रायपुर। छत्तीसगढ़ में बॉक्साइट और लेटराइट भंडारों की डिजिटल मैपिंग की जाएगी है। साथ ही बॉक्साइट भंडार की भू – तकनीकी मूल्यांकन परियोजना शुरू होगी। डिजिटल मैपिंग के लिए छत्तीसगढ़ विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (सी-कास्ट) और केंद्रीय खनिज मंत्रालय के जवाहरलाल नेहरू एल्यूमीनियम अनुसंधान, विकास और अभिकल्प केंद्र नागपुर के बीच समझौता हुआ है।
समझौते पर छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और रीजनल विज्ञान केंद्र के महानिदेशक डॉ. एस. कर्मकार और एल्यूमीनियम अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. अनुपम अग्निहोत्री ने हस्ताक्षर किया।
समझौते के मुताबिक दोनों संस्थान अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की मदद से छत्तीसगढ़ में स्थित बॉक्साइट और लेटराइट भंडार का जिलेवार डिजिटल डेटा बेस बनाएंगे। इसके लिए भू-तकनीकी मूल्यांकन और भू-संदर्भित मानचित्रों का उपयोग किया जाएगा।
न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश दरोगा भर्ती परीक्षा में 18 ऐसे अभ्यर्थी पकड़े गए हैं, जिन्होंने गलत तरीके से ऑनलाइन लिखित परीक्षा पास की है। रिकॉर्ड की जांच की गई तो इन अभ्यर्थियों ने शुरुआती एक घंटे में एक भी सवाल का जवाब नहीं दर्ज किया था। इसके बाद महज तीन से चार मिनट में धड़ाधड़ 40-50 सवालों के जवाब दे डाले। यह क्रम पूरी परीक्षा के दौरान करीब तीन से चार बार चला।
गलत तरीके से परीक्षा पास करने वाले 18 अभ्यर्थियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड की अधिकारी ने महानगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। अधिकारी के मुताबिक अभी यह संख्या और बढ़ेगी। भर्ती में हुई जालसाजी को सामने लाने के लिए कैंडिडेट रिस्पॉन्स लॉग की गहनता से पड़ताल की गई। पुलिस भर्ती बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक इस तरह के फर्जीवाड़े आगरा व मेरठ के परीक्षा केंद्रों पर मिले हैं। इन परीक्षा केंद्रों का इतिहास खंगाला जा रहा है। जल्द ही इन केंद्राें के संचालक व ड्यूटी पर तैनात जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश पुलिस दरोगा भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा 12 नवंबर 2021 से दो दिसंबर 2021 तक हुई थी। इसमें 36170 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। इनके शैक्षिक व अन्य दस्तावेजों का परीक्षण व शारीरिक परीक्षा का आयोजन जिला मुख्यालय पर किया जा रहा है। लखनऊ में 300 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच और फिजिकल स्टैंडर्ड की परीक्षा हो रही है। इसमें अब तक 18 अभ्यर्थी गलत तरीके से ऑनलाइन परीक्षा पास करने के आरोपी पाए गए हैं। भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड में तैनात अपर पुलिस अधीक्षक रश्मि रानी की तहरीर पर महानगर थाने में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें सभी नामजद 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। ऑनलाइन परीक्षा में अभ्यर्थियों को दो घंटे में 160 सवाल हल करने थे। फर्जीवाड़ा कर पास हुए अभ्यर्थियों ने 150 से ज्यादा सवाल सही हल किए थे।
परीक्षा केंद्रों की जुटाई जा रही जानकारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गलत तरीके से परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या सबसे अधिक आगरा व मेरठ के दो परीक्षा केंद्रों पर रही। इसमें आगरा का कृष्णा इंफोटेक सेंटर व मेरठ का राधेश्याम विद्यापीठ शामिल है। अब तक पकड़े गए 18 आरोपी परीक्षार्थी इन्हीं दो सेंटर के हैं। भर्ती बोर्ड के अधिकारी के मुताबिक इन परीक्षा केंद्रों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं परीक्षा के समय किन कर्मचारियों की ड्यूटी थी, इसकी जानकारी जुटाने के बाद परीक्षा केंद्रों के संचालक व अन्य जिम्मेदारों पर भी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
सात लाख रुपये में हुआ था सौदा
आगरा व मेरठ के इन परीक्षा केंद्रों से पास हुए 18 परीक्षार्थियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर पूछताछ की तो सामने आया कि ऑनलाइन लिखित परीक्षा पास कराने के लिए दलालों ने प्रति परीक्षार्थी सात-सात लाख रुपये में सौदा तय किया था। इसके लिए दो-दो लाख रुपये एडवांस लिए थे।
कोई और ऑपरेट कर रहा था कंप्यूटर
पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड के चेयरमैन के निर्देश पर टॉपर्स की सूची तैयार की गई। इसमें उन परीक्षार्थियों को शामिल किया गया था, जिन्होंने 150 से अधिक सवालों के सही जवाब दिए थे। इस सूची में लखनऊ के लिए शारीरिक व शैक्षिक दस्तावेज जांच के लिए आए 300 में 18 अभ्यर्थी भी शामिल थे। जब इन अभ्यर्थियों के कैंडिडेट रिस्पॉन्स लॉग (सीआरएल) की गहनता से जांच की गई तो सारा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। धांधली कर पास हुए परीक्षार्थियों ने 40-50 सवालों का जवाब तीन से चार मिनट में दे दिया। अध्ययन से इस बात की पुष्टि हुई कि इन अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को कोई और चला रहा था। सीआरएल से साफ हो गया कि शुरुआती एक घंटे में एक या दो सवालों के ही जवाब दिए। जबकि आखिरी 15 से 20 मिनट में 140 से 150 सवालों के जवाब दे डाले।
न्यूज डेस्क।कभी-कभी कुछ लोग नशे की लत में कुछ ऐसी हरकत कर बैठते हैं, जिसकी कोई उम्मीद भी नहीं करता. शराब की तलब में एक शख्स ने ऐसा चौंकाने वाला काम किया, जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता. एक 22 वर्षीय व्यक्ति ने शुक्रवार की सुबह 2:30 बजे 100 डायल किया और पुलिस से उसे दो बोतल बीयर लाने को कहा. घटना तेलंगाना (Telangana) के विकाराबाद जिले (Vikarabad District) की है.
पुलिस को फोन लगाकर दो बोतल बीयर लाने को कहा
हैदराबाद में रहने वाले दौलताबाद के मूल निवासी मधु के रूप में पहचाने जाने वाले व्यक्ति ने 100 डायल किया और दावा किया कि वह संकट में था क्योंकि लोगों का एक समूह उस पर हमला करने की धमकी दे रहा था. गश्ती दल मौके पर पहुंचा तो पुलिस ने उसे नशे की हालत में पाया. पास ही एक कार्यक्रम चल रहा था. जब पुलिस ने उसकी समस्या के बारे में पूछताछ की, तो उसने उनसे दो बोतल बीयर लाने को कहा. पुलिस द्वारा उसके खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद मधु की काउंसलिंग की गई और उसे छोड़ दिया गया.
कुछ दिन पहले भी हुई थी कुछ ऐसी ही घटना
पिछले दिनों कुछ ऐसी ही एक घटना सामने आई थी. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन में एक व्यक्ति ने मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और आबकारी विभाग को एक लिखित शिकायत भेजी कि दो बोतल शराब पीने के बाद भी उसे नशा नहीं हुआ. उन्होंने अपनी शिकायत के साथ शराब की बची हुई बोतलें भी सबूत के तौर पर पेश कीं. जब उनकी शिकायत पर कोई जांच नहीं हुई तो उन्होंने कहा कि वह उपभोक्ता फोरम का रुख करेंगे.
मुंबई। IPL 2022 दिल्ली कैपिटल्स ने IPL 2022 में बुधवार को खेले गए Delhi Capitals beat Rajasthan Royals by 6 wickets मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को एकतरफा अंदाज में 8 विकेट से हरा दिया। राजस्थान ने टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 160 रन बनाए।
रविचंद्रन अश्विन ने सबसे ज्यादा 50 रन बनाए। जवाब में दिल्ली ने 18.1 ओवर में 2 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। मिलेच मार्श ने 62 गेंदों पर 89 रनों की शानदार पारी खेली। डेविड वार्नर ने नाबाद 52 रन बनाए।
इस जीत से दिल्ली के 12 मैचों में 12 अंक हो गए हैं और वह प्ले-ऑफ में पहुंचने की होड़ में बरकरार है। राजस्थान के 12 मैचों में 14 अंक हैं। वार्नर और मार्श ने दूसरे विकेट के लिए 144 रन की पार्टनरशिप की।
मार्श नंबर तीन बल्लेबाज के तौर पर उतरे थे। ओपनर श्रीकर भरत पहले ओवर की दूसरी ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट हुए थे। उनका विकेट ट्रेंट बोल्ट ने लिया।
इससे पहले राजस्थान को पहला झटका जोस बटलर के रूप में लगा। इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज 7 रन बनाकर चेतन साकरिया को विकेट दे बैठे। बटलर पारी की शुरुआत से ही रंग में नहीं दिखे।
उन्होंने 11 गेंदों का सामना किया और सिर्फ 1 चौका जमा सके। लेफ्ट आर्म स्विंग बॉलर साकरिया की अंदर आती गेंदों पर वे परेशानी में दिखे।
इसके बाद यशस्वी जायसवाल और रविचंद्रन अश्विन ने दूसरे विकेट की साझेदारी में 43 रन जोड़े। जायसवाल 19 गेंद पर 19 रन बनाकर मिचेल मार्श का शिकार बने।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग ने स्कूल शिक्षा विभाग की अवर सचिव सरोज उईके को तत्काल प्रभाव से अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक राजभवन सचिवालय अवर सचिव के पद पर पदस्थ किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव क्लेमेन्टीना लकड़ा ने आदेश जारी किया है।
साथ ही मुख्यमंत्री सचिवालय उप सचिव तीरथ प्रसाद लड़िया (अतिरिक्त प्रभार-पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग) को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त स्कूल शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरमघाटी नक्सल कांड के नए न्यायिक जांच आयोग की सुनवाई और कार्यवाही पर हाईकोर्ट की रोक के बाद सीएम भूपेश बघेल और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने एक दूसरे पर हमला बोला।
पूर्व सीएम डॉ. रमन ने ट्वीट कर कहा कि झीरमघाटी मामले में नए जांच आयोग भूपेश सरकार के गाल पर हाईकोर्ट का एक और तमाचा है! झीरम मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित नए आयोग की कार्यवाही पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। पुराने आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक किए बिना ही सरकार ने नया आयोग बना दिया था। कांग्रेस सरकार आखिर किसे बचाने की कोशिश कर रही है?
सीएम भूपेश बघेल ने झीरम मामले में आयोग को नोटिस पर भाजपा पर सवाल खड़ा किया। भूपेश ने कहा कि भाजपा और खासकर धरमलाल कौशिक नान मामले में भी हाई कोर्ट चले गए, ताकि जांच ना हो सके। झीरम मामले में भी वह जांच नहीं होने देना चाहते। आखिर भाजपा को परेशानी क्या है। वह जांच क्यों नहीं होना देना चाहते। आखिर किसे बचाना चाहते हैं।
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने लगाई है याचिका
बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने भूपेश बघेल सरकार द्वारा नए आयोग के गठन करने की वैधानिकता को चुनौती दी है। बुधवार को याचिका की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस अरुप कुमार गोस्वामी और जस्टिस आरसीएस सामंत ने राज्य शासन और आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 4 जुलाई को होगी।
रायपुर/भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर के नेहरू नगर अंडरब्रिज में आग लगने पूरा पीवीसी शेड जलकर राख हो गया है। आग लगने के दौरान अंडरब्रिज से लोग आना-जाना कर रहे लोग तेजी से अंडरब्रिज से जान बचाकर बाहर निकले।
आनन फानन में आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। मौके पर पहुंची दमकल वाहनों ने एक घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पा लिया। धुएं का गुबार दूर तक दिख रहा था। कुछ समय के लिए लोग दहशत में भी आ गए थे।
जानकारी के अनुसार नेहरू नगर अंडरब्रिज पर दोनों और लाखों रुपए की लागत से दो साल पहले प्लास्टिक के शीट्स लगाए गए हैं। मंगलवार को अचानक सीट से धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गई। धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा। पास लगे ओवरब्रिज पर भी लोगों की भारी भीड़ लग गई। जिस वक्त आग लगी उस समय अंडरब्रिज से लोग आना-जाना कर रहे थे।
आस-पास मौजूद लोगों ने सुपेला पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलने पर भिलाई नगर निगम के महापौर नीरज पाल एवं आयुक्त प्रकाश सर्वे भी मौके पर पहुंचे। प्लास्टिक की सीट ऊपर से तपती गर्मी के कारण आग तेजी से फैल गई। समय रहते फायर ब्रिगेड टीम ने आग पर काबू पा लिया।
#WATCH | Chhattisgarh: A massive fire broke out at Nehru Nagar Under Bridge, earlier today. Fire tenders are present at the spot. Details awaited. pic.twitter.com/96fh2h32aA
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) May 10, 2022
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकुल गोयल को हटाकर डीजी नागिरक सुरक्षा के पद पर भेज दिया। डीजीपी का कार्यभार नए डीजीपी की तैनाती होने तक फिलहाल एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार को सौंप दिया गया है।
यह पहली बार हुआ है जब किसी डीजीपी पर अकर्मण्यता का आरोप लगाते हुए सीधे डीजी नागरिक सुरक्षा के पद पर भेजा गया है। इससे पहले कई डीजीपी हटाए गए लेकिन उन्हें सीधे नागरिक सुरक्षा के पद पर नहीं भेजा गया। वह समाजवादी पार्टी की सरकार में भी एडीजी कानून-व्यवस्था रहे थे। उनकी समाजवादी पार्टी से निकटता को भी हटाए जाने की एक वजह माना जा रहा है। पूरे चुनाव के दौरान पुलिस के मुखिया की जो नेतृत्व क्षमता दिखनी चाहिए थी, वह भी न दिखने के कारण शासन नाराज़ चल रहा था।
टीम-9 की बैठक में जाने से रोक दिया गया
विभाग में हमेशा ऐसी अकटलें लगाई जाती रहीं कि डीजीपी मुकुल गोयल के शासन के साथ रिश्ते अच्छे नहीं हैं। इन अटकलों को उस समय बल मिला जब पिछले दिनों उन्होंने लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभारी इंस्पेक्टर के कार्यों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें हटाने का निर्देश दिया लेकिन अंतत: इंस्पेक्टर को नहीं हटाया गया।
इस घटना ने बढ़ाई नाराजगी
इस घटना के कुछ ही दिनों बाद मुख्यमंत्री ने सभी जोन, रेंज व जिलों के पुलिस अधिकारियों को अपने विवेक से काम करने और साफ-सुथरी छवि के पुलिस कर्मियों को ही फील्ड में महत्वपूर्ण तैनाती देने का निर्देश दिया था।
तब यह माना गया था कि यह निर्देश डीजीपी पर ही ‘संदेश’ देने के उद्देश्य से दिया गया है। इसी तरह कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान डीजीपी की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी थी।
इस वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री के साथ शासन के आला अफसरों के साथ अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी और एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार मौजूद थे, जबकि डीजीपी लखनऊ में मौजूद होने के बावजूद इसमें शामिल नहीं हुए थे। आईपीएस अफसरों के तबादलों में हो रही देरी को भी डीजीपी से शासन की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा था।
बिलासपुर।परसा खदान परियोजना के कोल बेयरिंग एक्ट के तहत् अधिग्रहण के विरोध में छत्तीसगढ़ के उच्च न्यायालय के सामने दायर सभी पांच याचिका आज खारिज हो गई। माननीय उच्च न्यायालय ने देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण परियोजना के सामने लगाए गए सभी अरोपों और दलीलों को खारिज कर दिया।
माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर ने याचिका क्रमांक Wpc/2541/2020, WPC/302/2022, WPC/698/2022, WPC/ 560/2022, WPC/1247/2022 राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम को आवंटित परसा कोल ब्लॉक में खदान करने तथा जमीन अधिग्रहण के विरुद्ध कुछ लोगो द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए कोर्ट ने परसा कोल ब्लॉक के लिए जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया को विधिसम्मत मानते हुए अपना फैसला सुनाया है।
इसी के साथ ही वकील सुदीप श्रीवास्तव और अन्य व्यक्तिओ द्वारा चलाई गई गलत मुहीम पर भी अब लगाम लग गई। उल्लेखनीय है की कुछ सम्मिलित लोगो ने इस केस की सुनवाई के दौरान माननीय कोर्ट की कार्यवाही को मीडिया के सामने गलत तरीके से पेश करके राजस्थान और छत्तीसगढ़ के हितो के विरोध में अभियान चलाने का पिछले कुछ महीनों में विफल प्रयास किया था।
हालाँकि माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद परसा खदान परियोजना की तरफ में तस्वीर साफ़ हो गयी है। राजस्थान को सस्ते कोयले और बिजली के अलावा स्थानीय लोगो को अब रोजगार और राज्य सरकार को राजस्व मिलने का रास्ता भी साफ़ हो गया है। देश मे कोयले की वर्तमान किल्लत को देखते हुए यह खदान के शुरुआत हेतु आवश्यक था।
सुदीप श्रीवास्तव और अन्य ने सरगुजा जिले के उदयपुर और सूरजपुर विकासखंड में स्थित कोल ब्लॉक को अवैध बताते हुए माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने उपरोक्त खदान को कोल बेयरिंग एक्ट (सी बी सी) के तहत भू अधिग्रहण को एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के अवैध आरोप लगाए थे। राजस्थान की परसा खदान को हाल ही में छत्तीसगढ़ राज्य और केंद्र सरकारों ने आगे बढ़ाने के नियम अनुसार लिए हरी झंडी दे दी थी। जिसको लेकर जिन ग्रामीणों ने अपनी जमीन इस परियोजना के लिए दी थी उनके लिए रोजगार के नए विकल्प खुल जायेंगे। स्थानीय लोगो ने हाल ही में छत्तीसगढ़ और राजस्थान के मुख़्यमंत्रीओ को पत्र लिखकर कहा था की वह बाहरी लोगो के दबाव में न आये और परसा खदान को जल्दी शुरू करें। कई दिनों से परसा क्षेत्र के स्थानीय लोग बाहरी तत्वों और पेशेवर NGO के सामने अपना विरोध प्रदर्शन चला रहे है।
राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ निर्मल शुक्ला तथा अधिवक्ता शैलेंद्र शुक्ला और राजस्थान कोलियरीज के ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ तथा अर्जित तिवारी तथा शासन के ओर से हरप्रीत सिंह अहलूवालिया उपमहाधिवक्ता ने पक्ष रखा। याचिकाकर्ता के ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव तथा अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव रोहित शर्मा रजनी सोरेन और सौरभ साहू ने पक्ष रखा। माननीय उच्च न्यायालय में राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को आवंटित परसा कोल ब्लॉक अधिग्रहण के संबंध में गत दिनों 30 अप्रैल और 4 मई की सुनवाई के बाद निर्णय को सुरक्षित रखा गया था।
कोरबा ।आज जब कलेक्टर श्रीमती रानू साहू मुख्यमंत्री मितान योजना की ’’मितान’’ बनकर कोरबा पुराने शहर स्थित राकेश श्रीवास के घर पहुंची, तो श्रीवास परिवार को बेहद खुशी हुई तथा परिवार के सदस्यों को विश्वास ही नहीं हुआ कि कलेक्टर खुद उनके घर उनकी बच्ची मुलांश का प्रमाण पत्र लेकर आयी हैं, परिवार के सदस्यों ने कलेक्टर श्रीमती रानू साहू एवं उनके साथ पहुंचे निगम आयुक्त श्री प्रभाकर पाण्डेय का हार्दिक स्वागत किया, उनकी इस सहृदयता के प्रति आभार प्रकट किया।
गौरतलब है कि कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के द्वारा दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाओं की अगली कड़ी में मुख्यमंत्री मितान योजना लागू की गई है, इस योजना को फिलहाल प्रदेश के 14 नगर निगमों में क्रियान्वित किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत जन्म, मृत्यु, विवाह, निवास, जाति, आय प्रमाण पत्र आदि के साथ गुमास्ता लाईसेंस, दस्तावेज नकल, प्रमाण पत्रों में सुधार कार्य सहित 13 प्रकार की सेवाएं घर पहुंचकर दी जा रही है, इसके लिए संबंधित व्यक्ति को 14545 पर कॉल करना होता है, कॉल प्राप्त होते ही शासन द्वारा नियुक्त मितान संबंधित व्यक्ति के घर जाता है, आवश्यक दस्तावेज संग्रहीत करता है, उसे अपलोड करता है तथा दो या तीन दिनों के भीतर संबंधित प्रमाण व दस्तावेज उक्त व्यक्ति के घर पहुंचाता है। नगर पालिक निगम कोरबा में भी यह योजना संचालित की जा रही है, जिसका सीधा लाभ लोगों को प्राप्त हो रहा है। आज कलेक्टर श्रीमती रानू साहू खुद मितान बनकर निगम आयुक्त श्री प्रभाकर पाण्डेय को साथ लेकर पुराने कोरबा शहर गीतांजलि भवन के सामने स्थित राकेश श्रीवास के घर पहुंची तथा उसकी नवजात बच्ची की मांॅ को जन्म, निवास व जाति प्रमाण पत्र अपने हाथों से दिया। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू के मितान के रूप में पहुंचने पर श्रीवास परिवार को आश्चर्य मिश्रित खुशी हुई तथा उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि कलेक्टर खुद मितान के रूप में उनकी बेटी के तीन प्रमाण पत्र एक साथ लेकर आयी हुई हैं। श्रीवास परिवार के सदस्यों ने कलेक्टर श्रीमती रानू साहू व आयुक्त श्री प्रभाकर पाण्डेय का तहे दिल से स्वागत किया तथा प्रमाण पत्र हेतु कॉल करने के चौबीस घंटे के अंदर ही प्रमाण पत्र प्राप्त हो जाने पर शासन प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती साहू ने नन्ही बच्ची मुलांश श्रीवास को अपनी गोद में लेकर उसे अपना प्यार व आशीर्वाद दिया तथा बच्ची के उज्जवल भविष्य की कामना की।