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MLA का वायरल VIDEO पर बड़ा बयान… कहा करोड़ो खर्च कर सुरक्षा एजेंसी तैनात तो चोरी कैसे…

कोरबा। एशिया की शान कोयले की खान हो रहा बदनाम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। कटघोरा विधानसभा विधायक पुरुषोत्तम कंवर ने कोयला चोरी को लेकर एसईसीएल प्रबंधन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि जब खान की सुरक्षा के लिए करोड़ो ख़र्च कर सीआईएसएफ के जवान और त्रिपुरा राइफल के जवान तैनात है तो चोरी हो कैसे रही हैं । मतलब साफ है कोयला चोरी कराने में प्रबंधन का सांठगांठ हैं। जब सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम है तो चोरी नहीं रोक पा रहे है तो आरोप प्रशसान पर क्यों?

बता दें कि एसईसीएल की खदान में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों का कोयला चोरी का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद शासन- प्रशासन में खलबली मच गया है। बिलासपुर रेंज के आईजी रतनलाल डांगी ने कोयला चोरी के वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए बिंदुवार जानकारी के साथ जांच के आदेश बिलासपुर,रायगढ़ व कोरबा एसपी को प्रेषित किया है। अब इस मामले पर कटघोरा विधायक पुरुषोत्तम कंवर भी कूद गए है और एसईसीएल, व केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को लताड़ा है। उन्होंने कहा कि कोयला खान केंद्रीय सरकार का उपक्रम है, जिसके सुरक्षा की जिम्मेदारी एसईसीएल सीआईएसएफ और त्रिपुरा राइफल के जवानों को सौंपा है। खान की सुरक्षा पर प्रबंधन हर साल करोड़ों खर्च करता है।करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद भी यदि खान से चोरी नहीं रुक पा रही है तो यह सीआईएसएफ और त्रिपुरा राइफल्स के जवानों और अधिकारियों की विफलता को दर्शाताहै।

जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें स्पष्ट नहीं है कि वीडियो किस माइंस का है। हिंदुस्तान के कई राज्यों में माइंस हैं ,जिनकी सुरक्षा CISF एवं अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां करती हैं उनके हजारों अफसर और जवान तैनात हैं। करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद भी यदि सीआईएसएफ और त्रिपुरा राइफल्स के जवान चोरी नहीं रोक पा रहे है तो उन्हें रखने का औचित्य क्या है?
विधायक कंवर ने कहा कि जब वायरल वीडियो को ग्राम नरईबोध चौकी हरदीबाजार क्षेत्र का बताया गया तो मैंने वीडियो की सत्यता को जानने के लिए ग्राम नरईबोध में टीम भेजकर उस लोकेशन की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई, दोनों वीडियो को देखने से दोनों के लोकेशन में अंतर साफ नजर आ रहा है । ऐसा प्रतीत होता है कि वायरल वीडियो इस लोकेशन का नहीं है इसकी सत्यता की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा की इस वीडियो को वायरल करने के पीछे किन लोगों का हाथ है। जल्द ही साफ हो जाएगा कि वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है।

यहां यह बताना लाज़मीं होगा कि कोरबा जिले में कोयला चोरी को लेकर कई बार स्थितियां सामने आई लेकिन गौर करने वाली बात यह है कोयले की चोरी को लेकर भारी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान खदानों में तैनात रहते हैं तभी खदानों में किसी भी प्रकार के चोरी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किया जा सके । कोरबा में संचालित कोयले की खदानों में भारी मात्रा में त्रिपुरा के जवान तैनात हैं सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए एसईसीएल के जवानों को तैनात किया गया है इनकी तैनाती के दौरान इतने बड़े संख्या में मजदूरों का खदान में प्रवेश करना संभव नहीं है चलिए मान लेते हैं कोरबा में भारी संख्या में मजदूरों के द्वारा कोयले की चोरी लगातार की जा रही है ऐसे में त्रिपुरा बटालियन के जवानों की सुरक्षा मैं क्या कोई कमी रह गई थी और यदि सुरक्षा के बावजूद स्थानीय लोगों को खदानों में प्रवेश किया जा रहा है तो एसईसीएल प्रबंधन के द्वारा क्या पुलिस के समक्ष लिखित शिकायत की गई यह अपने आप में सवाल है।

MLA का वायरल VIDEO पर बड़ा बयान …कहा करोड़ों रुपए खर्च और सीआईएसएफ और त्रिपुरा राइफल्स के जवान चोरी नहीं रोकने में नाकाम… तो इनके ड्यूटी का औचित्य ही क्या है ?

कोरबा। एशिया की शान कोयले की खान हो रहा बदनाम ! को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। कटघोरा विधानसभा विधायक पुरुषोत्तम कंवर ने कोयला चोरी को लेकर एसईसीएल प्रबंधन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि जब खान की सुरक्षा के लिए करोड़ो ख़र्च कर सीआईएसएफ के जवान और त्रिपुरा राइफल के जवान तैनात है तो चोरी हो कैसे रही हैं । मतलब साफ है कोयला चोरी कराने में प्रबंधन का सांठगांठ हैं। जब सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम है तो चोरी नहीं रोक पा रहे है तो आरोप प्रशसान पर क्यों?

बता दें कि एसईसीएल की खदान में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों का कोयला चोरी का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद शासन- प्रशासन में खलबली मच गया है। बिलासपुर रेंज के आईजी रतनलाल डांगी ने कोयला चोरी के वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए बिंदुवार जानकारी के साथ जांच के आदेश बिलासपुर,रायगढ़ व कोरबा एसपी को प्रेषित किया है। अब इस मामले पर कटघोरा विधायक पुरुषोत्तम कंवर भी कूद गए है और एसईसीएल, व केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को लताड़ा है। उन्होंने कहा कि कोयला खान केंद्रीय सरकार का उपक्रम है, जिसके सुरक्षा की जिम्मेदारी एसईसीएल सीआईएसएफ और त्रिपुरा राइफल के जवानों को सौंपा है। खान की सुरक्षा पर प्रबंधन हर साल करोड़ों खर्च करता है।करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद भी यदि खान से चोरी नहीं रुक पा रही है तो यह सीआईएसएफ और त्रिपुरा राइफल्स के जवानों और अधिकारियों की विफलता को दर्शाताहै।

जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें स्पष्ट नहीं है कि वीडियो किस माइंस का है। हिंदुस्तान के कई राज्यों में माइंस हैं ,जिनकी सुरक्षा CISF एवं अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां करती हैं उनके हजारों अफसर और जवान तैनात हैं। करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद भी यदि सीआईएसएफ और त्रिपुरा राइफल्स के जवान चोरी नहीं रोक पा रहे है तो उन्हें रखने का औचित्य क्या है?
विधायक कंवर ने कहा कि जब वायरल वीडियो को ग्राम नरईबोध चौकी हरदीबाजार क्षेत्र का बताया गया तो मैंने वीडियो की सत्यता को जानने के लिए ग्राम नरईबोध में टीम भेजकर उस लोकेशन की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई, दोनों वीडियो को देखने से दोनों के लोकेशन में अंतर साफ नजर आ रहा है । ऐसा प्रतीत होता है कि वायरल वीडियो इस लोकेशन का नहीं है इसकी सत्यता की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा की इस वीडियो को वायरल करने के पीछे किन लोगों का हाथ है। जल्द ही साफ हो जाएगा कि वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है।

यहां यह बताना लाज़मीं होगा कि कोरबा जिले में कोयला चोरी को लेकर कई बार स्थितियां सामने आई लेकिन गौर करने वाली बात यह है कोयले की चोरी को लेकर भारी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान खदानों में तैनात रहते हैं तभी खदानों में किसी भी प्रकार के चोरी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किया जा सके । कोरबा में संचालित कोयले की खदानों में भारी मात्रा में त्रिपुरा के जवान तैनात हैं सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए एसईसीएल के जवानों को तैनात किया गया है इनकी तैनाती के दौरान इतने बड़े संख्या में मजदूरों का खदान में प्रवेश करना संभव नहीं है चलिए मान लेते हैं कोरबा में भारी संख्या में मजदूरों के द्वारा कोयले की चोरी लगातार की जा रही है ऐसे में त्रिपुरा बटालियन के जवानों की सुरक्षा मैं क्या कोई कमी रह गई थी और यदि सुरक्षा के बावजूद स्थानीय लोगों को खदानों में प्रवेश किया जा रहा है तो एसईसीएल प्रबंधन के द्वारा क्या पुलिस के समक्ष लिखित शिकायत की गई यह अपने आप में सवाल है।

BJP नेता ने राजेश मूणत ने साधा कांग्रेस पर निशाना, कहा – दो साल से बंद सिटी बस सेवा का क्या…

रायपुर। पूर्व मंत्री और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश मूणत (Rajesh Munat On Congress) ने शुक्रवार को कांग्रेस सरकार पर सिटी बस सेवा को लेकर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि दो साल से बंद सिटी बस सेवा कब बहाल होगी?

उन्होंने आरोप लगाया कि की राजधानी वासियों को सुविधा को बंद कर आम यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त भार क्यों डाला जा रहा है? बस संचालन के टेंडर में क्यों लेटलतीफी हो रही है?

उन्होंने कंहा की आम जनता को सब समझ आ रहा है कि महापौर के निर्देश के बाद भी अधिकारी टेंडर नही जारी कर पा रहे है। श्री मूणत ने कंहा की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में सिटी बस सेवा प्रारंभ (Rajesh Munat On Congress) की थी,

मगर कांग्रेस सरकार ने इस सेवा का भी ना तो ठीक से संचालन कर पाई और ना ही पुरानी सेवा को अनवरत जारी रख पाई, जबकि लाखो लोग सिटी बस सेवा का रोज उपयोग करते थे।

उन्होंने सरकार पर सिटी बस सेवा जनता से छीनने का आरोप लगाते हुए कंहा की साढ़े 3 साल में इस सरकार ने केवल आम नागरिकों की तकलीफ ही बढ़ाई है, एक भी कार्य जनता के हित मे नही (Rajesh Munat On Congress) किया।

श्री मूणत ने यह भी आरोप लगाया कि शहर विकास के नाम पर कांग्रेस की सरकार ने एक ईंट तक नही रखी। केंद्र सरकार से मिली स्मार्ट सिटी की राशि का केवल दुरूपयोग किया , उसमें भी अधिकांश काम कमीशन की भेंट चढ़ गया।

श्री मूणत ने कंहा की लंबे समय से बंद ये सभी बसें आमानाका बस डिपो में कंडम स्थिति में खड़ी हैं.बस ऑपरेटर की मांग थी कि 2 साल से खड़े बस के टैक्स में शासन छूट दे.

इसी के साथ किराए में वृद्धि की मांग भी वे कर रहे थे. मगर सरकार इस मामले में भी अनिर्णय की हालत में है, आखिर क्यों सरकार राजधानी में सस्ते परिवहन सुविधा से नागरिको को वंचित कर रही है?

SECL के CMD मिश्रा को उद्योग रत्न अवार्ड, कोयला उद्योग में बेहतर नेतृत्व के लिए मिला सम्मान

बिलासपुर।  SECL मुख्यालय बिलासपुर के  CMD प्रेम सागर मिश्रा को इंस्टीट्यूट ऑफ इकॉनामिक स्टडीज (IIS) नईदिल्ली ने प्रतिष्ठित ‘उद्योग रत्न’ अवार्ड दिया है। उन्हें यह सम्मान कोयला उद्योग में बेहतर नेतृत्व के लिए दिया गया है।

SECL के जनसंपर्क अधिकारी सनिश चंद्रा ने बताया कि यह पुरस्कार समारोह गुरुवार को को नई दिल्ली के इंडिया हेबिटाट सेन्टर में आयोजित किया गया।

असम के राज्यपाल प्रो0 जगदीश मुखी के गरिमामय समारोह में उन्हें यह अवार्ड दिया गया। इंस्टीट्यूट ऑफ इकॉनामिक स्टडीज (IES), नई दिल्ली जनजागरूकता की दिशा में काम करने वाली देश की प्रीमियर इन्सटिट्यूट है। यह एक नॉट फॉर प्रॉफिट संगठन है।

0.माइनिंग इंजीनियर से लेकर CMD का सफर

कोयला उद्योग में डा. प्रेम सागर मिश्रा की छवि माइनिंग इंजीनियर की है। उन्होंने देश की कई बड़ी खदानों में तकनीक एवं नवाचार के सफलतापूर्वक समन्वय के साथ बेहतर नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया।

विशेष रूप से भूमिगत खदानों में डॉ. मिश्रा ने विशेषज्ञता हासिल की है। इसके पहले वे ईस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड के CMD भी रह चुके हैं। डॉ. मिश्रा ने बिजनेस लॉ में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और CSR से संबंधित विषय पर पीएचडी की उपाधि हासिल की है।

0.पहले भी मिल चुका है एक्सीलेंस अवार्ड

इसके पहले भी डॉ. मिश्रा को फरवरी 2019 में वर्ल्ड HRD कांग्रेस की ओर से प्रतिष्ठित ‘सीईओ विद एचआर ओरिएंटेशन’ पुरस्कार दिया गया था। जनवरी 2020 में इंडियन माइन मैनेजर्स एसोसिएशन (IMMA) की ओर से ‘एक्सीलेंस अवार्ड’ जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया गया था।

ज्ञानवापी मामला: शिवलिंग पर विवादित पोस्ट करने वाला डीयू प्रोफेसर रतन लाल गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने हिंदू कॉलेज के प्रोफेसर रतन लाल को धार्मिक भावनाएं भड़काने के उद्देश्य से ज्ञानवापी मामले में आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर गिरफ्तार कर लिया। टिप्पणी फेसबुक पर की गई थी।

डीसीपी सागर सिंह कलसी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रोफेसर को मौरिस नगर स्थित सरकारी आवास से गिरफ्तार किया गया। जानकारी के अनुसार, समाजसेवी शिवाल भल्ला ने इस बाबत शिकायत दी थी।

बता दें कि इतिहास के प्रोफेसर रतन लाल ने काशी की ज्ञानवापी मस्जिद में मिले शिवलिंग को लेकर आपत्ति जनक टिप्पणी की है। इसमें शिवलिंग की फोटो भी लगाई थी।

0.जानें क्या लिखा था पोस्ट में

फेसबुक पर शिवलिंग की फोटो शेयर करते हुए लिखा- यदि यह शिव लिंग है तो लगता है शायद शिव जी का भी खतना कर दिया गया था। इसके साथ फनी इमोजी भी पोस्ट की है।

प्रोफेसर के इस पोस्ट के बाद उन पर हिन्दुओं की धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगा था। कई लोगों ने पोस्ट का कड़ा जवाब देते हुए कार्रवाई की मांग करते हुए दिल्ली पुलिस के ट्विटर हैंडल को टैग भी किया था।

10वीं के छात्र के साथ फरार हुई महिला टीचर, सामने आई हैरान करने वाली सच्चाई

 वो कहावत तो सुनी ही होगी इश्क में सब जायज है, प्यार की कोई उम्र नहीं होती है, ये किसी से भी हो सकता है। ऐसा ही मामला सामने आया है फिरोजाबाद में, जहां डिग्री कॉलेज में पढ़ाने वाली एक टीचर को हाईस्कूल के छात्र से प्यार हो गया। तीन दिन से दोनों फरार हैं।

फिरोजाबाद के रामगढ़ स्थित एक डिग्री कॉलेज में पढ़ाने वाली टीचर हाईस्कूल के छात्र के साथ तीन दिन पूर्व फरार हो गई। परिजनों ने पुलिस को घटना से अवगत तो करा दिया, लेकिन छात्र और टीचर के परिजनों द्वारा रामगढ़ थाना पुलिस को तहरीर नहीं दी गई है।

मामला उत्तर थाना क्षेत्र में रहने वाली 22 वर्षीय युवती रामगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत एक डिग्री कॉलेज में टीचर है। बताया गया है कि इसी कॉलेज में इंटर कॉलेज भी है, जिसमें कुछ समय पहले ही हाईस्कूल की परीक्षाएं हुईं थीं। रामगढ़ थाना क्षेत्र का रहने वाला 17 वर्षीय किशोर हाईस्कूल की परीक्षा देने के लिए यहां आया था। जिस कक्ष में उसने परीक्षा दी, उसी में टीचर की ड्यूटी लगी हुई थी। चर्चा है कि छात्र और टीचर इसी दौरान संपर्क में आए और दोनों में प्यार हो गया।
तीन दिन से हैं लापता
पुलिस के अनुसार तीन दिन पूर्व दोनों फरार हो गए। छात्र और टीचर के घर न पहुंचने पर परिजनों को जानकारी हुई तो उन्होंने खोजबीन शुरू कर दी। काफी तलाश के बाद भी दोनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद खोजबीन के दौरान छात्र और टीचर के बारे में दोनों के घरवालों को जानकारी हो गई। तीन दिन बीत जाने के बाद भी जब छात्र और टीचर घर वापस नहीं आए, तो दोनों के परिजन रामगढ़ थाने में पहुंचे और मामले की जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस को नहीं दी तहरीर
पुलिस ने दोनों के घरवालों की बात को गंभीरता से सुना और कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया। हालांकि दोनों ही परिवार इस प्रकरण के बाद से बदनामी के डर से सहमे हुए हैं और कुछ भी खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं हैं, जिसके वजह से दोनों पक्षों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।

दोनों की उम्र में 5 साल का अंतर
वहीं इस मामले की जानकारी देते हुए थानाध्यक्ष रामगढ़ हरर्वेंद्र मिश्रा का कहना है कि टीचर उत्तर थाना क्षेत्र की रहने वाली है। जिसकी उम्र करीब 22 साल है और छात्र रैपुरा रामगढ़ थाना क्षेत्र का रहने वाला है। जिसकी उम्र करीब 17 साल है। छात्र के परिजन थाने आए थे। उन्होंने जानकारी दी थी, लेकिन तहरीर नहीं दी है। इसलिए कोई कार्रवाई पुलिस द्वारा नहीं की जा रही है।

कांग्रेस के चिंतन शिविर को प्रशांत किशोर ने बताया फेल, कहा- कुछ हासिल नहीं होगा

नई दिल्ली। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने उदयपुर कांग्रेस चिंतन शिविर को फेल बताया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि इस चिंतन शिविर से कांग्रेस को कुछ हासिल नहीं होने वाला।

बता दें कि कांग्रेस के लगातार खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी की ओर से राजस्थान के उदयरपुर में तीन दिन का चिंतन शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में पार्टी के तमाम छोटे बड़े नेताओं ने मजबूत वापसी के लिए मंथन किया। लेकिन इस मंथन के बाद अन्य राजनीतिक दलों के साथ-साथ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की भी प्रतिक्रिया सामने आई है।

प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के चिंतन शिविर को लेकर बड़ा बयान दिया है। पीके ने कांग्रेस के चिंतन शिविर को पूरी तरफ फेल बताया है। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने एक बार फिर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि, कांग्रेस के चिंतन शिविर से कुछ भी सार्थक हासिल नहीं हुआ।

0.क्या बोले प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर कहा कि उनसे लगातार कांग्रेस के चिंतन शिवर को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। मेरे विचार से कांग्रेस को चिंतन शिविर से कुछ भी सार्थक हासिल नहीं हुआ। हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व को कम से कम गुजरात और हिमाचल चुनाव तक मौजूदा मुद्दों को टालने का समय मिल गया है।

बता दें कि लंबे समय तक प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर अंटकलें चलती रहीं, लेकिन आखिर में प्रशांत किशोर की कांग्रेस में एंट्री नहीं हो पाई।

जेल में सिद्धू की रोज की कमाई 90 रुपए,जानें क्या कहता है जेल मैन्युअल

पटियाला। एक दिन में लाखों रुपये की कमाई करने वाले पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू पटियाला जेल में रोजाना मात्र 30 रुपये से 90 रुपये तक ही कमा सकेंगे। यही नहीं जेल में शुरुआत के तीन महीने उन्हें बिना वेतन के ही बिताना पड़ेगा।

इसका मतलब साफ है कि तीन माह सिद्धू को जेल में काम तो करना पड़ेगा लेकिन बदले में उन्हें भुगतान नहीं किया जाएगा। दरअसल, जेल नियमों के मुताबिक कठोर कारावास की सजा पाने वाले सिद्धू को अकुशल मानते हुए शुरुआत के तीन माह का काम करना प्रशिक्षण के तौर पर माना जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक सिद्धू को पढ़े-लिखे होने के कारण जेल की फैक्टरी में काम दिया जा सकता है, जहां बिस्कुट व फर्नीचर का सामान बनता है। उन्हें जेल की लाइब्रेरी या ऑफिस में भी कोई काम मिल सकता है। तीन माह बिना वेतन के काम करने के बाद सिद्धू को पहले अर्धकुशल कैदी माना जाएगा और इस दौरान उन्हें काम के बदले 30 रुपए का भुगतान होगा। इसके बाद कुशल कैदी बनने पर रोजाना 90 रुपए कमा सकेंगे।

0.जेल में यह हो सकता है रुटीन

सिद्धू का दिन जेल में सुबह साढ़े पांच बजे शुरू होगा। इसके बाद सात बजे चाय के साथ खाने के लिए उन्हें बिस्कुट या काले चने मिल सकते हैं। सुबह साढ़े 8 बजे उन्हें नाश्ते में चपाती, दाल, सब्जी मिलेगी। फिर जेल के बाकी कैदियों की तरह उन्हें भी काम के लिए ले जाया जाएगा।

शाम साढ़े पांच बजे उनकी छुट्टी होगी। शाम साढ़े छह बजे रात का खाना दिया जाएगा और फिर सवा सात बजे के करीब अन्य कैदियों की तरह उन्हें भी बैरक में बंद कर दिया जाएगा।

बैंक में डाका डालने से पहले लॉकर की पूजा, फिर उड़ा ले गए गहने और कैश, पुलिस को गुमराह करने किया ये काम

कोल्लम (केरल)। केरल के कोल्लम जिले से एक फाइनेंस फर्म से अजीबोगरीब चोरी का मामला सामने आया है। यहां चोर फर्म में घुसे और गहने और नकदी लूट कर ले गए। चोरी को अंजाम देने से पहले विधिवत पूजा की, जिसके बाद चोरी का समान लेकर फरार हो गए।

जानकारी के अनुसार कोल्लम जिले के एक निजी फाइनेंसियल फर्म पाटनपुरम बैंकर्स में चारों इस घटना को अंजाम दिया गया है। चोरों ने लॉकर के सामने शराब और पान के पत्तों को रखकर पूजा की। फिर इसके बाद उसी लॉकर से वे 30 लाख रुपये का सोना और 4 लाख रुपये की नकद राशि लेकर फरार हो गए।

सूचना पर जांच के लिए पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने पर पाया कि वहां कोई रस्म अदा की गई थी। लॉकर में तमिलों द्वारा पूजे जाने वाले देवता की एक तस्वीर तीन पत्तों पर रखी गई थी। पास में एक छोटा भाला, जिस पर चूना लगा हुआ था और पीले धागे से बंधा हुआ था, शराब की एक बोतल और पान के पत्ते जैसी चीजें मिली थीं। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार चोरों ने पुलिस के डॉग स्क्वॉड को गुमराह करने के लिए चारों तरफ इंसान के बाल बिखेर रखे थे।

2 साल में 50 से ज्यादा बार किससे मिलने म्यूनिख गई कतेरीना तिखोनोवा, क्या सचमुच ‘जेलेंस्की’ को डेट कर रही रूसी राष्ट्रपति पुतिन की बेटी, पढ़ें पूरी खबर

मास्को। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बेटी कतेरीना तिखोनोवा (Katerina Tikhonova) को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन की बेटी इगोर जेलेंस्की (Igor Zelensky) नाम के एक शख्स के प्यार में हैं।

दुनिया में तिखोनोवा के बॉयफ्रेंड की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि उनका नाम जेलेंस्की है जो पुतिन के ‘सबसे बड़े दुश्मन’ यूक्रेनी राष्ट्रपति का भी नाम है। ये भी बता दें कि जेलेंस्की का यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से कोई संबंध नहीं है, बस दोनों के उपनाम एक जैसे हैं।

प्रोफेशनल बैले डांसर हैं जेलेंस्की

जेलेंस्की से मिलने के लिए एक दो बार नहीं दो साल के अंदर 50 से ज्यादा बार जर्मनी के म्यूनिख शहर गईं थीं। जेलेंस्की एक प्रोफेशनल बैले डांसर और डायरेक्टर हैं। यूक्रेन पर हमले के पुतिन के फैसले ने उनके आसपास के लोगों को भी प्रभावित किया है। इसका असर पुतिन की बेटी तिखोनोवा पर भी पड़ा है।

युद्ध की वजह से वह मॉस्को से म्यूनिख अपने बॉयफ्रेंड से मिलने नहीं जा पा रही हैं, क्योंकि उनके साथ रूसी खुफिया सुरक्षा गार्ड होते थे।

5 साल से रिलेशनशिप में है दोनों

दोनों पिछले करीब 5 साल से रिलेशनशिप में है। खबरों की मानें तो पुतिन की बेटी और जेलेंस्की के एक बच्चा भी होने वाला है। रूसी मीडिया आउटलेट iStories और जर्मन पत्रिका डेर स्पीगल (Der Spiegel) की एक संयुक्त जांच से इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 और 2019 के बीच पुतिन की बेटी ने 50 से अधिक बार म्यूनिख के लिए उड़ान भरी थी।

पुतिन की छोटी बेटी हैं कतेरीना

1986 में जन्मी कतेरीना पुतिन की छोटी बेटी हैं। उनका पहला रिश्ता सफल नहीं रहा था। उनकी पहली शादी रूस के सबसे युवा अरबपति किरिल शामलोव से हुई थी, लेकिन ये रिश्ता एक साल भी नहीं टिक सका। दोनों ने 2017 में अलग होने का फैसला ले लिया था। इसके बाद कतेरीना बैले डांसर के साथ रिलेशनशिप में आ गईं।

वहीं, बैले डांसर जेलेंस्की की पूर्व पत्नी कोरियोग्राफर याना सेरेब्रीकोवा थीं, जिनसे उन्हें दो बेटियां और एक बेटा है। यूक्रेन युद्ध से पहले तक पुतिन के परिवार के बारे में ज्यादा की जानकारी बाहर नहीं आती थी। लेकिन अब उनका निजी जीवन और परिवार 24 फरवरी से शुरू हुए यूक्रेन युद्ध के बाद चर्चा में आ गया है।