मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी अनुविभाग में एक पटवारी का घूस मांगने का वीडियो वायरल हुआ है। यहां एक ग्रामीण से किसान किताब बनाने की एवज में पटवारी रुपए मांग रहा था। जिसके बाद एडीएम ने पटवारी को सस्पेंड कर दिया है।
जानकारी के अनुसार बोड़तरा गांव के किसान संतोष जायसवाल को किसान किताब बनवानी थी। इसके लिए हल्का नंबर 26 में पदस्थ पटवारी नागेंद्र मरावी से उसने संपर्क किया।
आरोप है कि पटवारी नागेंद्र ने उससे 6 हजार रुपयों की मांग की। कहा कि पैसा दोगे तभी काम होगा। जितना मांगा है, उतना ही लगेगा। इस पर किसान 3 हजार रुपए देता है। जिसे पटवारी पास बैठे युवक को रुपए दिलवा देता है।
इस बीच किसान संतोष ने पटवारी से रुपयों के लेन-देन और बातचीत का पूरा वीडियो बना लिया। इसके बाद उसे वायरल भी कर दिया। वीडियो जब प्रशासन की संज्ञान में आया तो SDM मेनका प्रधान ने पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।
हालांकि जवाब से संतुष्ट नहीं होने के चलते सोमवार को पटवारी को सस्पेंड कर दिया गया। उसे कानूनगों शाखा तहसील लोरमी में अटैच किया गया है।
कोरबा ।अक्षय तृतीया (अक्ति) 3 मई को पूरे छत्तीसगढ़ सहित कोरबा जिले में भी माटी पूजन दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन सभी ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत पर कार्यक्रम का आयोजन कर परंपरागत रूप से माटी पूजन किया जाएगा। इस दिन मिट्टी की उर्वरा शक्ति के पुनर्जीवन हेतु रासायनिक खादों एवं कीटनाशकों के स्थान पर वर्मी कंपोस्ट खाद के उपयोग के साथ गोमूत्र एवं अन्य जैविक पदार्थों के उपयोग को वृहद स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा। जिन ग्राम पंचायतों में गोठान हैं माटी पूजन कार्यक्रम गोठान में ही आयोजित किए जाएंगे तथा अन्य स्थानों पर ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यक्रम किये जाएंगे। 3 मई को जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के सुतर्रा गोठान में आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने माटी पूजन दिवस कार्यक्रम को जिले में मनाने और इस दिन होने वाले कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए है। कलेक्टर श्रीमती साहू ने सभी एसडीएम और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को माटी पूजन दिवस की आवश्यक तैयारी करने निर्देशित किया है।
इस महाअभियान का उद्देश्य प्राकृतिक खेती के प्रति किसानों एवं जनमानस की भागीदारी को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों में रसायनिक खाद एवं कीटनाशकों के स्थान पर वर्मी कंपोस्ट, गोमूत्र एवं जैविक खादों के उपयोग को प्रोत्साहित करना, रासायनिक खेती के से होने वाले नुकसान के प्रति जन जागरूकता फैलाना, मानव एवं पशु आहार को हानिकारक रसायनों से मुक्त करना सम्मिलित है। इस दिन प्रभारी मंत्री, विधायक गण, त्रिस्तरीय पंचायतों के सम्मानित जनप्रतिनिधि गण सहित कृषकों एवं नागरिकों को आमंत्रित करते हुए धरती माता की रक्षा हेतु शपथ ली जाएगी एवं मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन कराया जाएगा। विकासखंड स्तर पर कार्यक्रम के लिए संबंधित एसडीएम और सीईओ जनपद पंचायत नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी होंगे। ग्राम पंचायत स्तर के लिए संबंधित ग्राम के सरपंच-सचिव कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी भूमिका अदा करेंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के गुढियारी इलाके में एक गर्ल्स हास्टल में अचानक आग लग गई। हास्टल में जब आग लगी उस वक्त बच्चे भी मौजूद थे। आनन-फानन में बच्चों को हास्टल से बाहर निकाला गया।
मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में जुटी हुई है। फिलहाल आग लगने की वजह का पता नहीं चल सका है। खबरों के अनुसार एसी रूम में सफाई के दौरान आग लगी थी।
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री पर हनुमान चालीसा पढ़ने की जिद करने वाली सांस नवनीत राणा की जमानत याचिका पर कोर्ट का फैसला अब 4 मई को आएगा, तब तक राणा दंपती को जेल में ही रहना होगा।
बता दें कि कोर्ट में कामकाज की व्यवस्तता और वक्त की कमी की वजह से आज (2 मई, सोमवार) फैसला नहीं दिया जा सका। कल रमजान ईद की छुट्टी की वजह से कोर्ट बंद है। इसलिए राणा दंपत्ति को बेल मिलेगी या जेल में ही रहना पड़ेगा, इसका फैसला बुधवार को सुबह 11 बजे सुनाया जाएगा।
पहले कहा जा रहा था कि नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा की जमानत याचिका पर आज शाम 5 बजे अदालत अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले में बचाव पक्ष और सरकारी वकील के तरफ से बहस पूरी हो चुकी है और कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।
इसी बीच नवनीत राणा के वकील ने भायखला जेल के सुपरिटेंडेंट को एक पत्र भी लिखा है।
पत्र में यह बताया गया है कि नवनीत राणा को स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या है और जेल में लगातार फर्श पर बैठने और लेटने की वजह से उन्हें और भी ज्यादा दिक्कत हो रही है।
इसके मद्देनजर राणा को 27 अप्रैल के दिन मुंबई के जेजे अस्पताल भी ले जाया गया था। जे जे अस्पताल के डॉक्टरों ने खासतौर पर यह लिख कर दिया था कि उनका सिटी स्कैन करना काफी जरूरी है। ताकि यह पता चल सके कि स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या कितनी गंभीर है।
न्यूज डेस्क। यूपी में एक बार फिर पुलिस सवालों के कटघरे में खड़ी है. चंदौली (Chandauli) में हिस्ट्रीशीटर की बेटी की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. गैंगस्टर कन्हैया यादव (Kanhaiya Yadav) के घर दबिश देने गई पुलिस पर अपराधी की बेटियों को पीटने का बड़ा आरोप लग रहा है. जिसमें एक बेटी की मौत भी हो गई. हालांकि मामला वीडियो वायरल (Viral Video) होने के बाद सामने आया है. जिसके बाद आरोपी पुलिस कर्मियों पर FIR दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं. वहीं सैयद राजा थाने के प्रभारी आरोपी उदय प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया है.
क्या है मामला?
जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें स्पष्ट दिख रहा है कि दोनों लड़कियां यूपी पुलिस के जुल्म का शिकार हुईं हैं. मामला चंदौली के मनराजपुर गांव का है. आरोप है कि दबिश देने गई पुलिस ने कथित गैंगस्टर कन्हैया यादव की बेटियों को बुरी तरह पीटा. पुलिस की मारपीट से कन्हैया यादव की एक बेटी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई. मामले की सूचना लगते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी घटनास्थल पर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया. जिसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया.
एक की मौत दूसरी अस्पताल में भर्ती
जांच शुरू होते ही मामले में कार्रवाई भी तेज हो गई है. परिजनों की तहरीर पर पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं. साथ ही मामले में एक इंस्पेक्टर सैयद राजा को सस्पेंड कर दिया गया है. पुलिसवालों पर हिस्ट्रीशीटर कन्हैया यादव के घर में घुसकर उसकी बेटियों से मारपीट का आरोप लगा है. परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से एक लड़की की मौत हो गई है. जबकि दूसरी बेटी अस्पताल में भर्ती है. बताया जा रहा है कि पुलिस हिस्ट्रीशीटर कन्हैया यादव को पकड़ने गई थी. इसी दौरान घर में घुसकर परिवार वालों की पिटाई करने का आरोप लगा है.
क्या बोले आईजी और डीएम?
अब इस मामले में आईजी के. सत्य नारायण का बयान आया है. उन्होंने कहा कि सैयदराजा थानाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया है. मृतक गुड़िया के पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे कार्रवाई बढ़ेगी. पोस्टमार्टम के लिए मृतका का शव जिला अस्पताल भेजा जा रहा है. कन्हैया यादव गैंगेस्टर का आरोपी है. वहीं डीएम संजीव सिंह ने कहा कि मामले में हर पहलू की जांच होगी. गांव में स्थिति पूरी तरह पुलिस के नियंत्रण में है.
कोरबा। वादी की जिस आवेदन पर शुरुआत में पुलिस प्रकरण पंजीबद्ध नहीं करती है लेकिन उसी प्रकरण जब में न्यायालय से केस दर्ज कराने का आदेश मिलता है तो पुलिस चार्जशीट भी दाखिल करती है। पुलिस के इसी दोहरी कार्यप्रणाली से पब्लिक पर संदेह करती है।
किसी प्रकरण में जब पुलिस प्रकरण दर्ज नहीं करती है, तो उस परिस्थिति में यह व्यवस्था की गई है कि वादी धारा 156(3) के तहत न्यायालय की शरण ले। तब न्यायालय वादी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करने के बाद पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश देती है, या उसे प्रकरण में बदल कर खुद सुनवाई करती है। ऐसे प्रकरणों में जांच के लिए एक तय समय सीमा निर्धारित करते हुए न्यायालय गुण-दोष के आधार पर पुलिस को विवेचना कर उसकी पूरी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने को निर्देशित करती है।
यहां यक्ष प्रश्न यह उठता है कि पहले जिस आवेदन पर पुलिस मुकदमा लिखने से मना कर चुकी होती है, उसी प्रकरण न्यायालय के आदेश के बाद चार्जशीट कैसे दाखिल करती है जबकि पुलिस ऐसे मामलों को पहले झूठा बताकर मुकदमा दर्ज करने से इंकार कर चुकी होती है। कई बार ऐसा भी होता है जब न्यायालय के द्वारा निर्देशित किये जाने के बाद भी टाल मटोल की नीति चलती है।
ऐसे ही एक प्रकरण में न्यायालय के आदेश की किस तरह अवहेलना हो रही है। इसका उदाहरण लैब संचालिका पर 1 महीना 12 दिन यानि लगभग डेढ़ महीने बीतने के बाद भी एफ.आई.आर. दर्ज न होने से लगाया जा सकता है। आखिर क्यों कोर्ट के आदेश के बाद भी पुलिस के हाथ कार्यवाही से कांप रहे है ? न्यायालय के आदेश के बाद एक “तारीख” परिवादिनी को और मिली है, देखने वाली बात यह होगी कि क्या अब अगली तारीख पर होगा न्याय ??
कोरबा जिला मुख्यालय जहां सारे प्रशासनिक अधिकारियों की फौज है, मंत्री हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों की क्या स्थिति होगी इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
” समरथ को नहिं दोष गोसाई ” जो सामर्थ्यवान ,सशक्त है उनका हर काम सही होता है चाहे कितनी बड़ी गलती हो, उस गलती में उनका दोष नहीं माना जाता। तुलसीदास की यह चौपाई शहर की एक लैब संचालिका पर फिट बैठता दिख रहा है। मामला एक कोरोना काल के दौरान कोविड टेस्ट से जुड़ा है। जिसे लेकर जिला न्यायालय के अतिरिक्त मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट, कोरबा ने एक परिवाद पर सुनवाई के पश्चात एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर की संचालिका के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करने का आदेश दिया था। न्यायालय के आदेश के 1 महीना 8 दिन बीतने के बाद भी मामला दर्ज न होना न्यायालीन आदेश के प्रति पुलिस की गंभीरता को दर्शाता है। 28 अप्रैल तक एफ.आई.आर. दर्ज करने का आदेश न्यायालय ने दिया था।
कहा तो यह भी जा रहा है कि शहर में इन दिनों पुलिस चेहरा देख कर टीका लगा रही है। हम बात कर रहे है उस परिवार की जिन्होंने कोविड टेस्ट रिपोर्ट में हुई देरी की वजह से पूरे घर का दायित्व सम्हालने वाले अपने प्रिय परिजन को असमय ही खो दिया। डॉक्टर की लापरवाही से हुई मौत के संबंध में न्याय की आस के साथ परिवाद कोरबा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विद्वान न्यायाधीश आर.एन. पठारे ने सारे दस्तावेजो और परिवादिनी पक्ष की ओर से तथ्यों के साथ अकाटय तर्कों को सुनकर एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर की लापरवाही मानते हुए एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर की
संचालिका पर अपराध दर्ज करने का आदेश जारी किया। आदेश जारी होने के बाद भी 1 महीना 7 दिन गुजर गए पर C.S.E.B. चौकी द्वारा अब तक अपराध पंजीबद्ध नही किया गया है। मतलब साफ है कि दबाव की वजह से अपराध दर्ज करने में पुलिस के हाथ कांप रहे है, जबकि C.S.E.B. चौकी को परिवाद की प्रति सहित न्यायालय का मेमो प्राप्त हो चुका है।
ये था मामला
प्रकरण में परिवादिनी कुसुमलता साहू ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में परिवाद दायर करते हुए बताया कि वह 31/10/2020 की शाम को अपने पिता दिलेश्वर प्रसाद साहू को कोविड टेस्ट के लिए ट्रांसपोर्ट नगर, कोरबा स्थित एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर लेकर गई थी और वहां समय पर कोविड टेस्ट की रिपोर्ट नही दिए जाने के कारण इलाज के अभाव में उसके पिता दिलेश्वर प्रसाद साहू की अकाल मृत्यु हो गई। परिवादिनी द्वारा अपने परिवाद पत्र में उल्लेख किया गया है कि आरोपीगण के द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में अपनी गलती छिपाने के लिए जानबूझकर फर्जीवाड़ा करते हुए सैंपल लेने व सैंपल रिपोर्ट जारी करने के समय में फर्जीवाड़ा किया गया है। सैंपल लेने का समय 1 नवंबर की सुबह 10 बजे तथा रिपोर्ट जारी करने का समय 10:06 बजे दर्शित किया गया है जबकि दिलेश्वर प्रसाद साहू की मृत्यु 2 घंटे पूर्व हो चुकी थी। परिवादिनी के द्वारा मृत्यु के संबंध में दस्तावेज भी पेश किए गए हैं कि मृत देह मोर्ग में रखी हुई थी।
पढ़े क्या था आदेश
प्रस्तुत परिवाद में आरोपीगण के विरुद्ध धारा – 468, 471, 188, 201 व 304(क) भा.द.सं. के अंतर्गत कार्यवाही करने की मांग परिवादिनी द्वारा किए जाने पर अति. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, पीठासीन विद्वान न्यायाधीश आर. एन. पठारे ने दिनांक – 22.03.2022 को अपने आदेश में लिखा है कि तथ्य से प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का होना दर्शित होता है। उन्होंने अपने आदेश में CSEB चौकी पुलिस को FIR पंजीबद्ध कर कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया है। परिवादिनी की ओर से अधिवक्ता अनीष कुमार सक्सेना ने पैरवी करते हुए पक्ष मजबूती से रखा था।
कोरबा। जिला पंचायत सीईओ नूतन कंवर ने पंचायत के कार्यो में कसावट लाने बड़े पैमाने पर सचिवों का ट्रांसफर किया है। स्थांतरण हुए सचिवों को तत्काल ग्राम पंचायत में ज्याइनिंग का आदेश दिया है। समय पर नवीन स्थान पर ज्वाइनिंग न देने वाले सचिवों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही का निर्देश दिया है।
बता दें कि एक स्थान पर लंबे समय से पदस्थ और कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले सचिवों को जिला सीईओ नूतन कंवर ने दूसरे ब्लाक ट्रांसफर किया है। बड़े पैमाने पर हुए ट्रांसफर के बाद सचिवों में हड़कंप मच गया है। आपको यह बताना लाजमी होगा कि जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी नूतन कंवर शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर पर अमल करने की मुहिम चला रहे है। जिन पंचायतों में सरकारी कार्यो में लापरवाही बरती जा रही है ऐसे पंचायतों का कुंडली तैयार किया जा रहा है। इस कड़ी में पहले फेस में पाली और पोड़ी ब्लाक के 18 सचिवों का ट्रांसफर किया है। इसके बाद कोरबा और करतला ब्लाक के सचिवों की बारी है। बहरहाल सचिवों के ट्रांसफर बाद मुख्यालय में लाइजनिंग करने वाले सचिवों के तोते उड़ गये है।
कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चार मई को पश्चिम बंगाल दौरे से पहले ही उत्तर 24 परगना जिले के बारासात के कम से कम 15 भाजपा नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। बता दें कि चार मई को पश्चिम बंगाल दौरे पर जा रहे हैं, लेकिन इससे पहले ही उत्तर 24 परगना जिले के बारासात के कम से कम 15 भाजपा नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
हालांकि, बारासात जिलाध्यक्ष तापस मित्रा ने इस पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता इन लोगों ने इस्तीफा क्यों दिया है। सभी इस्तीफे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार को भेज दिए गए हैं। हालांकि, मजूमदार ने भी इस पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है।
भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
इस्तीफा देने वालों में राज्य समिति के सदस्य, मंडल के पूर्व अध्यक्ष और जिला समिति के सदस्य तक शामिल हैं। इस्तीफा देने से पहले सभी ने जिलाध्यक्ष तापस मित्रा के खिलाफ नगर निगम चुनाव में टिकट के बदले पैसे लेने का आरोप लगाया। इस्तीफा देने वाले नेताओं का कहना है कि, जिला इकाई ने नगर निगम चुनाव में अपने चहेतों को टिकट दिए।
विधानसभा चुनाव के बाद से जारी है इस्तीफों का दौर
पश्चिम बंगाल में 2021 में विधानसभा चुनावों में टीएमसी की प्रचंड जीत के बाद से भाजपा में इस्तीफों का दौर जारी है। एक के बाद एक कई नेता भाजपा से इस्तीफा दे चुके हैं। इसमें कई बड़े नाम भी शामिल हैं।
बता दें कि पिछले कई महीनों में राज्य में भाजपा के कुल विधायकों की संख्या 77 से घटकर 70 हो गई है। वहीं नगर निगम चुनावों के बाद से पार्टी में आंतरिक कलह सामने आई है। पार्टी के कई कार्यकर्ता राज्य नेतृत्व से खुश नहीं हैं।
नई दिल्ली/पटना। मशहूर राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने सोमवार को अपने नए ‘जन सुराज’ अभियान का शंखनाद किया। उन्होंने कहा कि वे इसकी शुरुआत बिहार से करेंगे।
पीके के नाम से मशहूर राजनीतिक रणनीतिकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या वे अपनी कोई पार्टी बनाने जा रहे हैं? माना जा रहा है कि कांग्रेस में शामिल होने व सबसे पुरानी पार्टी के कायाकल्प का मिशन बीच में छूटने के कारण नई राजनीतिक शुरुआत करेंगे।
प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर अपने नए अभियान का ऐलान किया। उन्होंने लिखा, ‘लोकतंत्र का एक सार्थक भागीदार बनने और जन-समर्थक नीतियों को आकार देने में मदद करने की मेरी खोज ने बीते 10 सालों में उतार-चढ़ाव देखे हैं। अब मैं नया पन्ना पलटने जा रहा हूं।
पीके ने लिखा है, अब मुद्दों और जन सुराज के मार्ग को बेहतर ढंग से समझने के लिए ‘रियल मास्टर्स’ यानी जनता के पास जाने का समय आ गया है, शुरुआत बिहार से होगी।’कहा जा रहा है कि पटना के पॉश इलाके में उनका ऑफिस तैयार हो गया है।
0.कांग्रेस के साथ नहीं बनी बात
बता दें कि प्रशांत किशोर के बीते कुछ दिनों से कांग्रेस में जाने की चर्चा थी। हाल ही में उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन को लेकर पार्टी के कायाकल्प का एक प्रेजेंटेशन भी पेश किया था, हालांकि कांग्रेस और उनके बीच बात नहीं बनी और अंतिम दौर में उन्होंने कांग्रेस से किनारा कर लिया।
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र में एक परिवार की खुशिया उस वक्त गम में बदल गई, जब उन्हें यह पता चला कि जिस लड़के से उनकी बेटी की सगाई होने वाली है वह इस दुनिया में नहीं रहा।
जानकारी के अनुसार पाटन में दो परिवारों के बीच रिश्ता तय होने के बाद सगाई की तैयारियां चल रही थीं। शाम को लड़का और लड़की सगाई होने वाली थी, लेकिन सुबह ही लड़के वालों की तरफ से फोन आया कि दीपक अब इस दुनिया में नहीं रहा। इतना सुनते ही लड़की वालों के पैरों तले जमीन खिसक गई। लड़की ने जब यह खबर सुनी तो वह सदमें से बेहोश हो गई। पुलिस मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है।
पाटन पुलिस के मुताबिक अरसनारा निवासी दीपक वर्मा (28) की सगाई 1 मई को रायपुर स्थित ग्राम गिरोध में होनी थी। दोनों ही परिवारों में सगाई की तैयारी चल रही थी। लड़की वालों और लड़के वालों ने अपने अरमानों के मुताबिक सगाई के लिए खरीदारी की थी। सुबह से ही घर वाले सगाई में जाने के लिए तैयारी कर रहे थे। सुबह सात बजे के करीब दीपक को अचानक हार्ट अटैक आया और उसकी सांसें हमेशा के लिए थम गईं।
लड़के की मौत की जानकारी मिलते ही पूरे परिवार में मातम पसर गया। पुलिस ने शव को पंचनामा कर पीएम के बाद परिजनों को सौपा। आज उनका अंतिम संस्कार किया गया। माह भर पहले ही परिजनों ने रिश्ता तय किया था। मौत के बाद दोनों परिवार में मातम पसरा हुआ है।