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नौकर से इश्क लगा बैठी बिजनेसमैन की बीवी…फिर पति को दी दर्दनाक मौत, पढ़िए ये शॉकिंग कांड…

धनबाद (झारखंड). शादीशुदा होने के बाद किसी दूसरे से इश्क फरमाना या फिर संबंध बनाना यानि आगे चलकर किसी अपराध को जन्म देना है। जहां प्रेमी जोड़े इस रिलेशन में इतने डूब जाते है कि वह प्रेमी के साथ मिलकर हत्या तक कर देते हैं। झारखंड के धनबाद से एक ऐसा ही खौफनाक मामला सामने आया है। जहां एक बिजनेसमैन की बीवी को अपने हसबैंड के साथ काम करने वाले नौकर से प्यार हो गया। वह नौकर के प्रेम में इतना डूब गई कि उसने अपने पति की हत्या करवा दी। इस घटना को अंजाम देने के लिए दोनों ने ऐसी साजिश रची कि मृतक खुद वा खुद उसमें फंसता ही चला गया।
धनबाद पुलिस ने किया चौंकाना वाला खुलासा
दरअसल, यह मामला धनबाद जिले के सदर थाना क्षेत्र का है। जहां एक पान-मसाला करोबारी मुकेश पंडित की 26 मार्च को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए अब एक सप्ताह बात इस मर्डर केस में चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस हत्या को किसी और ने नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी नीलम देवी ने अपने प्रेमी यानि पति के नौकर उज्ज्वल शर्मा के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने नीलम और उसके प्रेमी उज्ज्वल को गिरफ्तार कर लिया है।
नौकर से दिल लगा बैठी बीवी अवैध संबंध में बन गई कातिल
मामले का खुलासा करते हुए धनबाद एसएसपी संजीव कुमार ने बताया कि मृतक मुकेश पंडित दामोदरपुर के सोमनगर में अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके पड़ोस में एक उज्ज्वल शर्मा रहता है जो मुकेश की दुकान पर काम करता था। नौकर होने के चलते उज्वल का मुकेश के घर आना-जाना शुरू हो गया। इसी बीच उज्जवल और मालिक की पत्नी नीलम के प्रेम संबंध बन गए। इतना ही नहीं दोनों ने एक साथ जिंदगी जीने का फैसला तक कर लिया। लेकिन महिला का पति उनके रास्ते में रोड़ा बन रहा था। जिसे हटाने के लिए दोनों ने उसकी हत्या के लिए एक धांसू प्लान बनाया।

बीवी ने पति को मारने के लिए उसकी पहले गर्लफ्रेंड बनवाई
मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी उज्जवल ने मिलकर मुकेश को एक हनी ट्रैप में फंसाया। इसके लिए फेसबुक पर एक फेंक आईडी यानि लड़की के नाम से अकाउंट बनाया और मुकेश से दोस्ती की। उज्ज्वल मैसेंजर के जरिए मुकेश से बातचीत करने लगा और प्यार का नाटक भी उज्जवल ने किया। फिर 25 मार्च की रात उज्जवल ने लड़की बनकर मुकेश को मिलने के लिए दामोदरपुर फुटबॉल ग्राउंड पर बुलाया। लेकिन जब मुकेश ने उज्जवल को सामने देखा तो वह हैरान रह गया। फिर आरोपी ने मुकेश के सीने पर गोली मारक उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने संदेह के आधार पर दोनों से पूछताछ की तो सारा मामला सामने आ गया। दोनों ने अपना जुर्म कबूल लिया है।

मॉल के वॉशरूम में शव होने की सूचना पर पहुंची पुलिस, सबको देखते ही उठ खड़ा हुआ युवक

न्यूज डेस्क।झारखंड की राजधानी रांची के लालपुर स्थित एक मॉल के वॉशरूम में एक युवक के संदिग्ध हालत में पड़े होने की खबर से हड़कंप मच गया. वॉशरूम में संदिग्ध हालत में पड़े युवक को सबसे पहले सफाई कर्मियों ने देखा था. इसके बाद उन्होंने लोगों को जानकारी दी. इसके बाद पूरे मॉल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

…और फिर उठ खड़ा हुआ युवक

मामले में पुलिस को सूचना मिली कि मॉल के वॉशरूम में एक युवक का शव पड़ा हुआ है. पुलिस आनन-फानन में मॉल पहुंचती है और उसे वहां वॉशरूम में एक युवक जमीन पर गिरा हुआ मिला. पुलिस को लगा कि मामला संदेहास्पद है इसलिए फॉरेंसिक टीम को सूचना दी जाने लगी. लेकिन फॉरेंसिक टीम के आने से पहले ही वॉशरूम में लेटा हुआ युवक उठ खड़ा हुआ. युवक के होश में आने के बाद पुलिस उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर गई.

फिल्म को बीच में ही छोड़ कर गया था राहुल

मिली सूचना के मुताबिक, इस युवक का नाम राहुल कुमार है. वह सोमवार को अपने दोस्तों के साथ फिल्म देखने के लिए मॉल आया था. जब राहुल अपने दोस्तों के साथ फिल्म देख रहा था तभी वह अपने दोस्तों से जरूर काम होने की बात कहकर फिल्म के बीच से ही बाहर निकल गया. राहुल के दोनों दोस्त जब फिल्म देखकर बाहर निकले, तब उनको राहुल कहीं नहीं मिला.

सुबह तक राहुल कुमार के दोस्त उसे खोजते रहे, लेकिन वह कहीं नहीं मिला. राहुल के दोस्तों ने मॉल कर्मियों से भी मदद मांगी लेकिन उनकी ओर से उनको कोई सहयोग नहीं मिला. मंगलवार सुबह जब वॉशरूम की साफ सफाई करने वाले लोग पहुंचे. तब उन्होंने राहुल को वॉशरूम में गिरा हुआ देख उन्होंने लोगों को इसकी जानकारी दी.

राहुल के दोस्तों को गार्ड्स ने किया बंद

दूसरी तरफ मॉल के कुछ गार्ड्स दबंगई दिखाने लगे. राहुल के दोनों दोस्त जो उसे रात भर ढूंढने में परेशान रहे. उन्हें पुलिस के निकलते ही मॉल के गार्ड्स ने अंदर ही बंद कर दिया. उनके आधार कार्ड रख लिए गए. यह कह कर कि जब तक प्रबंधक का कोई अधिकारी नहीं आएगा. तब तक आप दोनों को यहीं रहना होगा. दोनों युवक अपने दोस्त के पास जाने के लिए गुहार लगाते रहे लेकिन गार्ड्स उन्हें जाने नहीं दे रहे थे.

फिलहाल, लालपुर पुलिस और बेहोश पड़े राहुल के बयान के बाद दोनों युवक को मॉल से छुड़ाया गया. पुलिस राहुल और उनके दोस्तों से पूछताछ कर रही है कि कहीं रात में कोई नशीली पदार्थ का सेवन तो नहीं किया. उनको जांच के लिए रिम्स अस्पताल भेजा गया है.

मालगाड़ी से शक्कर की बोरियां लूटीं, आरपीएफ की फायरिंग में एक बदमाश घायल, अस्पताल में भर्ती

मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में सिकरौदा रेलवे स्टेशन पर खड़ी एक मालगाड़ी के डिब्बे काटकर बदमाश बुधवार तड़के शक्कर की भरी बोरियों को लूट ले गए। लूट की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस और बदमाशों के बीच हुई फायरिंग में एक बदमाश घायल हो गया।

घायल को मुरैना के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। झांसी मंडल के रेलवे पुलिस के डिविजनल कमांडेंट आलोक कुमार ने बताया कि गोवा एक्सप्रेस का तड़के चार बजे के करीब इंजन खराब होने के कारण वहां से गुजर रही मालगाड़ी को रोककर उसका इंजन गोवा एक्सप्रेस में लगाकर उसे वहां से रवाना किया गया था।

मालगाड़ी को वहीं स्टेशन पर रोक दिया गया। इसी बीच आधा दर्जन से अधिक बदमाश वहां आये और मालगाड़ी के डिब्बों की सील तोड़कर उसमें रखी शक्कर की बोरियां लूट ले गए।

सेना में जल्द शुरू हो सकती है कांट्रैक्ट बहाली, 3 साल की होगी नौकरी, जानें कैसे होगी भर्ती… कितना मिलेगा वेतन

नई दिल्ली। देश में सैन्य बलों में नए तरीके से सैनिकों की बहाली की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसे ‘टूर ऑफ ड्यूटी’ नाम दिया गया है। इसे कम बजट में युवाओं को रोजगार देने के इरादे से जल्द ही लॉन्च किया जाएगा। इसको लेकर करीब दो साल से तैयारी चल रही है।

‘टूर ऑफ ड्यूटी’ अभियान के तहत कम सरकारी खर्चे में एक निश्चित अल्पकालिक अनुबंध पर सैन्य बलों में अधिकारियों और सैनिकों की बहाली की जानी है। इसके तहत नौकरी का समय करीब तीन साल हो सकता है।

कोरोना महामारी के कारण पिछले दो वर्षों में सशस्त्र बलों में सैनिकों की भर्ती में भारी कटौती की गई है। आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्तमान में सेना, वायु सेना और नौसेना में 1,25,364 पद खाली हैं।

जानें क्या है ‘टूर ऑप ड्यूटी

शीर्ष नेतृत्व से प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। इस सप्ताह रक्षा मंत्रालय में ‘टूर ऑप ड्यूटी’ पर ब्रीफिंग दी गई है। इस योजना को 2020 में सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे द्वारा लाया गया। हाल के महीनों में सरकार के शीर्ष स्तरों पर इसके आकार और दायरे पर विचार-विमर्श किया गया।

इस योजना की अंतिम रूपरेखा अभी तक सामने नहीं आई है। इसका मकसद तीन साल की निश्चित अवधि के लिए सामान्य और विशेष कर्तव्यों दोनों के लिए सैनिकों की बहाली की थी। इससे सशस्त्र बलों में स्थाई भर्ती की अवधारणा में बदलाव की उम्मीद है।

नई प्रक्रिया में तीन साल के अंत में अधिकांश सैनिकों को ड्यूटी से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्हें आगे के रोजगार के अवसरों के लिए सशस्त्र बलों से सहायता मिलेगी। माना जाता है कि कॉरपोरेट इंडिया ऐसे प्रशिक्षित युवाओं के लिए नौकरी आरक्षित करने में रुचि रखता है, जिन्होंने अपने देश की सेवा की है।

यदि सैनिकों की एक बड़ी संख्या को ‘टूर ऑफ़ ड्यूटी’ के तहत लिया जाता है तो वेतन, भत्तों और पेंशन में हजारों करोड़ की बचत हो सकती है। भर्ती किए गए युवाओं में से सर्वश्रेष्ठ को  जगह होने पर अपनी सेवा जारी रखने का अवसर मिल सकता है।

इस अभियान का मकसद सरकार की लागत को कम करने के साथ-साथ हर साल हजारों प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार देना है। आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित कॉलेजों के छात्र जो सशस्त्र बलों में उच्च प्रौद्योगिकी अभियान के विस्तार में योगदान दे सकते हैं, उन्हें एक छोटे कार्यकाल के लिए सेवा देने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। जिसके बाद वे नागरिक दुनिया में करियर बना सकते हैं।

गोरखपुर कांड: मुर्तजा ने ISIS के खाते में भेजे थे रुपए, एटीएस के हाथ लगे चौंकाने वाले सबूत

गोरखपुर। (Gorakhnath Mandir Attack) गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में लगे सिपाहियों पर हमले के आरोपी मुर्तजा अहमद अब्बासी ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस के बैंक खाते में लाखों रुपये भेजे हैं। इसकी जानकारी यूपी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) को मिल गई है।

एटीएस मुर्तजा को ढूंढते हुए सिविल लाइंस स्थित आवास पर भी गई थी, लेकिन वह नहीं मिला। मुर्तजा को यह पता चल गया था कि एटीएस उसे गिरफ्तार करने वाली है। लिहाजा, घर से लापता हो गया, फिर आनन-फानन घटना को अंजाम देने पहुंच गया।

मुर्तजा के जिन बैंक खातों से रुपये भेजे हैं, इसकी जानकारी  एटीएस को मिल चुकी है। चार बैंक खातों का ब्योरा भी मिल चुका है। मुर्तजा के डेबिट कार्ड का नंबर सुरक्षित रख लिया गया है।

जानें क्या है आतंकियों का लोन वुल्फ अटैक मॉड्यूल

एटीएस के सूत्रों के मुताबिक, मुर्तजा ने लोन वुल्फ अटैक मॉड्यूल के तहत वारदात अंजाम दिया है। इस मॉड्यूल में बिना किसी टीम के अकेले ही घटना को अंजाम दिया जाता है। इसमें धारदार हथियार (चाकू या फिर अन्य) का ही प्रयोग किया जाता है। इस माड्यूल को लोन वुल्फ अटैक इसलिए कहते हैं, क्योंकि यह भेड़िए की तरह अकेले हमला करने की रणनीति होती है।

सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों पर हमले से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। एटीएस के एडीजी, आईजी व एसटीएफ के एडीजी के साथ ही इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) के अफसरों ने डेरा डाल दिया है। एनआईए के अफसर भी आ सकते हैं। गुजरात एटीएस के भी आने की चर्चा है।

आतंकी संगठनों की वेबसाइट भी देखता था मुर्तजा

एटीएस के सूत्रों के मुताबिक, मुर्तजा आतंकी संगठनों की वेबसाइट देखता था। सर्च करके पढ़ता था। विवादित किताबें व साहित्य पढ़ने के तथ्य भी सामने आए हैं। मुर्तजा के जब्त लैपटॉप और मोबाइल फोन से भड़काऊ व धार्मिक उन्माद के वीडियो भी मिले हैं।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई, IPL में सट्टा लगवाने वाले 2 आरोपी को किया गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

इंदौर।देश मे आईपीएल सीजन 15 की शुरुआत हो चुकी है और क्रिकेट सट्टा लगाने वाले व सट्टा संचालक द्वारा भी क्रिकेट पर सट्टा लगाना शुरू कर दिया गया है. ऐसी ही कार्यवाही इन्दौर पुलिस द्वारा करते हुए आईपीएल सट्टा संचालित करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. यह इस आईपीएल सीजन की दूसरी कार्रवाई है.

पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
दरसअल भारत देश मे क्रिकेट को लेकर एक अलग ही क्रिकेट दर्शकों में जुनून रहता है क्रिकेट की दीवानगी सर चढ़कर बोलती है. इसे ही देखते इंडियन क्रिकेट काउंसिल द्वारा क्रिकेट के छोटे फार्मेट की T20 की शुरुआत की गई थी. लेकिन इस छोटे फार्मेट में रोमांच के साथ दर्शकों का मनोरंजन भी खूब होता है. लेकिन सटोरियों द्वारा इसे सट्टे का खेल बना दिया गया है।
उसी कड़ी में इंदौर क्राइम ब्रांच को सोमवार शाम मुखबिर से सूचना मिली थी कि भंवरकुआ क्षेत्र के संत नगर चर्च के सामने मकान न. 291 में ऑनलाइन क्रिकेट मैच का सट्टा संचालित किया जा रहा है. मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच टीम व थाना भंवरकुआ के द्वारा संयुक्त कार्यवाही करते हुए मुखबिर के द्वारा बताए स्थान पर दबिश देते हुए मकान में टीवी चालू दिखी जिस पर आईपीएल का लखनऊ v/s हैदराबाद मैच चल रहा था एवं कमरे में मौजूद दो व्यक्तियों को पकड़ा जिसने अपना नाम अजीत सिंह उर्फ गोलू , जगजीत सिंह होना बताया है.

करोड़ो का मिला हिसाब किताब
वहीं क्राईम ब्रांच डीसीपी निमिष अग्रवाल के अनुसार पुलिस ने दोनों आरोपीयो से पूछताछ की तो मोबाइल में इंटरनेट व वेबसाइट से ग्राहकों को आईडी बनाकर आईपीएल का लखनऊ और हैदराबाद 20–20 मैच में सट्टा खेलना व खिलवाना स्वीकार किया है. पकड़े गए सटोरियो से 02 मोबाइल 01 LED टीवी, व नगद 3,55,000/– और सट्टे का करोड़ो का हिसाब–किताब मिला है. आरोपीयो द्वारा लखनऊ v/s हैदराबाद 20–20 मैच पर ऑनलाइन सट्टा लगवाया जा रहा था पकड़े आरोपी वेबसाइट के माध्यम से ग्राहकों की ऑनलाइन आईडी बनाकर मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे.

एक नहीं कई महिलाओं के साथ थे पति के फिजिकल रिलेशन’, मंदाना ने खोला बड़ा राज

न्यूज डेस्क।लॉक अप (Lock Upp) की वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट मंदाना करीमी (Mandana Karimi) ने शो में जब से एंट्री की है, वो अपने बिहेवियर की वजह से चर्चा में बनी हुई हैं. कुछ दिन पहले मंदाना अपने गुस्से की वजह से शो छोड़कर चली गई थीं, लेकिन फिर से वापस आकर उन्होंने सभी को चौंका दिया था. मंदाना ने अब लॉक अप में अपने एक्स हसबैंड को लेकर बड़ा राज खोला है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है.

27 की उम्र में मंदाना ने की थी शादी

दरअसल, अजमा फल्लाह मंदाना से उनके बॉयफ्रेंड के बारे में पूछती हैं तो मंदाना ब्लश करने लगती हैं और कहती हैं- नो कमेंट्स. इसपर अजमा अपने बारे में बात करते हुए कहती हैं कि वो अभी 23 साल की हैं और 26-27 साल की होने पर वो शादी कर लेंगी. अजमा की बात पर मंदाना कहती हैं कि उन्होंने भी 27 साल की उम्र में शादी की थी.

क्यों हुआ मंदाना का तलाक?

मंदाना ने अपनी लव स्टोरी का जिक्र करते हुए कहा- हमने 2.5 साल तक एक दूसरे को डेट करने के बाद सगाई की थी. सगाई के 7-8 महीने के बाद हमने शादी कर ली थी. हमारी शादी कोर्ट मैरिज थी.

मंदाना ने आगे कहा- हम 8 महीनों तक एक दूसरे के साथ रहे और फिर चीजें ठीक नहीं रहीं. हम 4 साल तक अलग रहे और कुछ समय पहले 2021 में हमने तलाक ले लिया. वो ऐसे दिखाता था कि जैसे मैं हूं ही नहीं.

मंदाना ने अजमा को अपने एक्स हसबैंड गौरव गुप्ता के बारे में बताया- इन 4 सालों में, वो उन सभी के साथ सोया है, जिन्हें मैं जानती थी. इसपर अजमा पूछती हैं कि क्या वो उनके दोस्तों के साथ भी सोया है. इसपर मंदाना ने जवाब दिया कि उनके दोस्त नहीं हैं.

मंदाना संग ऐसा था ससुरालवालों का बिहेवियर

मंदाना ने अपने ससुरालवालों के बारे में बात करते हुए कहा कि पहले जब वो शूटिंग पर जाती थीं तो उनके बॉयफ्रेंड की मां उनके लिए फूल भेजती थी, कॉफी, स्पा, शॉपिंग पर साथ जाती थीं. साथ में पार्टीज भी करती थीं और खुद को बहुत ओपन माइंडेड कहती थी.

मंदाना ने आगे बताया कि बाद में वो उन्हें किसी से बात करने पर भी रोकती थीं. अगर मंदाना कहीं अकेले जाती थीं तो वो कॉल करके पता करवाती थीं कि मंदाना वहां पहुंची हैं या नहीं. मंदाना ने कहा कि अचानक उनके ससुरालवाले उनसे कहते थे कि सलवार कमीज पहनो, मंदिर के सामने बैठो. मंदाना की इस बात को सुनकर हर कोई हैरान है.

मंदाना ने यह भी बताया कि उनका एक्स हसबैंड उन्हें तलाक नहीं देना चाहता था और ये बहुत लंबी स्टोरी है. इसलिए इसे वो शो में खुद को सेव करने के लिए रिवील करेंगी.

KORBA: सलामे गए करतला … अब तारा को बनाया गया कोरबा तहसीलदार…

कोरबा। राजस्व मामलों में कसावट लाने के लिए कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने कोरबा तहसीलदार पंचराम सलामे को करतला भेजा गया है। अब उनके स्थान पर करतला के नायाब तहसीलदार श्रीमती तारा सिदार को कोरबा तहसीलदार बनाया गया है।

बता दें कि राजस्व प्रकरण के लंबित मामलों को लेकर कलेक्टर श्रीमति रानू साहू समीक्षा लेकर किसानों की समस्या का निराकरण करने का निर्देश दे रहे है। इसके बाद भी बटांकन , सीमांकन और जमीन संबधी कार्यो के मामले कम नही हो रहे है। इसे देखते हुए कलेक्टर ने दो तहसीलदारों को इधर से उधर करते हुए नए आदेश जारी किया है। जारी आदेश के मुताबिक अब कोरबा तहसीलदार पंच राम सलामे को करतला का प्रभार दिया गया है। इसी तरह करतला के तहसीलदार श्रीमती तारा सिदार को कोरबा का प्रभार सौंपा गया है।

आसमान से गिरी गोली से सब्जी वाला घायल, पुलिस उलझी कि कहां से हुआ फायर

न्यूज डेस्क।ग्वालियर पुलिस के सामने अलग केस आया है। एक व्यक्ति को गोली लगी है पर गोली कहां से आई ये सवाल पुलिस को उलझा रहा है।इसके लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मदद ली जाने की बात कही जा रही है। गोली लगने वाले का इलाज चल रहा है।

ग्वालियर के जेल रोड पर एक सब्जी वाले को गोली लगने का मामला सामने आया है। गोली कहां से आई, फिलहाल तो ये पता लगाया जा रहा है। घायर सब्जी वाले को अस्पताल में भर्ती किया गया है। दावा किया जा रहा है कि कहीं हर्ष फायर किया गया होगा, जिसकी गोली नीचे आते समय सब्जी वाले को लग गई होगा।

जानकारी के अनुसार बहोड़ापुर थाना पुलिस ने तड़के गोली चलाने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। बताया गया कि घोसीपुरा शिवनगर निवासी पातीराम माहौर सोमवार की रात को ठेला लेकर घर लौट रहे थे। जब वे जेल रोड पहुंचे तो अचानक उन्हें कंधे में कुछ लगा और असहनीय दर्द होने लगा। देखा तो कंधे से खून निकल रहा था। पातीराम राम माहौर ने घरवालों को सूचना दी, घरवाले उन्हें जेएएच के ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने बताया कि कंधे में गोली लगी है। पुलिस भी अस्पताल पहुंच गया।

बहोड़ापुर थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार ने बताया कि कंधे पर ऊपर की तरफ गोली लगी है। इसलिए आशंका है कि ऊपर से टपकी गोली लगी है। घायल का कहना है कि उसने किसी को गोली चलाते नहीं देखा है। उसकी किसी से रंजिश भी नहीं है। गोली कहां से चली है, इसका पता लगाने के लिए पुलिस फॉरेंसिक एक्सपर्ट की भी मदद लेगी।

RTI Act : समय पर सूचना नहीं देने पर जन सूचना अधिकारी पर 25 रुपये का अर्थदण्ड

रायपुर।छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के राज्य सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम का पालन नहीं करने और समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने वाले चार जनसूचना अधिकारी पर पच्चीस हजार रूपए का अर्थदंड अधिरोपित किया है।

संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को निर्देश दिए हैं कि अर्थदंड की राशि संबंधित से वसूली कर शासकीय कोष में जमा कराएं और तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा के विरूद्ध सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(2) के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिये हैं।

सुधार और पारदर्शिता लाने का सार्थक प्रयास
सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) सरकार और अधिकारियों के कामकाज में सुधार लाने और पारदर्शिता लाने का एक सार्थक प्रयास है। सूचना का अधिकार देश में भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने और अधिकारियों में लालफीताशाही को नियंत्रित करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम होगा। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए पदाधिकारियों का पदों के प्रति जवाबदेह होना जरूरी है। इस अधिनियम के माध्यम से ऐसी व्यवस्था की गई है, जिसके अंतर्गत कोई भी नागरिक लोक प्राधिकारी के कार्यकलापों के संबंध में सूचना प्राप्त कर सके। यदि लोक सूचना अधिकारी द्वारा संबंधित को समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो ऐसे अधिकारियों को, राज्य सरकार द्वारा गठित राज्य सूचना आयोग द्वारा दण्डित किया जा सकता है।

प्रथम अपीलीय अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश

सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत शरद देवांगन, श्रीराम कालोनी बेलादुला रायगढ़ ने अपने आवेदन दिनांक 25 जनवरी 2018 में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा (जन सूचना अधिकारी) से जिला कोरबा में पदस्थ सहायक शिक्षक (पंचायत), शिक्षक(पंचायत) की सूची की सत्यापित छायाप्रति की मांग की। किन्तु वांछित जानकारी समय पर प्राप्त नहीं होने पर प्रथम अपीलीय अधिकारी को 28 फरवरी 2018 को आवेदन किया। प्रथम अपीललीय अधिकारी ने इस प्रक्ररण में कोई निर्णय नहीं दिया, जिससे क्षुब्ध होकर छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील की।

राज्य सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल ने आवेदन का अवलोकन कर अधिनियम के तहत अपीलार्थी और जनसूचना अधिकारी (RTI Act) को सुनने के पश्चात अपीलार्थी को समय सीमा में जानकारी नहीं प्रदाय करने एवं आयोग में कोई जबाब प्रस्तुत नहीं करने के साथ ही आयोग के पत्रों का कोई जवाब नहीं देने पर को गंभीरता से लेते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा (तत्कालीन जनसूचना अधिकारी) जी आर बंजारे के विरूद्ध धारा 20(1) के तहत 25 हजार रूपए का अर्थदण्ड के साथ ही सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(2) के तहत कलेक्टर कोरबा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा को निर्देशित किया गया है।