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‘न सिद्धू न चन्नी’, जाखड़ बोले- दोनों नहीं थे CM के लिए विधायकों की पसंद, मेरे नाम पर थी सहमति

अबोहर: पंजाब विधानसभा (Punjab Election 2022) के बीच कांग्रेस (Congress) पार्टी में अंदरखाने मचा घमासान खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. बीते साल 2021 में कई राउंड की खींचतान में चले लंबे संघर्ष के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह की विदाई हुई और फिर चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) को नया मुख्यमंत्री बना दिया गया था. इस बीच पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ (Sunil Jakhar) ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए दावा किया है कि कैप्टन के जाने के बाद नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए हुई बैठक में चन्नी को महज 2 विधायकों का समर्थन मिला था. जबकि उन्हें सबसे ज्यादा वोट मिले थे.

‘आप’ की तरह CM कैंडिडेट चुनेगी कांग्रेस?
सुनील जाखड़ का ये वीडियो ऐसे समय आया, जब पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब में कांग्रेस का सीएम चेहरा बनने के लिए आमने सामने हैं और कांग्रेस सीएम चेहरे के लिए सर्वे कर रही है.

लगातार दूसरी बार सत्ता पर काबिज होने की कोशिशों में जुटी कांग्रेस के लिए सुनील जाखड़ का बयान नई मुसीबत लाने के साथ अंदरुनी लड़ाई को और बढ़ा सकता है. दरअसल कांग्रेस की कैंपेन कमेटी के चेयरमैन और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जाखड़ ने मंगलवार को चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा था कि जब कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाया गया तब उन्हें CM पद के लिए 42 विधायकों का समर्थन मिला था.

सिद्धू को मिले थे 6 वोट: जाखड़
सुनील जाखड़ ने अबोहर में आयोजित जनसभा में कहा कि नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर हुई बैठक में 42 विधायकों ने उन्हें सीएम के रूप में वोट दिया था. जबकि नवजोत सिंह सिद्धू को महज 6 वोट मिले थे. हालांकि परनीत कौर को 12 वोट मिले जबकि सुखजिंदर रंधावा के पक्ष में 16 विधायकों का समर्थन हासिल था.

चुनाव प्रचार के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए सुनील जाखड़ ने कहा, ‘मुझे इस बात को कोई दुख नहीं है. जो होता है सही होता है. मुझे कोई दुख नहीं है. मुख्यमंत्री के लिए 40 नहीं बल्कि 42 विधायकों ने मेरे समर्थन में वोट किया था. यानी आपके सुनील जाखड़ को कुल 42 वोट मिले थे.’

महिला पुलिस अफसर ने अजीबोगरीब फैंटेसी के चक्कर में किया अपराध, फिर मिली ऐसी सजा

न्यूज डेस्क। दुनिया में लोगों को कभी-कभी अजीबोगरीब शौक के चलते नुकसान भी उठाना पड़ता है। मामला अमेरिका के कोलोराडो से है, जहां एक महिला पुलिस अफसर को अजीबोगरीब फैंटेसी के चक्कर में अच्छी-खासी नौकरी गंवानी पड़ गई। दरअसल, यह महिला पुलिस अफसर पेशे में रहते हुए एक एडल्ट साइट पर चोरी-छिपे अपनी अश्लील तस्वीरें साझा कर रही थी।

अमेरिका के कोलोराडो (Colorodo) की रहने वाली 46 वर्षीय मेलिसा विलियम्स बीते 28 सालों से अमेरिकन पुलिस सर्विस में सेवाएं दे रही थी। लेकिन उन्हें अपनी यह नौकरी एक एडल्ट वेबसाइट पर सीक्रेट अकाउंट के चलते गंवानी पड़ी। कोलोराडो से सामने आया यह मामला दिलचस्प होने से कहीं ज्यादा हैरतअंगेज भी है। साल 2020 से मेलिसा अपने सीक्रेट अकाउंट के जरिए अपनी व पति के साथ अंतरंग पलों की तस्वीरें एक एडल्ट वेबसाइट पर साझा करती रहती थी।

कई सालों तक यह सिलसिला जारी रहा लेकिन मेलिसा विलियम्स (Melissa Willams) के साथी पुलिस अधिकारियों को इस मामले का पता चलते ही बवाल मच गया। फिर पुलिस महकमे ने मेलिसा से स्पष्टीकरण मांगा और कुछ दिनों बाद महिला अफसर को नौकरी से निकाल दिया गया। दरअसल, महिला पुलिस अफसर की यह हरकत पुलिस महकमे की आचार संहिता का उल्लंघन थी और गैरकानूनी भी। हालांकि, महिला अफसर के मुताबिक उसने इन तस्वीरों में कभी वर्दी का इस्तेमाल नहीं किया था।

हीं मामले में मेलिसा का कहना है कि उसके साथ पुलिस महकमे ने गलत किया है। विभागीय जांच के दौरान मेरे कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उन तस्वीरों को पूरे ऑफिस में सर्कुलेट किया और सभी के सामने मुझे शर्मिंदा किया गया था। क्योंकि वह जिस काम को कर रही थी उससे नौकरी में मिलने वाले तनाव से दूर हो जाती थी। उसे एडल्ट वेबसाइट पर अपनी तस्वीरें साझा करने पर अच्छी प्रतिक्रियाएं मिलती थी, जिससे उसकी थकान मिट जाया करती थी।

दो बच्चों की मां व 28 सालों से लगातार पुलिस को सेवा देने वाली मेलिसा विलियम्स ने कहा कि, पुलिस की नौकरी में बहुत ही खतरा होता है और भीषण मानसिक तनाव से गुजरना पड़ता है। इसीलिए वह एडल्ट वेबसाइट पर अपने सीक्रेट अकाउंट के जरिए वीडियोज व तस्वीरें साझा करती थी और वेबसाइट पर मिलने वाले रिएक्शन से खुश होकर दोगुनी ऊर्जा के साथ काम पर लौटती थी।

हालांकि, अब मेलिसा विलियम्स पुलिस की नौकरी छोड़ने के बाद एक ग्लैम मॉडल के तौर पर काम कर रही हैं और वह अच्छा पैसा अर्जित कर रही हैं। मेलिसा के मुताबिक, भले ही यह पैसे पुलिस सेवा में मिलने वाली सैलरी के अपेक्षा कम है; लेकिन उन्हें इस काम में तनाव नहीं हैं और परिवार के साथ काफी समय भी बिता रही हैं।

मंत्री का भतीजा हूं, जो उखाड़ना है… उखाड़ लो”, डीजे बजाने से रोकने पहुंचे पुलिसवालों से युवक की बदतमीजी देंखे VIDEO

न्यूज डेस्क। नेताओं के रिश्तेदारों के धौंस को तो आपने कई बार देखा होगा। ये भी सुना होगा कि चाचा हमारे विधायक हैं। पुलिस के सामने अक्सर नेताओं, मंत्रियों के रिश्तेदारों के पास धमकाने का सबसे बड़ा यही हथियार होता है। इसी तरह का एक वीडियो इस वक्त वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक खुद को मंत्री का भतीजा बताते हुए पुलिस वालों को नौकर कहता है और अपशब्द बोलता है।

“हम सरकार हैं और तुम नौकर”: ‘सरकार हमारी है और हम ही सरकार हैं। ये महेंद्र सिंह सिसोदिया का भतीजा बैठा है। आप बुलाइए, टीआई कौन है यहां। हां बुलाइए। शासन हम है, तुम नौकर हो हमारे। कह देना पंचायत मंत्री का भतीजा बैठा है यहां, जो उखाड़ना है उखाड़ लो।।’ खुद को पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया का भतीजा बताकर एक युवक ने डीजे बंद करवाने पहुंचे पुलिस वालों को कुछ इस अंदाज में धमकाया कि पुलिस वहां से लौट गई।

 

माहौल देखकर वापस लौट गये पुलिस वाले: दरअसल मध्य प्रदेश के राजगढ़ में एक शादी समारोह के दौरान देर रात तक डीजे बजता रहा। जिसे बंद कराने पहुंची पुलिस को उदयराज सिंह नाम के युवक ने धमकाया, बदतमीजी की, अपशब्द बोला और फिर खुद को पंचायत मंत्री का भतीजा बताया। धमकी या माहौल देखकर पुलिस वाले वहां से लौट तो गए लेकिन ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

होमगार्ड को यह कैसा रोजगार, 60% रोजी रोटी के लिए तरस रहे, फिर भी 2500 की नई भर्ती

न्यूज डेस्क। सरकार चाहे कोई भी हो, सत्ता से पहले नेता बेरोजगारी खत्म करने तथा लोगों को रोजगार देने का दावा करते हैं. मौजूदा सरकार भी तमाम दावे कर रही है नौकरियां देने का, लेकिन होमगार्ड की कहानी सुनोगे तो आप भी सोचोगे कि यह कैसा रोजगार है. सरकार ने आदेश जारी किए कि 70 फीसदी होमगार्ड को रोजगार मिलने तक नई भर्तियां नहीं होगी. हालात यह है कि मौजूदा 60 फीसदी होमगार्ड रोजी रोटी के लिए तरस रहे हैं. वहीं, विभाग ढाई हजार होमगार्ड की भर्ती कर रहा है. इसके उलट सवाल यह है कि नई भर्तियां हुई तो उन्हें रोजगार आखिर कैसे मिलेगा ?

प्रदेश में आपदा की स्थितियों के लिए होमगार्ड का नामांकन किया गया था ताकि जरूरत पडने पर उन्हें मदद के लिए तैनात किया जा सके. इधर नेता भी वक्त वक्त पर होमगार्ड को नियमित करने की घोषणा करते रहे हैं, जिससे बेरोजगार होमगार्ड में नौकरी तलाश रहे हैं. हालात यह है कि वर्तमान में करीब 26 हजार होमगार्ड तथा 2664 बॉर्ड होमगार्ड तैनात हैं. इनमें 26 हजार होमगार्ड में करीब 15 हजार होमगार्ड को ही रोजगार मिला हुआ है. वर्तमान कोरोना हालात को छोड़ दें तो करीब 40 प्रतिशत होमगार्ड को नियमित रोजगार नहीं मिल पा रहा है. ऐसी परिस्थितियों में होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए महंगाई के इस जमाने में घर चलाना मुश्किल हो रहा है.

दूसरी ओर होमगार्ड महकमा 2500 हजार होमगार्ड स्वयंसेवकों के नामांकन कर रहा है, जो कोढ़ में खाज का काम करेगी. इधर राजस्थान होमगार्ड संगठन नई भर्ती करने का विरोध कर रहा है. संगठन के प्रदेशाध्यक्ष झलकन सिंह राठौड़ का कहना है कि एक तरफ तो 70 प्रतिशत को रोजगार नहीं मिलने तक नई भर्ती के आदेश निकाले जा रहे हैं. वहीं, विभाग भर्तियों भी कर रहा है. केवल नफरी बढ़ाने के लिए भर्ती की जा रही है. रोजगार नहीं मिलने से होमगार्ड स्वयंसेवक परेशानियों से घिरे हुए हैं. राठौड़ ने मांग की कि सरकार इस भर्ती को तुरंत रोकें, यह बेरोजगारों से महज छलावा है.दो सरकारों में खींचतान के बाद नई भर्ती
दरअसल पिछली भाजपा सरकार में तत्कालीन गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने 2500 होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती की घोषणा की थी. बाद में आदेश के लिए फाइल विभाग पहुंची तो पता चला कि पहले पंजीकृत को ही रोजगार नहीं मिला, ऐसे में नए होमगार्ड भर्ती करने का फायदा नहीं है. इस बीच सरकार बदल गई और मामला ठंडे बस्ते में चला गया. वहीं, कांग्रेस सरकार आई तो पिछले बजट में होमगार्ड मंत्री भजनलाल जाटव ने वर्ष 2019 में फिर 2500 होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती की घोषणा कर दी. भर्ती के लिए इसके लिए 16 जनवरी 2020 को चयन बोर्ड का गठन किया. विभाग नामांकन प्रक्रिया शुरू कर पाता इससे पहले ही नए चयन बोर्ड गठन का प्रस्ताव आ गया. इस पर सितंबर 2021 में संशोधित चयन कमेटी बोर्ड का गठन किया गया। फिर कोरोना का कहर आ गया, जिससे नामांकन अटक गया था और फिर से चयन प्रक्रिया जारी है.

सरकार ही नहीं चाहती या आदेश ठंडे बस्ते में
मौजूदा होमगार्ड को नियमित रोजगार के लिए पिछली भाजपा सरकार में भी आदेश निकले, वहीं वर्तमान कांग्रेस सरकार में भी आदेश निकले. इतना ही नहीं 70 फीसदी होमगार्ड को रोजगार मिलने तक नई भर्ती नहीं करने के आदेश जारी किए गए. तत्कालीन संयुक्त सचिव गृह विभाग चेतन देवड़ा ने 5 फरवरी 2017 को डीजी होमगार्ड को आदेश जारी किए थे. इसमें पंजीकृत में 70 प्रतिशत स्वयंसेवकों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था नहीं की जाए तब तक नई भर्ती प्रक्रिया नहीं की जाए.

भतीजी ने फूफा पर लगाया आरोप ….तो आईजी हुए भावुक , कहा आपको मिलेगा न्याय…

बिलासपुर। सूबे के मुखिया के निर्देश पर चल रहे पुलिस विभाग के जनदर्शन का लाभ अब लोगो को मिलने लगा है। मंगलवार को जब बिलासपुर रेंज के आईजी रतन लाल डांगी जनदर्शन में फरियादियो की फरियाद सुन रहे थे तो एक ऐसा मामला सामने आया जिसमे खुद भावुक हो गए और कहा आपको मिलेगा न्याय और धोखाधड़ी करने वाले फूफा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे दिया।

मामला मंगलवार का है जब एक फरियादी महिला ने आईजी से कहा साहब मेरे सगे फूफा जी ने मेरे साथ धोखाधड़ी की है,साहब मेरी बूढ़ी माँ सरोज कश्यप ने अपना एफडी तोड़वाकर आर्थिक मदद की थी,मंगलवार को आईजी रतन लाल डांगी के जनदर्शन में महिला ने न्याय की गुहार लगाई,किये गए शिकायत के अवलोकन के बाद प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का अपराध पाए जाने पर आईजी ने तत्काल जमीन के पवार होल्डर राकेश चंद्र देवांगन और जमीन दलाल सगे फूफा सोहन लाल कश्यप के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस ने 420 का मामला दर्ज किया।पीड़िता पूजा कश्यप ने बताया कि वर्ष 2019 में मकान बनाने के लिए जमीन की जरूरत थी,जिसकी चर्चा उसने सगे फूफा सोहन लाल कश्यप पिता शिव चरण कश्यप निवासी चटीडीह रामायण चौक मुन्ना बाड़ी के सामने की थी,फूफा सोहन कश्यप ने डीएलएस कॉलेज के पीछे तालाब के बगल से ग्राम खमतराई पटवारी हल्का 17/25 खसरा नम्बर 561/37 में से 1308 वर्ग फुट जमीन दिखाया, फूफा ने बताया कि यह जमीन किसी विवेक सरकार की है जिसका पवार होल्डर जूनापारा निवासी राकेश चंद्र देवांगन पिता स्व चंद्र लाल देवांगन है,उन्होंने पीड़िता को विशवास दिलाया कि जमीन बहुत अच्छी है और वह जमीन के सभी दस्तावेज देख चुका है सब ठीक है,मैं अपने फूफा सोहन लाल कश्यप के बातो में आ गयी और विश्वास करके जमीन को एक ही बार अपने पति के साथ देखने गयी,मेरे फूफा जमीन की रजिस्ट्री तुरंत करा लो बहुत ग्राहक है नही तो नही मिलेगी बोलकर जमीन रजिस्ट्री कराने तैयार किये।मेरे पति ने फूफा जी से कहा कि जमीन का सीमांकन कराकर रजिस्ट्री करते है तो उन्होंने कहा कि जब रजिस्ट्री हो जाएगी उसके तुरत बाद रिकॉर्ड में नाम दुरुस्त के बाद मेरे नाम से सीमांकन करा देंगे,मैं फूफा के बातो में आकर राकेश चंद्र देवांगन से मिली,चूंकि जमीन की कीमत 6 लाख 50 हजार थी,हमको पक्के में 3 लाख 90 और 2 लाख 60 हजार कच्चे में देने सौदा हुआ।मेरे पास पैसे नही थे मेरी माँ सरोज कश्यप निवासी मनोहर टाकीज के पास से एफडी तोड़वाकर और मेरे पास कुछ पैसे थे और इधर उधर ले लेकर हमने जमीन की रजिस्ट्री के लिए पैसा इक्कट्ठा किया,मेरी माँ के घर से जाकर 2 लाख 60 हजार किश्तो में मेरे फूफा सोहन कश्यप और राकेश देवांगन लेकर गए, 26 अगस्त 2019 को रजिस्ट्री की तिथि तय की गई उस दिन मैंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक शाखा गांघी चौक का चेक क्रमांक 645562 के मध्याम से 3 लाख 90 हजार रुपये जमीन रजिस्ट्री का पैसा दिया।उसके बाद साल भर जमीन देखने नही गयी,कोरोना के कारण और समय बीत गया,2021 में जब मैं अपने बेटे के साथ जमीन देखने गयी तो वहाँ लोग आ गए और विवाद करने लगे,और बोले कि राकेश चन्द देवांगन और सोहन ने आपको दूसरे की जमीन दिखाकर अपनी बोलकर जमीन की रजिस्ट्री कर दिया है,इस बात से घबराकर हम अपने फूफा सोहन लाल कश्यप से मिले की आपके बातो पर विश्वास करके हमने वह जमीन लिया और आप लोगो ने हमारे साथ धोखाधड़ी की,तो मेरे फूफा बोले कि सीमांकन कराकर देता हूं,वह लगातार सीमांकन के लिए भी घूमते रहे, बाद में उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की।मामले की जांच के बाद सीविल लाइन पुलिस ने आरोपी जमीन होल्डर राकेश चंद्र देवांगन और फूफा सोहन कश्यप के खिलाफ 420 का मामला दर्ज किया।

टिकट काटे जाने के बाद पहली बार क्या बोलीं स्वाति सिंह? जानिए BJP के बारे में क्या कहा

लखनऊ: यूपी में विधान सभा चुनाव 2022 (UP Assembly Election 2022) के लिए बिसात बिछ चुकी है. इस बीच बीजेपी (BJP) से टिकट काटे जाने पर स्वाति सिंह (Swati Singh) ने कहा है कि मैं अभी भी भारतीय जनता पार्टी की सदस्य हूं. दिलचस्प बात ये है कि लखनऊ (Lucknow) की सरोजिनी नगर (Sarojini Nagar) विधान सभा सीट से स्वाति सिंह के पति दयाशंकर सिंह (Dayashankar Singh) भी टिकट मांग रहे थे.

टिकट काटे जाने का दुख नहीं
योगी कैबिनेट की मंत्री स्वाति सिंह ने कहा कि मैं जिंदगीभर पार्टी के लिए काम करती रहूंगी. टिकट काटे जाने का दुख नहीं है. वो किसी और पार्टी में नहीं जाएंगी. पार्टी नेतृत्व ने जो फैसला किया है उसपर किसी को सवाल नहीं उठाना चाहिए. पार्टी ने कुछ सोचकर ही फैसला किया होगा.

मेरी आत्मा पर लिखा है बीजेपी
स्वाति सिंह ने कहा कि इस परिवार से मैं तब से जुड़ी हूं जब मैं 17 साल की थी. मैं पीएम मोदी और सीएम योगी का धन्यवाद करती हूं उन्होंने मुझे 5 साल तक जनता की सेवा करने का मौका दिया. आगे भी जनता की सेवा करती रहूंगी. मेरी आत्मा में भारतीय जनता पार्टी लिखा हुआ है. मैं यहीं रहूंगी और यहीं मरूंगी.

स्वाति सिंह अपने पति पर क्या बोलीं?
अपने पति दयाशंकर सिंह की तरफ से सरोजिनी नगर विधान सभा सीट से टिकट मांगने पर स्वाति सिंह ने कहा कि वो अपनी बात रख रहे थे और रखें.

सिर्फ टिकट मिल जाने से महिला सशक्तिकरण नहीं हो जाता
उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ टिकट मिल जाने से महिला सशक्तिकरण नहीं हो जाता है. पार्टी ने जरूर मेरे लिए कुछ अच्छा सोचा होगा. साल 2017 के बीजेपी के नारे बेटी के सम्मान में भाजपा मैदान में पर स्वाति सिंह ने कहा कि मैं आज भी आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हूं और आगे भी करती रहूंगी. मुझे पार्टी से निकाल नहीं दिया गया है.

टिकट नहीं मिलने पर दयाशंकर सिंह ने क्या कहा?
वहीं स्वाति सिंह के पति दयाशंकर सिंह ने कहा कि अगर पार्टी कहेगी लड़ो तो लड़ेंगे और कहेगी लड़ाओ तो लड़ाएंगे. पार्टी ने आकलन किया और राजराजेश्वर सिंह को टिकट दिया. पार्टी ने जो भी जिम्मेदारी दी वो आज तक निभाई है और आगे भी निभाऊंगा.

सिगरेट पीने की लत से हो गया था कंगाल, ये आदत सुधारी बचा लिए इतने लाख रुपए

नई दिल्ली। लंदन (London) में रहने वाले एक शख्स को सिगरेट (cigarette) पीने की लत थी। इस वजह से वह कंगाल हो गया था, लेकिन बाद में उसे यह अहसास हुआ कि स्मोकिंग (Smoking)खराब चीज है और यह न सिर्फ सेहत, बल्कि संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा रहा है। इसके बाद उसने इसे छोड़ने का फैसला किया। इस फैसले के बाद से उसने महज 3 साल में सिगरेट पर खर्च होने वाले रुपयों को बचाकर करीब 17 लाख रुपए जमा कर लिए।

बताते चले कि स्मोकिंग (Smoking) हेल्थ के लिए हानिकारक है, ये अधिकतर लोग जानते हैं। डॉक्टर भी इसी वजह से स्मोकिंग (No Smoking) न करने की सलाह देते हैं। कई लोग अपनी इस आदत को छोड़ देते हैं, जबकि कई स्मोकिंग जारी रखते हैं।

लेकिन, क्या आप जानते हैं कि स्मोकिंग छोड़कर आप न सिर्फ अपनी जिंदगी बचा सकते हैं, बल्कि आप लाखों रुपए भी बना सकते हैं। आपके मन में सवाल होगा कि ये कैसे संभव है। इसके लिए आपको लंदन के एक शख्स की कहानी पढ़नी होगी।

इस शख्स को 13 साल की उम्र से ही सिगरेट पीने की आदत लग गई थी। वह स्कूल स्कूल में भी खूब सिगरेट(cigarette) पीता था। सिगरेट (cigarette) की वजह से ही घर में झगड़ा होने लगा। जब वह 16 साल का था, तब इसी बात पर उसका अपने माता-पिता से झगड़ा हो गया और उसे घर छोड़ना पड़ा। उसने रोड पर ही करीब 6 हफ्ते बिताए। इस दौरान उसे अपनी गलती का अहसास हुआ, इसके बाद वह घर लौट आया।

बेटे को सुधरते देख उसके पिता ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो (Glasgow) शहर में उसकी जॉब लगवा दी। इसके बाद उसकी शादी कराई गई। उसके 2 बच्चे हुए, लेकिन 2011 में उसकी जिंदगी में फिर झटका लगा। उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई। इस टेंशन में वह फिर से स्मोकिंग करने लगा। हालांकि कुछ समय बाद उसे अहसास हो गया कि सारी समस्या की जड़ स्मोकिंग है।

इसके बाद उसने साल 2018 में सिगरेट को पूरी तरह से छोड़ने का फैसला किया। यहीं से उसकी जिंदगी बदलने लगी। वह पहले सिगरेट पर एक हफ्ते में करीब 11 हजार रुपये तक खर्च करता था, लेकिन अब वह इन पैसों को जमा करने लगा। इस तरह उसने 3 साल में ही करीब 17 लाख रुपए जमा कर लिए।

कस्टमर ने आर्डर की 50,999 रुपये की Apple Watch, डिलीवर हुई नकली घड़ी

नई दिल्ली।अगर आप भी ई-कॉमर्स से सामान खरीदते हैं तो आपके लिए थोड़ा सावधान रहना जरूरी, वरना कोई आपके साथ फ्रॉड कर सकता है। हाल ही में ई-कॉमर्स के दिग्गज प्लेटफार्म अमेजन इंडिया (Amazon India) से जुड़ा एक मामला सामने आया है जो काफी शॉकिंग है। दरअसल मामला ये है कि एक ग्राहक ने अमेजन से Apple Watch Series 7 आर्डर की लेकिन जब उन्हें प्रोडक्ट डिलीवर हुआ तो उन्हें पता चला की वो प्रोडक्ट नकली है। उनको एक चीनी फेक वॉच रिसीव हुई। बता दें कि Apple Watch Series 7 की कीमत 50,999 रुपये है।

सौभाग्य से उन्होंने पैकेज की अनबॉक्सिंग को रिकॉर्ड कर लिया था, इसलिए नकली प्रोडक्ट वाले पैकेज का वीडियो सबूत है। बेशक, यह पहली बार नहीं है जब हमने ऐसी घटना के बारे में सुना है – हालांकि दुर्लभ, ये चीजें समय-समय पर होती हैं। ग्राहक ने पूरे अनुभव के बारे में पोस्ट करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। उसने अमेज़न इंडिया से ऐप्पल वॉच सीरीज़ 7 जीपीएस + सेल्युलर मॉडल का ऑर्डर दिया और इसके लिए 50,999 रुपये का भुगतान किया। प्रोडक्ट प्राप्त करने के बाद, ग्राहक ने नकली चीनी स्मार्टवॉच देखी। Apple वॉच मोटे बेज़ेल्स के साथ आती हैथ। हालाँकि पैकेज Apple वॉच की तरह दिखता था, लेकिन अंदर की चार्जिंग केबल स्पष्ट रूप से एक नहीं थी जिसे Apple आधिकारिक तौर पर प्रदान करता है। वह वीडियो पर पूरे अनुभव को रिकॉर्ड करने में सक्षम थी, और यह देखा जा सकता है कि प्रोडक्ट वास्तव में नकली है।

इसके बाद ग्राहक ने अमेज़न कस्टमर केयर सेंटर से संपर्क किया और वापसी के लिए कहा। उसे एक अथॉराइजड ऐप्पल सर्विस सेंटर से जॉब शीट प्राप्त करने के लिए कहा गया था जिसमें लिखा हो की प्रोडक्ट फेक था। जॉब शीट मिलने के बाद ग्राहक ने दोबारा कस्टमर केयर से संपर्क किया और बताया कि रिटर्न प्लेस कर दिया गया है। हालांकि, उन्हें बाद में बताया गया कि इस मामले को अमेजन सोशल मीडिया टीम हैंडल करेगी।

अमेजन इंडिया की टीम ने ट्विटर पर कहा कि उन्हें मामले की जांच के लिए 3-5 वर्किंग डेज की आवश्यकता होगी। कुछ दिनों बाद, ग्राहक को अमेज़न से एक ईमेल प्राप्त हुआ जिसमें कहा गया था कि वे धनवापसी शुरू नहीं कर सकते हैं। हालांकि, बाद में कंपनी ने उपभोक्ता को उसकी परीक्षा समाप्त करते हुए रिफंड देने का फैसला किया। ग्राहक के अनुसार, नकली Apple Watch Series 7 का सेलर Appario Retail था। इस घटना के बाद, अमेजन के एक प्रवक्ता ने 91mobiles को बताया कि ग्राहक को Apple वॉच के लिए पे की गई पूरी 50,999 रुपये की राशि वापस कर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, कंपनी उन्हें 1,000 रुपये का एक अमेजन उपहार कार्ड भी देगी।

रायपुर से रांची जा रही महिंद्रा बस बस पलटी, 40 घायल, तड़के तीन बजे हुआ हदासा

रायपुर/जशपुर। रायपुर से रांची जा रही तेज रफ्तार यात्री बस अनियंत्रित हो कर सड़क के किनारे पलट गई। हादसे में,बस में सवार 40 यात्री घायल हुए हैं। उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना तड़के तकरीबन तीन बजे की है।

जानकारी के मुताबिक रायपुर से रांची चलने वाली महिंद्रा बस, बुधवार की सुबह कुनकुरी से जशपुर के लिए रवाना हुई रही। बस अभी दुलदुला थाना क्षेत्र के चराईडांड के पास पहुंची थी कि एक तीखे मोड़ में तेज रफ्तार बस, चालक के काबू से बाहर हो गई और अनियंत्रित हो कर सड़क किनारे पलट गई। रात के अंधेरे में हुए हादसे से बस में सवार यात्रियों में अफरा तफरी मच गई। बस पलटने की तेज आवाज सुनकर आसपास के स्थानीय रहवासी घर से बाहर निकल आए। उन्होंने बस में फंसे हुई मुसाफिरों को बाहर निकालने के साथ ही घायल यात्रियों की मदद के लिए एम्बुलेंस और पुलिस विभाग को सूचना दी। घायल यात्रियों को कुनकुरी के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

जब खुली जीप में बारात लेकर फुल स्वैग में निकल पड़ी दुल्हन, Video में देखें फिर क्या हुआ

न्यूज डेस्क। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक दुल्हन की बारात के जबरदस्त चर्चे हो रहे हैं. दरअसल, इस दुल्हन ने शादी में खुद अपनी बारात निकाली. यह दुल्हन खुली जीप में बोनट पर सवार होकर दूल्हे को लेने ससुराल पहुंच गई. इस दौरान जिसने भी दुल्हन की बारात देखी, वह देखता ही रह गया. यह बारात मध्य प्रदेश के भोपाल में निकाली गई. दुल्हन की बारात का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

दुल्हन के स्वैग के दीवाने हुए लोग
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक दुल्हन खुली जीप में सवार होकर अपनी बारात लेकर जा रही है. इस दौरान फुल साउंड में डीजे बज रहा है और वह फुल स्वैग में जीप की बोनट पर बैठकर ठुमके लगा रही है. वीडियो काफी शानदार है. यह बारात थी आईटी प्रोफेशनल भावना ललवानी की. भोपाल के बैरागढ़ इलाके में भावना की बारात निकली.

वीडियो में आप देख सकते हैं कि दुल्हन जिप्सी के बोनट पर सवार होकर गाजे-बाजे के साथ बारात लेकर जा रही है. इस दौरान गाड़ी पर उसके रिश्तेदार भी मौजूद हैं. दरअसल, भावना की जिद थी कि उसकी शादी तभी होगी, जब वह बारात लेकर जाएगी न कि दूल्हा बारात लेकर आएगा. इसके बाद भावना खुली जिप्सी में सवार होकर नाचती गाती अपनी बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंची. देखें वीडियो-
पिता ने पूरी की बेटी की ख्वाहिश
दुल्हन के पिता ने अपनी बेटी की ख्वाहिश पूरी करने के लिए भावना की बारात निकाली. पहले तो दुल्हन के पिता इस तरह बारात निकालेने के पक्ष में नहीं थे. इसके लिए वह मना भी कर चुके थे. दरअसल, पिता को लग रहा था कि रिश्तेदार और बिरादरी के लोग इस बारे में क्या कहेंगे. हालांकि बेटी की जिद थी कि वह शादी तभी करेगी जब दूल्हे जैसी बारात निकालेगी.

आखिर बेटी की जिद के आगे पिता को झुकना पड़ा और फिर उसकी बारात पूरी धूमधाम से निकाली गई. बता दें कि भावना एक आईटी प्रोफेशनल हैं. वह भोपाल के बैरागढ़ इलाके में रहती हैं. अपनी बारात में उन्होंने अपने स्टाइल से तहलका मचा दिया है. उनकी बारात का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसके साथ ही इलाके के लोग भावना की शादी के चर्चे कर रहे हैं.