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सीजी: बजट के लिए मंत्री स्तरीय बैठक 10 से, पहले दिन इन मंत्रियों के साथ चर्चा करेंगे सीएम भूपेश बघेल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के नए वित्तीय वर्ष के बजट को अंतिम रुप वित्त विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए मंत्री स्तरीय बैठकों का दौर 10 जनवरी से शुरू हो रहा है। बतौर वित्त मंत्री मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इन बैठकों में विभागीय मंत्रियों से उनके विभागों की नई योजनाओं को लेकर बात करेंगे।

मंत्री स्तरीय बैठक के पहले दिन अमरजीत भगत, जय सिंह अग्रवाल, उमेश पटेल, गुरु रुद्र कुमार और अनिला भेंड़िया के साथ सीएम अलग-अलग समय में बैठक करेंगे।

11 जनवरी को कवासी लखमा, शिव कुमार डहरिया और मोहम्मद अकबर के विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा होगी। 12 जनवरी को रविंद्र चौबे, टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू के विभागों की योजनाओं पर मुख्यमंत्री उनसे बात करेंगे।

कालीचरण महाराज को लेने रायपुर पहुंची महाराष्ट्र पुलिस, प्रोटेक्शन वारंट के लिए कल कोर्ट में लगाएगी आवेदन

रायपुर। रायपुर धर्म संसद में महात्मा गांधी पर अमर्यादित टिप्पणी के बाद रायपुर जेल में बंद कालीचरण पर महाराष्ट्र के अकोला और 19 दिसंबर को पुणे के खड़क थाने में भी मामला दर्ज है। मामला दर्ज होने पर उन्हें लेने के लिए महाराष्ट्र की ठाणे की पांच सदस्यीय पुलिस टीम रायपुर के टिकरापारा थाने पहुंची है। जबकि अकोला पुलिस ने कालीचरण पर दर्ज केस को रायपुर पुलिस को ट्रांसफर कर दिया है।

सोमवार को लगेगी रेगुलर कोर्ट

महाराष्ट्र पुलिस को कालीचरण महाराज का प्रोटेक्शन वारंट रिमांड कोर्ट की वजह से नहीं मिला है। रेगुलर कोर्ट में सोमवार को लगेगी अर्जी। ठाणे पुलिस के मुताबिक पुणे में 19 दिसंबर को नाटुबाग मैदान में एक कार्यक्रम में आरोपितों ने नफरत भरे भाषण दिए थे, जो लोगों को भड़का सकते थे और धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकते थे। ठाणे पुलिस ने प्रोटेक्शन वारंट के लिए कोर्ट मे आवेदन दिया है।

गौरतलब है कि कालीचरण को रायपुर पुलिस मध्य प्रदेश के खजुराहो से बुधवार को गिरफ्तार करने के बाद रायपुर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने एक दिन की पुलिस रिमांड पर कालीचरण को भेज दिया था। शुक्रवार को पुलिस ने दोबारा कोर्ट में कालीचरण को पेश किया, कोर्ट के आदेश पर 14 दिन की न्यायिक हिरासत पर रायपुर जेल भेज दिया गया।

कोरबा में एक बार फिर बढ़ा कोरोना ….एक ही दिन में मिले 40 नए संक्रमित ने डराया…

कोरबा ।जिले में कोरोना का संक्रमण एक बार फिर बढ़ रहा है। रविवार को प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक 40 नए संक्रमित जिले में दर्ज हुए हैं। कटघोरा और कोरबा विकासखंड हॉट स्पॉट के रूप में चिह्नित हो रहा है। कटघोरा ग्रामीण क्षेत्र से 14, कटघोरा शहरी से 4, कोरबा ग्रामीण से 1 और शहर क्षेत्र से 18 तथा पाली ब्लॉक से 3 संक्रमित मिले हैं। संक्रमितों में 26 पुरुष और 14 महिलाएं शामिल हैं। आज कटघोरा ब्लॉक के कावेरी विहार एनटीपीसी टाऊनशिप, कटघोरा वार्ड-3, गोयल चाल, वार्ड-14 कारखाना एरिया, सुभाष नगर दीपका, झाबर, छुरीकला वार्ड-6 व 7, कसनिया क्षेत्र से संक्रमित मिले हैं। कोरबा विकासखंड में एमपी नगर, पावर इम्पिरिया, ईएसआईसी हॉस्पिटल, परसाभाठा बालको, एसईसीएल एजीएम कालोनी कोरबा, पथर्रीपारा, आरएसएस नगर, एमपी नगर विस्तार, मानिकपुर, टीपी नगर, साडा कालोनी बालको, ओम फ्लेट रामपुर, बीच बस्ती जामबहार से संक्रमित मिले हैं। पाली विकासखंड के ग्राम पहाड़जमड़ी, औराभाठा व अलगीडांड़ से भी संक्रमित दर्ज हुए हैं।

सीजी ब्रेकिंग: जांजगीर में आंदोलन कर रहे विस्थापितों ने पुलिस को पीटा, भड़की भीड़ ने बस जलाई, तोड़फोड़ की, मड़वा पावर प्लांट में आगजनी, पथराव

जांजगीर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले के मड़वा स्थित विद्युत विभाग के अटल बिहारी पावर प्लांट में बड़ा बवाल हो गया है। यहां प्लांट के विरोध और जमीन के बदले स्थायी नौकरी नहीं देने को लेकर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्लांट के बाहर पुलिसकर्मियों को घेरकर पीटा। उन पर जमकर पथराव भी किया है। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। आंदोलनकारियों ने परिसर में खड़ी कई गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की और बस जला दी। साथ ही पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की गाड़ी को तोड़ दिया गया है।

बता दें कि जिले के मड़वा, तेंदूभांठा में अटल बिहारी ताप विद्युत गृह संचालित है। प्लांट के लिए 2008 में जमीन अधिग्रहण शुरू हुआ। 2015-16 से यहां एक हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है। उस दौरान मड़वा, तेंदूभांठा के लोगों को वादा किया गया था कि उन्हें यहां नौकरी दी जाएगी। जिसके बाद बहुत से लोगों को काम पर भी रखा गया। मगर करीब 400 लोग ऐसे थे, जिन्हें संविदा नियुक्ति दी गई और उन्हें अलग-अलग जिलों में नियुक्ति दी गई। कई ऐसे भी ग्रामीण हैं जिनका कहना है कि उनकी जमीन ले ली गई, लेकिन नौकरी नहीं दी गई। नौकरी देने और स्थायी करने की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले 06 दिसंबर से जांजगीर के कचहरी चौक में प्रदर्शन कर रहे थे।

आंदोलनकारियों का कहना है कि इतने दिन से प्रदर्शन करने के बावजूद हमारी मांगों को नहीं सुना गया। इसलिए उन्होंने 01 जनवरी से प्लांट के सामने ही प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल हैं। इस बीच रविवार को प्रशासनिक अधिकारी और आंदोलनकारियों के बीच में बातचीत होनी थी। पहले राउंड की बातचीत हुई भी थी लेकिन वह विफल रही। इसके बाद शाम 5 बजे से सीनियर अधिकारियों के साथ आंदोलनकारियों की बातचीत होनी थी। आंदोलनकारियों का 10 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल अंदर भी जा चुका था। मगर इससे पहले ही बवाल हो गया। प्रदर्शन के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

बताया जा रहा है कि अचानक हुए विवाद में आंदोलनकारियों ने पुलिसवालों पर ही हमला कर दिया। पुलिस की टीम उन्हें समझाने में लगी रही। लेकिन उन्होंने एक न सुनी लाठी और डंडे से पुलिसवालों को ही पीट दिया गया। इसके अलावा उन पर पथराव भी किया गया है। आंदोलनकारी सुबह से ही लाठी और डंडे लेकर प्लांट के सामने पहुंचे थे।

 

प्लांट के बाहर अब भी तनाव

प्लांट के बाहर अब भी तनाव का माहौल है। कलेक्टर, एसपी समेत अधिकारी भी प्लांट के अंदर ही फंसे हुए हैं। कुछ पुलिसकर्मियों के जंगल में छिपे होने की खबर है। आंदोलनकारियों ने प्लांट की गाड़ियां, पुलिस की गाड़ियां और एक बस को आग लगा दिया है। फिलहाल पुलिस की और टीमों को मौके पर बुलाया जा रहा है। प्रशासन की टीम इन्हें समझाने में लगी हुई है।

बढ़ते कोरोना संक्रमण के मध्य 20 राज्यों का 9 जनवरी से शुरू हो रहा महिला फुटबॉल चैंपियनशिप बना चर्चा का विषय..

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रदेश की राजधानी रायपुर में क्रिकेट के आयोजन के बाद कोरोना ने बड़ी तेजी से प्रदेश में पांव पसार लिया था, जिसके बाद प्रदेश में जमकर हाहाकार मचा था। ऐसे ही बढ़ते कोरोना और ओमोक्रोंन संक्रमण के बीच 20 राज्यों से आने वाले खिलाड़ियों के फुटबॉल मैच के आयोजन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

 

कोरबा। एक तरफ कोरोना के बढ़ते संक्रम को देखते हुए 31फर्स्ट के सभी आयोजनों को निरस्त कर दिया और कई संस्थाओं ने स्वतः अनुकरणीय पहल करते हुए पूर्वनिर्धारित महंगे आयोजनों को रद्द कर दिया तो दूसरी ओर  09 जनवरी से  43वीं राष्ट्रीय महिला फुटबॉल चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है, जो अब शहर में चर्चा का विषय बन गया है और लोग कोरोना के सेकण्ड वेव को याद करते रायपुर में हुए क्रिकेट की याद ताजा कर रहे है कि किस प्रकार से क्रिकेट के हुए आयोजन के बाद कोरोना ने प्रदेश में कैसे कहर मचाया था ?

 

 

बता दें कि जिले में 43वीं राष्ट्रीय महिला फुटबॉल चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। 09 जनवरी से 16 जनवरी 2022 तक इस फुटबॉल चैम्पियनशिप का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में प्रदेश के मुखिया के हाथों फुटबाल मैच का शुभारम्भ होना है।महिला फुटबॉल महासंघ के महासचिव शेख जावेद ने बताया कि इस चैम्पियनशिप में 20 राज्यों की टीमें हिस्सा ले रही हैं और इस आयोजन में लगभग 52 मैच खेले जाएंगे।

देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा है। 31 दिसंबर तक ओमिक्रॉन देश के 21 राज्यों में पहुंच चुका था और इसके फैलने का ग्राफ और मरीजों के आंकड़ों का ग्राफ दिनोंदिन अबाध रूप से बढ़ता ही जा रहा है। इस स्थिति में फुटबॉल मैच जिसमें 20 राज्यों की टीमें हिस्सा लेने जा रही है, यह उर्जानगरी कोरबा ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए चिंता का विषय है।

चिंता इसलिए क्योंकि जिन राज्यों से खिलाड़ी आ रहें हैं, उन राज्यों में कोरोना के साथ ही ओमोक्रोंन का भी संक्रमण उफान पर है। सीधी सी बात यह भी है कि जब 20 राज्यों से टीम की महिला खिलाड़ियों का आगमन होगा तो महिलाओं के साथ उनके अभिभावकों का आगमन भी होगा और पीछे-पीछे उनके प्रशंसकों की भीड़ भी, रही बात कोच या अन्य लोग तो उन्हें भी रोका नहीं जा सकता।

 

इस आयोजन को लेकर शहर में हो रही चर्चाओं ने ठंडी शीतलहर के बीच माहौल गर्म कर दिया है, सोशल मीडिया में कई तरह के कमेंट्स किए जा रहे हैं।

नया साल के पहले दिन ही 28 लोगो के जीवन मे छाया अंधेरा… बिना नोटिस शराब दुकान के सेल्समेनों की छुट्टी..

कोरबा। नया साल 2022 शराब दुकान में काम करने वाले 28 सेल्समेनो के जीवन मे अंधेरा लेकर आया है। शराब दुकान में काम करने वाले 28 कर्मचारियों को ईगल हन्टर सोल्यूशन लिमिटेड ने नौकरी से निकाल दिया है। नौकरी जाने से अब वे बेरोजगार हो गए है।

बता दें कि ईगल हन्टर सोल्यूशन लिमिटेड के अंतर्गत का काम करने वाले 28 सेल्समेनों को नए साल के दिन हटाकर बाहर का रास्ता दिखा दिया है। जिन सेल्समेनों को नौकरी से निकाला गया है उन्हें सीएमएसएल के पत्र का हवाला देते कहा है कि पहले 98 पद स्वीकृत था और अब 70 पद की स्वीकृति बताते हुए 28 पदो में नौकरी करने वाले सेल्समेनों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

नही दिया नोटिस…

शराब दुकानों में काम करने वाले कर्मचारी पिछले तीन चार वर्षों से काम कर रहे है ।इसके बाउजूद प्रबंधन ने नौकरी से निकालने से पहले किसी तरह की नोटिस देना उचित नही समझा और सीधा नौकरी से कार्यमुक्त का लेटर थामा दिया। नौकरी से निकले कर्मचारी अब आंदोलन करने के मूड में हैं।

 

बंगाल में मिनी लॉकडाउन, सभी स्कूल-कॉलेज, स्पा, सैलून, ब्यूटी पार्लर बंद

कोलकाता। (West Bengal Lockdown)। देश में ओमिक्रॉन (Omicron) वेरिएंट के साथ-साथ कोरोना (Coronavirus) के नए मामलों ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे को देखते हुए कई राज्यों में पाबंदियों का ऐलान किया गया है। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) सरकार ने भी राज्य में कोविड के बढ़ते मामले को देखते हुए लॉकडाउन जैसे प्रतिबंधों का ऐलान (Lockdown Like Restrictions In Bengal) किया।

बंगाल सरकार की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, राज्य में सोमवार से सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, स्पा, सैलून, ब्यूटी पार्लर, चिड़ियाघर और मनोरंजन पार्क बंद रहेंगे। इसके साथ-साथ सभी सरकारी और निजी ऑफिस 50% क्षमता के साथ संचालित करने के आदेश दिये गए हैं और सभी प्रशासनिक बैठकें वर्चुअल मोड के माध्यम से आयोजित की जाएंगी।

35 की उम्र में बन गया करोड़पति, अब कह रहा …

नई दिल्ली। हर आदमी अमीर बनने के सपने देखता है। लोग सोचते हैं कि अमीर बनने के बाद वह अपनी जिंदगी आराम से काटेंगे और जहां मर्जी होगी पैसा खर्च कर सकेंगे। लेकिन, दुनिया में एक अमीर शख्स ऐसा भी है, जिसके लिए अमीर होना बोरिंग है। वह करोड़पति होने के बावजूद अपने नौकरी वाले दिन याद करता है।

यह करोड़पति इन्सान ब्रिटेन का नागरिक है। Reddit पर उसने पहचान को उजागर किए बिना अमीर बनने का अपना अनुभव शेयर किया है। व्यक्ति बिटकॉइन की मदद से अमीर बन गया और अब उसका कहना है कि अमीर बनना बोरिंग है। जिंदगी में कुछ कमी सी लगती है।

0.CryptoCurrency से कमाए 2.6 करोड़ पाउंड

इस व्यक्ति को बिटकॉइन (Bitcoin) के बारे में 2014 में पता चला। इसके बाद उसने इसमें पैसा लगाना शुरू किया। डेढ़ साल के अंदर व्यक्ति ने पूरी सेविंग्स बिटकॉइन में लगा दी और साल 2017 में उसे 20 लाख पाउंड का फायदा हुआ। इसके बाद 2019 में उसने क्रिप्टोकरेंसी (CryptoCurrency) से 2.6 करोड़ पाउंड से भी ज्यादा कमा लिए और घूमने व दोस्तों से मिलने के लिए काम से ब्रेक ले लिया। इस तरह वह 35 की उम्र में ही करोड़पति बन गया।

0.पहले क्या करता था काम

रिपोर्ट के अनुसार, व्यक्ति पहले कंटेंट क्रिएटर के रूप लगभग 10 साल तक काम कर चुका है। नौकरी छोड़ने से पहले उसे 25 लाख रुपए महीने की सैलरी मिलती थी। वह सैलरी का अधिकतर हिस्सा सेविंग्स में लगाता था। अमीर बनने के बाद उसने नौकरी छोड़ी दी। लेकिन, जब वह नौकरी कर रहा था तो उसका करियर उसे बड़े बड़े होटलों में लग्जरी डिनर और दुनिया घूमने की क्षमता की पेशकश करता था।

0.जिंदगी के उत्साह को नहीं कर सकता रीक्रिएट

इतना पैसा कमाने के बावजूद उस शख्स को लगता है कि वह केवल पैसे से अपनी जिंदगी के उत्साह को रीक्रिएट नहीं कर सकता। इसके अलावा व्यक्ति का मानना है कि उसे लगता है कि इतनी वेल्थ उसने धोखे से हासिल की है। क्रिप्टोकरंसी पर खेला गया उसका दांव लकी निकला और वह इतनी दौलत का मालिक बन गया लेकिन, वह इसके काबिल नहीं है।

सीजी ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ के IAS सिद्धार्थ कोमल परदेशी और रितु सेन सेंट्रल में ज्वाइंट सिकरेट्री इम्पैनल, देखें सूची

रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के दो IAS सेंट्रल में ज्वाइंट सिकरेट्री इम्पैनल हो गए हैं। बता दें इम्पैनल होने वाले 2003 बैच के 9 IAS अफसरों में छत्तीसगढ़ कैडर के दो IAS सिद्धार्थ कोमल परदेशी और रितु सेन शामिल हैं। रितु सेन अभी सेंट्रल में हैं, जबकि सिद्धार्थ कोमल परदेशी जनसंपर्क सचिव हैं।

वहीं इम्पैनलमेंट में सबसे ज्यादा 3 IAS महाराष्ट्र से, 2-2 छत्तीसगढ़ और बिहार कैडर के हैं। वहीं मध्यप्रदेश के एक अफसर शामिल हैं।

नए साल में महंगाई का करंट! ऑनलाइन खाना मंगाना महंगा, जूते-चप्पलों पर 12% GST

न्यूज डेस्क। खाने-पीने का सामान ऑनलाइन मंगाना नए साल की शुरुआत यानी आज से महंगा होने जा रहा है। खाने-पीने के सामान की ऑनलाइन डिलिवरी करने वाली स्विगी और जोमैटो जैसी कंपनियों को अब ग्राहकों से पांच प्रतिशत कर जुटाना होगा और उसे सरकार के पास जमा करना होगा। ऐसे फूड वेंडर जो अभी माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे से बाहर हैं, यदि वे ग्राहकों को ऑनलाइन ऑर्डर के जरिये आपूर्ति करते हैं तो उन्हें जीएसटी देना होगा।

अभी जीएसटी के तहत पंजीकृत रेस्तरां ग्राहकों से कर वसूलते हैं और सरकार के पास जमा कराते हैं। इसके अलावा शनिवार से ही ऐप आधारित कैब सेवा कंपनियों मसलन उबर और ओला को भी दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बुकिंग पर पांच प्रतिशत जीएसटी का संग्रह करना होगा। वहीं आज ही से सभी जूते-चप्पलों (फुटवियर) पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। यानी सभी दाम के फुटवियर पर 12 प्रतिशत की जीएसटी दर लागू होगी। नए साल की शुरुआत से जीएसटी में ये बदलाव लागू हो रहे हैं।
इसके अलावा कर अपवंचना रोकने के लिए जीएसटी कानून में संशोधन किया गया है। इसके तहत इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) अब सिर्फ एक बार मिलेगा। करदाता के जीएसटीआर 2बी (खरीद रिटर्न) में ‘क्रेडिट’ दर्ज होने के बाद इसे दिया जाएगा। जीएसटी नियमों के तहत पहले पांच प्रतिशत का ‘अस्थायी’ क्रेडिट दिया जाता था। एक जनवरी, 2022 से इसकी अनुमति नहीं होगी।

ईवाई इंडिया के कर भागीदार विपिन सपरा ने कहा, ‘‘इस बदलाव का करदाताओं की कार्यशील पूंजी पर तत्काल प्रभाव पड़ेगा, जो अभी तक 105 प्रतिशत के ‘क्रेडिट’ का लाभ ले रहे थे। इस बदलाव से अब उद्योग के लिए भी यह जरूरी हो जाएगा कि वे सही और अनुपालन वाले वेंडरों से खरीद करें। नए साल से कर अपवंचना रोकने के उपायों के तहत जीएसटी रिफंड के लिए आधार सत्यापन को भी अनिवार्य किया गया है। इसमें ऐसी इकाइयां जिन्होंने कर का भुगतान नहीं किया है और पिछले महीने के लिए जीएसटीआर-3बी जमा कराया है, उन्हें जीएसटीआर-1 दाखिल करने की सुविधा नहीं होगी।
अभी तक जीएसटी कानून के तहत यदि कंपनियां या इकाइयां पिछले दो माह का जीएसटीआर-3बी जमा कराने में विफल रहती हैं, तो उन्हें बाहरी आपूर्ति के लिए रिटर्न या जीएसटीआर-1 दाखिल करने की अनुमति नहीं होती थी। इसके अलावा जीएसटी कानून में संशोधन कर जीएसटी अधिकारियों के अधिकार बढ़ाए गए हैं। जीएसटी अधिकारी बिना किसी कारण बताओ नोटिस के जीएसटीआर-3बी के जरिये कम बिक्री दिखाकर कर का भुगतान करने वाली इकाइयों के परिसर में जाकर बकाया कर की वसूली कर सकते हैं।
सपरा ने कहा कि इस कदम से जाली बिलों पर रोक लगेगी। अभी तक विक्रेता खरीदार को ऊंचे आईटीसी का लाभ देने के लिए ऊंची बिक्री दिखाते थे और कम जीएसटी देनदारी को जीएसटीआर-3बी में बिक्री को कम कर दिखाते थे।