कोरबा।जिले में रफ्तार का कहर रुकने का नाम नही ले रहा है। बीती रात छूरी के समीप आदर्श बस ने दो बाइक सवारों को चपेट में लिया। घटना के बाद दोनों युवाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम को हटाने तीन थाना के थानेदार लगे जब जाकर मामला शांत हुआ और चक्काजाम समाप्त हुआ है।
बता दें की बीती रात को कटघोरा से कोरबा की ओर आ रही आर्दश बस के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए दर्री से छूरी जा रहे बाइक सवार को चपेट में लिया। दुर्घटना इतना भयावह था कि बाइक सवार दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।सुबह गुस्साए लोगों ने छुरी नगर में चक्काजाम कर दिया। जाम की सूचना के बाद चक्का जाम को हटाने तीन थाने के थानेदार डटे रहे साथ मे एसडीओपी ने कमान संभालकर लोगो को एक घंटे बाद शांत कराया। आपको बताते चले कि चक्काजाम सम्पात करने प्रशासन की टीम मुश्तैद रही और पीड़ित परिवार को तत्कालीन सहायता राशि प्रदान कर उचित मुआवजा देने की बात कही है। बहरहाल चक्काजाम समाप्त होने के बाद प्रशसान के टीम और थानेदारो ने राहत की सांस ली है।
रायपुर।छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ कांग्रेस की विधायक छन्नी साूह अपने पति के खिलाफ केस दर्ज होने व विपक्षी भाजपा द्वारा उन्हें गिरफ्तार करने की मांग से भड़क उठीं। गुस्साईं विधायक ने सुरक्षा व सरकारी वाहन लौटा दिया। वह खुद अपने पति को लेकर एसपी कार्यालय पहुंचीं और कहा- ‘लो इन्हें गिरफ्तार कर लो’। पति को गिरफ्तार कराने के बाद विधायक स्कूटी से घर लौट गईं।
यह रोचक व सियासी घटना छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में शनिवार को हुई। जिले के खुज्जी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक छन्नी साहू के पति चंदू साहू के खिलाफ एक ड्राइवर ने अजा-जजा अत्याचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज कराया है। इससे नाराज विधायक साहू ने अपने सुरक्षा गार्ड, तीन पीएसओ व सरकारी वाहन को लौटा दिया। इसके बाद वह पति चंदू साहू को लेकर सीधे एसपी आफिस पहुंच गईं। वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों से विधायक ने कहा, ‘मैं अपने पति को लेकर आई हूं, इन्हें गिरफ्तार कर लो। इन पर केस दर्ज है।’ इसके बाद पुलिस ने आरोपी चंदू साहू को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने साहू को जेल भेज दिया।
विधायक ने लगाया पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप
विधायक छन्नी साहू ने पति के खिलाफ राजनांदगांव जिला व पुलिस प्रशासन पर एकपक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। इसके विरोध स्वरूप ही उन्होंने शासन से मिली सुरक्षा लौटा दी। विधायक छन्नी ने कहा कि खुज्जी विधानसभा क्षेत्र के ढाई लाख लोगों ने उन्हें विधायक बनाया है। अब वह बिना किसी पीएसओ और फॉलो गार्ड के ही दोपहिया वाहन से क्षेत्र की जनता के बीच जाएंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन रोकने का निर्देश दिया है। उनके पति चंदू साहू ने रेत के अवैध परिवहन को लेकर आवाज उठाई, लेकिन पुलिस प्रशाासन ने उनके पति के खिलाफ ही कार्रवाई कर दी।
यह मामला रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन का है। इस मामले में रेत के अवैध परिवहन को लेकर विधायक पति और एक ट्रैक्टर ड्राइवर के बीच दो माह पहले विवाद हआ था। जिसके बाद ड्राइवर बीरसिंग उइके ने गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए अजा-जजा थाना में विधायक पति चंदू साहू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस ने विधायक पति के खिलाफ अजा-जजा अत्याचार निरोधक कानून के तहत अपराध दर्ज किया था।
डेस्क। लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है। देश दुनिया से लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। गायिका को 8 जनवरी को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बता दें कि लता मंगेश्कर 92 साल की थीं और उन्हें उम्र से संबंधी अन्य समस्याएं भी थीं। डॉक्टर्स ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन आज सुबह उनका स्वर्गवास हो गया।
पहली नजर का प्यार थे राज सिंह
लता मंगेशकर ने शादी नहीं की है ये तो आपको पता ही होगा। अक्सर आपके दिमाग में ये सवाल जरूर आता होगा कि उन्होंने आज तक शादी क्यों नहीं की? क्या नहीं कभी प्यार नहीं हुआ? इसका जवाब है हां.. उन्हें प्यार हुआ था वो भी डूंगरपुर राजघराने के महाराजा राज सिंह से।
एक वादा जिसकी वजह से नहीं हुई शादी
कहते हैं लता मंगेशकर ये प्रेम कहानी कभी पूरी नहीं हो पाई। शायद इसीलिए लता ने आज तक शादी नहीं की। लता मंगेशकर को डूंगरपुर राजघराने के महाराजा राज सिंह से लता मंगेशकर बेहद प्यार करती थीं। ये महाराजा लता के भाई ह्रदयनाथ मंगेशकर के दोस्त भी थे। कहा जाता है कि राज सिंह ने अपने माता-पिता से वादा किया था कि वो किसी भी आम घर की लड़की को उनके घराने की बहू नहीं बनाएंगे। राज ने यह वादा मरते दम तक निभाया।
लता की तरह राज सिंह भी जीवन भर अविवाहित रहे
वहीं लता जी के कंघे पर पूरे घर की जिम्मेदारी थी इसीलिए उन्होंने कभी शादी नहीं की। लेकिन लता की तरह राज सिंह भी जीवन भर अविवाहित रहे। राज, लता से 6 साल बड़े भी थे। राज लता को प्यार से मिट्ठू पुकारते थे। उनकी जेब में हमेशा एक टेप रिकॉर्डर रहता था जिसमें लता के चुनिंदा गाने होते थे।
मुंबई। देश की मशहूर गायिका और स्वर कोकिला से जाने जानी वाली लता मंगेशकर का निधन हो गया है। उनके निधन से बॉलीवुड इंडस्ट्री में शोक की लहर है। राजनीतिक दलों से लेकर बॉलीवुड से जुड़े दिग्गजों ने उनके निधन को अपूर्णीय क्षति बताया है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने ट्वीट करके ये जानकारी दी। बीते दिन उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया था, जिसके बाद उन्हें आईसीयू से वेंटिलेटर में रखा गया था।
रविवार को शिवसेना सांसद संजय राउत ने ट्वीट करते हुए जानकारी दी कि महान गायिका लता मंगेशकर का निधन हो गया है। डॉक्टरों ने इससे पहले शनिवार को जानकारी दी थी कि लता मंगेशकर को स्वास्थ्य स्थिर होने के बाद वेंटिलेटर से आईसीयू शिफ्ट किया गया था लेकिन अचानक बीते रोज उनकी सेहत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें फिर वेंटिलेटर पर रखा गया था। रविवार सुबह उन्होंने अस्पताल में ही आखिरी सांस ली।
पीएम ने दी श्रद्धांजलि
पीएम नरेंद्र मोदी ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “लता दीदी के गानों ने कई तरह के इमोशन्स को उभारा। उन्होंने दशकों तक भारतीय फिल्म जगत के बदलावों को करीब से देखा। फिल्मों से परे, वह हमेशा भारत के विकास के बारे में भावुक थीं। वह हमेशा एक मजबूत और विकसित भारत देखना चाहती थी।”
अमर रहेंगी लता मंगेशकर
लता मंगेशकर के निधन पर तमाम राजनीतिक और बॉलीवुड इंडस्ट्री के लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने ट्वीट करते हुए लिखा कि लता मंगेशकर हमेशा अमर रहेंगी। वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आज मैं मुंबई आया था और दुख भरा समाचार सुना। संगीत की दुनिया में उनके योगदान को कोई भुला नहीं सकता।
बॉलीवुड इंडस्ट्री ने जताया दुख
लता मंगेशकर के निधन के समाचार से बॉलीवुड इंडस्ट्री में शोक की लहर है। तमाम संगीतकारों ने उनके निधन को बड़ी क्षति बताया है। इससे पहले शनिवार की रोज लता की बहन आशा भोंसले ने अस्पताल पहुंचकर हाल जाना था। जब आशा अस्पताल से बाहर निकलीं थी तो उनके चेहरे पर मायूसी से अंदाजा लग गया था कि लता मंगेशकर की हालत ठीक नहीं है। उसके बाद रविवार यानि आज लता मंगेशकर के निधन की पुष्टि हुई।
Man Steal Police Jeep: इंसान को किसी भी चीज का शौक हो सकता है. किसी को ताज होटल में चाय पीने की शौक होता है तो किसी को पहाड़ों पर घूमने जाने का. लेकिन आज हम आपको जिस शौक के बारे में बताने जा रहे हैं. उस शौक ने शख्स को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया. दरअसल, इस शख्स को पुलिस की जीप में घूमने का शौक था. इसके लिए उसने थाने से पुलिस की जीप ही चुरा ली और उसे लेकर रोड ट्रिप पर गया.
शौक पूरा करने के लिए शख्स ने चुरा ली पुलिस की जीप
यह हैरान कर देने वाला मामला कर्नाटक से सामने आया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्नाटक के धारवाड़ जिले के एक पुलिस थाने से 45 साल के एक शख्स ने पुलिस जीप चुरा ली. इसके बाद वह जीप को 112 किलोमीटर तक रोड ट्रिप पर ले गया. इस महान शख्स की पहचान नागप्पा वाई. हडपड़ के रूप में हुई है. शख्स अन्निगेरी टाउन का रहने वाला है. वह कई सालों से गाड़ी चलाने का काम करता है.
पकड़े जाने पर शख्स ने बताया कि उसे काफी सालों से पुलिस जीप चलाने का शौक था. उसने पुलिस जीप चलाने का सपना देखा था और अपने इसी सपने को पूरी करने के लिए उसने थाने से पुलिस की जीप चोरी कर ली. उसने बताया कि ट्रक ड्राइवर के रूप में वह राज्य के सभी हिस्सों में गया है. इसके अलावा उसने पड़ोसी राज्यों की भी यात्रा की है लेकिन वह आज तक पुलिस जीप में यात्रा नहीं कर पाया था.
थाने के पास से गुजरता था तो मन में उठती थी कसक
शख्स ने बताया कि जब भी वह थाने के पास से गुजरता था, उसे थाने पर खड़ी पुलिस की जीप दिखती थी. इसके बाद उसने मन में कसक उठती थी कि कब वह पुलिस की जीप को चला पाएगा. इस बार उससे रहा नहीं गया और वह थाने के अंदर चला गया. जब वह अन्निगेरी थाने के परिसर में खड़ी पुलिस जीप के पास पहुंचा तो देखा कि गाड़ी में चाभी लगी हुई है.
शख्स ने बताया कि उसका सपना पूरा होने का समय आ गया था और फिर उसने देखा कि इंस्पेक्टर ड्यूटी के बाद घर चले गए थे जबकि ड्यूटी पर मौजूद दो सिपाही सो रहे थे. तब उन्होंने जीप बाहर निकाली और 112 किलोमीटर तक जीप चलाकर उसे सड़क किनारे खड़ा करके सो गया. स्थानीय लोगों ने पुलिस की गाड़ी को सड़क के किनारे खड़ी देखी तो उन्हें कुछ शंका हुई. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शख्स को हिरासत में ले लिया.
रायपुर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के आगमन पर विरोध के शक पर काला कपड़ा पहने युवकों से मारपीट के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं पर की गई कार्रवाई पर रायपुर पुलिस ने बयान जारी स्पष्टीकरण दिया है।
पुलिस ने बयान जारी कर बताया कि रायपुर में आज केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने उनके आगमन और प्रस्थान के रास्तों में कड़ी व्यवस्था लगाई थी. कार्यक्रम के सिलसिले में जब मंत्री सिंधिया फाफाहीड स्थित होटल में पहुंचे, तभी होटल के सामने मंत्री रुद्रगुरु के निवास के सामने काले रंग का कपड़ा पहने एक लड़के पर विरोध का शक करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने उसके साथ मारपीट की।
मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें रोकते हुए वहां से हटाया, जिस पर दूसरे कार्यकर्ता सड़क पर आकर जोर-जोर से नारेबाजी तथा अश्लील गालियां देने लगे। पुलिस बल के रोके जाने के बावजूद भी उनसे लगातार धक्का-मुक्की करते रहे। कुछ देर बाद राजेश मूणत वहां पर आए और अपने कार्यकर्ताओं के समर्थन में जोर-जोर से अपशब्द कहने लगे। इस पर वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें ऐसा कहने और करने से रोका।
बयान में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री की रवानगी के बाद मारपीट करने वाले आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लेना शुरू किया, जिसका विरोध करते हुए पूर्व मंत्री राजेश मूणत उक्त आरोपियों को ले जाने से रोकने लगे तथा पुलिस द्वारा उन्हें हिरासत में जहां ले जाया जा रहा था, उन्हीं के साथ जाने लगे। कानून और व्यवस्था स्थिति को देखते हुए उन्हें शहर के बाहर स्थित विधानसभा थाना सुरक्षार्थ हिरासत में लाया गया।
न्यूज डेस्क। कई बार कुछ आपत्तिजनक होने पर भी दिलेरी के साथ उसने स्वीकार करना बड़ी बात होती है। ऐसे जिगर वाले हमेशा बिंदास रहते हैं. मगर हां उनकी इस अदा से जलने वाले भी खूब होते हैं। निक्की भी ऐसी ही महिलाओं में से एक हैं जिन्हें लोग काफी ट्रोल करते हैं। वजह है उनका बिंदास, बेबाक और फ्लर्टी अंदाज़ जो कुछ लोगों को तो बहुत भाता है। मगर कई लोगों को इस उम्र में उनका ये बेफिक्र अंदाज़ फूटी आंख नहीं सुहाता।
फ्लोरिडा की निक्की उन महिलाओं में शुमार हैं जो खुद मानती हैं की वो ‘कूगर’हैं। जी हां कूगर cougar यानि की एक ऐसी महिला जिसकी दिलचस्पी अपनी के बेहद sex कम उम्र के लड़कों के साथ डेट करने की होती है। उनके साथ घूमना-फिरना, वक्त बिताना, इंटिमेट होना उनकी प्राथमिकता होती है, उनकी यही बात उन्हें ट्रोलर्स के निशाने पर ले आती है।
हां, मैं ऐसी ही हूं
निक्की बेहद फिट और कम उम्र लड़कों को पसंद करने के चलते कई लोगों की नफरत भरी भावनाओं का शिकार बन गई हैं। निक्की ने सोशल साइट टिकटॉक पर अपनी लाइफस्टाइल से जुड़ा वीडियो पोस्ट किया। एक बेहद फीट नीली ड्रेस में वो अपनी फिगर फ़्लॉन्ट करते हुए फिटनेस की मांग और महत्व को समझाने की कोशिश कर रहीं थी।
साथ ही यहां उन्होंने खुद के ‘कूगर’ होने की बात भी स्वीकार की। हालांकि उनके इस पोस्ट के बाद उन्हें कई नफरत भरे रिएक्शन का सामना करना पड़ा, जिसके उन्होंने ये भी बताया कि वो शादीशुदा हैं और पति के साथ बहुत खुश और संतुष्ट हैं। लाइफ में जोश और उत्साह बने रहने के लिए वो हमेशा फिट रहना पसंद करती हैं।
नफरत करने वालों को लगती हैं ‘झूठी’
कुछ और वीडियो में सोशल मीडिया यूज़र्स ने उनकी तारीफ की और 20-30 साल की महिलाओं की तुलना में ज्यादा आकर्षक और फन लविंग बताया। वहीं कई दिलजलों ने उन्हें अजीब और दिखावटी (Awkward and fake) कहा. लेकिन निक्की को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
वो ऐसे जलने वालों के कमेंट्स को खारिज कर देती हैं साथ ही अपनी सफाई पेश करने के लिए टिकटॉक पर एक पोस्ट शेयर किया। उनका कहना है कि उनकी फिटनेस और कम उम्र लड़कों को पसंद करने की बात को लेकर उन्हें नापसंद कर रहे हैं और नफरत भरे कमेंट्स कर रहे हैं।
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता तथा छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत को गिरफ्तार कर उनके साथ विधानसभा थाने में मारपीट किए जाने पर भड़की भाजपा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर
हमलावर को गई है।
बता दें कि केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को काले झंडे दिखाने पहुंचे कांग्रेसियों पर कार्रवाई नहीं होने से पूर्व मंत्री राजेश मूणत भड़क गए। बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस में विवाद बढ़ गया। इस बीच पुलिस ने बीजेपी कार्यकर्ताओं सहित पूर्व मंत्री मूणत को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद मूणत ने थाने से ही वीडियो जारी किया है. मूणत ने वीडियो जारी कर कहा कि पुलिस ने बेरहमी से मारपीट की है। मूणत ने सवाल किया है कि सिविल ड्रेस में 4 जवान कौन थे, जिसने मेरे साथ मारपीट की…? फिलहाल मामला गरम है।
इधर भाजपा ने सीएम भूपेश बघेल पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि यह सत्ता के इशारे पर किया गया सुनियोजित हमला है। सरकार ने सत्ता का खतरनाक दुरुपयोग करते हुए यह बता दिया है कि वह डंडे के जोर पर विपक्ष का दमन कर रही है।
यह भूपेश बघेल की खीझ -डॉ. रमन
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि पूर्व मंत्री राजेश मूणत सहित भाजपा कार्यकर्ताओं को बिना वजह गिरफ्तार कराकर थाने में मारपीट मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की खीझ का परिणाम है। मुख्यमंत्री बघेल ने लोकतंत्र की मर्यादा तार-तार कर दी। उन्होंने श्री मूणत से व्यक्तिगत खुन्नस निकालने पुलिस का दुरुपयोग किया है।
सरकारी गुंडागर्दी का जनता जवाब देगी – विष्णुदेव साय
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने भाजपा प्रवक्ता श्री मूणत के साथ पुलिस द्वारा की गई मारपीट की तीव्र निंदा करते हुए कहा कि भूपेश बघेल सरकार की गुंडागर्दी का छत्तीसगढ़ की जनता करारा जवाब देगी। भूपेश बघेल अच्छी तरह समझ लें कि जो थोड़ा समय बाकी रह गया है उसमें वे कितना भी दमन करा लें, संघर्ष की कोख से निकला भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता उनका मुकाबला करने फौलाद की तरह मजबूत है। वह टूटने वाला नहीं है।
छत्तीसगढ़ में चल रहा है दमन का जंगल राज – कौशिक
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार छत्तीसगढ़ में जंगल राज चला रही है। पुलिस का दुरुपयोग करके लोकतंत्र के मूल्यों की हत्या की जा रही है। भूपेश बघेल को विरोध बर्दाश्त नहीं होता। वे लोकतंत्र को मवेशी समझकर हांकना चाहते हैं। कानून कायदे की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। डंडे की दम पर विपक्ष का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बघेल सरकार का यह अत्याचार इस सरकार के पतन का कारण बनेगा।
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया से लगे ग्राम सेन्द्रीपाली और चपले के बीच में शनिवार दोपहर करीब 03:30 बजे टॉवर शिफ्टिंग का काम करते समय बड़ी दुर्घटना हो गई है। हादसे में 4 मजदूरों की मौत और एक दर्जन मजदूर घायल होने की खबर है।
जानकारी के अनुसार कम्पनी के द्वारा पुराने टॉवर को काटकर गिराया जा रहा था। इसी दौरान टॉवर हाइ टेंशन तार के सम्पर्क में आ गया और करेंट प्रवाहित होने से काम कर रहे मजदूरों को बहुत जोरदार झटका लगा जिससे 4 मजदूरों की मौत हो गई और लगभग 1 दर्जन मजदूर घायल हो गए हैं।
घटना के विषय में विद्युत विभाग ने बताया कि घटना की जानकारी के बाद विभाग की तरफ से एक टीम वहाँ भेजी गई है। टॉवर शिफ्टिंग का काम एक निजी ठेका की कम्पनी कर रही थी और उसी कम्पनी के मजदूरों के साथ ये घटना घटी है।
घायल मजदूरों को रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी प्रभावित मजदूर ग्राम गोविंद जिला हजारीबाग झारखंड के बताए जा रहे हैं। घायल मजदूरों में गोविंद भुइयां, गोविंद पंडित, सुरेश रविदास, ईश्वरी धूरि, खेम लाल महतो, नेमचंद महतो के नाम शामिल हैं।
बाजलि(असम)। neet exam 2022 अगर आप में सही लगन और ईमानदारी हो तो कोई भी मंजिल नामुमकिन नहीं होती। असम के बाजलि शहर के रहने वाले 24 वर्षीय राहुल दास ने इसी बात को सच कर दिखाया है।
राहुल की मां यहां चाय की दुकान चलाती हैं, राहुल भी अपनी मां के साथ इस दुकान में हाथ बंटाते हैं। काम के साथ पढ़ाई करना इतना आसान तो नहीं था, लेकिन फिर भी राहुल ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर पहले अटेम्पट में ही neet exam 2022 नीट की परीक्षा पास कर ली है। राहुल को दिल्ली एम्स में सीट अलॉट हुई है।
0.पिता ने बचपन में हीं छोड़ा था साथ
राहुल के पिता ने 11 साल पहले ही उनका साथ छोड़ दिया था। उनकी मां ने अकेले ही राहुल और उनके भाई का पालन पोषण किया। गरीबी के कारण उन्हें 12वीं के बाद पढ़ाई भी छोड़नी पड़ी। लेकिन उन्होंने डॉक्टर बनने का सपना नहीं छोड़ा।
दास ने बताया कि उन्होंने अपनी मां को कड़ी मेहनत करते हुए देखा था। वह दुकान पर सहायक नहीं रख सकते थे, इस कारण वह पढ़ाई के बीच में खुद ही चाय बनाने और परोसने का काम किया करते थे।
0.पैसों के कारण पढ़ाई छूटी
राहुल दास ने साल 2015 में उच्च माध्यमिक परीक्षा पास की थी, लेकिन पैसे कमाने के लिए उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी। हालांकि, पढ़ाई के लिए उनके मन में हमेशा ही इच्छा रही। इस कारण उन्होंने दो साल बाद सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (CIPET)में प्लास्टिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के लिए प्रवेश लिया। यहां तीन साल बाद उन्होंने डिस्टिंक्शन (85 प्रतिशत अंक) के साथ सफलता प्राप्त की और साल 2020 में गुवाहाटी की ही एक एमएनसी में क्वालिटी इंजीनियर’ के रूप में काम शुरू किया।
0.नौकरी से नहीं मिली संतुष्टि
दास ने बताया कि उन्हें नौकरी से संतोष नहीं मिल पाया। वह, हमेशा से ही डॉक्टर बनना चाहते थे। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर नीट की तैयारी शुरू की। उनके पास किताबों के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए ऑनलाइन माध्यम का सहारा लिया। इसके बाद दास ने पहली बार में नीट की परीक्षा में सफल होकर 12,068वां स्थान प्राप्त किया। उनके एससी और दिव्यांगता के सर्टिफिकेट ने भी एम्स में स्थान प्राप्त करने में उनकी मदद की।
0.राज्य सरकार उठाएगी पढ़ाई का खर्च
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि राहुल की पढ़ाई का पूरा खर्च अब राज्य सरकार उठाएगी। राहुल अब दिल्ली में अपने उज्जवल भविष्य की ओर देख रहे हैं। उनका सत्र जून महीने से शुरू होने वाला है।