0.गांव की चौपालों से लेकर शहरों तक में प्रेरणा बन रहीं यह नारी शक्ति
कोरबा।इच्छाशक्ति नाम है उस भावना का जिसमें असंभव को भी संभव बनाने का ओजस्वी विचार हो। बिरले ही होते हैं ऐसी इच्छाशक्ति के लोग जिनके पीछे चलकर खुद लोग अनुशरण करने लगते हैं। ऎसी इच्छाशक्ति अगर एक महिला की हो तो सोने में सुहागा वाली बात है।
तन चंचला, मन निर्मला, व्यवहार कुशला, भाषा कोमला, सदैव समर्पिता..आज का युग तेरा है परिणीता, नारी तुझ पर संसार गर्विता..नारी को समर्पित यह पंक्तियां जिले की महिला कलेक्टर श्रीमती रानू साहू पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं। जो गांव से लेकर शहरों तक में विकास की धुरी बनी हुई हैं और प्रेरणा बनकर दूसरों का भी मार्ग प्रशस्त कर रहीं हैं।
आठ मार्च को विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर कलेक्टर की प्रशासनिक व्यवस्था पर ही नजर डालें तो रानू साहू सौंपे गए प्रशासनिक कर्तव्यों को पूरी निष्ठा के साथ जुटी हुई हैं।
जून 2021 से पदस्थ जिले की कलेक्टर रानू साहू वर्ष 2010 से छत्तीसगढ़ के विभिन्न विभागों में बतौर सिविल सेवक लगातार कार्यकर चुकी हैं। उनकी त्वरित निर्णय लेने की क्षमता असाधारण है।
छत्तीसगढ़ में गरियाबंद जिले के एक छोटे से गांव पांडुका में पली बढ़ी रानू बचपन से ही पढ़ाई मेधावी छात्रा रहीं। उनहोंने 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई पांडुका में ही पूरी की।
वे एक साधारण किसान परिवार से जुड़ी हुई हैं, पिता एक साधारण किसान हैं। रानू साहू की माँ ने हिम्मत दी,तब ग्रेजुएशन के बाद पुलिस की तैयारी करने फॉर्म भर दिया। हाईकोर्ट ने रिजल्ट पर रोक लगा दी थी लेकिन, जब दोबारा रिजल्ट घोषित किया गया तो वो पास हुईं और आखिरकार रैंक के हिसाब से उनको डीएसपी का पद मिला।
पुलिस की सर्विस के साथ ही उन्होंने IAS की भी तैयारी जारी रखी। साल 2009 में IAS का की परीक्षा में सफल होकर कांकेर की कलेक्टर बनीं। कोरबा में पदस्थ होने के साथ ही जिले की आम लोगों को शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतर लाभ प्राप्त हो, इस दिशा में वे लगातार मेहनत कर रही हैं।
रायपुरं छत्तीसगढ़ सरकार ने साल 2021-22 के तीसरे अनुपूरक बजट में नोनी सुरक्षा योजना का बजट आवंटन किया है। इस योजना के तहत कर्मकार मंडल में पंजीकृत मजदूरों की पहली दो बेटियों के खातों में एकमुश्त 20-20 हजार रुपए जमा कराए जाएंगे। संक्षिप्त चर्चा के बाद 492 करोड़ 43 लाख रुपए का अनुपूरक बजट पारित कर दिया गया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश के गांवों को आवागमन की बेहतर सुविधा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए की लागत से सड़क और पुल-पुलिया निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अनुपूरक बजट में अन्य प्रावधानों के साथ नवीन अंशदायी पेंशन योजना के लिए 14% अंशदान के लिए राशि का प्रावधान भी किया गया है।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय प्रज्वलित की गई अमर जवान ज्योति जो बुझा दी गई है। उस अमर जवान ज्योति को प्रज्वलित करने का फैसला छत्तीसगढ़ ने किया है। इसका शिलान्यास राहुल गांधी ने किया है। इस अनुपूरक बजट में अमर जवान ज्योति की स्थापना के लिए भी प्रावधान किया गया है।
महिला स्वावलंबन पर भी चर्चा की
मुख्यमंत्री ने कहा, महिलाएं स्वावलंबी हो सकें, इसके लिए महिला स्व-सहायता समूहों के 12 करोड़ 77 लाख रुपए के ऋण माफ किए गए हैं। ऐसे समूहों को दिए जाने वाले ऋण की सीमा बढ़ाकर दोगुनी कर दी गई है। बालिकाओं को उच्च शिक्षा का लाभ दिलाने के लिए प्रदेश के 25 जिला मुख्यालयों पर महिला महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। इनमें सुकमा, कोण्डागांव, बीजापुर और नारायणपुर जैसे दूरस्थ आदिवासी बहुल जिले में इन महाविद्यालयों का संचालन इसी वर्ष से प्रारंभ हो गया है।
किसानों-वनवासियों के लिए हुए काम गिनाए
मुख्यमंत्री ने कहा, किसानों के पुराने कृषि ऋण, जलकर माफ किए गए हैं। 2500 रुपए प्रति क्विंटल धान का मूल्य किसानों को दिया गया। किसान आसानी से खाद, बीज ले सकें इसके लिए 725 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया। इस वर्ष लगभग 98 लाख मीट्रिक टन धान का समर्थन मूल्य पर खरीदी की गई। नई सहकारी समितियों के गठन के कारण किसानों को भुगतान में कोई परेशानी नहीं आई।
पिछले कई वर्षों से लंबित किसानों के 35 हजार 161 कृषि पंपों के कनेक्शन देने की मंजूरी दी गई। अब तक इनमें से 90 प्रतिशत पम्पों को कनेक्शन दिया जा चुका है, शेष पम्पों को 31 मार्च तक बिजली कनेक्शन देने का प्रयास किया जा रहा है।
कोरबा।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एसईसीएल मुख्यालय वसंत विहार स्थित रविन्द्र भवन में श्रद्धा महिला मण्डल एवं विप्स द्वारा’अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ का आयोजन अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ. पीएस मिश्रा के मुख्य आतिथ्य, मुख्य सतर्कता अधिकारी बीपी शर्मा, निदेशक (वित्त) एसएम चौधरी, श्रद्धा महिला मण्डल अध्यक्षा श्रीमती पूनम मिश्रा, उपाध्यक्षा श्रीमती संगीता शर्मा, श्रीमती पिंकी प्रसाद, श्रीमती कल्पना चौधरी, श्रीमती रीता पाल, श्रीमती कीर्ति तिवारी सदस्य सेन्ट्रल गर्वनिंग बाडी विप्स, श्रीमती प्रीति निमजे विप्स कोआर्डिनेटर, महाप्रबंधक (कार्मिक/प्रशासन) एके सक्सेना की उपस्थिति में किया गया। जिसमें एसईसीएल मुख्यालय सहित एसईसीएल के समस्त कोयला क्षेत्रों की विप्स की सदस्याओं व बिलासपुर अंचल की कर्मण्य महिलाओं ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि की आसंदी से अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ. पीएस मिश्रा ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि महिलाएँ सदा से पूजनीय रही हैं। महिलाएँ प्रारंभ से ही किसी भी चीज को सहेजने, समेटने, सृजन करने का कार्य करती हैं जिसका कोई विकल्प नहीं है। महिलाएँ अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ समाज के हर क्षेत्र में अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं जिन्हें पूर्ण आदर मिलना चाहिए। उन्होंने कामना करते हुए कहा कि नारी शक्ति को इतना बल मिले कि भविष्य की चुनौतियों का सामना कर अपने लक्ष्य को हासिल कर सके।
इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि श्रद्धा महिला मण्डल अध्यक्षा श्रीमती पूनम मिश्रा ने सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि महिलाएँ बहुत सक्षम हैं। कोई भी फिल्ड महिलाओं के लिए कठिन नहीं है, जब भी आप लड़खड़ाते या असफल होते हैं तो अपने आप से पूछिए क्यों असफल हुए हैं। अपने लिए सबसे अच्छा दोस्त हम खुद हैं, हमें पता है कि हममे क्या कमजोरी है उसे सुधार कर आगे बढ़ते हुए अपने आपको सम्हाले, अपने लक्ष्य को हासिल करें।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कोलइण्डिया कॉरपोरेट गीत बजाया गया उपरांत मंचस्थ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन किया गया। इस अवसर पर श्रीमती प्रीति निमजे ने विप्स शपथ का पठन किया जिसे उपस्थित समस्त विप्स सदस्याओं ने दोहराया।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन श्रीमती कीर्ति तिवारी ने प्रस्तुत किया। एसईसीएल नारी रत्न सम्मान की प्रस्तावना डॉ. सनीशचन्द्र जनसंपर्क अधिकारी ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उद्घोषणा का दायित्व प्रीति निमजे एवं चम्पा भट्टाचार्य द्वारा निभाया गया जबकि अंत में धन्यवाद ज्ञापित शैलजा दाभाड़े द्वारा दिया गया।
इन महिला कर्मचारियों का किया गया सम्मान
इस अवसर पर अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ. पीएस मिश्रा, मुख्य सतर्कता अधिकारी बीपी शर्मा, निदेशक (वित्त) एसएम चौधरी, श्रद्धा महिला मण्डल अध्यक्षा पूनम मिश्रा, उपाध्यक्षा संगीता शर्मा, पिंकी प्रसाद, कल्पना चौधरी, रीता पाल के करकमलों से बिलासपुर अंचल के 15 कर्मण्य महिलाओं का सम्मानित किया गया।
इनका हुआ सम्मान
श्रीमती मीतू गुप्ता वन्य जीव संरक्षण
श्रीमती मंजू बलहार राजयोग मेडिटेशन एवं मोटिवेशनल स्पीकर
जमुना बाई सागर समाज सेविका
श्रीमती अल्का फाक रेलवे चाइल्ड लाईन
रेखा गुल्ला खेल व समाज कल्याण
श्रीमती शिल्पी केडिया महिला कल्याण
डॉ. श्रुति गुप्ता शिक्षाविद
श्रीमती स्वाती आनंद, श्रीमती स्नेहा सिंग शिक्षिका
डॉ. उषा किरण बाजपेयी समाज कल्याण
विद्या गोवर्धन सामाजिक कार्य
श्रीमती विभा सोनी शिक्षिका
श्रीमती वासंती वैष्णव कत्थक नृत्य
श्रीमती नथिया बाई फिटर हेल्पर मेके. धनपुरी ओसीएम सोहागपुर क्षेत्र
श्रीमती माया बाई कारट्रीक मेकर कंचन खुली खदान जोहिला
श्रीमती मधु प्यून दीपका क्षेत्र, श्रीमती शर्ली थॉमस मेट्रन कुसमुण्डा क्षेत्र
श्रीमती सरस्वती केटेगरी-।। चरचा वेस्ट बैकुण्ठपुर क्षेत्र
श्रीमती बुधनी बाई मशीनिष्ट केटेगरी-4 रिजनल वर्कशाप कोरिया चिरमिरी
कुमारी जानकी सिंह डाटा एन्ट्री ऑपरेटर जमुना कोतमा
श्रीमती ललिता कंवर केटे-1 सीईडब्ल्यूएस गेवरा
श्रीमती मुन्नी बाई वेल्डर हेल्पर केटे-।। क्षेत्रीय कर्मशाला बिजुरी हसदेव
श्रीमती मुल्की बाई मशीन हेल्पर भटगांव
श्रीमती त्रिवेणी बाई ईपी टर्नर सीडब्ल्यूएस कोरबा
श्रीमती अमिया केरकेट्टा मेट्रन छाल डिस्पेंसरी रायगढ़
श्रीमती करा बाई कन्वेयर ऑपरेटर केटेगरी-।।।, श्रीमती राम बाई आर्मेचर वाईन्डर केटेग-4 रिजनल वर्कशॉप बिश्रामपुर क्षेत्र
श्रीमती प्रियंका सिंह लिपिक ग्रेड ।। गेवरा
दीपका शुक्ला डाटा एन्ट्री ऑपरेटर उत्खनन विभाग मुख्यालय बिलासपुर
श्रीमती रश्मि खरे प्रबंधक (कार्मिक) दानकुनी कोल कॉम्प्लेक्स को उनके उत्कृष्ठ कार्यों के लिए एसईसीएल नारी रत्न पुरस्कार 2022 से पुरस्कृत किया गया।
रायपुर। खाद्य एवं सांख्यिकी मंत्री अमरजीत भगत ने मंगलवार को विधानसभा में छत्तीसगढ़ का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया। रिपोर्ट के आधर पर छत्तीसगढ़ का जीडीपी दर 11.5 प्रतिशत है। जीएसडीपी में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र में भी जीएसडीपी बढ़ा है। कृषि में 3.88 फीसदी वृद्धि, उद्योग क्षेत्र में 15.44 फीसदी और सेवा क्षेत्र में 8.54 फीसदी का ग्रोथ हुआ है।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार छत्तीसगढ़ में प्रति व्यक्ति अनुमान 1 लाख 18 हजार 401 आया है। याने पिछले साल की तुलना में प्रति व्यक्ति आय में करीब 11.93 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
छत्तीसगढ़ के के अर्थव्यवस्था में क्षेत्रवार योगदान ( हिस्सेदारी)
कोरबा।पूर्वाचल विकास समिति ने समिति को आबंटित भूमि पर हुए निर्माण को अवांछनीय तत्वों द्वारा लगातार तोड़ने के विरोध में उचित कार्यवाही के संबंध में माननीय कलेक्टर महोदया को एक ज्ञापन सौपा है ।
सौपे गए ज्ञापन का विषय:- कोरबा प.ह.नं. 16/09 / 04 रा.नि.मं.. तह. व जिला- कोरबा में स्थित शासकीय भूमि खसरा नं. 188 / 1 क में से 1.00 एकड़ पूर्वाचल विकास समिति को आबंटित किये जाने संबंधित नस्ती आधारित समिति के कब्जे की भूमि पर अवांछनीय तत्वों द्वारा महोदय के आदेश पर लगातार तोड़ने एवं उचित कार्यवाही के संबंध में।
सौपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि पूर्वांचल विकास समिति कोरबा एक सामाजिक संस्था है जो पिछले 30-35 वर्षों से समाज के हित के लिये कार्य करने के लिए कटिबद्ध है, समाज के अथक प्रयास से खसरा नं. 188 / 1 क मे से एक एकड़ भूमि समिति को भवन निर्माण एवं विकास कार्य हेतु आबंटित रा. प्र. क्र. 2 अ-20 (1) / 2010-11 के अनुसार भूमि आवंटन की सहमति व्यक्त की गयी थी।
उक्त भूमि पर समिति पूर्व से ही अधिपत्य में थी और अधिपत्य को देखते हुए आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ की गयी थी। समिति द्वारा एक अंश पर भवन का निर्माण किया गया है और वर्तमान में उस पर नगर पालिक निगम द्वारा चारदीवारी निर्मित कर गेट लगा दिया गया है और उस पर ताला लगा रहता है।
वर्तमान में उस गेट पर लगे हुए ताला को पूर्व में तोड़ने का प्रयास किया गया था। तत्पश्चात समिति के सदस्यों द्वारा माननीय महोदय के समक्ष दो दिन पूर्व निवेदन किया गया था कि ताला नहीं होने से परिसर में अवांछनीय तत्व प्रवेश कर सकता है और भवन को क्षति कारित कर सकता है। समिति के निवेदन पर माननीय महोदय द्वारा न.पा.नि. को उक्त परिसर पर ताला लगाने का निर्देश दिया गया, जिस न.पा.नि. द्वारा ताला लगाया गया, परन्तु कल दिनांक 06/03/2022 को उक्त परिसर के गेट पर लगा ताला तोड़ दिया गया है औरअवांछनीय तत्वो द्वारा अवैधानिक रूप से प्रवेश किया गया और कई लोगो के द्वारा परिसर मे बैठक ली गयी जिस पर यह परिलक्षित हो रहा है कि कुछ लोग समिति की भूमि पर वालात कब्जा करना चाहते है। आदेश के पश्चात् भी कुछ व्यक्ति उक्त परिसर में प्रवेश कर लेते है, तो समिति को अत्यधिक क्षति कारित होगी जिसके लिए माननीय महोदय अविलम्ब जांच कर शासकीय कार्यवाही कर पुनः ताला लगवाने एवं अवांछनीय तत्वों के विरूद्ध प्रशासनिक कार्यवाही करने की कृपा करें एवं हमारे पूर्वाचल विकास समिति द्वारा निर्मित पुराने भवन में हमें आने-जाने की अनुमति प्रदान करें।
जांजगीर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर में मंगलवार सुबह एक महिला पुलिस कांस्टेबल का शव सरकारी क्वार्टर में पंखे से चुन्नी के सहारे लटका हुआ मिला। पड़ोसियों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। महिला कांस्टेबल के खुदकुशी करने की आशंका है, लेकिन इसका कारण स्पष्ट नहीं है। वहीं पिता का कहना है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। मामला जांजगीर कोतवाली क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, नैला भाटापारा निवासी महिला कांस्टेबल सीमा फर्रे (30) पुत्री मनीराम फर्रे जांजगीर के SP कार्यालय में पदस्थ थी। वह यहां पुलिस कॉलोनी निलयम के सरकारी क्वार्टर में अकेले ही रहती थी। सुबह पड़ोसियों की नजर खिड़की पर पड़ी तो अंदर सीमा फर्रे फांसी से लटकी हुई थी। इस पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंची तब तक सीमा की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को नीचे उतरवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
Assembly Election 2022: यूपी में विधानसभा चुनाव मंगलवार सात मार्च को समाप्त हो गया. अब 10 मार्च को चुनाव के परिणाम घोषित किए जाएंगे. इसी बीच हमीरपुर में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने शायराना अंदाज में अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर तंज कसा है.
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शायराना अंदाज में कहा, ‘समाजवादी पार्टी नई हवा, नई सपा की बात करते थे लेकिन हमने एक के बाद दूसरे उदाहरण से दिखाया कि वही हवा है, वही सपा है. मैं अब भी कह रहा हूं कि वही हवा है वही सपा है, 10 तारीख को अखिलेश कहेंगे EVM बहुत बेवफा है.’इससे पहले अनुराग ठाकुर ने सपा पर तंज कसते हुए कहा था, ‘जिन्होंने रामभक्तों को भूना, उनका EVM कर दो सूना.’ उन्होंने कहा, ‘अखिलेश जी रामलला के दर्शन करने और काशी विश्वनाथ धाम क्यों नहीं जाते? क्योंकि ये लोग मंदिर जाने, सिंदूर लगाने और भगवे से डरते हैं. ये तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं,वोट बैंक तक समर्पित रहते हैं.’
अनुराग ठाकुर ने कही ये बड़ी बात
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने आगे कहा, ‘’सपा,कांग्रेस,बसपा के दावे फुस होंगे, क्योंकि ये लोग जनता के बीच नहीं रहें और गरीबों के उत्थान के लिए कुछ नहीं किया. 70 साल में गोरखपुर में एम्स नहीं था, लेकिन मोदी और योगी जी की सरकार ने गोरखपुर में एम्स बनाया. ऐसे कई उदाहरण हैं.’’
न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव खत्म हो चुका है. अब सभी की नजरें 10 मार्च को आने वाले चुनावी नतीजों पर है. इससे पहले एग्जिट पोल के नतीजे सामने आ चुके हैं. एग्जिट पोल के सभी नतीजों में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बीजेपी सरकार बन रही है. कांग्रेस का सफाया होता दिख रहा है. अब एग्जिट पोल पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का बयान सामने आया है.
प्रियंका गांधी ने कहा, ‘हम जितनी मेहनत से लड़ कर सकते थे लड़े. हम इंतजार करेंगे और देखेंगे की चुनाव के नतीजे क्या रहते हैं. आज हम महिला दिवस मना रहे हैं. हमारी 159 महिला प्रत्याशी हैं. हमने अपनी तरफ से पूरा प्रयास किया है.’
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लखनऊ में कांग्रेस का मार्च
प्रियंका गांधी आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ में पैदल मार्च करेंगी. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लखनऊ में ऐतिहासिक मार्च होने वाला है जिसमें प्रियंका गांधी जी के साथ कांग्रेस की तमाम महिला नेता शामिल होंगी. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लखनऊ में प्रियंका गांधी जी के साथ 159 प्रत्याशी मार्च करेंगी. इसमें कांग्रेस की सांसद, विधायक समेत सभी निर्वाचित महिलाएं शामिल होंगी.
प्रियंका गांधी ने कहा, महिला दिवस पर हो रहे मार्च का संदेश है कि हम महिलाओं की भागीदारी और उनके सशक्तिकरण की बात सिर्फ चुनावों तक सीमित नहीं रखेंगे. जिन महिलाओं को हमने टिकट दिया, उनमें भी खास तौर से वे, जिनका उत्पीड़न हुआ, उन महिलाओं को लखनऊ की सड़कों पर चलते देखना ही राजनीति का लक्ष्य होना चाहिए. इस मार्च में देशभर से महिला विधायक, सांसद एवं मंत्री व कई क्षेत्रों की प्रभावशाली महिलाएं हिस्सा लेंगी.
उत्तर प्रदेश चुनाव (UP Election) को लेकर सामने आए अधिकतर एग्जिट पोल (Exit Poll) में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनती दिखाई दे रही है। इस पर बीजेपी नेता कह रहे हैं कि बहुमत से काफी ज्यादा सीटें भाजपा जीतने जा रही है वहीं समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेता एग्जिट पोल को मानने से इंकार कर रहे हैं। सपा के नेता अपने कार्यकर्ताओं से मतगणना केंद्र के बाहर चौकन्ना रहने की सलाह दे रहे हैं। इसी बीच अब सोशल मीडिया पर एग्जिट पोल को लेकर लोग अपनी राय रख रहे हैं।
पूर्व आईएएस ने एग्जिट पोल पर कसा तंज: पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह (Surya Pratap Singh) ने ट्विटर पर लिखा कि “ताऊ बेटे से पूछा- यो एक्जिट पोल के होवे है, बेट्टे? बेटा – यो सट्टेबाज़ी का खेल सी, ताऊ तू इस्से दूर रहियो।” सपा नेता आईपी सिंह ने लिखा कि “एग्जिट पोल देख कर खुश होने वालों याद रखना कभी-कभी सजी सजाई दुल्हन भी विवाह-मंडप से भाग जाती हैं।” शिवानी वर्मा नाम के यूजर ने लिखा कि “एग्जिट पोल पर केवल उतना ही विश्वास करें जितना आपको अपने बैंक खाते में 15 लाख आने पर है।”
लोगों की प्रतिक्रियाएं: युसूफ जामिल नाम के यूजर ने लिखा कि “एग्जिट पोल में मीडिया, भाजपा को यूपी में उतना ही बहुमत दे रहा है, जितना बहुमत बीजेपी को बंगाल में मिला था।” अजय सिंह नाम के यूजर ने एग्जिट पोल पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि “एग्जिट पोल का रिजल्ट ऐसा भी हो सकता है कि कमल घर चल, हठ मत कर… झोला उठा, झटपट चल।” पहाड़ी ब्लॉग नाम के यूजर ने लिखा कि “अब्दुल टेंट हाउस का एग्जिट पोल आ चुका है जिसमें समाजवादियों द्वारा 400 कुर्सियों की बुकिंग का दावा किया जा रहा है बाकी 3 कुर्सियां बीजेपी खरीदेगी।”
न्यूज डेस्क। जिन लोगों को जानवरों से प्यार होता है, वह अपने घर में पालतू जानवर पालना पसंद करते हैं. ज्यादातर लोग अपने घर में कुत्ते पालते हैं और फिर कई लोग ऐसे भी होते हैं जो अन्य जानवरों को भी पालते हैं. चलिए एक ऐसे ही एनिमल लवर महिला के बारे में बताते हैं, जिसे सड़क के आवारा कुत्तों से प्यार है. गुजरात के अहमदाबाद की रहने वाली झंखना शाह ने जब आवारा कुत्तों की परेशानियों को देखा तो वह बेहद इमोशनल हो गई. न सिर्फ झंखना बल्कि उनके पिता को भी कुत्तों के प्रति लगाव था.
रोजाना आवारा कुत्तों खाना खिलाती है ये महिला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, झंखना अन्य लोगों की तरह खुद भी आवारा कुत्तों को खाने के लिए रोटी, बिस्किट व दूध देती थी. हमने सड़कों पर ध्यान दिया होगा कि कुछ जख्मी व अपंग कुत्ते भी होते हैं, उनके लिए खाना ढूंढकर खा पाना आसान नहीं होता. उनके लिए झंखना मदद को सामने आई और ऐसे कुत्तों के लिए खाने का बंदोबस्त करना शुरू कर दिया. 45 वर्षीय झंखना ने ऐसे कुत्तों के प्रति ज्यादा प्यार दिखाना शुरू किया. इसके पीछे एक किस्सा है. झंखना को कुछ साल पहले एक कुत्ते को देखा, जिसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी.
इस घटना के बाद कुत्ते की करने लगी मदद
कुत्ते की टूटी हुई हड्डी को देखकर वह बेहद इमोशनल हो गई और फिर उसका इलाज करवाया. इस घटना के बाद से झंखना जब भी जख्मी कुत्तों को देखती तो उनका इलाज करवाती और फिर खाने का इंतजाम करती. इस तरह से झंखना को लोग बेहद पसंद करने लगे. नेक काम को देखकर सभी उनकी सराहना करते हैं.
उसके पैरेंट्स भी करते हैं सपोर्ट
अब वह अपना पूरा जीवन इसी काम में लगा दिया. झंखना को इस काम के लिए उसके पैरेंट्स भी सपोर्ट करते हैं. वह एनजीओ से भी जुड़ी हुई हैं. अपनी नौकरी छोड़कर सिर्फ कुत्तों को खाना खिलाने पर लग गई. बताया जाता है कि वह रोजाना करीब 130 कुत्तों को खाना खिलाती हैं और महीने भर में करीब 20 हजार रुपए खर्च कर देती हैं. वह पिछले 21 साल से कुत्तों की मदद कर रही हैं.
The Duniyadari: कोरबा 22 अप्रैल 2026/
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