रायपुर। छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना के कामयाबी की मिसाल इस बार गणतन्त्र दिवस के परेड के दौरान देखने को मिली। इस कामयाबी के साक्षी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों बने।
इस बार गणतन्त्र दिवस पर नई दिल्ली के राजपथ पर निकली छत्तीसगढ़ की झांकी ने प्रदेश के गाँव और गौठान को प्रदर्शित किया। झांकी के समक्ष छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों ने ककसाड़ नृत्य का प्रदर्शन किया। राजपथ पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों सहित लाखों दर्शकों ने छत्तीसगढ़ के झांकी की तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहना की।
छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना (Godhan Nyay Yojana) पर आधारित आकर्षक झांकी ने राजपथ पर अपनी छंटा बिखेरी। यह झांकी ग्रामीण संसाधनों के उपयोग के पारंपरिक ज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय से एक साथ अनेक वैश्विक चिंताओं के समाधानों के लिए यह झांकी विकल्प प्रस्तुत करती है।
झांकी के अगले भाग में गाय के गोबर को इकट्ठा करके उन्हें विक्रय के लिए गौठानों के संग्रहण केंद्रों की ओर ले जाती ग्रामीण महिलाओं को दर्शाया गया है। ये महिलाएं पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में हैं। उनके चारों ओर सजे फूलों के गमले गोठानों में साग-सब्जियों और फूलों की खेती के प्रतीक हैं। नीचे की ओर गोबर से बने दीयों की सजावट है।
झांकी के पिछले भाग में गौठानों को रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क (Godhan Nyay Yojana) के रूप में विकसित होते दिखाया गया है। वहीं मध्य भाग में दिखाया गया है कि गाय को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के केंद्र में रखकर किस तरह पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, पोषण, रोजगार और आय में बढ़ोतरी के लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है।
#राजपथ_पर_गोधन की झांकी देखकर आज पूरा छत्तीसगढ़ गर्व का अनुभव कर रहा है।
रायपुर। पिछले 25 दिन से जारी किसान आंदोलन पर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर करारा हमला किया है. भाजपा ने सरकार को अराजक और किसान विरोधी बताते हुए कहा है कि इतने लंबे समय से जारी किसान आंदोलन को ख़त्म करने के लिए सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं की जा रही है. ये सरकार के अराजक और किसान विरोधी चेहरे को दिखा रहा है. भारतीय जनता पार्टी की तरफ से कहा गया कि हम किसानों के आंदोलन को अपना समर्थन देते हैं और अगर सरकार पहल नहीं करती है तो भाजपा किसानों के आंदोलन को और उग्र करेगी.
कांग्रेस का पलटवार
वहीं कांग्रेस ने पलटवार करते हुए इसे भाजपा के 15 साल की सत्ता का खामियाज़ा बताया है. कांग्रेस का कहना है कि भाजपा के समय किसानों से ज़बरदस्ती ज़मीन ली गई और अब भाजपा इसे लेकर राजनीति कर रही है, सरकार लगातार किसानों के संपर्क में है और बातचीत के ज़रिए पूरे मामले का हल निकाला जाएगा.
क्या है मामला
छत्तीसगढ़ के रायपुर में 25 दिन पहले एक बड़े किसान आंदोलन की शुरुआत हुई थी, जो जारी है. बता दें नया रायपुर को हजारों करोड़ रुपए खर्च कर बसाया गया है. अब वहीं के किसानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है. नाराजगी पुनर्वास नीति से जुड़ी है, जिसके चलते हजारों की संख्या में किसानों ने NRDA कार्यालय का पहले तो घेराव किया और फिर आंदोलन शुरू कर दिया. किसानों का कहना है कि भू अर्जन कानून 1894 के अंतर्गत भूस्वामियों को मुआवजा नहीं मिला है. उन्होंने बाजार मूल्य से 4 गुणा मुआवजा और नवा रायपुर क्षेत्र में ग्रामीण बसाहट का पट्टा मिलने की मांग की. साथ ही कहा कि वार्षिकी राशि का पूर्ण रूप से आवंटन किया जाए. पुनर्वास पैकेज 2013 के तहत सभी वयस्कों को 1200 वर्गफीट मिलने वाला भूखंड भी दिया जाए. मांग है कि साल 2005 से भूमि क्रय विक्रय पर लगे प्रतिबंध को तुरंत हटाया जाए. गुमटी, चबूतरा, दुकान, व्यावसायिक परिसर में दुकान 75 प्रतिशत प्रभावितों को लागत मूल्य पर देने के प्रावधान का पालन भी किया जाए.
नई दिल्ली: हेल्थ इंश्योरेंस कराते वक्त हर कोई ऐसी कामना करता है कि कभी उस क्लेम के पैसे लेने की जरूरत न पड़े यानी कि कभी एक्सीडेंट ना हो. लेकिन ये एक विपत्ति वाली सुविधा होती है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि विपत्ति आने पर लोग अपने ही पैसों को रिकवर नहीं कर पाते हैं. दरअसल एक ब्रिटिश की महिला के साथ कुछ ऐसा हुआ कि कंपनी को इंश्योरेंस के पैसे न देने के लिए कंपनी ने महिला पर अजीबोगरीब आरोप लगाया.
महिला ने रोड एक्सीडेंट में मांगे 17 करोड़
34 वर्षीय नताशा पालमर का साल 2014 में एक कार एक्सीडेंट हो गया था. उनका कहना था कि उनकी कार को नशे में एक ड्राइवर ने टक्कर मार दी थी. वैसे तो ये एक सामान्य एक्सीडेंट था लेकिन उनका दावा था कि इस हादसे के बाद नताशा की सेहत पर बुरा असर पड़ा और वे अपनी सामान्य जिंदगी नहीं जी पा रहीं थीं. उनके इस दावे को इंश्योरेंस कंपनी (Insurance Company) ने नहीं माना और उन्हें 17 करोड़ देने से इनकार कर दिया.
कंपनी ने महिला को किया ट्रैक
द Mirror की रिपोर्ट के मुताबिक महिला को झूठा साबित करने के लिए इंश्योरेंस कंपनी ने महिला की सोशल मीडिया पोस्ट को ट्रैक किया और इस विहाप पर महिला की चोटों को गंभीर नहीं माना. कंपनी ने महिला की सोशल मीडिया की तस्वीरें और वीडियो कोर्ट में पेश कीं और जज के सामने दावा किया कि अगर वो एक्सीडेंट से प्रभावित हुई हैं तो वे इतनी ग्लैमरस लाइफ कैसे एंजॉय कर रही थीं?
कोर्ट ने दिलाया महिला को मुआवजा
उधर नताशा ने नशेबाज ड्राइवर पर लंदन कोर्ट में केस करते हुए बताया कि एक्सीडेंट का उनके दिमाग पर बुरा असर पड़ा है. उनकी याददाश्त खराब हुई है, वे कॉन्संट्रेट नहीं कर पातीं, जबकि उन्हें आंखों में दिक्कत और चक्कर की भी परेशानी है. उन्होंने कुछ मेडिकल एविडेंस भी पेश किए, जिसके बाद कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए इंश्योरेंस कंपनी की बातों को खारिज कर दिया और नताशा को 17 करोड़ का मुआवजा दिलाया. कोर्ट ने ये भी कहा कि मानसिक तौर पर बीमार होने के बाद सोशल मीडिया की ग्लैमरस तस्वीरें ये साबित नहीं करतीं कि उन्हें मानसिक परेशानी नहीं थी. घटना के बाद न उन्हें कोई नौकरी मिली, न ही वो सामान्य जीवन जी पाईं.
हैदराबाद: 26 जनवरी के दिन आंध्र प्रदेश के गुंटूर इलाके में जमकर बवाल हुआ. पुलिस-प्रशासन को हालात बिगड़ने की आशंका थी इसलिए यहां एहतियातन धारा 144 लगाई गई थी. इसके बावजूद कुछ हिंदू संगठनों ने मोहम्मद अली जिन्ना (Muhammad Ali Jinnah) के नाम वाले टावर पर तिरंगा फहराने की कोशिश की. इस दौरान कोठापेट इलाके में करीब 15 से 20 नेताओं को हिरासत में लिया गया है.
हालात तनावपूर्ण
इस इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात की गई है. स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हिंदू वाहिनी संगठन के कुछ सदस्य जिन्ना टावर की ओर मार्च करते हुए जा रहे थे. उन्होंने जिन्ना टावर पर तिरंगा फहराने की कोशिश की. जिला प्रशासन को भी इस झंडारोहण के कार्यक्रम की खबर थी इसलिए गुंटुर नगर निकाय अधिकारियों ने पुलिस के साथ जिन्ना टावर की घेराबंदी कर दी. वहां पर भारी तादाद में फोर्स तैनात की गई थी.
चंडीगढ़: पंजाब में इस बार चुनाव (Punjab Election 2022) के नाजुक माहौल को समझते हुए कोई भी बड़ा नेता रिस्क नहीं लेना चाहता है. यही वजह है कि अब तक कोई बड़ा नेता किसी दूसरे दिग्गज नेता के खिलाफ सियासी अखाड़े में आमने-सामने के मुकाबले में नहीं उतरा है.
पिछली बार कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) और भगवंत मान (Bhagwant Man) के अलावा कई दिग्गज, बादल परिवार के खिलाफ चुनाव लड़ने पहुंच गए थे. लेकिन इस बार किसी भी बड़े नेता ने अभी तक ऐसा एक भी संकेत नहीं दिया है. अब चुनाव भी ज्यादा दूर नहीं हैं. 20 फरवरी को पंजाब में वोटिंग है. ऐसे में आइए बताते हैं कि अपनी सीट सुरक्षित रखने के लिए कौन सा बड़ा चेहरा कहां से लड़ रहा है.
नवजोत सिद्धू:
सिद्धू अपनी पुरानी सीट अमृतसर ईस्ट से ही चुनाव लड़ रहे हैं. पहले उम्मीद थी कि वो मजीठा सीट पर बिक्रम मजीठिया या पटियाला सीट पर कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ लड़ेंगे. अपने आप को मुख्यमंत्री का चेहरा मानने वाले और बड़ी बड़ी बातें करने वाले नवजोत सिंह सिद्धू खुद की कुर्सी बचाने की कोशिश में लगे हैं।
बिक्रम मजीठिया: कांग्रेस और आप ने मजीठा सीट पर बिक्रम मजीठिया के खिलाफ कोई बड़ा चेहरा नहींं उतरा. यहां से आप ने लाली मजीठिया और कांग्रेस ने जग्गा मजीठिया को उतारा है. यहां किसी बड़े नामदार ने मजीठिया को टक्कर देने की कोशिश नहीं की. बिक्रम मजीठिया खुद अपनी सेफ सीट से ही लड़ना चाहते हैं.
चरणजीत चन्नी: सीएम चरणजीत चन्नी भी चमकौर साहिब सीट से ही लड़ रहे हैं. पहले उनकी 2 सीटों से चुनाव लड़ने की चर्चा थी, लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी. वो भी सिर्फ मीडिया के कैमरा पर बड़ी बड़ी बातें वोट बटोरने के लिए ही करते हैं.
कैप्टन अमरिंदर सिंह:
कैप्टन अमरिंदर सिंह भी पहले ही कह चुके हैं कि वह पटियाला से ही चुनाव लड़ेंगे. वह पटियाला नहींं छोड़ सकते. पहले अमृतसर ईस्ट से सिद्धू के खिलाफ उनके चुनाव लड़ने की बात कही जा रही थी. कैप्टन अमरिंदर के खिलाफ जिस तरह से कांग्रेस पार्टी और सिद्धू ने साजिश रची और कैप्टन को बेइज्जत कर पार्टी से बाहर जाने के लिए विवश किया तो ऐसा लग रहा था कि वो सिद्धू या चन्नी को बड़ी टक्कर देंगे लेकिन वह अपनी पारंपरिक सीट से ही चुनाव लड़ने जा रहे हैं.
प्रकाश सिंह बादल:
पिछली बार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लंबी जाकर प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ चुनाव लड़ा था. इसी सीट पर AAP ने भी दिल्ली वाले जरनैल सिंह को लड़ाया था. फिलहाल अभी तक साफ नहीं है कि बादल लड़ेंगे या नहीं, लेकिन कांग्रेस ने यहां जगपाल सिंह और आप ने गुरमीत खुडि्डयां को उतारा हैं. तो कहा जा सकता हैं की इस सीट पर भी कोई बड़ा चेहरा आमने-सामने नहीं होगा.
भगवंत मान:
आम आदमी पार्टी के सीएम कैंडिडेट भगवंत मान धूरी से चुनाव लड़ रहे हैं. 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें धूरी से लीड मिली थी. इसी वजह से उनके लिए सेफ सीट चुनी गई हैं. हालांकि यहां से उन्हें कांग्रेस के सिटिंग विधायक दलबीर गोल्डी और अकाली दल के प्रकाश चंद गर्ग से मुकाबला करना होगा.
केजरीवाल के चहेते भगवंत मान ने बड़े बड़े दावे किए थे. उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी, सुखबीर बादल, बिक्रम मजीठिया, कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर न जाने कितनी बातें की पर लगता है वो सब खोखली थीं. यही वजह मानी जा सकती है कि उनके सलाहकारों ने जिसे सेफ सीट बताया वहीं से खड़े हो गए ताति उन्हें कमजोर उम्मीदवार के सामने आसान जीत मिल सके.
सुखबीर बादल:
सुखबीर बादल इस बार जलालाबाद से लड़ रहे हैं. वह कभी अकाली दल-बीजेपी गठबंधन के CM फेस थे लेकिन इस BSP के साथ मिल कर वो भी आसानी से विधायक बनने के मूड में हैं. हालांकि पिछली बार यह सीट हॉट सीट थी जहां भगवंत मान, सुखबीर बादल के खिलाफ चुनाव लड़ने पहुंच गए थे और कांग्रेस ने भी रवनीत बिट्टू को उतारा था.
इस बार बिट्टू चुनाव नहीं लड़ रहे हैं तो कांग्रेस ने अभी कैंडिडेट फाइनल नहीं किया है. आप ने गोल्डी कंबोज को मैदान में उतारा है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सेफ सीट वाला गेम न होता तो यहां पर आप पार्टी से भगवंत मान और कांग्रेस की ओर से सीएम चन्नी या नवजोत सिंह सिद्धू को लड़ना चाहिए था.
यानी साफ हैं की पंजाब की राजनीति में सभी बड़े चेहरे सेफ गेम खेलना चाहते हैं. ये लोग सिर्फ मीडिया में आकर बड़े-बड़े दावे ठोकते हैं. कहा जा रहा है कि असलियत में ये सभी नेता पंजाब की क्रांतिकारी जनता से डरे हुए हैं. पंजाब और पंजाबियत की बात करने वाले किसी भी नेता ने ढंग से काम नहीं किया इसीलिए सारे के सारे अपने लिए महफूज सीट से सियासी ताल ठोक रहे हैं.
न्यूज डेस्क।मध्य प्रदेश के भोपाल में टीवी कलाकार ने विवादित बयान दिया है। एक वेब सीरीज के प्रमोशन से जुड़े कार्यक्रम में श्वेता ने कहा कि ब्रा की साइज भगवान ले रहे हैं। मजाकिया अंदाज में उन्होंने यह बात तो कह दी, पर इसे लेकर बवाल खड़ा हो गया है। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल कमिश्नर मकरंद देउस्कर को 24 घंटे में जांच करने और रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मनीष हरिशंकर की वेब सीरीज शोस्टॉपर्स की शूटिग मध्य प्रदेश में चल रही है। इस सिलसिले में रोहित राय, कंवलजीत, सुरभराज जैन के साथ श्वेता तिवारी भोपाल में हैं। प्रमोशन इवेंट में श्वेता तिवारी ने आपत्तिजनक कमेंट किया। इस पर बवाल मचते ही गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार को कहा कि मैंने वह वीडियो देखा है। सुना है। मैं इस बयान की निंदा करता हूं। मैंने भोपाल पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि 24 घंटे में इसके तथ्यों और विषय, संदर्भ की जांच की जाए। उसके बाद मुझे रिपोर्ट सौंपें।
रायपुर। (Chhattisgarh Weather Updates) उत्तर से आने वाली ठंडी व शुष्क हवाओं के प्रभाव से गुरुवार सुबह से ही राजधानी रायपुर सहित प्रदेश भर में ठंडी हवाएं चली। कुछ क्षेत्रों में घना कोहरा भी छाया रहा। कोहरे का असर विशेष रूप से आउटर क्षेत्रों में ज्यादा देखने को मिला और इसकी वजह से आउटर में ठंड भी ज्यादा रही।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि शुक्रवार 28 जनवरी को भी प्रदेश में शीतलहर की स्थिति रहेगी। अभी न्यूनतम तापमान में गिरावट रहेगी और अधिकतम तापमान में मामूली वृद्धि की संभावना है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अभी कुछ दिन मौसम का रुख ऐसा ही रहेगा और उसके बाद अधिकतम व न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी शुरू होगी।
जनवरी में अधिकतम तापमान ज्यादा गिरा
इस साल की शुरुआत से ही प्रदेश में बादल छाने व बारिश होने के कारण अधिकतम तापमान में ज्यादा गिरावट रही। राजधानी रायपुर के साथ ही प्रदेश भर के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में गिरावट का रुख ही रहा। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि प्रदेश भर में उत्तर से ठंडी व शुष्क हवाओं के आने के कारण ठंडी में बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते ही न्यूनतम तापमान में गिरावट के आसार है। हालांकि अधिकतम तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 10 लाख रुपए के गुटखे से भरे मेटाडोर लूटने वाले गिरोह के 6 आरोपी मोहम्मद वसीम,मोहम्मद बिलाल अंसारी,शेख साहिल,पवन मौर्य, राकेश नायडू और राघव सोनी को पुलिस ने गिरफ्तार लिया है। गिरोह के सदस्यों ने वारदात को अंजाम देने के लिए एक माह पहले की योजना बनाई थी। इस दौरान उन्होंने पांच दिनों तक रैकी की। फिर मौका पाकर पुलिस कर्मी बनकर बाइपास रोड में ड्राइवर को रोक लिया और बंधक बनाकर गुटखा समेत मेटाडोर लूटकर ले गए थे।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी राकेश नायडू पहले गुटखा फैक्टरी में गाड़ी चलाता था। इसके चलते उसे गुटखा गाड़ी निकलने का समय पता था। यही वजह है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर गुटखा गाड़ी को लूटने की योजना बनाई।
ऐसे खुला राज
बड़ी मात्रा में गुटखा खपाने के चक्कर में आरोपियों के लूट का राज खुल गया और पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से गुटखा, कार, मेटाडोर, टाटा मैजिक वाहन और 6 मोबाइल समेत 25 लाख का माल जब्त किया गया है।
जानकारी देते हुए SP पारुल माथुर ने बताया कि लूट की वारदात के बाद तोरवा पुलिस और साइबर सेल की टीम इस मामले की जांच में जुट गई। उन्होंने खुद घटनास्थल का जायजा लिया और हाइवे पर ढाबा संचालक व कर्मचारियों से जानकारी जुटाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने CCTV फुटेज खंगालने कहा। मस्तूरी क्षेत्र के जिस रूट में लूटी हुई मेटाडोर मिली, उस रास्ते पर पुलिस ने बारीकी से जांच की और लगातार जानकारी जुटाती रही। आखिरकार 48 घंटे में पुलिस ने गिरोह को पकड़ लिया और लूटे हुए गुटखा के साथ ही घटना में उपयोग की गई गाड़ियों को भी जब्त कर लिया।
पुलिस की जांच के दौरान ही तोरवा थाने के आरक्षक गोविंद शर्मा व संजीव जांगड़े को खबर मिली कि सरकंडा के लिंगियाडीह में रहने वाले किराना दुकानदार बड़ी मात्रा में गुटखा बेचने की फिराक में है। यही पुलिस के लिए अहम सुराग था। पुलिस ने दुकानदार को पकड़ने के पहले उसकी पूरी जानकारी जुटाई और साइबर सेल की मदद से उसका कॉल डिटेल्स खंगाला गया। तब लुटेरों की जानकारी मिली। फिर गिरोह के सदस्यों को पकड़ने के लिए खरसिया में दबिश दी।
जांच के दौरान पुलिस ने पवन मौर्य को पकड़ कर पूछताछ की, इससे पहले ही गिरोह के सदस्यों ने लूट की पूरी कहानी पुलिस को बता दिया था। दुकान संचालक पवन मौर्य अपने घर के पीछे बाड़ी में गुटखा के 140 बोरी गुटखा और 35 बोरी तंबाकू को छिपाकर रखा था। पूछताछ में पता चला कि माल खपाने के बाद आरोपी विशाखापट्नम भागने की फिराक में थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़, महासमुंद जिले ,प्री मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास,गणतंत्र दिवस,झंडा, करंट से मौत हो गई, जबकि एक को गंभीरावस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा के बाद छात्रावास में हड़कंप मच गया।
सूचना पर अफसर भी छात्रावास पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इधर घटना की सूचना मिलने के बाद सीएम भूपेश बघेल ने छात्रावास अधीक्षिका को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। महामसुंद कलेक्टर ने इस मामले में जांच के आदेश भी जारी किए हैं। इधर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक महामसुंद जिले के पटेवा में प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास संचालित है। यहां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाते हुए झंडारोहण किया गया था। शाम को झंडा उतारने के दौरान दो छात्राएं करंट की चपेट में आ गईं। हाईटेंशन तार छात्रावास से होकर गुजरी हुई है। झंडा लगाने लोहे की पाइप का उपयोग किया गया था। पाइप बिजली तार के संपर्क में कैसे आया कोई नहीं नहीं बता पा रहे। हादसे में मृत छात्रा का नाम किरण बताया जाता रहा है। वहीं एक छात्रा को महासमुंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
महासमुंद कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने पटेवा कन्या हॉस्टल में छात्राओं से झंडा उतवाने के दौरान करंट लगने से एक छात्रा की मौत पर हॉस्टल की अधीक्षिका ऐश्वर्या साहू को तत्काल निलंबित कर दिया है। कलेक्टर ने दुर्घटना के जांच के आदेश दिए हैं। करंट लगने से गंभीर एक छात्रा के बेहतर उपचार के निर्देश दिए गए है।
कलेक्टर ने दुर्घटना प्रकरण तैयार कर आर्थिक सहायता राशि मुहैया कराने के निर्देश दिए। इधर सीएम ने मृत छात्रा के परिजनों को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने व घायल अन्य एक छात्रा को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
न्यूज डेस्क।मेटल और माइनिंग ग्रुप Vedanta Ltd केचेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि वेदांता अपने अहम बिजनेस वर्टिकल्स को अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में विभाजित करने की योजना की रूपरेखा मार्च के अंत तक घोषित कर देगी । उन्होंने कहा कि ऐसा करने का लक्ष्य निवेशकों के लिए वैल्यू क्रिएट करना, कंपनी के कारोबार को सरल और आसान करना है।
बता दें कि कंपनी का जिंक बिजनेस पहले से ही एक सब्सिडियरी के तौर पर बाजार में लिस्टेड है। इसके अलावा अब कंपनी के एल्युमिनियम, आयरन और स्टील के साथ ही तेल और गैस कारोबार को भी अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों के रुप में गठित करने की योजना है।
पीटीआई को दिए गए इंटरव्यू में अनिल अग्रवाल ने कहा कि इससे कंपनी के स्टेक होल्डरों के लिए वैल्यू अनलॉक होगी और यह अलग-अलग कंपनियां ज्यादा बेहतर तरीके से अपने सेक्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेगी और लॉन्ग टर्म में बेहतर ग्रोथ दे सकेंगी।
उन्होंने इस बातचीत में कहा कि यह डीमर्जर स्वाभाविक प्रक्रिया के तौर पर हो रहा है। बाजार काफी अच्छा है और वेदांता के अलग-अलग डिवीजन में अच्छा प्रोडक्शन हो रहा है। हमारा मानना है कि अलग-अलग कारोबार के लिए अलग-अलग कंपनियों के गठन से अच्छी वैल्यू क्रिएट होगी। उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि अगले 1 से डेढ़ महीने में या मार्च के खत्म होने से पहले हम अपनी इस डीमर्जर की रूपरेखा पेश कर देंगे।
बताते कि वेदांता ने पिछले साल नवंबर में एलान किया था कि उसके बोर्ड ने कंपनी के एल्युमीनियम, आयरन और स्टील और ऑयल एंड गैस बिजनेस को अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों के रुप में गठित करने के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टरों की एक समिति का गठन किया है। कंपनी ने तब यह भी बताया था कि कमिटी के सिफारिश के आधार पर कंपनी का बोर्ड स्ट्रेटजिक भागीदारी जैसे दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर सकता है।
इस डीमर्जर के बाद वेदांता ग्रुप से टूट कर 3 नई लिस्टेड कंपनियां बनेंगी । इसके बाद लंदन स्थिति पेरेंट कंपनी वेदांता रिसोर्सेस ग्रुप में 5 लिस्टेड कंपनियां होगी। इन 5 लिस्टेड कंपनियों में से 4 लिस्टेड कंपनियां ऐसी होगी जिनकी शेयरहोल्डिंग सामान होगी। इन 4 कंपनियों में Vedanta Ltd औऱ 3 नई लिस्ट होने वाली कंपनियां शामिल होंगी। ग्रुप की पहले से ही लिस्टेड सब्सिडियरी Hindustan Zinc Limited (HZL) में वेदांता लिमिटेड की 64.9 फीसदी हिस्सेदारी बनी रहेगी।