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KORBA: सीतामणी रेत घाट से खनन शुरू… लेकिन रेत अभी भी महंगा…

कोरबा। शहर में चल रहे रेत की किल्लत दूर करने सीतामणी रेत घाट से खनन तो शुरू कर दिया गया है, पर रेत अभी भी आम लोगो की पहुंच से दूर है।

बता दें कि सीतामणी रेत घाट के संचालन की अनुमति को लेकर हक रही लेट लतीफी से कई तरह की चर्चाएं आम हो रही थी। प्रशसान पर लगातार बढ़ रहे दबाव से आखिरकार रेत घाट संचालन की अनुमति दे दी गई है। हालांकि इसके बाद भी रेत घाट ठेकेदार की मनमानी से जरूरतमंद लोगों को उचित दाम पर रेत नही मिल पायेगा। जानकारी के मुताबिक रेत की लोडिंग कर 500रुपये पर ट्रैक्टर में रेत बेचने की अनुमति है लेकिन घाट संचालक प्रति ट्रैक्टर रेत रॉयल्टी के साथ 1 हजार रुपये में बेंच रहा है। अब जब घाट से महंगे दाम पर रेत निकासी होगा तो स्वाभाविक है ट्रैक्टर संचालक भी लाभ कमाकर ऊंचे दाम पर रेत बेचेंगे कुल मिलाकर वही ढांक के तीन पात वाली कहानी शुरू हो गई। यानी जो रेत जिस रेट पर अवैध उत्खनन में बिक रही थी वही दाम पर पब्लिक को मिलेगी।

कलेक्टर की विशेष पहल… MNRGA से बनेगा 113 आंगनबाड़ी भवन…

कोरबा । महात्मा गाँधी राष्टीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम एवं महिला बाल विकास के अभिसरण से जिले की विभिन्न दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में महिला स्वास्थ्य एवं नौनिहाल बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए 113 आकर्षक पक्के आंगनवाडी भवन बनाये जायेंगे।
श्रीमती रानू साहू,कलेक्टर कोरबा द्वारा जिले में ग्रामीण महिलाओं के विकास के लिए सतत प्रयास किये जा रहे है .उनके द्वारा 04 फरवरी 2022 को मनरेगा के तहत 113 आंगनवाड़ी निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गयी है जो कि ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के पोषण,स्वास्थ्य,शिक्षा की दिशा में प्रभावी कदम हैं .
श्री नूतन कुमार,मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा ने सभी जनपद पंचायतो को निर्देशित किया है कि आंगनवाड़ी भवन निर्माण के कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से निश्चित समय सीमा में पूर्ण किये जायें।महात्मा गाँधी नरेगा एवं महिला बाल विकास विभाग के तालमेल से बनाये जाने वाले एक आंगनवाड़ी भवन की निर्माण लागत 6.45 लाख रूपये निर्धारित की गयी है ,जिसमे मनरेगा से 4.30 लाख रूपये निर्माण सामाग्री,70 हजार रूपये मजदूरी के लिए तथा महिला बाल विकास विभाग से 1.45 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है. जनपद पंचायत कोरबा में 35,करतला में 17,कटघोरा में 20 एवं जनपद पंचायत पाली में 41 आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किये गये हैं .इनकी निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत हैं. आंगनवाड़ी भवन में बच्चों को सीखने,पढने के लिए एक पक्का हाल,रसोईघर,बाल अनुकूल शौचालय,खेलने के लिए मैदान आदि शामिल हैं.गौरतलब है कि गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के अधिकांश बच्चे ऐसे घरों से होते हैं,जहाँ ख़राब अवसरंचना होती है तथा साफ़ सफाई का भी अभाव होता है .ये परिस्थितियां उनके शारीरिक,सामाजिक और मानसिक विकास को बाधित करती हैं .चूँकि समान अवसर हर बच्चे का अधिकार है ,अतःघर में विद्यमान कमियों को दूर करने के लिए आंगनवाड़ी में समुचित और पर्याप्त सुविधाएँ उपलब्ध करायी जाती हैं।

पत्नी बोली- फोटोशूट कराओ… इस ‘सस्ती जगह’ लेकर गया IRS अफसर!

न्यूज डेस्क। शादी करने जा रहे कपल वेडिंग फोटोशूट (Wedding Photoshoot) के लिए अपने मनमुताबिक लोकेशन चुनते हैं. कोई शानदार लोकेशन पर शूट करवाना चाहता है तो कोई अपने बजट के हिसाब से डेस्टिनेशन का चुनाव करता है. इस बीच एक आईआरएस अधिकारी (IRS Officer) ने पोस्ट-वेडिंग शूट के लिए ‘बजट फ़्रेंडली’ (Budget Friendly) लोकेशन का चुनाव किया.

इस आईआरएस अधिकारी का नाम विकास प्रकाश सिंह (Vikas Prakash Singh, IRS) है. विकास प्रकाश सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. उन्होंने हाल ही में पोस्ट-वेडिंग शूट को लेकर एक ट्वीट किया है, जिसपर यूजर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं.

क्या है IRS के ट्वीट में?

https://twitter.com/VikasPrkshSingh/status/1489597723494195203/photo/1?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1489597723494195203%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fd-36343967932026970415.ampproject.net%2F2201212122003%2Fframe.html

विकास प्रकाश सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा- ‘पत्नी Post Wedding Shoot चाहती थी और मुझे बजट फ़्रेंडली विकल्प मिल गया.’ दरअसल, IRS अधिकारी पोस्ट-वेडिंग शूट के लिए गेटवे ऑफ इंडिया पर गए थे.
वहां फोटो खींच रहे एक फोटोग्राफर को इंगित करते हुए उन्होंने आगे लिखा- ‘कृपया जब भी आप Gateway Of India पर जाएं तो इन लोगों की सेवाएं लें, 30 रु. प्रति फोटो कोई ज्यादा महंगा नहीं है.’

यूजर्स ने किया रिएक्ट

IRS विकास प्रकाश के इस ट्वीट पर तमाम यूजर्स ने रिएक्ट किया है. एक यूजर (@caraeesraza) ने लिखा- ‘सर, आप लकी हो जो इस बजट में भी मैम के चेहरे पर मुस्कुराहट है.’ इसके जवाब में विकास प्रकाश कहते हैं- ‘जब हवाई चप्पल में सड़क पर घूमता था तब भी इनके चेहरे पर ऐसी ही स्माइल रहती थी.’

कर्नाटक में हिजाब विवाद पर अब राहुल गांधी ने कहा- ‘हम भारत की बेटियों का भविष्य लूट रहे हैं’

दिल्ली। कर्नाटक में हुए हिजाब विवाद पर अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी बयान सामने आया है। राहुल गांधी का कहना है कि छात्रों के हिजाब को उनकी शिक्षा में आड़े आने देकर हम भारत की बेटियों का भविष्य लूट रहे हैं। मां सरस्वती सभी को ज्ञान देती हैं। वह किसी में फर्क नहीं करती हैं।

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से कर्नाटक के कुछ कॉलेजों में हिजाब को लेकर विवाद मचा हुआ है। जिसमें छात्रों को हिजाब न पहन कर आने लिए कहा गया है।  ऐसे कई मामले राज्य से सामने आ चुके हैं, मुस्लिम महिलाओं को कॉलेजों में हिजाब पहनकर आने पर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।

सीजी ब्रेकिंग: ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचे रायपुर, राहुल गांधी के बयान पर कही ये बड़ी बात…

रायपुर। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रायपुर पहुंच चुके है। उड्डयन मंत्री का एयरपोर्ट पर बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी के दो भारत वाले बयान पर पर पलटवार किया।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा-राहुल गांधी जो कह रहे हैं दो देश में बांटा गया है ऐसा बयान कोई भारत का नागरिक नहीं दे सकता। मेरा देश भारत है ,मेरा देश एक है मेरा देश एक परिवार है, भाई भाई की संस्कृति मेरे देश में है। शायद राहुल गांधी का संदर्भ 2014 के पहले के भारत को लेकर है।

सिंधिया ने कहा, जहां प्रगति नहीं होती थी, विकास नहीं होता था भ्रष्टाचार का बोलबाला था। मोदी जी के पहले दूसरी परिस्थिति थी। मोदी जी के बाद दूसरा देश दिखा है जहां भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है विकास के द्वार खोले गए हैं अंत्योदय के आधार पर केवल अपना हक नहीं बल्कि विकास के नए आयाम दिया गया है।

बता दें कि उड्डयन मंत्री भाजपा की ओर से आयोजित एक बजट केंद्रित संगोष्ठी में अपनी बात रखेंगे। वहीं प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों से चर्चा भी करेंगे।

CIL की बेरूखी से छत्तीसगढ़ में सीपीपी आधारित उद्योग बंद होने के कगार पर…

कोरबा।छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित सीपीपी आधारित उद्योग कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की बेरूखी से कभी भी बंद हो सकते हैं। ऐसा तब हो रहा है जबकि छत्तीसगढ़ में कोयले का भंडार लगभग 56 बिलियन टन है जो कि कुल कोयला भंडार का तकरीबन 18 फीसदी है। सीआईएल की अनुषंगी कंपनी साउथ ईस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) गंभीर अनियमितताओं और लचर प्रबंधन के कारण पहले ही उत्पादन लक्ष्य से बेहद पीछे है और इसने अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए छत्तीसगढ़ के नॉन पावर सेक्टर को मिलने वाले कोयले में भारी कटौती कर दी है।

एसईसीएल ने 1 फरवरी, 2022 को एक परिपत्र जारी किया है जिसके अनुसार वह छत्तीसगढ़ में सीपीपी आधारित उद्योगों के उपभोक्ताओं को मंथली शेड्यूल्ड क्वांटिटी (एमएसक्यू) के मात्र 75 फीसदी कोयले का ऑर्डर बुक करने की सुविधा देगा। जानकार बताते हैं कि एसईसीएल का यह कदम नॉन पावर सेक्टर के लिए बड़ा छलावा है। कागजों पर यह दिखाई तो दे रहा है कि एसईसीएल ने नॉन पावर सेक्टर को कोयला देने से मना नहीं किया परंतु जमीनी सच्चाई यह है कि अघोषित रूप से नॉन पावर सेक्टर के कोटे में भरी कमी कर दी गई है।

एमएसक्यू का गणित यह है कि उपभोक्ता एसईसीएल के साथ प्रति वर्ष एक निश्चित मात्रा में कोयला लेने का अनुबंध करते हैं। एक वर्ष के कोयले की जिस मात्रा का अनुबंध होता है उसे तकनीकी शब्दावली में एन्यूअल क्वांटीटी (एक्यू) कहा जाता है। प्रतिमाह कोयले का हिसाब निकालने के लिए एक्यू में से 12 का भाग दिया जाता है। इस प्रकार जो मात्रा निकलती है उसे ही एमएसक्यू कहा जाता है। एसईसीएल ने सोची समझ रणनीति के तहत परिपत्र निकालकर उपभोक्ताओं को यह कह दिया है कि एमएसक्यू का 75 फीसदी कोयला बुक किया जा सकेगा परंतु कोयले की आपूर्ति इसकी उपलब्धता के अनुपात में तय होगी। इस प्रकार शेष 25 फीसदी कोयले की आपूर्ति का एसईसीएल का दायित्व स्वतः समाप्त हो जाएगा।

यह भी कि एसईसीएल भले ही एमएसक्यू का 75 फीसदी कोयला देने की बात कहे पर यह भी उतना ही सच है कि उपभोक्ताओं को 75 फीसदी कोयला भी नहीं मिल पाता। सीपीपी आधारित उद्योगों के लिए एसईसीएल की यह अड़ंगेबाजी इसलिए है क्योंकि उसके पास पर्याप्त उत्पादन नहीं है। उत्पादन के जो आंकड़े कागजों में पेश किए जा रहे हैं, वह भी हवा-हवाई हैं। ऐसे में नॉन पावर सेक्टर के उद्योग एसईसीएल की षड्यंत्रकारी नीतियों के आसान लक्ष्य बन जाते हैं।

अच्छी बात यह है कि इस बड़े संकट की ओर राज्य की मीडिया ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जन प्रतिनिधियों और नागरिकों का ध्यान खींचना शुरू कर दिया है। छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन एसोसिएशन ने इस पर 3 फरवरी, 2022 को मीडिया में बाकायदा एक बयान जारी कर बताया है कि ट्रिगर लेवल तक कोयला ले चुके नॉन पावर सेक्टर के उद्योगों को एसईसीएल शेष कोयला नहीं देगा। इस मनमाने आदेश से छत्तीसगढ़ राज्य में स्टील, सीमेंट, एल्यूमिनियम और पेपर इंडस्ट्री सहित अनेक सीपीपी आधारित उद्योगों की सेहत और भी ज्यादा बिगड़ जाएगी।

स्पंज आयरन एसोसिएशन ने यह स्पष्ट मांग की है कि राज्य के संसाधनों पर पहला अधिकार स्थानीय उद्योगों का है। ऐसे में उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर कोयला मिलना चाहिए। एसोसिएशन ने एसईसीएल की कार्यशैली के साथ कोल माफिया की संदिग्ध भूमिका की ओर भी ध्यान दिलाया है। यह कहा गया है कि सीपीपी आधारित उद्योगों के हितों के विपरीत काम किया जा रहा है। यदि उद्योग बंद हुए तो बेरोजगारी बढ़ेगी जिससे प्रदेश को राजस्व का नुकसान होगा।

बताते चलें कि छत्तीसगढ़ राज्य के 250 से अधिक कैप्टिव विद्युत संयंत्रों पर आधारित उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए प्रति वर्ष 32 मिलियन टन कोयले की आवश्यकता है जो कि एसईसीएल के उत्पादन का मात्र 19 प्रतिशत है। इन उद्योगों ने लगभग 4000 मेगावॉट के कैप्टिव पावर प्लांट स्थापित किए हैं जिनके लिए हर दिन लगभग 2 लाख टन कोयले की जरूरत है लेकिन अपने उत्पादन लक्ष्य से काफी पिछड़ चुकी कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी एसईसीएल की स्थिति यह है कि उसने नॉन पावर सेक्टर को प्रतिदिन मात्र 50 हजार टन कोयले की आपूर्ति करने की रणनीति बनाई है।

28 जनवरी, 2022 को राज्य के नॉन पावर सेक्टर के लिए अचानक ही रोड सेल बंद करने की एसईसीएल की मनमानी के खिलाफ माहौल बनना शुरू हो गया था। अनेक उपभोक्ताओं के जरिए यह जानकारी आई थी कि उनके ट्रकों को 28 जनवरी की शाम से ही खदान में प्रवेश से रोक दिया गया। बाद में जब मीडिया ने एसईसीएल से संपर्क किया तब एसईसीएल ने अपने अधिकारिक बयान में यह कहा कि उसकी ओर से नॉन पावर सेक्टर को रोड सेल के जरिए आपूर्ति बंद नहीं की गई है। बयान में यह भी बताया गया कि पावर सेक्टर के अनेक संयंत्रों की स्थिति को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर उन्हें कोयले की आपूर्ति का निर्णय लिया गया है। एसईसीएल ने अपने बयान में कहीं भी यह स्पष्ट नहीं किया कि उसके द्वारा नॉन पावर सेक्टर को कितनी मात्रा की आपूर्ति की जानी है। जबकि सूत्र बताते हैं कि छत्तीसगढ़ के उद्योगों के हिस्से में आने वाले प्रतिदिन लगभग डेढ लाख टन कोयले से उन्हें वंचित करने की तैयारी कर ली गई है। ऐसा कब तक चलेगा इस संबंध में कोई स्पष्टता नहीं है। ऐसे में जाहिर है कि अगले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ के नॉन पावर सेक्टर के हालात बदतर ही होंगे।

एसईसीएल का वार्षिक उत्पादन लक्ष्य 165 मिलियन टन है और देश के कुल कोयला उत्पादन का 25 प्रतिशत राज्य में उत्पादन किया जाता है। एसईसीएल के सामने चौथी तिमाही में 15 जनवरी से 31 मार्च, 2022 के दौरान 75 दिनों में 75 मिलियन टन का उत्पादन लक्ष्य पाने की बड़ी चुनौती है। वर्तमान में एसईसीएल प्रतिदिन लगभग 4 लाख टन कोयला निकाल पा रहा है। इस गति से एसईसीएल इस वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में 35-37 मिलियन टन के आंकड़े तक सिमट जाएगा। ऐसे में कोल इंडिया ने राज्य के संयंत्रों की जरूरतों पर कैंची चला दी है और राज्य का कोयला दूसरे राज्यों में भेजने का फैसला कर लिया है।

प्रदेश के सीपीपी आधारित उद्योगों की समस्याओं पर छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार को पुख्ता तौर संज्ञान लेना होगा अन्यथा इस बात की आशंका है कि एसईसीएल का गैर जिम्मेदाराना रवैया छत्तीसगढ़ के हजारों कागमारों के हितों पर विपरीत असर डालने वाला साबित होगा। छत्तीसगढ़ में आज जरूरत इस बात की है कि राज्य के सीपीपी आधारित उद्योगों को उनके हक का पूरा कोयला मिले। राज्य से बाहर भेजे जा रहे कोयले पर तत्काल रोक लगाई जाए।

बिग ब्रेकिंग: कश्मीर से लेकर नोएडा तक भूकंप के झटके, 5.7 की तीव्रता से हिली धरती

नई दिल्ली। कश्मीर, नोएडा और अन्य इलाकों में शनिवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.7 मापी गई। आज सुबह 9:45 बजे आए भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में रहा।

नोएडा के कुछ लोगों ने ट्वीट किया कि कम से कम 20 सेकेंड तक जमीन हिलती रही। दिल्ली में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस करने की बात कही है। एक शख्स ने बताया, “मुझे लगा कि मेरा सिर घूम रहा है। जब मैंने पंखे की तरफ देखा तो वह अचानक हिल रहा था। मैंने महसूस किया कि यह भूकंप है। नोएडा में लगभग 25-30 सेकंड के लिए जोरदार झटके महसूस किए गए।”

गुजरात के कच्छ जिले में शुक्रवार सुबह 3.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसके कारण किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। भूकंप का केंद्र रापड़ गांव में था।

बड़ी खबर:  मुंबई ब्लास्ट में जिस मोस्ट वॉन्टेड आतंकी की 29 साल से तलाश कर रहा था भारत, सुरक्षा एजेंसियों ने उसे यूएई में दबोचा

दुबई। भारत की सुरक्षा एजेंसियों के हाथ बड़ी सफलता लगी है। बताया गया है कि 1993 में मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट के मामले में 29 सालों से फरार चल रहे मोस्ट वॉन्टेड आतंकी अबु बक्र को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से गिरफ्तार कर लिया गया है। मुंबई में हुए इईस सीरियल ब्लास्ट में अलग-अलग जगहों पर 257 लोग मारे गए थे, जबकि 713 लोग घायल हुए थे।

बताया गया है कि अबु बक्र का जल्द ही भारत प्रत्यर्पण किया जाएगा। अबु का नाम पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हथियारों और विस्फोटकों की ट्रेनिंग देने वाले आतंकियों में शामिल रहा है। इसके अलावा उस पर मुंबई में सीरियल ब्लास्ट के दौरान इस्तेमाल हुए आरडीएक्स को भारत लाने का आरोप है। वह पिछले काफी समय से पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात में छिपकर रह रहा था। हालांकि, यूएई की एजेंसियों के सहयोग से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसे धर दबोचा।

तीन साल पहले भी हुआ था गिरफ्तार

इससे पहले 2019 में भी अबु बक्र को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, कुछ दस्तावेज कम होने के कारण वो यूएई के अधिकारियों की हिरासत से खुद को रिहा कराने में कामयाब रहा था। इस बार भारतीय एजेंसियां अबु बक्र के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में हैं। इसके बाद आतंकी को भारत के कानून का सामना करना पड़ेगा।

1997 में जारी हुआ था रेड कॉर्नर नोटिस

अबु बक्र जिसका पूरा नाम अबु बक्र अब्दुल गफूर शेख है। उसका नाम मोहम्मद और मुस्तफा दोसा के साथ तस्करी के मामलों में भी जुड़ा है। ये दोनों दाऊद इब्राहिम के खास थे। वह खाड़ी देशों से सोना, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स की तस्करी करके मुंबई और आसपास के इलाकों में लाता था।

1997 में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था और तब से उसे पकड़ने की तलाश जारी थी जो अब संयुक्त अरब अमीरात के सूत्रों के अनुसार सफल रही है। अबु बक्र ने एक ईरानी नागरिक से शादी की है जो उसकी दूसरी पत्नी है।

ठंड में कंबल के अंदर कुछ ऐसा काम कर रही थी लड़की, तभी मां ने आकर रंगे हाथ पकड़ा

Girl Viral Video: सोशल मीडिया (Social Media) पर फनी वीडियोज (Funny Videos) की बाढ़ सी है. ऐसे वीडियो को देखने के बाद लोगों के चेहरे की रंगत बदल जाती है. कई बार कुछ लोग अकेले भी होते हैं तो हंस पड़ते हैं. अगर आप दिन भर काम करने के बाद थके हुए या तनाव में होते हैं तो कॉमेडी वीडियो देखने के बाद आपके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. कभी हम बच्चों के वीडियो देखते हैं तो कभी जानवरों के क्यूट वीडियो देखते हैं. युवाओं के वीडियो भी बड़ी संख्या में अपलोड किए जा रहे हैं. आपने मां-बेटी के वीडियो भी देखे होंगे. इस कॉम्बिनेशन में कई तरह के वीडियो अपलोड किए जाते हैं. इसमें से कुछ मजेदार भी होते हैं.

बिस्तर पर कंबल तान कर लेटी थी बेटी
ऐसा ही एक फनी वीडियो इन दिनों वायरल हो रहा है. एक चीज जो युवा वर्ग के लोगों में बहुत देखी जाती है वह है मोबाइल पर चैटिंग. पहले मैसेज के जरिए चैटिंग की जाती थी, लेकिन अब टेक्नीक बढ़ने के साथ लोग भी हाई-टेक होने लगे हैं. युवा वर्ग के लोग व्हाट्सएप जैसे ऐप से चैटिंग करना पसंद करते हैं. अगर जब यह ज्यादा होने लग जाए तो घर के लोग भी परेशान हो जाते हैं. कुछ ऐसा ही सेशल मीडिया पर वायरल होने वाले इस वीडियो में देखा जा सकता है.

देखें वीडियो-

 

मां ने आकर बेटी को देखा तो रह गई दंग
एक लड़की अपने घर में ठंड की वजह से कंबल में सो रही होती है. उसी समय उसकी मां किसी काम से कमरे में आती है. उसे लगता है कि लड़की कंबल में सो रही है. मां को शक होता है कि वह सोने के बजाय मोबाइल पर चैट कर रही है तो मां ने कंबल हटाने की कोशिश की. मां धीरे से कंबल में घुस जाती है और देखती है कि वह किसी को चैट पर I Love You Too का मैसेज भेज रही होती है. सिर्फ 15 सेकंड का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. लोग भी इस वीडियो को बेहद पसंद कर रहे हैं. इस वीडियो को यूट्यूब पर imkavy नाम के चैनल पर अपलोड किया गया और करीब 14 लाख बार देखा जा चुका है.

मुकेश अंबानी ने खरीदी रोल्स रॉयस, महंगी इतनी कि चुकाना पड़ गया रुपए लाख रुपए टैक्स, जानें क्या है कीमत

मुंबई। भारत के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी ने 13.14 करोड़ रुपए की लग्जरी रोल्स रॉयस कार खरीदी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन अंबानी की खरीदी यह हैचबैक कार ब्रिटिश लग्जरी वाहन निर्माता रोल्स रॉयस की है। इस कार को दक्षिण मुंबई के तारदेव क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में कंपनी की तरफ से रजिस्टर कराया गया है।

आरटीओ के अधिकारियों की मानें तो रोल्स रॉयस के कलिनन मॉडल वाली यह पेट्रोल कार देश में अब तक खरीदी गई सबसे महंगी कारों में से एक है। बताया गया है कि इसे खुद मुकेश अंबानी इस्तेमाल करेंगे। कार के लिए वीआईपी नंबर भी लिया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि यह नंबर 0001 से खत्म होता है। खास बात यह है कि एक वीआईपी नंबर के लिए लोगों को चार लाख रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन चूंकि चुना गया नंबर मौजूदा सीरीज में उपलब्ध नहीं था। इसलिए इस नंबर के लिए आरटीओ की तरफ से एक नई सीरीज शुरू की गई।

क्यों इतनी महंगी है अंबानी की यह कार

इस कार को रोल्स रॉयस ने सबसे पहले वर्ष 2018 में बाजार में उतारा था। उस समय इसकी कीमत 6.95 करोड़ रुपये से शुरू होती थी। लेकिन वाहन उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राहक की मांग के हिसाब से इस कार में बदलाव किए जाने के बाद इसकी कीमत बढ़ जाती है।

जानें कितना चुकाना पड़ा इस कार के लिए टैक्स

रिलायंस ने इस लग्जरी कार के पंजीकरण के लिए एकमुश्त 20 लाख रुपये कर भुगतान किया है। इसका पंजीकरण 30 जनवरी 2037 तक वैध होगा। इसके अलावा सड़क सुरक्षा कर के रूप में भी 40,000 रुपये चुकाए गए हैं।

रोल्स रॉयस का यह वाहन मॉडल कुछ अन्य उद्योगपतियों और बॉलीवुड हस्तियों के पास भी है। उधर रिलायंस कंपनी के बेड़े में कई महंगी गाड़ियां पहले से ही शामिल हैं। यहां तक कि कंपनी ने अंबानी परिवार के घर के बाहर सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को भी एक बीएमडब्ल्यू कार दी गई है।