रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के बाद अब हिंदी मीडियम में ही बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए प्रदेश भर के 32 सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों को उत्कृष्ट स्कूलों में बदला जाएगा।
छत्तीसगढ़ शासन की ओर से इसकी सूचना सभी जिलों को भेज दी गई है। उन्हें स्कूलों का चयन कर उसे जल्द ही स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूलों की तरह ही तैयार करने के लिए कहा गया है।
राजधानी में इसके लिए चार बड़े सरकारी स्कूलों का चयन किया गया है। जिन सरकारी स्कूलों का चयन किया गया है उनमें जेएन पांडेय स्कूल, दानी गर्ल्स स्कूल, मायाराम सुरजन स्कूल और माधवराव सप्रे स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा तकरीबन हर जिला मुख्यालय के प्रमुख सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल को उत्कृष्ट स्कूल बनाने के लिए चयनित किया गया है।
इन्हें आने वाले सत्र से ही उत्कृष्ट हिंदी स्कूलों के रूप में खोला जाएगा। इन स्कूलों में हिंदी माध्यम से बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा दी जाएगी। इससे पहले राज्य सरकार ने पिछले साल प्रदेश में 171 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी स्कूल शुरू किए हैं। इन स्कूलों में 74 हजार अंग्रेजी तथा 60 हजार हिंदी माध्यम से बच्चे पढ़ रहे हैं।
ये अंग्रेजी स्कूल भी योजना में शामिल
बताया गया है कि हिंदी माध्यम के जिन स्कूलों को इससे पहले अंग्रेजी माध्यम में अपग्रेड किया गया है उनमें पढ़ने वाले हिंदी माध्यम के बच्चों को भी उच्च स्तर की शिक्षा दी जा रही है। इसमें रायपुर जिले के अरुंधति देवी स्कूल आरंग में हिन्दी मीडियम के 439 बच्चे, रायगढ़ के घरघोड़ा में 558 तथा सूरजपुर के भैयाथान में 428 हिन्दी मीडियम के बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। उनमें हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों के पद स्वीकृत किए गए हैं। इसी तरह जिन अंग्रेजी स्कूलों में हिंदी माध्यम के बच्चे ज्यादा हैं, वहां पर उत्कृष्ट हिंदी स्कूल शुरू किए जाएंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल(माशिमं) की कक्षा 10वीं- 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया गया है। 10वीं में इस बार तीन लाख 80 हजार 27 बच्चे पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें तीन लाख 77 हजार 667 नियमित और दो हजार 360 प्राइवेट परीक्षार्थी पंजीकृत हुए हैं।
इसी तरह 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार कुल दो लाख 93 हजार 425 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इनमें दो लाख 89 हजार 808 परीक्षार्थी नियमित हैं। जबकि तीन हजार 617 प्राइवेट परीक्षार्थी हैं।
6787 परीक्षा केंद्रों में होगी के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया गया है। 10वीं में इस बार तीन लाख 80 हजार 27 बच्चे पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें तीन लाख 77 हजार 667 नियमित और दो हजार 360 प्राइवेट परीक्षार्थी पंजीकृत हुए हैं।
इसी तरह 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार कुल दो लाख 93 हजार 425 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इनमें दो लाख 89 हजार 808 परीक्षार्थी नियमित हैं। जबकि तीन हजार 617 प्राइवेट परीक्षार्थी हैं।
6787 परीक्षा केंद्रों में होगी परीक्षा
माशिमं मुख्य परीक्षा इस बार 6787 परीक्षा केंद्रों में होगी। कोविड-19 के मद्देनजर इस वर्ष माध्यमिक शिक्षा मंडल की मुख्य परीक्षा 2022 के लिए मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, ताकि शारीरिक दूरी का पालन हो सके। कोरोना के मद्देनजर बोर्ड ने इस बार निर्णय लिया है कि जहां पर विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं वहीं परीक्षा होगी।
परीक्षा में किसी भी तरह के नकल प्रकरणों को रोकने के लिए पूरी अलग से टीम लगातार निरीक्षण करेगी। इस दौरान किसी भी तरह के नकल प्रकरण पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल परीक्षा जो जहां पढ़ रहे हैं वहीं देंगे।
12वीं की दो और 10वी की तीन मार्च से परीक्षा
12वीं बोर्ड परीक्षा दो मार्च से 30 मार्च तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा का समय सुबह नौ बजे से दोपहर 12:15 बजे तक होगा। इसी तरह 10वीं की परीक्षा तीन से 23 मार्च तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा का समय सुबह नौ बजे से दोपहर 12:15 बजे तक होगा।
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश की अध्यक्षता में हो रही मंत्रिमंड़ल की बैठक में बजट सत्र की तैयारियों को लेकर चर्चा की जाएगी। सत्र के दौरान पेश होने वाले विधेयक का अनुमोदन किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न विभागों के द्वारा लाए गए विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा कैबिनेट में धान खरीदी के बाद उठाव की स्थिति और मिलिंग को लेकर खाद्य विभाग अपनी जानकारी पेश करेंगे। कैबिनेट बैठक में स्कूलों में ऑनलाइन और ऑफलाइन एग्जाम भी इसमें शामिल है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ में 7 मार्च से बजट सत्र की शुरुआत होगी. इस बार बजट सत्र 7 मार्च से शुरू होकर 25 मार्च तक चलेगा. इस सत्र में कुल 13 बैठके होंगी. इस सत्र की शुरुआत में राज्यपाल का अभिभाषण होगा. इसके बाद सत्र में वित्तीय कामों के साथ अन्य शासकीय काम भी पूरे किए जाएंगे।
Cryptocurrency Couple, BitCoin: क्रिप्टो करंसी (Cryptocurrency) की एक बड़ी लूट का मामला सामने आया है. जिसमें पति और पत्नी पर ये आरोप है कि उन्होंने अरबों रुपये मूल्य के बिटकॉइन की मनी लॉन्डरिंग की. खास बात ये है कि ये पति और पत्नी खुद को ‘वॉल स्ट्रीट का मगरमच्छ’ कहते थे. जांच टीम ने 27,000 करोड़ से ज्यादा के बिटक्वाइन जब्त किए हैं. पति-पत्नी अमेरिका के मैनहेट्टन के रहने वाले हैं.
पूरा मामला क्या है, आपको समझा देते हैं. अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक- 34 वर्षीय Ilya ‘Dutch’ Lichtenstein और 31 वर्षीय Heather R. Morgan की गिरफ्तारी इस महीने हुई है. इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने अवैध बिटकॉइन को अपनी मेहनत की कमाई बताकर खर्च किया. असल में 2016 में Bitfinex करेंसी एक्सचेंज को हैक कर अरबों रुपये मूल्य के क्रिप्टो करेंसी चुरा लिए गए थे.
क्या गड़बड़झाला हुआ?
जांचकर्ताओं ने बताया कि ये 6 साल पुराना केस है. जिसमें क्रिप्टो करंसी गायब हो गई थी. इस मामले में जांच टीम में शामिल अधिकारियों ने करीब 37 हजार रुपए के वॉलमार्ट गिफ्ट कार्ड की जांच शुरू की थी. जो एक रूस के रजिस्टर्ड ईमेल पर भेजा गया था. जांच में सामने आया कि ये ट्रांजैक्शन न्यूयॉर्क में मौजूद क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर के आईपी एड्रेस से किया गया.
बाद में जांच टीम ने इसका कनेक्शन Ilya ‘Dutch’ Lichtenstein से निकला. कोर्ट में जो दस्तावेज सामने आए हैं, उसके मुताबिक, वॉलमार्ट के फोन ऐप से ये गिफ्ट कार्ड रीडिम हुआ. इनमें से तीन बार जो खरीद हुई वह Heather R. Morgan के नाम से हुई. उनमें एक ईमेल उनका भी था. इसमें रजिस्टर्ड पता वॉल स्ट्रीट अपार्टमेंट था. इस कपल पर आरोप है कि इन लोगों ने कई तकनीक का उपयोग कर बिटक्वाइन को वैध बनाया. इसके लिए उन्होंने कई नकली आईडी और फर्जी अकाउंट क्रिएट किए.
पांच साल के अंदर हुआ ऐसा
जांच में सामने आया है कि पिछले पांच सालों के अंदर किसी ने कथित रूप से 119,754 अवैध बिटक्वाइन (Bitcoin) का Bitfinex वेबसाइट पर ट्रांजैक्शन किया. इसके बाद इस डिजिटल फंड को Lichtenstein के digital wallet में ट्रांसफर कर दिया गया.
1 लाख से ज्यादा बिटक्वाइन चुराए गए
Bitfinex एक क्रिप्टो करंसी एक्सचेंज है. जो ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में रजिस्टर्ड है. अगस्त 2016 में हैकर्स ने सिक्योरिटी में सेंध लगाते हुए 1 लाख 20 हजार बिटक्वाइन चुरा लिए थे. उसकी तब कीमत 70 मिलियन अमेरिकी डॉलर ( 5 अरब 24 करोड़ से ज्यादा, वर्तमान में ), तब एक बिटक्वाइन की कीमत 600 डॉलर (44 हजार के करीब) थी. आज एक बिटक्वाइन की कीमत 44,295.60 डॉलर (33 लाख रुपए से भी ज्यादा) है. जांच टीम ने बताया कि 2016 के हैक से संबंधित 27 हजार करोड़ रूपए से ज्यादा के बिटक्वाइन जब्त किए गए
Wedding Viral Video: सोशल मीडिया पर शादियों के वीडियो सबसे ज्यादा वायरल रहते हैं. शादियों की चमक दमक हर किसी को खूब आकर्षित करती है. साथ ही अपनी शादी को सभी खूब इंजॉय करते हैं. शादी में फेरों के दौरान कभी-कभी पंडित जी दूल्हे दुल्हन को अपनी बातों में भी फंसाते दिखाई देते हैं. ऐसा ही एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है जो कि काफी तेजी से वायरल हो रहा है.
सामने आए वीडियो में आप देख सकते हैं कि पंजित जी दूल्हे से अटपटा सवाल करते हुए पूछते हैं कि इस दुनिया में सबसे बड़ा नशा कौन सा है. इस पर दुल्हा अपने ही अंदाज में बिना कुछ सोचे समझे जवाब में कहता है कि खाने का. दूल्हे राजा के इस सवाल पर हर कोई हंसने लगता है.
इसके साथ ही वीडियो इंटरनेट पर भी हर किसी को खूब हंसा रहा है और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि इस दूल्हे को खाना बहुत पसंद है और ये फूडी किस्म का इंसान है. ऐसे में इसे इसके लिए खाना ही सबसे बड़ा नशा है. नेटिजंस इस वीडियो को खूब लाइक और शेयर कर रहे हैं. इसके साथ ही कमेंट बॉक्स भी मजेदार रिएक्शंस से पटा दिखाई दे रहा है.
लखनऊः उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के 2 चरण पूरे हो चुके हैं. तीसरे चरण का मतदान 20 फ़रवरी को होगा. ऐसे में सभी राजनीतिक दल जनता को अपने पक्ष में करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही हैं. सभी पार्टियों के बड़े चेहरे व कद्दावर नेता लगातार चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं. ऐसे में तीसरे चरण का मुकाबला दिलचस्प बन गया है.
59 सीट पर होना है मतदान
यूपी विधान सभा चुनाव के तीसरे चरण में 16 ज़िलों की 59 सीटों पर मतदान होना है. तीसरे चरण में जिन सीटों पर चुनाव होना है, वो ओबीसी वोट बैंक का गढ़ माना जाता है. खासतौर पर यादव, लोधी, शाक्य और कुर्मी वोट बैंक का प्रभाव इन इलाकों में है. इस फेज में कई जिले यादव लैंड के तौर पर भी जाने जाते हैं और सपा संरक्षक मुलायम सिंह और अध्यक्ष अखिलेश यादव के गढ़ भी कहलाते हैं.
बीजेपी, सपा के लिए अहम है तीसरा चरण
बीजेपी और सपा दोनों के लिए तीसरे चरण का चुनाव बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहीं से यूपी में आगे की चुनावी दिशा तय हो जाएगी. बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों ने तीसरे चरण के चुनाव में पूरी ताकत लगा दी है. तीसरे चरण में यादव वोट बैंक के साथ सबसे निर्णायक गैर यादव ओबीसी वोट हैं.
पिछले चुनाव में बीजेपी को मिली थी बड़ी कामयाबी
दरअसल, तीसरे चरण का चुनाव पश्चिमी यूपी, मध्य यूपी और बुंदेलखंड के 5 जिलों में होगा. इनमें हाथरस, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, एटा, कासगंज, फर्रुखाबाद, औरेया, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर शहर, झांसी, हमीरपुर, ललितपुर, जालौन, महोबा आदि जिलों में वोटिंग होनी है. 2017 के चुनाव में बीजेपी ने इन 59 सीटों में से 49 सीटें जीती थी. सपा मात्र 8 सीट जीत पाने में कामयाब हो पाई थी. वहीं, कांग्रेस और बीएसपी 1-1 सीट ही जीत पाई थी.
2017 के चुनाव में यादव वोट का हुआ था बंटवारा
2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने समाजवादी पार्टी के परिवार की लड़ाई का खूब फायदा उठाया था और यादव लैंड में वोटों का जबरदस्त बंटवारा किया था. यही कारण है कि इस बेल्ट में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया था. 2017 के चुनाव में इन सीटों पर बीजेपी गैर यादव ओबीसी वोट बैंक को पूरी तरह साथ लाने में कामयाब रही थी. 2017 की ही रणनीति बीजेपी 2022 में अपनाने की कोशिश कर रही है. तीसरे चरण में बीजेपी गैर यादव ओबीसी वोट बैंक लोधी, कुर्मी, शाक्य को अपने साथ रखना चाहती है, ताकि यहां से उसे बढ़त मिल सके. यही कारण है कि बीजेपी ने इस इलाके में लोधी समाज को सबसे ज्यादा टिकट दिया है. इस इलाके में कल्याण सिंह के नाम पर लोधी वोट बीजेपी के साथ जुड़ा है.
इस बार यादव वोट का मुश्किल है बंटवारा
वहीं, बीजेपी यह जानती है कि यादव वोट का इस बार जरा सा भी बंटवारा नहीं होगा, लेकिन इसके बावजूद हरिओम यादव जैसे सपा के बागियों को फिरोजाबाद की सिरसागंज सीट से चुनाव लड़ाया गया है. जबकि, अखिलेश यादव के खिलाफ एसपी सिंह बघेल को चुनावी मैदान में उतारा गया है.
बीजेपी पिछले चुनाव के समीकरण को चाहती है भुनाना
तीसरे चरण की 59 सीटों में से बीजेपी ने 21 OBC, 12 दलित, 10 ब्राह्मण, 8 ठाकुर और 1 सिंधी समाज के नेताओं को टिकट दिया है. 21 OBC में से सबसे ज्यादा 9 टिकट लोधी समाज से, तो 4 टिकट शाक्य और 3 टिकट कुर्मी समाज को दिया गया है. तीसरे चरण की गंभीरता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने इन सीटों पर चुनाव प्रचार भी किया है. बीजेपी अपने 2017 के पुराने फ़ॉर्मूले से 2022 का सियासी समीकरण साधने की भी कोशिश कर रही है. बीजेपी को यह लगता है कि सवर्ण वोट उसके साथ रहेगा.
सपा भी गैर यादव वोट को साधने की कर रही कोशिश
वहीं, समाजवादी पार्टी की बात करें, तो पार्टी के सामने 2012 वाले प्रदर्शन को दोहराने की परीक्षा है. समाजवादी पार्टी ने इस बेल्ट में सबसे पहले अपने कोर यादव वोट बैंक को सहेजने और फिर गैर यादव ओबीसी वोट बैंक को अपने पाले में लाने की बड़ी रणनीति तैयार की है. अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव के साथ हाथ मिलाया और शिवपाल यादव इटावा की जसवंतनगर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. 2017 के चुनाव में शिवपाल यादव ने इस फेज की कुछ सीटों पर सपा को नुकसान पहुंचाया था. वहीं, अखिलेश यादव ने इस बार यादव टिकट कुछ कम कर, गैर यादव ओबीसी के नेताओं को टिकट दिया है.
सपा ब्राह्मण वोट को पक्ष में करने की कर रही कोशिश
समाजवादी पार्टी ने यहां पर शाक्य, पाल, प्रजापति, लोधी समाज के नेताओं पर दांव लगाया है, ताकि बीजेपी से गैर यादव ओबीसी वोट बैंक को अपने पाले में ला सके. समाजवादी पार्टी ने इस फेज की 59 सीटों में से 28 OBC, 15 दलित, 5 मुस्लिम, 5 ब्राह्मण, 2 ठाकुर, 2 बनिया/कायस्थ और 1 सिख नेता को टिकट दिया है. सपा ने यहां पर सबसे ज्यादा टिकट ओबीसी नेताओं को दिया और फिर पहली बार यादव लैंड में सपा ने 5 ब्राह्मण नेताओं को एक साथ टिकट दिया है. दरअसल सपा को लगता है कि बीजेपी से नाराज ब्राह्मण वोट उनके साथ आ सकता है.
सपा ने किया महान दल से गठबंधन
दरअसल, सपा तीसरे चरण के चुनाव में यादव+मुसलमान के साथ शाक्य, पाल, प्रजापति और लोधी वोट के बड़े हिस्से को अपने साथ लाना चाहती है. यही कारण है कि सपा ने महान दल के साथ गठबंधन किया है. महान दल के अध्यक्ष केशव देव मौर्य की पत्नी सुनीता शाक्य भी फर्रुखाबाद सदर सीट से चुनाव लड़ रही हैं. वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य भी इस बेल्ट में काफी सक्रिय दिख रहे हैं.
चुनाव के लिए जोर लगा रही सपा
यह फेज सपा के लिए कितना महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि यहां पर अखिलेश एक दिन में 10-10 चुनावी रैलियां कर रहे हैं. तीसरे चरण का चुनाव प्रचार खत्म होने से पहले इटावा में मुलायम-अखिलेश- शिवपाल ने एक साथ रथयात्रा निकाली, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि परिवार एक है और वोटों में कोई बंटवारा ना हो सके. तीसरे चरण में ही मैनपुरी की करहल सीट भी आती है, जहां से खुद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव चुनाव लड़ रहे हैं. ये भी सपा की रणनीति का एक हिस्सा है, ताकि आसपास की सीटों पर इसका असर पड़ सके.
एक-दूसरे के गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश कर रहीं पार्टियां
तीसरे चरण के चुनाव को आप दो हिस्सों में बांटकर आसानी से यहां की चुनावी गणित को समझ सकते हैं. पहला हाथरस से कन्नौज तक जो कि सपा का गढ़ कहा जाता है और दूसरा कानपुर से लेकर बुंदेलखंड तक जो बीजेपी का गढ़ कहा जाता है. इस समय सपा और बीजेपी दोनों अपने गढ़ को बचाने के साथ एक दूसरे के गढ़ में सेंधमारी की भी भरपूर कोशिशें कर रही हैं.अब देखना यह होगा कि तीसरे चरण में 59 विधानसभा सीटों पर जनता किसके पक्ष में मतदान करेगी और किसे यूपी का सिंहासन सौंपेंगी ?
इंदौर। मध्य प्रदेश में इंदौर पुलिस ने एक VIP कार चोर को गिरफ्तार (vip car thief sher singh meena arrest) किया है. इंदौर में कार चुराने (sher singh meena hacked high security car) के लिए यह शख्स फ्लाइट से आता था. उसके बाद महंगे होटल में ठहरता था.
लग्जरी कारों को करता था हैक
यह चोर शहर के पॉश इलाकों में महंगी और लग्जरी कार को टारगेट करता था. इसके बाद एक खास डिवाइस को कार में लगाकर पांच मिनट में उसे हैक (sher singh meena used to hack high security cars) कर लेता था, फिर उसे उड़ा लेता था. लग्जरी कार होने की वजह से आरोपी शेर सिंह मीणा को पुलिस भी नहीं रोकती थी. पुलिस का कहना है कि यह शातिर चोर राजस्थान के करौली का रहने वाला है.
पुलिस को दिखाया डेमो
शेर सिंह मीणा के गिरफ्तार होने के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. यहां तक की उसने पुलिस के सामने अपनी चोरी के ट्रिक का डेमो भी दिखाया कि कैसे वह मिनटों में हैक कर लग्जरी कार को चोरी कर लिया करता था. दरअसल, वह उस डिवाइस से डुप्लीकेट चाबी बनाता था. फिर कार लेकर गायब हो जाता था.
इतनी महंगी है ये हैकिंग डिवाइस
शेर सिंह मीणा का कहना है कि उस डिवाइस की कीमत महज 30 हजार रुपये है. वह कस्टमर की डिमांड पर कार चोरी किया करता था. उसका कहना है कि वह कई लग्जरी कारों की चोरी कर चुका है.
6वीं फेल ने अधिकारियों को पहनाई टोपी
कहा जा रहा है कि पुलिस उसके पास ग्राहक बनकर पहुंची और उससे संपर्क किया. इसके बाद पुलिस ने पूरी प्लानिंग करके उसे गिरफ्तार कर लिया. इंदौर के लसूड़िया थाने में उसने पुलिस के सामने डेमो दिखाया. बताते हैं कि शेर सिंह मीणा 6वीं फेल है, लेकिन उसके कारनामे देख इंदौर पुलिस भी हैरान रह गई है. यह शातिर चोर मिनटों में लग्जरी कार को हैक कर उड़ा लेता था. इंदौर पुलिस का कहना है कि शेर सिंह मीणा ने कई लग्जरी कारों के ताले तोड़े हैं.
हाई सिक्योरिटी कारों पर रहती थी नजर
वह हाई सिक्योरिटी को आसानी से ब्रेक कर देता था. पुलिस का कहना है कि आरोपी पर दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में लूट, चोरी, वाहन चोरी, डकैती के 50 से ज्यादा केस दर्ज हैं. पुलिस का कहना है कि शेर सिंह कई बार पुलिस चकमा देकर पुलिस की कस्टडी से भाग चुका है. उसके कारण कई पुलिसकर्मी निलंबित भी हो चुके हैं.
पुलिस की पकड़ में कैसे आया चोर
दरअसल, फरवरी में एक कारोबारी की कार चोरी हो गई थी. पुलिस को यह कार लवारिस हालत में मिली थी. इस दौरान पुलिस को टैबलेट, सिम, टूल्स मिली थी. पुलिस ने सिम की जांच की तो नोएडा-गुरुग्राम एनसीआर की लिंक मिली. लिंक जोड़ने के बाद पुलिस गुना और गुरुग्राम रवाना हुई. फिर कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने शेर सिंह मीणा को गिरफ्तार कर लिया.
रायगढ़। अधिवक्ता संघ रायगढ़ की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल ने आज हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से मुलाकात की इस दौरान स्टेट बार काउंसिल के पदाधिकारी भी मौजूद थे। चीफ जस्टिस से मुलाकात कर अधिवक्ताओं ने राजस्व न्यायालयों में बिक रहे फैसलों के संबंध में रायगढ़ में बने हालातों और पूरे घटनाक्रम की उन्हें जानकारी दी, साथ ही पुलिस की ओर से की जा रही एकपक्षीय कार्यवाही के बारे में भी चर्चा की।
अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल को चीफ जस्टिस ने बार काउंसिल आफ इंडिया के सदस्य शैलेंद्र दुबे, छ. ग. राज्य विधिज्ञ परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रभाकर सिंह चंदेल, छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद अपील समिति के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र पाराशर एवम छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद के पूर्व सदस्य अवध त्रिपाठी, हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल वहाब खान, उपाध्यक्ष रजनीश बघेल अधिवक्ताओं के साथ रायगढ़ अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधि मंडल मे पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता रमेश शर्मा, सत्येंद्र सिंह, राजकुमार उपाध्याय, चुनाव अधिकारी मनोज तिवारी को
आश्वासन दिया है कि अधिवक्ताओं के सम्मान को कहीं भी झुकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए आवश्यक कदम उठाए जाने की बात भी कही है।
एडवोकेट जनरल सतीश चंद्र वर्मा ने दो सदस्यीय जांच टीम बनाने का दिया निर्देश
रायगढ़ के हालातों को बेहद गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के एडवोकेट जनरल ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित करने का निर्देश जारी कर दिया है। इस जांच टीम में स्टेट बार काउंसिल के दो विद्वान सदस्य शामिल होंगे जो रायगढ़ आकर पूरे मामले की विस्तृत जांच करेंगे और इसकी रिपोर्ट छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत परिषद के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
रायगढ़। अधिवक्ता संघ रायगढ़ की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल ने आज हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से मुलाकात की इस दौरान स्टेट बार काउंसिल के पदाधिकारी भी मौजूद थे। चीफ जस्टिस से मुलाकात कर अधिवक्ताओं ने राजस्व न्यायालयों में बिक रहे फैसलों के संबंध में रायगढ़ में बने हालातों और पूरे घटनाक्रम की उन्हें जानकारी दी, साथ ही पुलिस की ओर से की जा रही एकपक्षीय कार्यवाही के बारे में भी चर्चा की।
अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल को चीफ जस्टिस ने बार काउंसिल आफ इंडिया के सदस्य शैलेंद्र दुबे , छ. ग. राज्य विधिज्ञ परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रभाकर सिंह चंदेल, छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद अपील समिति के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र पाराशर एवम छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद के पूर्व सदस्य अवध त्रिपाठी, हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल वहाब खान, उपाध्यक्ष रजनीश बघेल अधिवक्ताओं के साथ रायगढ़ अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधि मंडल मे पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता रमेश शर्मा, सत्येंद्र सिंह, राजकुमार उपाध्याय, चुनाव अधिकारी मनोज तिवारी को
आश्वासन दिया है कि अधिवक्ताओं के सम्मान को कहीं भी झुकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए आवश्यक कदम उठाए जाने की बात भी कही है।
एडवोकेट जनरल सतीश चंद्र वर्मा ने दो सदस्यीय जांच टीम बनाने का दिया निर्देश
रायगढ़ के हालातों को बेहद गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के एडवोकेट जनरल ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित करने का निर्देश जारी कर दिया है। इस जांच टीम में स्टेट बार काउंसिल के दो विद्वान सदस्य शामिल होंगे जो रायगढ़ आकर पूरे मामले की विस्तृत जांच करेंगे और इसकी रिपोर्ट हाई कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
इंदौर. इंदौर के एरोड्रम थाना इलाके के विजय श्री नगर में एक युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। युवक का नाम आकाश बडिया है जो शहर के महाराजा रणजीत सिंह कॉलेज में बीबीए (BBA) फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था। आकाश का शव उसके ही घर पर फांसी पर लटका हुआ है। आकाश के मोबाइल में एक स्टेटस मिला है जिसमें उसने चंदन नगर थाने के टीआई और एसआई का नाम लिखकर अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है।
टीआई-एसआई को बताया मौत का जिम्मेदार
बीबीए स्टूडेंट आकाश बडिया ने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजन जब कमरे में पहुंचे तो आकाश फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। तुरंत परिजन ने घटना की सूचना एरोड्रम थाने को दी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरु की। पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से आकाश का मोबाइल मिला है जिसमें उसने सुसाइड करने से पहले एक स्टेटस डाला था और उसमें चंदन नगर थाने के एसआई विकास शर्मा और टीआई दिलीप पुरी को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर जांच शुरु कर दी है।