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भिलाई-चरौदा में पार्षदों की शपथ पूरी, दोपहर बाद होगा महापौर के लिए मतदान, मेयर की दौड़ में निर्मल कोसरे आगे

भिलाई। दुर्ग जिले के भिलाई नगर चरोदा नगर निगम के लिए पार्षदों का शपथ ग्रहण हो चुका है। कांग्रेस और बीजेपी सहित छह निर्दलीय पार्षदों को जिला कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सभी पार्षदों ने 5-5 की संख्या में शपथ ली है। यही 40 पार्षद और महापौर और सभापति का चुनाव करेंगे। महापौर के लिए कांग्रेस के पास जहां 19 पार्षदों सहित दो निर्दलियों के समर्थन का दावा है। तो वहीं बीजेपी के पास महज 15 पार्षद हैं। बचे चार निर्दलीय अब किस ओर जाएंगे अभी तय नहीं है। दोपहर 2 बजे के लगभग महापौर के प्रत्याशी के नामों की अधिकृत घोषणा होगी।

बता दें कि बैठक में कांग्रेस के मेयर और सभापति का नाम तय होने के बाद सभी पार्षद सोमवार सुबह भिलाई पहुंचे हैं। भिलाई चरौदा का मेयर कौन होगा, इसकी अधिकारिक घोषणा तो नहीं की गई है, लेकिन यह तय है कि कांग्रेस से महापौर के लिए गनियारी वार्ड से पार्षद चुने गए जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष निर्मल कोसरे का नाम सबसे ऊपर है।
वहीं सभापति के लिए कांग्रेस से कृष्णा चन्द्राकर, संतोष तिवारी और एस वेंकट रमना का नाम सामने आ रहा है। अभी तक कांग्रेस ने महापौर और सभापति पद के प्रत्याशी को लेकर अपना कोई भी अधिकारिक बयान नहीं दिया है।

0.बहुमत नहीं होने के बावजूद भाजपा ने बनाया नंदिनी जांगड़े को महापौर प्रत्याशी

भारतीय जनता पार्टी का बहुमत नहीं होने के बावजूद उसने नंदिनी जांगड़े को महापौर प्रत्याशी बना दिया है। चंद्र प्रकाश पांडे को बीजेपी ने सभापति के लिए प्रत्याशी बनाया है। 40 पार्षदों वाले इस निगम में बीजेपी के पास महज 15 पार्षद हैं।

IPS जीपी सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, गिरफ्तारी पर रोक लगाने की याचिक खारिज, अब सरेंडर के अलावा कोई चारा नहीं

The Duniyadari.Com: रायपुर। छत्तीसगढ़ के निलंबित आईपीएस जीपी सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं लें रही है।अब गिरफ्तारी पर रोक की याचिका कों सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया हैं।

बता दें कि जीपी सिंह हाईकोर्ट में गिरफ्तार पर रोक और जांच पर स्टे न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। जीपी सिंह के तरफ से सीनियर एडवोकेट यूआर ललीत खड़े हुए थे। वकीलों की टीम में दिवंगत भाजपा नेत्री सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज भी शमिल थी। सरकार की तरफ से मुकुल रोहतगी खड़े हुए। मगर सीजेआई ने मुकुल रोहतगी को सुने बिना याचिका खारिज कर दी।

सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद जीपी सिंह के पास अब सरेंडर के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। क्योंकि, हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट से भी उनकी याचिका खारिज हो गई है।

आर्यन ड्रग्स केस के बाद फिर सुर्खियों में कॉर्डेलिया क्रूज:एक क्रू मेंबर के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद 2016 लोग शिप पर फंसे, सभी का होगा टेस्ट

मुंबई। आर्यन ड्रग्स केस के बाद फिर सुर्खियों में कॉर्डेलिया क्रूज के एक क्रू मेंबर के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद शिप में सवार 2016 लोगों को कोविड टेस्ट कराया जाएगा। सभी को क्रूज में ही रोका गया है।

कॉर्डेलिया क्रूज मुंबई से गोवा के लिए रवाना हुआ था। अभी यह गोवा के मोरमुगाओ पोर्ट क्रूज टर्मिनल के पास है। अब वहां की सरकार ने जहाज को डॉक करने की अनुमति देने से ही इनकार कर दिया है। यह क्रूज के अंदर बना पूल है। सूत्रों के मुताबिक, क्रूज पर पार्टीज के दौरान ज्यादातर लोगों ने कोविड के नियम तोड़े हैं। इसलिए संक्रमितों की संख्या बढ़ सकती है।

रिपोर्ट आने तक जहाज में रहना होगा

पॉजिटिव क्रू मेंबर को जहाज के अंदर ही आइसोलेट किया गया है। अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए हैं कि RT-PCR टेस्ट की रिपोर्ट आने से पहले कोई भी जहाज से न उतरे।

क्रूज पर पहले भी कोविड नियम तोड़े गए

महाराष्ट्र में कोरोना महामारी के दौरान लगाया गया डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू है। इसके तहत बिना मास्क के सार्वजनिक जगहों पर जाने और दो गज की दूरी का नियम मानना अनिवार्य है।

हालांकि, आर्यन खान की गिरफ्तारी के बाद क्रूज पर जारी पार्टी का जो वीडियो सामने आया था, उसमें यह स्पष्ट था कि ऐसे किसी नियम को यहां मौजूद लोगों ने फॉलो नहीं किया था।

ONC बार बना अखाड़ा… आज फिर हुआ युवा कांग्रेसियों और बाउंसरों के बीच जमकर हुई मारपीट…

कोरबा। पॉम मॉल में शराब पीकर हल्ला मचाने वाले युवा कांग्रेसियों और ओएनसी बार के बाउंसरों के बीच जमकर मारपीट हुई है। घटना की सूचना पर सीएसईबी पुलिस मौके पर पहुंचकर झगड़ा को शांत कराया हैं। अब सीएसईबी पुलिस शिकायत का इंतजार कर रही है। ताकि मारपीट लड़ने वालों पर कार्रवाई की जा सके।

बता दें कि पॉम मॉल में संचालित ओएनसी बार लड़ाई का अखाड़ा बनते जा रहा है। रईसजादों के मौज मस्ती की वजह से शहर का माहौल खराब हो रहा है।आए दिन विवाद का पर्याय बन चुके पाम मॉल के ओएनसी बार में आज रविवार देर शाम फिर जमकर बवाल मचा। यहां न्यू ईयर की पार्टी सेलिब्रेट करने सेंट जेवियर स्कूल के नाबालिग विद्यार्थी पहुंचे थे। बार में ही युवा कांग्रेस नेता सांसद प्रतिनिधि के कार्यकर्ता भी पार्टी मना रहे थे। रात करीब 9 बजे बिल भुगतान को लेकर युवा कांग्रेस से जुड़े लोगों ने काउंटर पर आपत्ति दर्ज कराई। पेमेंट ज्यादा लेने को लेकर जब बात बढ़ी तो सेंट जेवियर के विद्यार्थियों ने भी इसका समर्थन कर कहा कि हम लोगों से भी ज्यादा पेमेंट लिया गया था और अक्सर ऐसा ही करते हैं। इससे पहले इन छात्रों का विवाद नाश्ते की प्लेट गिर जाने को लेकर ओएनसी की महिला कर्मचारी से हो गया था। इस आपत्ति और कहा-सुनी के मध्य युवा कांग्रेस नेता से जुड़े युवकों का काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों से जमकर विवाद शुरू हो गया और इसी विवाद व मारपीट में सेंट जेवियर स्कूल के लड़के भी शामिल हो गए। 3 पक्षों के बीच गाली-गलौज और मारपीट से माहौल तनावपूर्ण हो गया और बाउंसरों ने भी छात्रों व युवकों पर अपने हाथ साफ किये। इस बीच मौके पर युवा कांग्रेस नेता सांसद प्रतिनिधि को बार में बुलाया गया। बार संचालक ने सेंट जेवियर स्कूल के प्रिंसिपल को भी मौके पर बुलाया और सारी जानकारी दी। प्रिंसिपल भी ओएनसी में पहुंचे थे व घटनाक्रम की जानकारी ली। इधर हंगामा मचने की खबर पुलिस तक पहुंची तो सीएसईबी चौकी पुलिस ने यहां पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया। अब पुलिस पीड़ित पक्ष के शिकायत की इंतजार कर रही है जिससे कि आगे की कार्रवाई की जा सके।

बिग ब्रेकिंग: स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव कोरोना पॉजिटिव, RTPCR जांच में संक्रमण की पुष्टि

रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। सर्दी-खांसी की शिकायत के बाद सिंहदेव ने एहतियातन सरगुजा के अपने कार्यक्रम रद्द कर रविवार दोपहर बाद रायपुर लौट आए। यहां उनकी कोरोना की एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव आई। लेकिन, RTPCR जांच की देर रात मिली रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। बता दें कि मार्च 2021 में सिंहदेव कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इस दौरान होम आइसोलशन में उनका इलाज चला था।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने इसकी जानकारी देते हुए बताया, कोरोना के लक्षण दिखने के बाद उन्होंने रायपुर में जांच कराई। उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अभी तबीयत ठीक है। चिकित्सकों के निर्देशानुसार होम आइसोलेशन में रहकर उपचार करा रहे हैं। सिंहदेव ने आग्रह किया है कि पिछले दिनों में जो भी लोग उनके संपर्क में आए हैं वे अपनी कोरोना जांच करवा लें।

बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव पिछले तीन दिनों से सरगुजा दौरे पर थे। वहां उन्होंने स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। स्थानीय नेताओं और समर्थकों से मुलाकात की। वहीं एक जनवरी को उन्होंने स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह के साथ शिक्षण से जुड़ी दो योजनाओं की शुरुआत की। इस बीच उनकी तबीयत कुछ खराब हुई।

सीजी: बजट के लिए मंत्री स्तरीय बैठक 10 से, पहले दिन इन मंत्रियों के साथ चर्चा करेंगे सीएम भूपेश बघेल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के नए वित्तीय वर्ष के बजट को अंतिम रुप वित्त विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए मंत्री स्तरीय बैठकों का दौर 10 जनवरी से शुरू हो रहा है। बतौर वित्त मंत्री मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इन बैठकों में विभागीय मंत्रियों से उनके विभागों की नई योजनाओं को लेकर बात करेंगे।

मंत्री स्तरीय बैठक के पहले दिन अमरजीत भगत, जय सिंह अग्रवाल, उमेश पटेल, गुरु रुद्र कुमार और अनिला भेंड़िया के साथ सीएम अलग-अलग समय में बैठक करेंगे।

11 जनवरी को कवासी लखमा, शिव कुमार डहरिया और मोहम्मद अकबर के विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा होगी। 12 जनवरी को रविंद्र चौबे, टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू के विभागों की योजनाओं पर मुख्यमंत्री उनसे बात करेंगे।

कालीचरण महाराज को लेने रायपुर पहुंची महाराष्ट्र पुलिस, प्रोटेक्शन वारंट के लिए कल कोर्ट में लगाएगी आवेदन

रायपुर। रायपुर धर्म संसद में महात्मा गांधी पर अमर्यादित टिप्पणी के बाद रायपुर जेल में बंद कालीचरण पर महाराष्ट्र के अकोला और 19 दिसंबर को पुणे के खड़क थाने में भी मामला दर्ज है। मामला दर्ज होने पर उन्हें लेने के लिए महाराष्ट्र की ठाणे की पांच सदस्यीय पुलिस टीम रायपुर के टिकरापारा थाने पहुंची है। जबकि अकोला पुलिस ने कालीचरण पर दर्ज केस को रायपुर पुलिस को ट्रांसफर कर दिया है।

सोमवार को लगेगी रेगुलर कोर्ट

महाराष्ट्र पुलिस को कालीचरण महाराज का प्रोटेक्शन वारंट रिमांड कोर्ट की वजह से नहीं मिला है। रेगुलर कोर्ट में सोमवार को लगेगी अर्जी। ठाणे पुलिस के मुताबिक पुणे में 19 दिसंबर को नाटुबाग मैदान में एक कार्यक्रम में आरोपितों ने नफरत भरे भाषण दिए थे, जो लोगों को भड़का सकते थे और धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकते थे। ठाणे पुलिस ने प्रोटेक्शन वारंट के लिए कोर्ट मे आवेदन दिया है।

गौरतलब है कि कालीचरण को रायपुर पुलिस मध्य प्रदेश के खजुराहो से बुधवार को गिरफ्तार करने के बाद रायपुर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने एक दिन की पुलिस रिमांड पर कालीचरण को भेज दिया था। शुक्रवार को पुलिस ने दोबारा कोर्ट में कालीचरण को पेश किया, कोर्ट के आदेश पर 14 दिन की न्यायिक हिरासत पर रायपुर जेल भेज दिया गया।

कोरबा में एक बार फिर बढ़ा कोरोना ….एक ही दिन में मिले 40 नए संक्रमित ने डराया…

कोरबा ।जिले में कोरोना का संक्रमण एक बार फिर बढ़ रहा है। रविवार को प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक 40 नए संक्रमित जिले में दर्ज हुए हैं। कटघोरा और कोरबा विकासखंड हॉट स्पॉट के रूप में चिह्नित हो रहा है। कटघोरा ग्रामीण क्षेत्र से 14, कटघोरा शहरी से 4, कोरबा ग्रामीण से 1 और शहर क्षेत्र से 18 तथा पाली ब्लॉक से 3 संक्रमित मिले हैं। संक्रमितों में 26 पुरुष और 14 महिलाएं शामिल हैं। आज कटघोरा ब्लॉक के कावेरी विहार एनटीपीसी टाऊनशिप, कटघोरा वार्ड-3, गोयल चाल, वार्ड-14 कारखाना एरिया, सुभाष नगर दीपका, झाबर, छुरीकला वार्ड-6 व 7, कसनिया क्षेत्र से संक्रमित मिले हैं। कोरबा विकासखंड में एमपी नगर, पावर इम्पिरिया, ईएसआईसी हॉस्पिटल, परसाभाठा बालको, एसईसीएल एजीएम कालोनी कोरबा, पथर्रीपारा, आरएसएस नगर, एमपी नगर विस्तार, मानिकपुर, टीपी नगर, साडा कालोनी बालको, ओम फ्लेट रामपुर, बीच बस्ती जामबहार से संक्रमित मिले हैं। पाली विकासखंड के ग्राम पहाड़जमड़ी, औराभाठा व अलगीडांड़ से भी संक्रमित दर्ज हुए हैं।

सीजी ब्रेकिंग: जांजगीर में आंदोलन कर रहे विस्थापितों ने पुलिस को पीटा, भड़की भीड़ ने बस जलाई, तोड़फोड़ की, मड़वा पावर प्लांट में आगजनी, पथराव

जांजगीर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले के मड़वा स्थित विद्युत विभाग के अटल बिहारी पावर प्लांट में बड़ा बवाल हो गया है। यहां प्लांट के विरोध और जमीन के बदले स्थायी नौकरी नहीं देने को लेकर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्लांट के बाहर पुलिसकर्मियों को घेरकर पीटा। उन पर जमकर पथराव भी किया है। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। आंदोलनकारियों ने परिसर में खड़ी कई गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की और बस जला दी। साथ ही पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की गाड़ी को तोड़ दिया गया है।

बता दें कि जिले के मड़वा, तेंदूभांठा में अटल बिहारी ताप विद्युत गृह संचालित है। प्लांट के लिए 2008 में जमीन अधिग्रहण शुरू हुआ। 2015-16 से यहां एक हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है। उस दौरान मड़वा, तेंदूभांठा के लोगों को वादा किया गया था कि उन्हें यहां नौकरी दी जाएगी। जिसके बाद बहुत से लोगों को काम पर भी रखा गया। मगर करीब 400 लोग ऐसे थे, जिन्हें संविदा नियुक्ति दी गई और उन्हें अलग-अलग जिलों में नियुक्ति दी गई। कई ऐसे भी ग्रामीण हैं जिनका कहना है कि उनकी जमीन ले ली गई, लेकिन नौकरी नहीं दी गई। नौकरी देने और स्थायी करने की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले 06 दिसंबर से जांजगीर के कचहरी चौक में प्रदर्शन कर रहे थे।

आंदोलनकारियों का कहना है कि इतने दिन से प्रदर्शन करने के बावजूद हमारी मांगों को नहीं सुना गया। इसलिए उन्होंने 01 जनवरी से प्लांट के सामने ही प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल हैं। इस बीच रविवार को प्रशासनिक अधिकारी और आंदोलनकारियों के बीच में बातचीत होनी थी। पहले राउंड की बातचीत हुई भी थी लेकिन वह विफल रही। इसके बाद शाम 5 बजे से सीनियर अधिकारियों के साथ आंदोलनकारियों की बातचीत होनी थी। आंदोलनकारियों का 10 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल अंदर भी जा चुका था। मगर इससे पहले ही बवाल हो गया। प्रदर्शन के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

बताया जा रहा है कि अचानक हुए विवाद में आंदोलनकारियों ने पुलिसवालों पर ही हमला कर दिया। पुलिस की टीम उन्हें समझाने में लगी रही। लेकिन उन्होंने एक न सुनी लाठी और डंडे से पुलिसवालों को ही पीट दिया गया। इसके अलावा उन पर पथराव भी किया गया है। आंदोलनकारी सुबह से ही लाठी और डंडे लेकर प्लांट के सामने पहुंचे थे।

 

प्लांट के बाहर अब भी तनाव

प्लांट के बाहर अब भी तनाव का माहौल है। कलेक्टर, एसपी समेत अधिकारी भी प्लांट के अंदर ही फंसे हुए हैं। कुछ पुलिसकर्मियों के जंगल में छिपे होने की खबर है। आंदोलनकारियों ने प्लांट की गाड़ियां, पुलिस की गाड़ियां और एक बस को आग लगा दिया है। फिलहाल पुलिस की और टीमों को मौके पर बुलाया जा रहा है। प्रशासन की टीम इन्हें समझाने में लगी हुई है।

बढ़ते कोरोना संक्रमण के मध्य 20 राज्यों का 9 जनवरी से शुरू हो रहा महिला फुटबॉल चैंपियनशिप बना चर्चा का विषय..

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रदेश की राजधानी रायपुर में क्रिकेट के आयोजन के बाद कोरोना ने बड़ी तेजी से प्रदेश में पांव पसार लिया था, जिसके बाद प्रदेश में जमकर हाहाकार मचा था। ऐसे ही बढ़ते कोरोना और ओमोक्रोंन संक्रमण के बीच 20 राज्यों से आने वाले खिलाड़ियों के फुटबॉल मैच के आयोजन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

 

कोरबा। एक तरफ कोरोना के बढ़ते संक्रम को देखते हुए 31फर्स्ट के सभी आयोजनों को निरस्त कर दिया और कई संस्थाओं ने स्वतः अनुकरणीय पहल करते हुए पूर्वनिर्धारित महंगे आयोजनों को रद्द कर दिया तो दूसरी ओर  09 जनवरी से  43वीं राष्ट्रीय महिला फुटबॉल चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है, जो अब शहर में चर्चा का विषय बन गया है और लोग कोरोना के सेकण्ड वेव को याद करते रायपुर में हुए क्रिकेट की याद ताजा कर रहे है कि किस प्रकार से क्रिकेट के हुए आयोजन के बाद कोरोना ने प्रदेश में कैसे कहर मचाया था ?

 

 

बता दें कि जिले में 43वीं राष्ट्रीय महिला फुटबॉल चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। 09 जनवरी से 16 जनवरी 2022 तक इस फुटबॉल चैम्पियनशिप का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में प्रदेश के मुखिया के हाथों फुटबाल मैच का शुभारम्भ होना है।महिला फुटबॉल महासंघ के महासचिव शेख जावेद ने बताया कि इस चैम्पियनशिप में 20 राज्यों की टीमें हिस्सा ले रही हैं और इस आयोजन में लगभग 52 मैच खेले जाएंगे।

देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा है। 31 दिसंबर तक ओमिक्रॉन देश के 21 राज्यों में पहुंच चुका था और इसके फैलने का ग्राफ और मरीजों के आंकड़ों का ग्राफ दिनोंदिन अबाध रूप से बढ़ता ही जा रहा है। इस स्थिति में फुटबॉल मैच जिसमें 20 राज्यों की टीमें हिस्सा लेने जा रही है, यह उर्जानगरी कोरबा ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए चिंता का विषय है।

चिंता इसलिए क्योंकि जिन राज्यों से खिलाड़ी आ रहें हैं, उन राज्यों में कोरोना के साथ ही ओमोक्रोंन का भी संक्रमण उफान पर है। सीधी सी बात यह भी है कि जब 20 राज्यों से टीम की महिला खिलाड़ियों का आगमन होगा तो महिलाओं के साथ उनके अभिभावकों का आगमन भी होगा और पीछे-पीछे उनके प्रशंसकों की भीड़ भी, रही बात कोच या अन्य लोग तो उन्हें भी रोका नहीं जा सकता।

 

इस आयोजन को लेकर शहर में हो रही चर्चाओं ने ठंडी शीतलहर के बीच माहौल गर्म कर दिया है, सोशल मीडिया में कई तरह के कमेंट्स किए जा रहे हैं।