा भी उनसे सवाल कर आशंकाओं का समाधान किया गया ।


इस अवसर पर मुख्य रूप से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा योगेश साहू ,एसडीओपी ईश्वर त्रिवेदी सहित सभी थाना, चौकी एवं सहायता केंद्र के प्रभारीगण सहित लगभग 150 की संख्या में पुलिस अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

राजस्थान के ऊर्जा सचिव ने छत्तीसगढ़ के उच्च अधिकारिओ से कोयले के लिए चर्चा की

अंबिकापुर।राजस्थान राज्य के प्रधान ऊर्जा सचिव और आईएएस  भास्कर ए सावंत और राजस्थान राज्य विद्युत् उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) के चेयरमैन तथा मैनेजिंग डायरेक्टर आर शर्मा ने दो दिन के रायपुर प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ के आला अफसरों से कोयले की निरंतर आपूर्ति के बारे में चर्चा की।  छत्तीसगढ़ प्रशासन ने आश्वासन दिलाया है की वह राजस्थान में बिजली की किल्लत ना हो उसके लिए हर मुमकिन प्रयास करेगी।

 

आरआरवीयूएनएल की कुल विद्युत् उत्पादन क्षमता 7,580 मेगावाट है, जिसमें से 4,340 मेगावाट के लिए कोयला छत्तीसगढ़ आता है। ऐसे में राजस्थान की आधे से भी ज्यादा कोयला आधारित विद्युत् क्षमता छत्तीसगढ़ पर आधारित है। छत्तीसगढ़ में राजस्थान को तीन कोयला खदानें आवंटित है जिसमे से हाल में सिर्फ परसा ईस्ट कांता बसन (पीईकेबी) ब्लॉक से साल का करीब 150 लाख टन कोयला उत्पादन होता है। पीईकेबी ब्लॉक के प्रथम चरण में अब कुछ ही दिनों का कोयला बचा है और अगर दूसरे चरण में जल्द ही काम शुरू नहीं हो पाया तो राज्य को बिजली की कटौती का सामना करना पड सकता है।

 

सोमवार को श्री सावंत और श्री शर्मा, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के सचिव, डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस श्री अशोक जुनेजा और प्रिंसिपल चीफ कंज़र्वेटर ऑफ़ फारेस्ट श्री आर के चतुर्वेदी से मिले। वहीं श्री शर्मा मंगलवार को सुरगुजा कलेक्टर संजीव कुमार झा से भी मिले और जिला प्रशासन से भी सहकार के लिए अनुरोध किया।

 

“राजस्थान और छत्तीसगढ़ राज्यों की सरकारें और प्रशासन जितना की निरंतर बिजली की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है उतना ही पर्यावरण के प्रति सजग है। पीइकेबी खदान के रिक्लेम क्षेत्र में ही आठ लाख से ज्यादा वृक्षारोपण किया गया है जो अब एक नए जंगल का रूप ले चुके हैं। इसके अलावा दोनों राज्यों ने कोयला खदान से पर्यावरण पर होने वाले प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए छत्तीसगढ़ के वन विभाग द्वारा 40 लाख पेड़ो का रोपण करवाया है। साथ ही आरआरवीयूएनएल एक जिम्मदार संस्थान है और सुरगुजा क्षेत्र में स्थानीय लोगो के सशक्तिकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए अनेक कार्यक्रम चल रहे है जिसने CSR में नए मानक स्थापित किये है ,” श्री सावंत ने बताया।

 

अंबिकापुर में कलेक्टर संजीव कुमार झा से आज मुलाकात करने के बाद श्री आर के शर्मा ने उपस्थित पत्रकारों के द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में कहा, “राजस्थान की 4340 मेगावाट की ताप विधुत परियोजना का कोयला छत्तीसगढ़ की हमारी कैप्टिव कोल् माइंस से जाता है उसको लेकर हम लोग बहुत चिंतित हैं। हमारे जो प्रिंसिपल एनर्जी सेक्रेटरी भास्कर सामंत भी कल यहाँ आये थे। कल हमने यहाँ पर चीफ सेक्रेटरी, प्रिंसिपल कंज़र्वेटर फॉरेस्ट, DGP साहब से भी बात की है और हमने हमारी चिंताओं, और राजस्थान में जो बिजली संकट मंडरा रहा है उस पर बात की। क्यूंकि अगर हमें इन कैप्टिव कोल माइंस से कोयला नहीं मिलता है तो राजस्थान वाकई बहुत बड़ी परेशानी में फंस जायेगा।“

 

उल्लेखनिय है की राजस्थान के ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कल ट्वीट करके बताया था की वो राजकीय कार्यों में व्यस्त होने की वजह से छत्तीसगढ़ नहीं जा पा रहे हैं। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रशासन और लोगों से जल्द से जल्द खनन शुरू करने में सहयोग की अपील की थी

 

शर्मा ने ये भी बताया की छत्तीसगढ़ सरकार के तरफ से उन्हें हर तरह का आश्वाशन दिया गया है। “पुरे सहयोग का आश्वाशन सब जगह से दिया गया है। केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार से पहले ही सारी स्वीकृतियां आ चुकी हैं। हमारा ये मानना है की सरकार पूरी तरह से हमारे साथ है। कुछ NGOs हैं जिन्होंने ये मूवमेंट चला रखा है और इस कार्य को बाधित कर रहे हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से इस से मुक्ति दिला कर हमारी माइनिंग शुरू की जाये”

 

उन्होंने ये भी बताया स्थानीय लोग भी माइनिंग के समर्थन में हैं और वहां के विधायक टी एस सिंह देव भी राजस्थान सरकार की आवश्यकता को समझते हैं।  “क्यूंकि वो उसी क्षेत्र के विधायक हैं तो उनकी सोच ये है की वहां की जनता में कोई असंतोष है तो उसका जवाब देना उनकी जिम्मेदारी है। इस वजह से उन्होंने कोई स्टेटमेंट दिया है, बाकी राजस्थान सरकार की जो आवश्यकता है उसको वो भी समझते हैं और उनका भी सहयोग हमें मिलता रहा है और मिलेगा”

 

शर्मा ने बताया की ये कुछ NGOs इस पुरे मामले में कई तरह की भ्रान्ति फैलाने में लगी हुई है। “2007 – 08 में माइंस का अलॉटमेंट हुआ था और 2013 से ये माइनिंग हो रही है। ये NGO जो आदिवासियों के हितैसी बन रहे हैं, क्या किया है इन्होने आज तक। 2007-08 से पहले क्या किया, या 2013 के पहले हमारी माइंस जब तक वहां नहीं आयी थी, इस क्षेत्र के विकास के लिए क्या किया है। आज वहां के लोगों को रोजगार भी मिल रहा है, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से करीब 25000 लोगों को रोजगार मिला है। अगर इसको रोका जाता है तो आप सोचिये कितने लोग बेरोजगार हो जायेंगे। उस क्षेत्र समग्र विकास हो रहा है, बहुत सारे CSR एक्टिविटीज चल रही हैं। कुटीर उद्योग, मसाला उद्योग चल रहे हैं। हम 100 बैड का एक मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल बना रहे हैं और उसके लिए मैंने कलेक्टर साहब से बात भी की थी।

 

उन्होंने जंगल बचाने के लिए किये गए प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा, “एक लाख अस्सी हज़ार हेक्टेयर वन क्षेत्र है हसदेव अरण्य का, उसमे से चार हज़ार हेक्टेयर के आस पास की जमीन हमने ली है। और 2013 से 2022 तक 8.11 लाख पेड़ हम लगा चुके हैं। साथ ही फारेस्ट डिपार्टमेंट 40 लाख से ज्यादा पेड़ लगा चुका है और साथ में 9000 पेड़ हमने सीधे सीधे उखाड़ के लगाए हैं। जैसे जैसे खनन पूरा हो गया उसमे बैक फिलिंग करके, जमीन समतल करके,उसपर और पेड़ लगाए जा रहे हैं।”

 

उन्होंने राजस्थान और छत्तीसगढ़ राज्य के आपसी सहयोग से सरगुजा जिले में चलाए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा कर स्थानियों को हो रहे विभिन्न फायदों से अवगत कराया। राजस्थान के अधिकारिओ ने बताया कि आरआरवीयूएनएल के चलते पीईकेबी ब्लॉक में करीब 7,000 स्थानीयों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हो रहे है और बाकी के दो ब्लॉक के शुरू होने से भविष्य में राजस्थान सरकार के निगम द्वारा सुरगुजा जिले में करीब 30,000 लोगो के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह उल्लेखनीय है की पीईकेबी खदान के द्वितीय चरण की योजना समय पर शुरु ना होने पर सिर्फ राजस्थान में बिजली की किल्लत ही नहीं पर छत्तीसगढ़ में भी हज़ारो लोगो को रोजगार की समस्या से गुजरना पड़ेगा। इन हालात में राजस्थान सरकार अपनी कोयला खदानों के विकास और छत्तीसगढ़ में स्थानीय लोगो के रोजगार को लेकर प्रतिबद्ध है।

KORBA:जेएनयू के छात्र रहे हैं नए कलेक्टर संजीव झा, 2011 बैच के आईएएस हैं कोरबा के नए डीएम

कोरबा।  राज्य सरकार ने कोरबा जिले में 2011 बैच के आईएएस संजीव झा को नया कलेक्टर पदस्थ किया है, वहीं रानू साहू अब रायगढ़ का प्रभार संभालेंगी। 04 जनवरी 1976 को उनका जन्मदिन है। आईएएस संजीव झा 22 अगस्त 2011 बतौर भारतीय प्रशासनिक अधिकारी के अपनी सर्विस ज्वाइन की।

इससे पहले वे सूरजपुर जिले में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के अलावा बलरामपुर रामानुजगंज जिले में कलेक्टर का प्रभार संभाल चुके हैं। इससे पहले श्री संजीव झा
6 फरवरी 2019 से 28 जून 2022 तक सरगुजा ​जैसे बड़े जिले में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी पद का बखूबी निर्वहन किया है। अब वे कोरबा जिले का प्रभार संभालेंगे।

राजस्थान के राजसमंद में बिगड़े हालात, पुलिस की टीम पर पथराव

राजस्थान के उदयपुर में दर्जी की गला काटकर हत्या मामले के बाद पूरे राज्य में अलर्ट है. इस घटना के बाद राज्य में कई जगहों पर पथराव और आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं. एहतियातन के तौर पर प्रशासन ने कई जिलों में कर्फ्यू लगा दिया है. इस मामले में जिहादी ग्रुप के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है. इसके चलते NIA के सीनियर रैंक के अधिकारियों की टीम उदयपुर भेजी गई. IB के अधिकारी केद्रीय एजेंसी के साथ मिलकर लार्जर कॉन्सपिरेंसी देखेंगे.

 

उदयपुर मर्डर केस में VIdeo भी आया सामने

उदयपुर घटना का वीडियो भी सामने आया था. आरोपियों ने हत्या के वक्त वीडियो भी शूट किया. इतना ही नहीं उन्होंने बाद में एक अन्य वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी जान से मारने की धमकी दी.

ब्रेकिंग: 5 लाख का इनामी नक्सली वंथला रामकृष्ण उर्फ ​​प्रभाकर गिरफ्तार, 39 लाख रुपए नकद सहित पांच डेटोनेटर और एक 9MM पिस्टल बरामद,छत्तीसगढ़ की वारदातों में रहा है शामिल 

जगदलपुर/हैदराबाद। तेलगूदेशम पार्टी के विधायक की हत्या सहित कई अपराधों में शामिल रहे  5 लाख रुपए के इनामी नक्सली रामकृष्ण को आंध्रप्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार नक्सली छत्तीसगढ़ की सीमा घटी कई नक्सली वारदात में भी शामिल रहा है। गिरफ्तार नक्सली के पास से करीब 39 लाख रुपए नकद सहित पांच डेटोनेटर और एक 9MM पिस्टल बरामद किया गया है। गिरफ्तार माओवादी वंथला रामकृष्ण के अलावा ​​प्रभाकर उर्फ ​​अशोक उर्फ ​​गोड्डाली रायुडू के नाम से जाना जाता था।

 

विशाखापट्टनम रेंज के उप महानिरीक्षक एस. हरिकृष्णा और अल्लूरी सीतारामा राजू जिले के SP एस सतीश कुमार ने कहा कि, शीर्ष माओवादी नेता रामकृष्ण को पेदाबयालु पुलिस ने पकड़ा है। माओवादी पेदाबयालु मंडल के तहत कोंड्रम गांव से इंजरी गांव जा रहा था।

इस बीच मुखबिर की सूचना के अनुसार पुलिस इन्हीं गांवों के जंगल में ऑपरेशन पर निकली थी। यहीं से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। रामकृष्ण कोंड्रम गांव का निवासी है और दलम सदस्य, और पार्टी सदस्य के रूप में संगठन में शामिल हुआ था।

मुखबिर बताकर की गई कई हत्या में रहा है शामिल

रामकृष्ण को क्षेत्र समिति सदस्य और क्षेत्र समिति सचिव बनाया गया था। इसके बाद ओडिशा के मलकानगिरी और कोरापुट जिलों, पूर्वी गोदावरी और ASR जिलों में माओवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ चला गया था। जो आंध्र-ओडिशा विशेष क्षेत्रीय समिति क्षेत्र (AOBSZC) में स्थित हैं। रामकृष्ण कुल 124 मामलों में शामिल था। इस पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, माओवादी ने कई आदिवासियों को पुलिस का मुखबिर बताकर उन्हें मारा है।

IAS अफसर ने स्टेज पर जमकर लगाए ठुमके, ब्रेक डांस कर बॉलीवुड सितारों को भी कर दिया फेल

वैसे तो इंटरनेट पर डांस (Dance) के कई वीडियो मौजूद हैं जो सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हैं. लेकिन डांस के इस वीडियो को देख आप तारीफ किए बिना रह नहीं पाएंगे. इस वीडियो में डांस कर रहा जो शख्स दिख रहा है वो कोई आम आदमी नहीं बल्कि एक आईएएस (IAS) अफसर है. ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

आईएएस अफसर ने किया धमाकेदार डांस

दावा किया जा रहा है वायरल वीडियो में कोट और नीले रंग की पैंट पहने हुए दिख रहा शख्स एक आईएएस अधिकारी है. इनका नाम गोपाल कृष्ण बी है. वो म्युनिसिपल कॉरपोरेशन कमिश्नर हैं.

लोगों ने की आईएएस के डांस की तारीफ

जैसा कि आप वीडियो में देख सकते हैं कि आईएएस अफसर वीडियो में ब्रेक डांस कर रहे हैं. उनके आसपास खड़े लोग भी ताली बजाकर उनका प्रोत्साहन कर रहे हैं. आईएएस अफसर का ब्रेक डांस किसी बॉलीवुड सितारे के डांस के मुकाबले कम नहीं है.

आईएएस की प्रशंसा में यूजर्स ने पढ़े कसीदे

आईएएस अफसर के डांस की तारीफ में एक यूजर ने लिखा कि क्या हुआ कि वो एक आईएएस हैं. टैलेंट हो तो उसका प्रदर्शन करना चाहिए और उसपर गर्व करना चाहिए.

वहीं एक अन्य यूजर ने आईएएस अफसर की प्रशंसा करते हुए लिखा कि ऐसा लगता है कि उन्होंने खास तौर पर डांस स्टेप्स की प्रैक्टिस की है. आखिर जिंदगी मजेदार होनी चाहिए. अच्छा कदम है सर.नाबा नामक एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि मुझे नहीं पता था LBSNAA में डांस भी सिखाया जाता है.

धमकी मिलने के बावजूद सुरक्षा क्यों नहीं दी गई? कांग्रेस नेता ने उठाये अशोक गहलोत पर सवाल, लोग बोले- पार्टी से बाहर हो जाएंगे

राजस्थान के उदयपुर में हुई निर्मम हत्या के बाद करीब 600 पुलिसकर्मियों को इलाके में तैनात किया गया है। जबकि कई बड़े अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। बताया जा रहा है कि मृतक के परिजनों को पहले से ही धमकियां मिल रही थी लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया है। अब कांग्रेस नेता ने ही अशोक गहलोत और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाया है।

घटना के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना का वीडियो शेयर कर माहौल खराब करने से बचें। अशोक गहलोत के इस ट्वीट पर कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सवाल उठाए हैं।
आचार्य प्रमोद ने ट्वीट कर लिखा कि “धमकी मिलने के बावजूद भी “कन्हैया” को सुरक्षा उपलब्ध क्यों नहीं करायी गयी, कातिलों के साथ साथ “पुलिस” प्रशासन भी बराबर का दोषी है। SSP DIG के खिलाफ अभी तक कार्यवाही क्यों नहीं की गयी? क्या “राजस्थान” में “सरकार” का इकबाल बिलकुल खत्म हो गया है?’

सोशल मीडिया पर लोग आचार्य प्रमोद के इस ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। रामचरण नाम के यूजर ने लिखा कि ‘आचार्य जी राजस्थान में जनता का जो कांग्रेस के प्रति विश्वास था, वह उठ चुका है। गहलोत जी के कार्यकाल में राजस्थान में जंगलराज चल रहा है। अगर अभी भी कांग्रेस आलाकमान इस मामले को संज्ञान नहीं लेता तो कांग्रेस मुक्त भारत होना तय है !’
हरीश नेगी ने लिखा कि ‘अपराधी को सख्त सजा मिलेगी, इतना निश्चित है! सरकार का काम करने का तरीका होता है कोई मीडिया ट्रायल नहीं चलाना है। कानून पर विश्वास करिए!’ एक अन्य यूजर ने लिखा कि ‘आप को पार्टी से बाहर निकलना है क्याआचार्य प्रमोद जी?’ रमाशंकर पाण्डेय ने लिखा कि ‘आचार्य जी अपना बोरिया बिस्तर बांध लो। कल सवेरे तक आपको कांग्रेस से भगा दिया जाएगा। पहले महाराष्ट्र सरकार को नसीहत देने के लिए। अब राजस्थान सरकार को नसीहत देने के लिए।’ बता दें कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर लिखा है कि ‘उदयपुर में युवक की जघन्य हत्या की भर्त्सना करता हूं। इस घटना में शामिल सभी अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी एवं पुलिस अपराध की पूरी तह तक जाएगी। मैं सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। ऐसे जघन्य अपराध में लिप्त हर व्यक्ति को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।’

महाराष्ट्र विधानसभा: फ्लोर टेस्ट के आदेश को शिवसेना की SC में चुनौती, शाम 5 बजे होगी सुनवाई

नई दिल्ली/मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा में गुरुवार को फ्लोर टेस्ट करने के राज्यपाल के आदेश को शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। शिवसेना के चीफ व्हिप सुनील प्रभु की ओर से राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के आदेश के खिलाफ अर्जी दाखिल की गई है। इस पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आज शाम 5 बजे का ही वक्त तय किया है।

शिवसेना की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी पक्ष रखेंगे। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि राज्यपाल के फैसले पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है और शीर्ष अदालत इस मामले में दखल दे। फ्लोर टेस्ट के आदेश का विरोध करते हुए संजय राउत ने कहा कि यह फैसला असंवैधानिक है और इसके जरिए नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

संजय राउत ने कहा, ‘अभी तो 16 विधायकों की अयोग्यता का ही मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ऐसे में उससे पहले फ्लोर टेस्ट का आदेश देना गलत है और पूरी तरह से असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि भाजपा गवर्नर हाउस से राजनीति करवा रही है।’ इस बीच एकनाथ शिंदे गुट ने भी कल फ्लोर टेस्ट के लिए मुंबई पहुंचने का ऐलान किया है।

ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ होकर तिरुपति और पुरी जाने वाली 8 ट्रेनें रद्द, 11 के रूट बदले

बिलासपुर/रायपुर। रेलवे ने छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 8 ट्रेनों को रद्द कर दिया है वहीं 11 के रूट बदले गए हैं। रेलवे के अनुसार ईस्ट कोस्ट रेलवे के संबलपुर रेड मंडल में विकास कार्य के नाम पर पावर ब्लॉक लिया गया है।

इस वजह से 7 से 17 जुलाई तक 8 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है। जबकि, रैक के अभाव में बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस को 29 व 30 जून को रद्द कर दिया गया है।

7 से 17 जुलाई तक 10 गाड़ियां परिवर्तित मार्ग से चलाई जाएगी। एक दिन पहले ही विकास कार्यों के चलते रेलवे ने तीन दिन के लिए 18 ट्रेनों को कैंसिल किया है।

रद्द होने वाली गाड़ियां

7 से 17 जुलाई रायपुर एवं विशाखापटनम से चलने वाली 08527/08528 रायपुर-विशाखापटनम-रायपुर स्पेशल एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
7, 10 एवं 14 जुलाई, 2022 को तिरूपति से चलने वाली 17482 तिरूपति-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
9, 12 एवं 16 जुलाई को बिलासपुर से चलने वाली 17481 बिलासपुर-तिरूपति एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
11 से 17 जुलाई तक पूरी एवं दुर्ग से चलने वाली 18425 / 18426 पुरी –दुर्ग –पुरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी है।
7 से 17 जुलाई तक टिटलागढ़ एवं बिलासपुर से चलने वाली 08263/08264 टिटलागढ़-बिलासपुर-टिटलागढ़ स्पेशल एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

परिवर्तित मार्ग से चलनी वाली गाड़ियां

रायपुर-टिटलागढ़-सम्बलपुर के स्थान पर परिवर्तित बिलासपुर–ईब-सम्बलपुर होकर चलेगी।
10 जुलाई को कुर्ला से चलने वाली 12145 कुर्ला-पूरी एक्सप्रेस बिलासपुर-ईब-सम्बलपुर होकर रवाना होगी।
12 जुलाई को पूरी से चलने वाली 12146 पूरी-कुर्ला एक्सप्रेस सम्बलपुर-ईब-बिलासपुर होकर रवाना होगी।
10 जुलाई को पूरी से चलने वाली 22827 पूरी-सूरत एक्सप्रेस सम्बलपुर-ईब- बिलासपुर होकर रवाना होगी।
12 जुलाई को सूरत से चलने वाली 22828 सूरत-पूरी एक्सप्रेस बिलासपुर-ईब-सम्बलपुर होकर रवाना होगी।
8 एवं 15 जुलाई को गांधीधाम से चलने वाली 12993 गाधीधाम-पूरी एक्सप्रेस बिलासपुर- ईब-सम्बलपुर होकर रवाना होगी।
11 एवं 18 जुलाई को पूरी से चलने वाली 12994 पूरी – गांधीधाम एक्सप्रेस सम्बलपुर-ईब –बिलासपुर होकर रवाना होगी।
6 एवं 13 जुलाई को पूरी से चलने वाली 20861 पूरी-अहमदाबाद एक्सप्रेस सम्बलपुर-ईब-बिलासपुर होकर रवाना होगी।
8 एवं 15 जुलाई को अहमदाबाद से चलने वाली 20862 अहमदाबाद-पूरी एक्सप्रेस बिलासपुर-ईब-सम्बलपुर होकर रवाना होगी।