Home Blog Page 2625

6 लड़कों ने ‘पार्टी’ करने के लिए बुक करा ली पूरी ट्रेन, मुंह में नोट दबाकर ऐसे किया डांस

दिल्ली में जब भी लोग मेट्रो (Delhi Metro) की सवारी करते हैं तो धक्का-मुक्की के अलावा सीट पाने के लिए जद्दोजेहद करते हुए दिखाई देते हैं. मेट्रो में सीट पाना अपने आप में बहुत बड़ा काम है. कई बार तो खड़े होने के लिए भी जगह नहीं मिल पाती. दिल्ली मेट्रो का हाल कुछ ऐसा ही देखा जाता है. वहीं अन्य शहरों में भी मेट्रो में सवारी करते वक्त सुबह-शाम की भीड़ देखी जाती है. हालांकि, एक शख्स ने अजूबा काम कर दिखाया है, जिसके बारे में जानकर आपको अचंभा जरूर होगा. क्या आपने अकेले मेट्रो की सवारी की है? अगर की भी होगी तो उसके अंदर अपने दोस्तों के साथ पार्टी नहीं किया होगा.

आधी रात को मेट्रो में की ऐसी सवारी
जी हां, Crazy XYZ नाम के यूट्यूबर ने कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है. अमित नाम के शख्स ने बताया कि वह जयपुर में है और दावा किया कि उसने आधी रात को घूमने के लिए पूरी मेट्रो बुक कर ली है. शख्स ने ड्राइवर से बात की और मेट्रो के ड्राइविंग कम्पार्टमेंट में भी गया. इसके बाद ड्राइवर से मेट्रो को आगे-पीछे चलाने के लिए कहा. इतना ही नहीं, अमित और उनके साथियों ने मेट्रो में खाना भी मंगवाया और जमीन पर बैठकर आनंद लिया. मेट्रो के अंदर एक अधिकारी भी मौजूद थे, जिनसे कैमरे पर बातचीत की.

यूट्यूबर ने खाया खाना और दोस्तों संग जमकर की पार्टी
कुछ ही देर बाद सभी छह दोस्तों ने मेट्रो के फर्श पर बैठकर जिंगा गेम खेला और फिर प्लास्टिक के बंदूक लेकर एक दूसरे पर अटैक किया. खाली मेट्रो के अंदर सभी लोग दौड़ भाग करते रहे. एक समय ऐसा भी आया जब अमित के साथी सोते हुए पाए गए. ट्रेन लगातार चलती रही और एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें टॉयलेट जाना पड़ा. मेट्रो रोकी गई और सभी नीचे उतरे. टॉयलेट करने के बाद वापस मेट्रो में आए. आखिर में अमित नाम के यूट्यूबर ने कैमरे के सामने यह भी दिखाया कि कितने बज रहे थे. 75 लाख से ज्यादा बार इस वीडियो को देखा जा चुका है.

शादी में महिला ने अपने डांस से गिराई ‘बिजली’, लोगों ने देखा तो बोले- कंरट की तरह लगाए ठुमके

Viral Dance Video: शादी में अगर आपने दोस्तों संग डांस नहीं किया तो बाद में पछतावा जरूर होगा. किसी भी पार्टी में अगर आप कुछ हटके डांस करते हैं तो आस-पास के लिए घेर लेते हैं और प्रोत्साहित करते हैं. कुछ ऐसा ही एक शादी में देखने को मिला, जब एक महिला अचानक से पंजाबी पॉप सॉन्ग ‘तारे गिन-गिन’ पर धमाकेदार डांस किया. महिला ने अपने डांस से आस-पास के लोगों को हैरानी में डाल दिया. उन्होंने अपने डांस से पार्टी में जान डाल दी. वीडियो देखने के बाद आप भी तारीफ किए बिना खुद को रोक नहीं पाएंगे.

शादी में महिला ने जमकर लगाए ठुमके
जैसा कि वायरल होने वाले वीडियो में देखा जा सकता है कि शादी के मौके पर एक महिला किनारे खड़ी थी, तभी सुखबीर का मशहूर सॉन्ग ‘तारे गिन-गिन’ बजना शुरू होता है. पार्टी में पहुंचे मेहमान जमकर डांस कर रहे होते है और वहां कई औरतें भी खड़ी हुई होती हैं. ध्यान देंगे तो ऐसा लगेगा कि वह महिला पहले से ही डांस करने के लिए तैयार थी, लेकिन उसे मौका नहीं मिल पा रहा था. गाने की धुन सुनने के बाद महिला में अलग सा जोश दिखाई दिया. महिला बिना रुके ही अपनी कमर जोर-जोर से हिलाने लगी. उसने ऐसे ठुमके लगाए कि डांस करने वाले आस-पास के लोग खड़े होकर उसे ही देखने लगे.

बिजली डांस से यूं मचाया तहलका
इतना ही नहीं, जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया तो कुछ लोगों ने इस डांस को बिजली डांस कहा. सोशल मीडिया (Social Media) पर यह वीडियो लोगों को खूब पसंद आ रहा है. इंस्टाग्राम (Instagram Reels) पर honeysingh.2013 नाम के अकाउंट द्वारा यह वीडियो जैसे ही अपलोड किया गया, इसे लोगों ने खूब लाइक किया. इस वीडियो पर कई अन्य यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी.

 

https://www.instagram.com/p/CaL0WCplDTo/?utm_source=ig_embed&utm_campaign=embed_video_watch_again

सोशल मीडिया पर यूजर्स का आया ऐसा रिएक्शन
एक यूजर ने लिखा, ‘दिल से ऐसे निकलता है डांस.’ एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘आपने तो बड़ा खतरनाक डांस किया है ऐसा डांस तो पहली बार देखा है बहुत ही सुंदर, वेरी नाइस’. एक यूजर ने तारीफ करते हुए लिखा, ‘दीदी, आपका डांस तो एकदम बिजली की तरह आया.’

 ये हैं IPL की अबतक की सबसे ग्लैमरस टीम मालकिन, फोटोज में देखिए उनका जलवा

शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty) और उनके पति राज कुंद्ना (Raj Kundra) ने राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) में 11.7 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी. बॉलीवुड एक्ट्रेस कई मौकों पर अपनी टीम को चियर करते हुए नजर आईं. ये टीम स्पॉट फिक्सिंग की वजह से 2 साल के लिए बैन हुई जिसके बार इस दंपति का आरआर (RR) से मालिकाना हक खत्म हो गया.


जूही चावला (Juhi Chawla) आईपीएल टीम कोलकाता नाइटराइडर्स (Kolkata Knight Riders) की को-ओनर हैं. केकेआर (KKR) टीम में उनकी हिस्सेदारी बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) के साथ है.


गायत्री रेड्डी (Gayatri Reddy) डेक्कन क्रॉनिकल (Deccan Chronicle) के ओनर टी वेंकटराम रेड्डी (T Venkatram Reddy) की बेटी हैं जिनके पास आईपीएल की टीम डेक्कन चार्जर्स (Deccan Chargers) की ओनरशिप थी. वो कई आईपीएल मुकाबलों के दौरान स्टैंड्स में नजर आईं. फैंस ने उन्हें साउथ इंडियन एक्ट्रेस समझ लिया था. वो खिलाड़ियों की नीलामी भी शामिल हुईं थीं. साल 2012 में ये टीम खत्म हो गई.

प्रीति जिंटा (Preity Zinta) को आईपीएल की सबसे क्यूट मालकिन में शुमार किया जाता है. बॉलीवुड एक्ट्रेस के डिंपल फैंस को काफी पसंद आते हैं. वो पंजाब किंग्स (Punjab Kings) की को ओनर हैं. प्रीति अपनी टीम की हौसलाअफजाई में कोई कमी नहीं करते, वो खिलाड़ियों पूरा सपोर्ट करती हैं.


काव्या मारन (Kaviya Maran) सन ग्रुप (Sun Group) के मालिक कलानिधि मारन (Kalanithi Maran) की बेटी हैं. सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) उन्हीं की टीम है. काव्या मारन (Kaviya Maran) कलानिधि मारन (Kalanithi Maran) की बेटी और पूर्व केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन (Dayanidhi Maran) की भतीजी हैं. 29 साल की काव्या खुद सन म्यूजिक (Sun Music) से जुड़ी हुईं हैं. वो पहली बार आईपीएल 2018 में अपनी टीम SRH को चियर करते हुए टीवी पर नजर आईं थीं.

जानते हैं कोयले को ओपन वैगन में क्यों ढोया जाता है, चोरी होने का डर रहता है इसके बावजूद?

न्यूज डेस्क।भारत (India) में ही नहीं, दुनिया के अधिकतर देशों में कोयला ओपन वैगन (Coal in Open Wagon) में ही ढोया जाता है। रेलवे की भाषा में इन वैगनों को बॉक्स एन वैगन (BOXN Wagon) कहा जाता है। आज हम आपको बताएंगे कि कोयले को ओपन वैगन में क्यों ढोया जाता है?
ओपन वैगन में क्यों लादा जाता है कोयला

अपने यहां कोयले की अधिकतर ढुलाई रेलगाड़ी (Goods Train) से ही होती है। चाहे वह देश में कोयले के खदानों से निकाला गया कोयला (Domestic Coal) हो या फिर विदेश (Imported Coal) से लाया गया। उसे खदानों से या फिर बंदरगाहों से बिजली घर या कारखानों तक मालगाड़ी के जरिए ही ढोया जाता है। आपने गौर किया होगा कि इन मालगाड़ियों के डिब्बे ओपन यानी खुले होते हैं। इन्हें रेलवे की भाषा में बॉक्स एन वैगन (BOXN Wagon) कहा जाता है।

चोरी होने का रहता है डर

जब ओपन वैगन में कोयले की ढुलाई होती है तो उसके चोरी होने का डर रहता है। जहां कोयले से भरी मालगाड़ी रूकती है, अक्सर चोर वैगन के उपर चढ़ जाते हैं। फिर कोयले के बड़े-बड़े टुकड़े मालगाड़ी से नीचे फेंक देते हैं। इससे कोयला ढुलवाने वालों को नुकसान होता है। यही नहीं, बरसात होने की स्थिति में ओपन वैगन होने से कोयला भीग भी जाता है। तब भी कोयले की ढुलाई ओपन वैगन में ही होती है।

ओपन वैगन में होती है सुविधा

 

कोयले को खदान (Coal Mines) से निकालने के बाद उसे पिट हेड पर लाया जाता है। वहीं कोयले का स्टॉक यार्ड (Coal Stock Yard) बना होता है। वहां माल गाड़ी को ला कर यार्ड में लगा दिया जाता है। वहीं वैगनों में कोयले को डाला जाता है। मालगाड़ी में कोयले की लोडिंग बुलडोजर से होती है या फिर मशीन से। खुले वैगन में इनसे लोडिंग आसान होती है। यदि वैगन बंद हो तो उसमें लोडिंग में ही काफी वक्त लग जाता है।

कोयला उतारना भी आसान

जब कोयले लदी मालगाड़ी बिजली घर पहुंच जाती है तो वहां ओपन वैगन से कोयला उतारना भी आसान होता है। अधिकतर जगह ऐसी व्यवस्था होती है कि मालगाड़ी जहां खड़ी होती है, वहीं मशीनों से कोयले से लदा हुआ बॉक्स बगल में ही पलट दिया जाता है। वैगन ओपन होने की वजह से कोयला मिनटों में खाली हो जाता है। यदि वैगन बंद हो तो उससे कोयला उतारने में काफी समय लग जाता है।


आग लगने की स्थिति में बचाव आसान

कोयला एक अत्यंत ज्वलनशील (Highly Inflamable) पदार्थ है। इसमें आग आसानी से पकड़ता है। कोयला ओपन वैगन में ढोये जाने का मुख्य कारण आग से बचाव भी है। यदि कोयले में आग लगती है तो ओपन वैगन में यह आसानी से देखा जा सकता है। कई बार होता है कि वैगन में जैसे ही धुआं दिखा, उस की सूचना तुरंत रेल प्रशासन को दे दी जाती है। इससे बचाव आसान हो जाता है।

सीएम भगवंत मान ने मंत्रियों को विभाग आवंटित किए, जानें किस मंत्री को मिला कौन सा विभाग…

पंजाब में मुख्‍यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann)ने अपने मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया है. CM भगवंत मान ने गृह मंत्रालय अपने पास ही रखने का फैसला किया है.हरपाल चीमा पंजाब के वित्त मंत्री बनाए गए हैं जबकि महत्वपूर्ण शिक्षा मंत्रालय मीत हायर को सौंपा गया है. डॉ विजय सिंघला को स्वास्थ विभाग मिला है जबकि हरजोत बैंस कानून और टूरिज्म मंत्री होंगे. इसी क्रम में डॉ बलजीत कौर सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री होंगी जबकि बिजली मंत्रालय हरभजन सिंह ETO के पास होगा. लाल चंद के पास फ़ूड और सप्लाई विभाग की जिम्‍मेदारी होगी.
ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल होंगे. लालजीत सिंह भुल्लर को परिवहन मंत्रालय जबकि ब्रह्म शंकर जिम्पा के पास पानी के साथ साथ आपदा मंत्रालय की जिम्‍मेदारी होगी. गौरतलब है कि सीएम मान ने रविवार को अपने विधायकों संग पार्टी की बैठक में हिस्सा लिया था. इससे पहले भगवंत मान ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में 25,000 रिक्तियों को भरने को मंजूरी दे दी है. मान ने एक वीडियो (Video) संदेश में इसकी घोषणा की है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, था ‘‘इस बार नौकरियों में कोई भेदभाव नहीं होगा, कोई ‘सिफारिश’ या कोई रिश्वत नहीं होगी.”

सीएम ने मोहाली में विधायक संग हुई मीटिंग में कहा था, “कई लोग इन नौकरियों के लिए आपसे संपर्क करेंगे, लेकिन आम आदमी पार्टी में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है.” हो सकता है कि आपके पास इन नौकरियो के लिए लोग सिफारिश लगवाने आएंगे लेकिन अगर अपने ऐसे किसी की सिफारिश की तो फिर आप किसी ओर का हक मारोगे. आप ने चुनाव के समय बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बनाया था.

CSR की राशि को लेकर रॉर, NTPC के ईडी ने कहा वर्कआर्डर ले आओ और पैसा ले जाओ… इधर PWD को राशि नही मिलने से काम नही हो सका शुरू….

कोरबा। एनटीपीसी के सीएसआर की राशि को लेकर पीडब्ल्यूडी के बीच तकरार शुरू हो गई है। एनटीपीसी के ईडी ने रविवार कों पत्रकारो से चर्चा करते हुए कहा कि बिना वर्क आर्डर के राशि हम नही देंगे। उन्होंने कहा वर्कआर्डर लेकर आइए और रकम ले जाइए। वही पीडब्लूडी के अधिकारी की माने तो वर्कआर्डर तो 23 फरवरी को हो चुका है लेकिन रकम न मिलने की वजह से काम शुरू नही हो सका हैं।
बता दें कि दर्री- गोपालपुर सड़क मार्ग की जर्जर अवस्था ने आम लोगों को हलाकान कर दिया। दर्री से गोपालपुर तक सड़क का नए सिरे से निर्माण के लिए भूमिपूजन भी हो चुका है, और वर्क आर्डर जारी हो चुका है। सीएसआर से बनने वाली इस सड़क में अब रकम का रोड़ा है। वर्कआर्डर के लगभग एक माह बाद भी एनटीपीसी के द्वारा रकम न देने से सड़क निर्माण कार्य शुरू नही हो सका है। वही एनटीपीसी कोरबा के कार्यपालक निदेशक बिश्वरुप बसु ने जिला प्रशसान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दर्री- गोपालपुर सड़क के लिए 26 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। यह राशि जारी करने प्रबंधन वचनबद्ध है, लेकिन प्रबंधन तक वर्क आर्डर नहीं पहुंचा है।वर्क आर्डर मिलते ही 40 प्रतिशत की पहली किश्त जारी कर दी जाएगी। इसके बाद 40 प्रतिशत एवं कार्य के अंत में 20 फीसदी की शेष राशि जारी की जाएगी। रविवार को श्री बसु कोरबा प्रेस क्लब में मीडियो से चर्चा कर रहे थे।एनटीपीसी के ईडी की बात से यह जाहिर होता है कि प्रशासन यहां पर उदासीन बना हुआ है, जबकि मामल असल मे उलटा है पब्लिक का ध्यान भटकाने के लिए बयान देकर बचने का प्रयास है।

 

CG: नाले की जमीन पर कारोबारी का कब्जा…ग्रामीणों की शिकायत पर तहसीलदार ने दिया जांच का आदेश…

रायपुर। नाले की जमीन पर कारोबारी ने कब्जा कर उद्योग संचालित कर रहा है। नाले में कब्जा की वजह से ग्रामीणों को निस्तारी करने में परेशानी हो रही हैं। अब ग्रामीण कारोबारी के खिलाफ लामबंद होकर तहसीलदार से शिकायत कर कार्रवाई की मांग कर रहे है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार ने जांच का आदेश दिया हैं।


बता दें कि जो जमीन सरकारी है वो हमारी है तर्ज पर चल रहे जमीन कब्जा को लेकर अब स्थानीय ग्रामीण लामबंद हो रहे है।धरसीवा तहसील के ग्राम बेंद्री में संचालित एक फैक्ट्री के संचालक द्वारा 0.081 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर निर्माण कर उपयोग करने का मामला सामने आया है जबकि शासकीय दस्तावेज में उक्त जमीन सॉरी नाला के नाम से दर्ज है इससे इलाके के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि नाले में कब्जा होने से निस्तारित पानी इलाके से बाहर नहीं निकल पा रहा है इसकी शिकायत लोगों ने तहसीलदार से किया है। तहसीलदार ने आर आई को मामले की जांच करने और रिपोर्ट सबमिट करने का निर्देश दिया है। स्थानीय लोगों ने कारोबारी और अफसरों को मिलीभगत का आरोप लगाया है ।ग्रामीणों का कहना है कि लंबे अरसे से शिकायत के बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं हो पा रही है पूर्व में कारोबारी ने नाले के एक किनारे को अपने कब्जे में लिया था। शिकायत के बाद कार्यवाही नहीं हुई तो दूसरे हिस्से को अपने कब्जे में भी ले लिया। विभागीय अधिकारी शिकायत करने पर जांच करने की बात कहते हैं लेकिन मामला फिर से ठंडे बस्ते में अटक जाता है। सरकारी जमीन पर कब्जे का खेल पुराना बेंद्री इलाके में शासकीय जमीन पर कब्जा होने का पहला मामला नहीं है इससे पहले भी कई शासकीय जमीनों पर कब्जा हुआ है जिम्मेदारी अधिकारी ठोस कार्यवाही नहीं करते जिस वजह से कब्जा ज्यादा कब्जा धारी जमीन को अपनी संपत्ति बताते हुए मुआवजे की मांग करने लगते हैं स्थानीय लोगों की शिकायत पर जिम्मेदार अधिकारियों ने जल्द से जल्द जांच कराने और कार्य व कारोबारी को नोटिस देकर मामले में जवाब तलब करने का आश्वासन दिया है।

द कश्मीर फाइल्स’ पर देशभर में विवादों के बीच एक्टर आमिर खान का फिल्म पर आया रिएक्शन, जानिए क्या कुछ कहा

न्यूज डेस्क।अनुपम खेर की फिल्म द कश्मीर फाइल्स सिनेमाघरों में धमाल मचा रही है. कश्मीरी पंडितों पर बनी ये फिल्म हर जगह छाई हुई है. द कश्मीर फाइल्स में दिल दहला देने वाली कहानी दिखाई गई है. फिल्म को बहुत पसंद किया जा रहा है. ये फिल्म जल्द ही 200 करोड़ के क्लब में शामिल होने वाली है. ये फिल्म कई रिकॉर्ड तोड़ने में कामयाब हुई है. द कश्मीर फाइल्स कई विवादों में भी फंसी हुई है. अब इस फिल्म को लेकर बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान का रिएक्शन सामने आया है.उन्होंने फिल्म को लेकर कई बात कही हैं.

विवादों में घिरी होने के बावजूद फिल्म को लोगों को समर्थन मिल रहा है. इसमें आमिर खान भी शामिल हैं. आमिर खान ने कहा है कि कश्मीरी पंडितों के दर्द को देश को जानना चाहिए. कश्मीरी पंडितों का हाल देखकर दिल दुखता है. ऐसी एक फिल्म जो बनी है उस टॉपिक में वो यकीनन हर हिंदुस्तानी को देखना चाहिए और हर हिंदुस्तानी को याद करना चाहिए. आमिर ने आगे कहा- मैं जरुर ये फिल्म देखूंगा और फिल्म की सफलता देखकर मैं बहुत खुश हूं.

 

अब तक द कश्मीर फाइल्स भारत में 141 करोड़ का कारोबार कर चुकी है. पहले हफ्ते में फिल्म सिर्फ 630 थिएटर में लगी थी लेकिन अब करीब 4000 स्क्रीन पर दिखाई जा रही है. फिल्म तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ में भी डब की जा रही है. आंकड़ों के मुताबिक फिल्म 200 करोड़ का बहुत जल्द छू सकती है फिल्म. लेकिन फिल्म पर खड़ा हुआ विवाद कम नहीं हुआ है.
हाल ही में द कश्मीर फाइल्स की टीम ने योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की. जिसके बाद सीएम योगी ने फिल्म की टीम के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी.

कश्मीर फाइल्स को पीएम मोदी समेत कई बीजेपी नेताओं ने सराह चुके हैं. आठ राज्यों में फिल्म टैक्स फ्री की जा चुकी है. कश्मीरी पंड़ितों के दर्द पर बनी ये फिल्म बिना बड़े सितारों, बिना गाने, बिना बड़े बजट फिल्म लगातार आगे बढ़ रही है. फिल्म में अनुपम खेर, मिथुन चक्रवर्ती, दर्शन कुमार और पल्लवी जोशी अहम किरदार निभाते नजर आए हैं. इस फिल्म को विवेक अग्निहोत्री ने डायरेक्ट किया है.

जम्मू-कश्मीर: LG मनोज सिन्हा के सलाहकार फारूक खान ने दिया इस्तीफा, विधानसभा चुनाव से पहले BJP में मिल सकती बड़ी जिम्मेदारी

जम्मू/कश्मीर। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) के सलाहकार फारूक खान (Farooq Khan) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और अब उन्हें केंद्रशासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने वाली है।

सेवानिवृत आईपीएस अधिकारी खान बीजेपी (BJP) के राष्ट्रीय सचिव रह चुके हैं और पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चे में कई पदों पर रहे हैं।जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में 1990 के दशक में आतंकवाद की कमर तोड़ने में खान का अहम योगदान रहा था।

ऐसी संभावना है कि खान को इस केंद्रशासित प्रदेश में पहले विधानसभा चुनाव (Jammu Kashmir Assembly Election) के वास्ते पार्टी को तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाए। उम्मीद है कि वर्तमान परिसीमन कार्य मई तक पूरा हो जाने पर अक्टूबर के बाद चुनाव कराये जाएंगे।

बता दें कि साल 2019 अगस्त में संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाए जाने के बाद जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा वापस ले लिया गया था और उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांट दिया गया था।

छत्तीसगढ़ के बेटे का मान के पंजाब में बढ़ा सम्मान: IIT प्रोफेसर डॉ. संदीप पाठक को AAP ने बनाया राज्यसभा उम्मीदवार, लोरमी में जश्न का माहौल

रायपुर/लोरमी। छत्तीसगढ़ के लोरमी में रहने वाले प्रोफ़ेसर डॉ. संदीप पाठक को आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब से राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया है। IIT दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. संदीप पाठक को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उनके छत्तीसगढ़ स्थित घर में जश्न का माहौल है।

पंजाब से राज्यसभा की 7 में 5 सीटों पर कार्यकाल 9 अप्रैल में खत्म होने वाला है। इसके लिए 21 मार्च यानी आज राज्यसभा सीटों पर नामांकन की अंतिम तारीख है। 31 मार्च को राज्य में राज्यसभा के लिए चुनाव प्रस्तावित है।

इस बार AAP ने पंजाब विधानसभा चुनाव में 117 में से 92 सीटें जीतीं हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि सूबे की 7 में से 6 राज्यसभा सीट AAP के खाते में जा सकती हैं। फिलहाल पार्टी की ओर से उम्मीदवारों के नाम पर मंथन जारी है।

AAP उम्मीदवारों के तीन नामों में डॉ. संदीप पाठक का भी नाम

इस बीच AAP ने राज्यसभा के लिए तीन नामों का ऐलान कर दिया है। इसमें पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, पंजाब के सह प्रभारी राघव चढ्ढा और तीसरा नाम IIT दिल्ली के प्रोफेसर डा. संदीप पाठक का है।

संदीप छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी के रहने वाले हैं। संदीप का परिवार आज भी बटहा गांव में निवास करता है। संदीप के नाम की घोषणा जैसे ही हुई, गांव में जश्न शुरू हो गया। सबने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। अब उनकी जीत का इंतजार है।

किसान परिवार के बेटे संदीप, कैंब्रिज से PHd कर भारत लौटे
बटहा में रहने वाले किसान शिवकुमार पाठक के बड़े पुत्र संदीप पाठक का जन्म 4 अक्टूबर 1979 को हुआ था। संदीप से छोटे उनके भाई प्रदीप पाठक औऱ बहन प्रतिभा पाठक हैं।

डा. संदीप पाठक की प्राइमरी शिक्षा लोरमी के ही गांव में हुई है। इसके बाद वह 6 वीं की पढ़ाई के लिए बिलासपुर चले गए। वहां से MSc की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद और फिर करीब 6 साल ब्रिटेन में रहकर पढ़ाई की। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से PHd करने के बाद वह भारत लौटे।

अरविंद केजरीवाल के काफी करीबी

बताया जाता है कि डा संदीप ने काफी समय तक प्रशांत किशोर की टीम में रहकर दिल्ली चुनाव के लिए काम भी किया था। उसके बाद वह अरविंद केजरीवाल के सलाहकार टीम में जुड़ गए।

संदीप के बारे में कहा जाता है कि पंजाब में AAP की सरकार बनानें में पर्दे के पीछे रहकर उन्होंने बड़े रणनीतिकार की भूमिका अदा की है। वो बीते कुछ समय से पंजाब में आम आदमी पार्टी का संगठन खड़ा करनें के लिए काम भी कर रहे थे।