कोरबा। श्लोक ध्वनि फाउंडेशन द्वारा गजल संध्या अल्फाज़ और आवाज़ का आयोजन आज 6 मार्च रविवार को राजीव गांधी ऑडिटोरियम, इंदिरा स्टेडियम टीपी नगर में किया गया है। गजल संध्या में शाम 7 बजे से शायर अजय पाण्डेय ” सहाब” और मशहूर गजल गायक राजेश सिंह शेर ओ शायरी और सुरों की महफिल सजाएंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बिलासपुर संभागायुक्त डॉ संजय अलंग करेंगे। मुख्य अतिथि कोरबा कलेक्टर रानू साहू होंगी। विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक कोरबा भोजराम पटेल और नगर पालिक निगम कोरबा आयुक्त प्रभाकर पाण्डेय होंगे।
बता दें कि श्लोक ध्वनि फाउंडेशन बिलासपुर में अनेक आयोजन कर चुकी है। कोरबा के गजल प्रेमियों की खास मांग पर पहली बार फाउंडेशन द्वारा ऊर्जानगरी में आयोजन किया गया है। जहां दर्शक फ्री एंट्री से शुरमाई शाम का आनंद उठा सकेंगे।
ग्वालियर। ग्वालियर चंबल अंचल में बंदूक का शौक किसी से छुपा नहीं है। लेकिन अब चंबल की लड़कियों पर भी यह शौक चढ़ने लगा है। शहर में रहने वाली एक 19 साल की लड़की ने सोशल मीडिया पर अवैध देशी कट्टा के साथ कुछ फोटोज शेयर की हैं। इन फोटोज के आधार पर क्राइम ब्रांच जांच करने पहुंची तो पता चला कि यह अवैध हथियार पड़ोसी युवक का था। इसके बाद पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया।
क्राइम ब्रांच की पूछताछ में हुआ खुलासा
सोशल मीडिया पर युवती की फोटो देखकर क्राइम ब्रांच उसके घर पहुंच गई। यहां पुलिस ने लड़की से पूछताछ शुरू कर दी। इसके बाद उसने पुलिस को बताया कि दो दिन पहले घर पर एक फंक्शन था। इसमें पड़ोस में रहने वाला आकाश प्रजापति आया हुआ था। उसके पास ही यह कट्टा था।
शौक में खिंचवाई फोटो
युवती ने बताया कि उसने शौक-शौक में आकाश से कट्टा लेकर फोटो खिंचवाया था। यह जानकारी मिलते ही पुलिस पड़ोस में रहने वाले आकाश के घर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद युवक के पास से अवैध कट्टा भी जब्त कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक आकाश पर आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर लिया गया है।
बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने महिला सशक्तिकरण को अपनी कार्य शैली का महत्वपूर्ण अंग बनाया है। बालको का यह मानना है कि सशक्त नारियों के योगदान से ही समाज और देश की चहुंमुखी प्रगति संभव है।
विविधतापूर्ण कार्य संस्कृति को प्रोत्साहन
बालको ने सदैव ही विविधतापूर्ण कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित किया है। सीखने के आधुनिक तरीकों ने महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही वजह है कि चाहे प्रत्यक्ष रोजगार के माध्यम से महिलाओं को सामाजिक-आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने की बात हो या फिर सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के जरिए उन्हें सबल बनाने की बात, महिला सशक्तिकरण के हर मोर्चे पर बालको पूरी मुस्तैदी से तैनात है।
महिला कार्यबल का अनुपात 50 फीसदी तक ले जाने का प्रयास
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक अभिजीत पति कहते हैं कि ‘‘हम महिला कार्यबल का अनुपात 50 फीसदी तक ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके लिए देश के विभिन्न महाविद्यालयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को मौके दिए जा रहे हैं। डिजीटल शक्ति से परिपूर्ण दुनिया में महिलाएं और भी ऊर्जावान हो रही हैं। अपने सपनों को पूरा करने के लिए वे हर कार्य करने में सक्षम हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि महिला कार्यबल को वरिष्ठ प्रबंधन के सदस्यों के साथ संवाद के अधिक से अधिक अवसर मिले।
श्री पति ने विश्वास जताया कि भविष्य में महिलाओं को नेतृत्व करने के अधिक अवसर मिलेंगे। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे कंपनी द्वारा संचालित कैरियर विकास और सशक्तिकरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण अनेक योजनाओं में बढ़चढ़ कर भागीदारी सुनिश्चित करें।
महत्वपूर्ण परिचालन एवं तकनीकी भूमिकाएं निभा रही हैं महिलाएं
बालको में सीधे नियोजन की बात की जाए, तो इस वक्त बड़ी संख्या में कुशल महिलाएं सफलतापूर्वक विभिन्न महत्वपूर्ण परिचालन एवं तकनीकी भूमिकाएं निभा रही हैं, जिनमें धातु उत्पादन, लॉजिस्टिक्स, सिविल कार्य, आधारभूत संरचना, वित्त, सुरक्षा एवं कमोडिटी प्रोक्योरमेंट आदि कार्य शामिल हैं। उन्हें प्रबंधन और कर्मचारी हित से जुड़े सभी मामलों में पूरी बराबरी से निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलता है।
बालको में कार्य स्थल पर तथा टाउनशिप में खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं महिलाएं
बालको में कार्य स्थल पर तथा टाउनशिप में महिलाएं अपने आपको पूरी तरह सुरक्षित महसूस करती हैं क्योंकि बालको के सुरक्षा संबंधी इंतजाम काफी पुख्ता हैं। टाउनशिप परिसर में जहां किसी भी बाहरी व्यक्ति का अनाधिकृत प्रवेश वर्जित है वहीं कार्य स्थल पर महिला अधिकारों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रकोष्ठ गठित है।
प्रदर्शन मूल्यांकन, वेतन पुनरीक्षण, संगठन के उच्च नेतृत्वकारी पदों में तैनाती के मौके आदि के जरिए बालको ने महिला कार्यबल की निरंतर प्रगति की रणनीति तैयार की है। इंडस्ट्री लीडर्स के साथ समय-समय पर संवाद कार्यक्रमों के जरिए महिला कर्मचारियों को नेतृत्वकारी भूमिकाओं की तैयारी के गुर सिखाए जाते हैं। ‘व्ही-लीड’ जैसे मेंटरशिप कार्यक्रम से महिलाओं को आगे बढ़ने में मदद मिल रही है।
स्वास्थ्य के समस्त आयामों के प्रति जागरूकता के लिए बालको की ओर से महत्वपूर्ण योजना क्रियान्वित की गई हैं। कर्मचारियों के लिए अभिभावक अवकाश नीति को अधिक प्रभावशाली बनाया गया है। मातृत्व अवकाश को बढ़ाकर 26 सप्ताह किया गया है। दत्तक ग्रहण अवकाश 12 सप्ताह का है जबकि पितृत्व अवकाश एक सप्ताह का दिया जाता है। बालको की अभिभावक अवकाश नीति इस श्रेणी के उद्योगों में श्रेष्ठ है। मातृत्व लाभ के साथ ही ऐसे कार्यक्रम संचालित हैं जिससे महिलाओं को मातृत्व अवकाश के उपरांत कार्यभार ग्रहण करने के दौरान बच्चे की देखरेख में काफी सुविधा होती है।
कंपनी में बच्चे छह वर्ष के होने तक महिला कर्मियों को दिया जाता है नर्सिंग ब्रेक
बालको में महिलाओं को बच्चे के छह वर्ष के होने तक नर्सिंग ब्रेक दिया जाता है जबकि उद्योगों में यह मानदंड बच्चे के डेढ़ वर्ष की आयु तक देने का है। महिला कर्मचारियों के बच्चों के लिए संयंत्र परिसर में ही झूलाघर की सुविधा है। बालको में मेरिट के आधार पर जीवनसाथी रोजगार नीति भी लागू है जिसके अंतर्गत महिला कर्मचारियों को उनके जीवनसाथी की तैनाती के अनुसार पोस्टिंग दी जाती है।
बालको का मानव संसाधन प्रबंधन उत्कृष्ट
1200 मेगावॉट विद्युत संयंत्र की इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस प्रमुख श्रीमती स्तुति चंद्राकर कहती हैं कि बालको का मानव संसाधन प्रबंधन उत्कृष्ट है। प्रबंधन की नीतियों का ही परिणाम है कि वर्ष 2006 में प्रशिक्षु स्नातक इंजीनियर के तौर पर कैरियर की शुरूआत करके आज वह इस मुकाम पर हैं। वह कहती हैं कि बालको ने महिलाओं को कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने के मौके दिए हैं। वर्ष 2018 में प्रशिक्षु स्नातक इंजीनियर के तौर पर बालको में अपने करियर शुरू करने वाली सुश्री सृजना घोष बताती हैं कि प्रबंधन के मार्गदर्शन में आज वह रिफ्रैक्ट्री एरिया का नेतृत्व कर रही हैं। बालको में संचालित विभिन्न कार्यक्रम महिलाओं को नेतृत्वकर्ताओं के तौर पर विकसित होने में मदद करते हैं।
वर्ष 2012 में प्रशिक्षु स्नातक इंजीनियर के तौर पर बालको में अपने करियर की शुरूआत करने वाली श्रीमती दिव्या तिवारी बिजनेस एक्सीलेंस विभाग में अवॉर्ड सर्टिफिकेशन एंड डिजिटल इनिशिएटिव का नेतृत्व करती हैं। वह बताती हैं कि वी-रीच, वी-लीड जैसे कार्यक्रम महिला कर्मचारियों के आगे बढ़ने के अनेक अवसर मुहैया कराती हैं।
शीट रोलिंग शॉप में कार्यरत सुश्री उपासना आचार्य कहती हैं कि बालको का सकारात्मक परिवेश महिला कर्मचारियों को निरंतर श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करता है। आरपी एक्टअप कार्यक्रम के जरिए उन्हें नेतृत्वकारी भूमिका में आने का अवसर मिला।
वर्ष 2021 में प्रशिक्षु स्नातक इंजीनियर के तौर पर बालको में करियर की शुरूआत करने वाली सुश्री रिया बरनवाल कहती हैं कि संयंत्र से लेकर हॉस्टल तक महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित वातावरण है। उनकी निरंतर प्रगति के लिए बालको में भरपूर अवसर मौजूद हैं।
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के करतला थाना क्षेत्र में एक शख्स की जली हुई लाश मिली है। मौके पर FSL और डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाया गया था। पुलिस अब इस मामले में जांच में जुटी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार करतला इलाके में ग्रामीण सुबह शौच के लिए गए थे। तभी लोगों की् नजर बोरे पर पड़ी थी। जिसके पास से कुछ जले होने की गंध आ रही थी। इस पर ग्रामीणों ने बोरा हटाकर देखा तो उनके होश उड़ गए। नीचे किसी शख्स की जली हुई लाश पड़ी हुई थी। शव देखने के बाद ग्रामीणों ने इस बात की जानकारी पुलिस की दी थी। खबर लगते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी।
लाश की पहचान नहीं हो सकी
मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आस-पास की तलाश ली गई तो पुलिस को कुछ मिला नहीं है। वहीं शव भी बुरी तरह से जल चुका था। जिसकी वजह से शव की पहचान नहीं हो सकी है। इधर, पुलिस ने मौके पर एफएसएल और डॉग स्क्वायड को बुलाया था। जिसने मौके पर पहुंचकर शव की जांच की है।
सीसीटीवी भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब इस मामले में करतला मुख्य मार्ग में लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाल रही है। साथ ही आस-पास के लोगों से भी पूछताछ की जा रहा है। लेकिन अब तक पुलिस को ये जानकारी नहीं मिली है कि शव किसका है।
पुलिस को शरीर के कुछ हिस्सों में किसी हथियार से वार के निशान मिले हैं। इस वजह से आशंका है कि पहले शख्स की हत्या की गई है और बाद में उसे जलाकर फेंक दिया गया है।
कटिहार। आपने रिश्वत में रुपए मांगने के तो बहुत से मामले सुने होंगे, मगर इस मामले में अलग ही तरह की घूस मांगी गई है। दरअसल कटिहार में एक मेडिकल ऑफिसर ने नर्स से फोन पर KISS मांगने का ऑडियो सामने आया है। नर्स अपना ट्रांसफर मांग रही थी। इसके बदले में मेडिकल ऑफिसर ने कहा, बस एक चुम्मा दे दो। बवाल बढ़ने पर मेडिकल ऑफिसर ने सफाई देते हुए कहा कि गलतफहमी हो गई।
जानकारी के अनुसार कटिहार जिले के समेली प्रखंड के स्वास्थ्य केंद्र में पिछले कई दिनों से महिला ANM को मेडिकल अफसर डॉ. विनय कुमार सिंह परेशान कर रहे थे। ANM का आरोप है कि वह ट्रांसफर मांग रही थी, जिस पर मेडिकल ऑफिसर उससे गलत डिमांड कर रहे थे। उसने इसका ऑडियो रिकॉर्ड कर लिया। ऑडियो के साथ उसने विभाग से मेडिकल ऑफिसर पर कार्रवाई की मांग की है।
ऑडियो में यह है बातचीत
नर्स- रख दीजिए मीटिंग।
MO- कल आपको आना भी है। पर हम जो आदेश देंगे, ऐसा ही काम करिएगा।
नर्स- गलत आदेश दीजिएगा तो सर हम गलत काम नहीं कर पाएंगे। जो सही है, राइट है सर, वो हम करेंगे। जो सही है तो हम आपके साथ हैं और रहेंगे। हम कानून का कभी उल्लघंन नहीं करेंगे।
MO- ठीक है तो कल मीटिंग रख देते हैं। सिर्फ चुम्मा दे देना।
मेडिकल ऑफिसर ने कहा- नातिन से कह रहा था
इधर, डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि ANM उन पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि ANM से बातचीत के बाद मेरी बेटी ने नातिन को लाकर मेरे गोद में रख दिया।
ऐसे में मैं अपनी नातिन को चुप कराने की कोशिश करने लगा। इसी बीच मैंने उससे कहा कि चुम्मा दे दो बेटा। इसी बात को लेकर ANM उन पर आरोप लगा रही है। महिला ANM का पहले ही ट्रांसफर कर दिया गया था, उसी बात से वह नाराज थी और अब मुझ पर बेबुनियाद आरोप लगा रही।
कोरबा। डिजिटल युग में भी ग्रामीणों के आँखों में धूल झोंकने का खेल विभागीय अधिकारियों के संरक्षण में लगातार जारी है। हम बात कर रहे है जिले में मनरेगा के तहत चल रहे भूमि समतलीकरण की। ग्रामीणों की जमीन के समतलीकरण के लिए विधिवत न तो गाँवो में मुनादी कराई जा रही है और न ही ग्राम पंचायतो में हितग्राहियो की सूची चस्पा की गई है। संपूर्ण प्रक्रिया का पालन विधिवत न करते हुए चहेतों को “अँधा बाटे रेवड़ी अपने अपने दे” की तर्ज पर भूमि समतलीकरण दिया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रो में रोजगार सृजित कर ग्रामीणों के जमीनों के समतलीकरण के लिए मनरेगा से प्रति एकड़ 30 हजार स्वीकृत करने का प्रावधान है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण किसान को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही खेत को खेती लायक बनाना है। इस योजना का लाभ पात्र लोगो को देने के लिए गाँवो में आवेदन के लिए मुनादी कराने का नियम है। प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद चयनित हितग्राहियो की सूची ग्राम पंचायत भवन में आम जनता के निरीक्षण के लिए चस्पा करने का प्रावधान है। जिससे प्रथम फेस में छूटे लोगो को दूसरे फेस में मौका मिल सके। इन तमाम नियमो को ताक पर रखकर अपने-अपने चहेतो का गुपचुप तरीके से आवेदन मंगाकर काम स्वीकृत किया जा रहा है। चयनित हितग्राहियों की सूची की जाँच की जाये तो कई हितग्राही ऐसे भी मिलेंगे जिन्होंने कई बार एक ही जमीन का समतलीकरण करा लिया है।
ऐसे होता है चयन
जिला पंचायत मनरेगा शाखा तक आवेदन पहुंचने के बाद सूची तैयार होती हैं। संबंधित जनपद पंचायत के तकनीकी सहायक खेत समतलीकरण का इस्टीमेट तैयार करते है । इसके आधार पर जिला पंचायत से राशि स्वीकृत की जाती है ।
ये होते है पात्र
जिले के सभी अजाजजा वर्ग किसान पात्र होते है । ओबीसी व सामान्य वर्ग के हितग्राही का बीपीएल होना जरूरी है। इनके अधिकतम 5 एकड़ खेत के समतलीकरण की स्वीकृति दी जाती है ।
मैड्रिड । यूक्रेन में रूस (Russia Ukraine War) की आक्रामकता दिन पर दिन तेज होती जा रही है। एक तरफ अमेरिका और यूरोप के देश रूस पर राजनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर रूस और पुतिन का विभिन्न देशों में सामाजिक संगठनों द्वारा विरोध किया जा रहा है। इस बीच एक चर्च नारीवादी समूह ने युद्ध के खिलाफ टॉपलेस आंदोलन किया है।
3 मार्च 2022 को स्पेन के मैड्रिड में रूसी दूतावास के बाहर फेमेन (Femen) नामक एक नारीवादी समूह से संबंधित महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने अपने सीने पर लिखा पुतिन युद्ध बंद करो, यूक्रेन में शांति हो। प्रदर्शनकारियों को अपने शरीर पर बॉडी पेंटिंग और हाथों में फूलों के गुलदस्ते पकड़े देखा गया। इनके बालों में फूल लगे हुए थे।
नारीवादी समूह फेमिन की स्थापना 2008 में यूक्रेन में हुई थी। लेकिन समूह फ्रांस से काम कर रहा है। समूह रूस और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आलोचना कर रहा है क्योंकि रूस ने यूक्रेन को धमकी दी थी। मेरा शरीर, मेरा हथियार फेमिन का आदर्श वाक्य है। नारीवाद सांप्रदायिकता, नास्तिकता और नारीवाद की बात करता है। हमारी देवी नारी है। हमारा लक्ष्य आंदोलन है और हमारा हथियार खुली छाती है।
संगठन का दावा है कि इसका लक्ष्य महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना है। समूह आक्रामक अभियानों और डिजिटल मीडिया के माध्यम से इस शब्द को फैलाने के लिए काम कर रहा है।
रायपुर। एक बार फिर छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है, जिसमें 2 जिलों के एसपी बदले गए हैं. इसके अलावा 5 ASP/DSP का भी तबादला हुआ है. बालोद एसपी सदानंद को नारायणपुर का एसपी बनाया गया है। वहीं, नारायणपुर से गिरिजाशंकर को वापिस बुलाया गया है।
न्यूज डेस्क .’कंधे पर बंदूक और गोद में मां है, इसीलिए खाकी पर इतना गुमां है…’ जब लोगों ने इस कैप्शन के साथ शेयर किए गए यूपी पुलिस (UP Police) के वीडियो को देखा तो वे भावुक हो गए! उन्होंने ना सिर्फ पुलिसकर्मी की सरहाना की, बल्कि उसे दिल से सैल्यूट भी किया। बताया गया कि गुरुवार को उत्तर प्रदेश में मतदान के दौरान यह जवान एक बुजुर्ग महिला को गोद में उठाकर मतदान केंद्र तक ले गया, ताकि वो अपने मताधिकार का उपयोग कर सके। क्लिप यूपी के गोरखपुर जिले का बताया जा रहा है।
यह वीडियो यूपी पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से 3 मार्च को शेयर किया गया था। उन्होंने कैप्शन में लिखा- कंधे पर बंदूक और गोद में मां है
इसीलिए खाकी पर इतना गुमां है। जनपद गोरखपुर में आरक्षी पवन कुमार ने थाना बढ़हलगंज क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला की मतदान स्थल पर सहायता कर लोकतंत्र के सच्चे प्रहरी की भूमिका निभाई है। पवन पर गर्व है!
कंधे पर बंदूक़ और गोद में माँ है इसीलिए ख़ाकी पर इतना गुमाँ है
जनपद गोरखपुर में आरक्षी पवन कुमार ने थाना बढ़हलगंज क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला की मतदान स्थल पर सहायता कर लोकतंत्र के सच्चे प्रहरी की भूमिका निभायी है।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसे अबतक 32 हजार से अधिक व्यूज और करीब तीन हजार लाइक्स मिल चुके हैं। साथ ही, यूजर्स ने जवान को सैल्यूट किया है। एक यूजर ने लिखा कि जय हिंद, जय हिंद की सेना। अन्य ने लिखा कि दिल से सलाम है इन्हें!
कोरबा. सामाजिक गतिविधियों के साथ शिक्षकों की समस्याओ से रूबरू होकर उनके निकराकरण के लिए संघर्ष करने वाले विपिन को अब सर्व शिक्षक संघ ने प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी दी है . महासचिव बनाये जाने के बाद विपिन यादव ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का निरकारन और उनके हित पर काम करना पहली प्राथमिकता रहेगी .
बता दें कि पूर्व माध्यमिक शाला राताखार में शिक्षक पदस्थ विपिन यादव ने सर्व शिक्षक संघ की रीति नीति एवं प्रदेश अध्यक्ष विवेक दुबे की स्वच्छ छवि व कार्यप्रणाली से प्रभावित होकर संघ की सदस्यता ग्रहण की है। विपिन यादव के संघ की सदस्यता ग्रहण करने के निर्णय का कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय ने स्वागत करते हुए उन्हें अपने प्रदेश टीम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए प्रदेश महासचिव बनाया है। कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय ने कहा है कि विपिन यादव के आने से संघ और भी मजबूत हुआ है। उम्मीद है कि विपिन यादव संघ की नीति अनुरूप संघ को मजबूत करने एवं शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।