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ब्रेकिंग: रायपुर के कॉलेजों में स्टूडेंट्स को भी लगेगा टीका, 3 जनवरी को चार कॉलेजों में लगेगा शिविर

रायपुर। रायपुर के स्कूलों-कॉलेजों में भी 15 से 18 साल तक के स्टूडेंट्स को कोविड वैक्सीन की खुराक दी जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग रोस्टर वाइज शिविर लगाएगा। रायपुर जिले में पहले सप्ताह के लिए रोस्टर तैयार कर लिया गया है। टीकाकरण के पहले दिन यानी 3 जनवरी को रायपुर के चार कॉलेजों में वहां के स्टूडेंट्स के लिए टीकाकरण शिविर लगेगा।

इन कॉलेजों में लगेगा शिविर

टीकाकरण के नोडल अधिकारी केदार पटेल ने बताया- 3 एवं 4 जनवरी को शासकीय सह शिक्षा पॉलिटेक्निक कॉलेज बैरन बाजार, शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक कॉलेज बैरन बाजार, शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ कॉलेज और शासकीय ITI माना कैंप में वैक्सीन लगाया जाएगा।

इसी तरह 5 और 6 जनवरी को पंडित रविशंकर शुक्ल
विश्वविद्यालय, शासकीय नागार्जुन PG विज्ञान महाविद्यालय, तथा शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय सेजबहार रायपुर में टीकाकरण शिविर लगेगा।

सप्ताह के आखिर में 7 एवं 8 जनवरी को साक्षी काव्योपाध्याय हीरालाल महाविद्यालय अभनपुर, शासकीय ITI अभनपुर, सत्यनारायण अग्रवाल शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय कोहका तिल्दा, शासकीय ITI कोहका तिल्दा और शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंद्र नगर रायपुर में टीके लगाए जाने हैं।

प्राचार्यों को आवश्यक व्यवस्था के निर्देश

रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार ने सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को 15 से 18 साल तक के विद्यार्थियों को टीका देने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसमें इस आयु वर्ग के विद्यार्थियों की सूची भी उपलब्ध कराने की भी बात है। कॉलेज को ऐसे विद्यार्थियों को शिविर की सूचना भी देनी है।

मोबाइल और पहचान पत्र जरूरी

टीकाकरण के नोडल अधिकारी केदार पटेल ने बताया, टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम निर्धारित संस्थानों में सुबह 10.30 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगी। इस चरण में टीकाकरण के लिए विद्यार्थियों की आयु एक जनवरी 2022 की स्थिति में 15 से 18 साल के बीच होनी चाहिए। ऑनलाइन पंजीयन के लिए उनके पास मोबाइल एवं फोटोयुक्त पहचान पत्र होना अनिवार्य है।

खुद भी करा सकेंगे पंजीयन, ऑनसाइट भी सुविधा

अधिकारियों ने बताया, शिविर वाले संस्थानों में विद्यार्थियों को कोविन पोर्टल में ऑनलाइन पंजीयन करना होगा। यह पंजीयन वे खुद कर सकते हैं। नहीं किया है तो वहां मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम उनका पंजीयन करेगी। टीकाकरण के समय कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।

फिल्म इंडस्ट्री पर फिर लगा कोविड का ग्रहण… बिग बजट फिल्म ‘RRR’ की रिलीज टली…

The Duniyadari.Com: नई दिल्ली।देशभर में कोविड के बढ़ते मामलों और सुरक्षा पाबंदियों को कड़ा करने के बाद राम चरण (Ram Charan) और एनटीआर जूनियर (NTR Jr) स्टारर ‘आरआरआर’ (RRR) के निर्माताओं ने फिल्म की रिलीज की तारीख को अगली सूचना तक के लिए टालने का फैसला किया है. इससे पहले शनिवार को फिल्म के निर्देशक एस.एस. राजामौली (SS Rajamauli) फिल्म के सहयोगी मेकर्स के साथ मीटिंग लिए मुंबई गए थे. मीटिंग का नतीजा डीवीवी एंटरटेनमेंट, प्रोडक्शन कंपनी द्वारा साझा किया गया. इस संबंध में ट्विटर पर घोषणा की गई.

क्या है इस ट्वीट में
उन्होंने ट्वीट में लिखा है, ‘सभी शामिल पार्टियों के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए हम अपनी फिल्म की रिलीज को टालने के लिए मजबूर हैं. सभी प्रशंसकों और दर्शकों को उनके बिना शर्त प्यार के लिए दिल से धन्यवाद.’ अब इस ट्वीट पर लोग अजीब तरह से रिएक्ट कर रहे हैं. कोई तो मेकर्स की मजबूरी को समझते हुए उनके साथ दिख रहा है तो कोई अपनी निराशा दिखा रहा है.

कब होगी रिलीज?
मेकर्स के इस कदम पर बात करते हुए ट्रेड एनालिस्ट करण तौरानी ने कहा, ‘हम मौजूदा स्थिति की सामान्य स्थिति के आधार पर कम से कम मार्च/अप्रैल तक एक बड़ी फिल्म के रिलीज होने की उम्मीद नहीं करते हैं. हम कुछ राज्यों में सिनेमाघरों को बंद करने या ऑक्यूपेंसी कैप को कम करने, इसके उलट होने की उसी स्थिति में वापस आ सकते हैं. हमारे विचार में कम से कम 6-8 सप्ताह लगते हैं, जो इस बार वेव 1 और वेव 2 की तुलना में बहुत कम होगा, जिसमें 12-24 सप्ताह के बीच उलटफेर कहीं भी हुआ था.’

जानकारों ने बताया अच्छा फैसला
सिनेमा ट्रेड पंडित सुमित कदेल का कहना है कि यह निर्माताओं की ओर से एक अच्छा कदम है. उन्होंने कहा, ‘यह ‘आरआरआर’ निर्माताओं के दृष्टिकोण से एक समझदार निर्णय है. अन्यथा, यह उनके कलेक्शन को बुरी तरह प्रभावित करता.’

आंध्र प्रदेश में एक और परेशानी
आंध्र प्रदेश राज्य भी टिकट के रेट तय के मुद्दों का सामना कर रहा है. बढ़ते टिकट और स्नेक्स की कीमतों पर राज्य सरकार की कार्रवाई से परेशान, राज्य के कई थिएटर मालिकों ने यह कहते हुए अपने सिनेमाहॉल बंद कर दिए हैं कि सरकार द्वारा तय रेट कार्ड उनके लाभ को खा रही है और सिनेमाघरों को चलने में परेशानी बढ़ा कर रही है.

दिल्ली में जारी हुआ येलो अलर्ट
इसके अलावा, अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने हाल ही में एक येलो अलर्ट जारी कर राष्ट्रीय राजधानी में सिनेमाघरों को बंद करने के लिए कहा है. मुंबई में भी सिनेमा हॉल बंद होने की उम्मीद है, क्योंकि यहां भी मामले लगातार बढ़ रहे हैं.

स्क्रेब लोड पिकअप के साथ आरोपी गिरफ्तार…बंद खदान से कर रहे थे चोरी, कबाड़ कारोबारियों में मचा…

कोरबा। बांकी मोंगरा थाना के अंतर्गत बंद खदान से लोहा चोरी करने वाले कबाड़ी को पुलिस ने धर दबोचा है। पकड़े गए कबाड़ की कीमत 1 लाख से ऊपर की बताई जा रही है। बांकी पुलिस की कार्रवाई से कबाड़ कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

बता दें कि कोयलांचल क्षेत्र इन दिनों अपराध का गढ़ बनता जा रहा है। एसईसीएल की खदानों से कोयला ,कबाड़ और जुगाड़ का पुराना नाता रहा है। बांकी थाना क्षेत्र जे बंद पड़ी कोयला खदानों से धीरे धीरे लोहा काटकर बेचने की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी राजेश जांगड़े ने टीम गठित कर कबाड़ियों को धर दबोचा है। टीआई राजेश जांगड़े के मुताबिक मुखबीर से सूचना मिली कि बंद खदान 5व 6 नम्बर में कुछ बाउंड्रीवाल फांदकर लोहे के एंगल,गर्डन और चैनल को काटकर चोरी कर रहे है।इस पर बांकी मोंगरा के मैनेजर को जानकारी देते हुए टीम गठित की गई।एसईसीएल की सुरक्षा अधिकारी के साथ पुलिस ने घेराबंदी किया तो कबाड़ लोड पिकअप वाहन क्रमांक सीजी10 ए एच 8170 व मारुति वाहन में भरे चोरी के स्क्रेब के साथ सोहन लाल मसीह के कब्जे से जब्त किया गया । पकड़े गए आरोपी को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। इस कार्यवाही में निरीक्षक राजेश जांगड़े,प्रधान आरक्षक,मुकेश सिंह,आरक्षक राम गोपाल साहू,गोपाला महानन्द एवं एसईसीएल के मैनेजर रामेन्द्र सिंह व सुरक्षा अधिकारियों की भूमिका रही

ब्रेकिंग: बैकुंठपुर नगरपालिका में बहुमत के बाद भी अध्यक्ष भाजपा का, नए साल में कांग्रेस को झटका  

बैकुंठपुर (कोरिया)। नए साल में नगरीय निकाय चुनाव में बैकुंठपुर में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा और यहां अध्यक्ष पर भाजपा ने बाजी मारी जबकि शिवपुर चरचा नपा में कांग्रेस ने अध्यक्ष बनाया। वहीं बैकुंठपुर में उपाध्यक्ष कांग्रेस का बना तो शिवपुर चरचा में भाजपा का उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। बैकुंठपुर में हुए चुनाव में कांग्रेस के अध्यक्ष पद को लेकर बचे बवाल से पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।

0.जमकर क्रास वोटिंग

नगरीय चुनाव में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में सबसे पहले शिवपुर चरचा का परिणाम आया। जहां कांग्रेस की लालमुनि यादव अध्यक्ष चुनी गईं, उन्हें 10 मत मिले, जबकि भाजपा को 5, इसके बाद वहां भाजपा के राजेश सिंह ने बाजी मारी। यहां भी कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग हुआ। पांच सीट वाली भाजपा के राजेश सिंह को 8 वोट मिले, वहीं कांग्रेस की रेशमा परवीन 7 वोट मिले जिससे कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।

उसके बाद बैकुंठपुर नपा का मतदान शुरू हुआ, यहां कांग्रेस की साधना जायसवाल और भाजपा की नविता शिवहरे को बराबर.बराबर मत मिले और मामला टाई हो गया, जिसके बाद चिट सिस्टम में भाजपा की नविता शिवहरे ने बाजी मारी, यहां भाजपा के पास मात्र 7 पार्षद थे, जबकि कांग्रेस के पास 11 और 2 निर्दलीय थे, ऐसे में कांग्रेस में यहां भी क्रॉस वोटिंग हुई और कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। वहीं बैकुंठपुर में कांग्रेस के आशीष यादव उपाध्यक्ष बने, यहां उन्हें 20 में से 12 मत मिले जबकि भाजपा के भानु पाल को 8 मत मिले।

0.बैकुंठपुर में अध्यक्ष के लिए मचा बवाल

बैकुंठपुर में अध्यक्ष पद के लिए वार्ड नंबर 10 और 11 के पार्षद पद को लेकर कांग्रेस के नेता आफताब अहमद ने दावेदारी ठोक रखी थी, आज मतदान के दिन उनके समर्थकों ने जमकर नारे-बाजी की, मतदान में पहले उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस के साथ उनके दोनों पार्षद नहीं है। जिसके बाद रहकर एक उनके समर्थक एकजुट होकर कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते।

0.कांग्रेस ने दोनों पार्षद के साथ नेता को किया निष्कासित

बैकुंठपुर में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने और चुनाव के कांग्रेस की हार पर बेबाकी से प्रतिक्रिया देने वाले कांग्रेसी नेता आफताब अहमद को कांग्रेस ने निष्कासित कर दिया, वही वार्ड नंबर 10 के पार्षद अहमदुल्ला और वार्ड नंबर 11 की पार्षद मुशर्रत जहां को पार्टी ने निष्कासित कर दिया, कांग्रेस ने कार्यवाही में इतनी तत्परता इसलिए दिखाई क्योंकि कांग्रेस के खिलाफ न सिर्फ खुलेआम नारेबाजी की बल्कि दोनों वोट भाजपा को पड़े, इसका सीधा बयान तक आफताब अहमद ने मीडिया को दे डाला, उनके बयान के बाद कांग्रेस ने तत्काल कार्रवाई की।

CORONA BREAKING: नए साल के पहले दिन रायपुर में कोरोना ब्लास्ट, 73 नए पाजिटिव, 24 घंटे में मिले 279 मरीज

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना का ग्राफ एक बार फिर तेजी से पांव पसार रहा है। आए दिन एक्टिव मरीजों के आंकड़ों में इजाफा हो रहा है। इसी बीच स्वास्थ विभाग ने मेडिकल बुलेटिन जारी कर प्रदेश में कोरोना की स्थिति की जानकारी दी है। जारी बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में आज 279 मरीजों की पुष्टि हुई है और 30 मरीज स्वस्थ्य होकर घर लौटे है। वहीं आज प्रदेश में एक मरीजों की मौत हुई है। राजधानी रायपुर में आज 73 मरीज मिले हैं।

छत्तीसगढ़ में कोरोना के अब तक कुल 1008466 मरीज मिले हैं। जिसमें से 993848 मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ में कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 1017 है। वहीं कोरोना से प्रदेश में अब तक कुल 13601 मौतें हो चुकी हैं।

प्रदेश में आज 01 जनवरी को 09 जिलों बेमेतरा, कबीरधाम, महासमुंद, गरियाबंद, मुंगेली, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, कांकेर एवं नारायणपुर में कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है। सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर, बस्तर एवं बीजापुर से 01-01, बालोद, धमतरी, बलौदाबाजार एवं सुकमा से 02-02, राजनांदगांव से 04, सूरजपुर से 05, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से 07 कोरोना संक्रमित पाए गए। कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने और रोज कम संख्या में नए मरीज मिलने के कारण कोविड-19 के सक्रिय मामले तेजी से घट रहे हैं।

सीडीएस जनरल विपिन रावत के हेलीकॉप्टर हादसा की जांच पूरी, जानें ब्लैक बॉक्स में क्या मिला, पढ़ें पूरी खबर

नई दिल्ली। आठ दिसंबर को तमिलनाडु के कन्नूर में हुए हेलीकॉप्टर हादसे की जांच रिपोर्ट अगले सप्ताह वायु सेना मुख्यालय को सौंपी जा सकती है। तीनों सेनाओं के संयुक्त दल ने यह जांच की की है, जो करीब करीब पूरी हो चुकी है। जांच दल फिलहाल कई पन्नों की रिपोर्ट को अंतिम रूप दे रहा है। बता दें कि जांच दल के मुखिया एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह बेंगलुरु स्थित वायुसेना की ट्रेनिंग कमान के प्रमुख हैं और वह देश में विमान हादसों की जांच के श्रेष्ठ विशेषज्ञों में से एक हैं।

बता दें कि आठ दिसंबर को हुए हेलीकॉप्टर हादसे में देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत समेत 13 सैन्य अधिकारियों की दुखद मृत्यु हो गई थी। हादसे में जनरल रावत की पत्नी मधुलिका रावत की भी जान चली गई। एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह के नेतृत्व वाले जांच दल ने इस हादसे में मानवीय त्रुटि समेत तमाम पहलुओं पर गौर किया है।

जांच से जुड़े सूत्रों ने शनिवार को बताया कि कुन्नूर हेलीकॉप्टर हादसे की भारी भरकम जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह लगभग तैयार हो गई है। सूत्रों ने बताया कि कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के नतीजों व जांच में अपनाई गई प्रक्रिया को कानूनी कसौटी पर परखा जा रहा है।

यह पूछने पर कि हेलीकॉप्टर हादसे का संभावित कारण क्या हो सकता है? कई विमानन विशेषज्ञों ने कहा कि संबंधित इलाके में दृश्यता कम होने से अधिकांश विमान हादसे होते हैं और ऐसे में यदि पायलट को वहां की परिस्थिति का पता नहीं है तो मुश्किल और बढ़ जाती है।

कुन्नूर हादसे को लेकर किसी तरह की अटकलबाजी करने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि खराब मौसम व क्षेत्र की जानकारी नहीं होना भी हवाई दुर्घटना का एक कारण होता है। हालांकि कन्नूर हादसे को लेकर कोई आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है।

सीजी ब्रेकिंग: 44 सहायक अभियंताओं के पोस्टिंग ऑर्डर जारी,देखें पूरी लिस्ट

रायपुर। लोक सेवा अयोग की परीक्षा से चयनित 44 सहायक अभियंताओं की पोस्टिंग ऑर्डर शनिवार को जल संसाधन विभाग ने जारी कर दिए हैं। चयनितों में महिला वर्ग से 12 अभ्यर्थी हैं। सभी चयनित सहायक अभियंताओं को पोस्टिंग आर्डर आने के 30 दिन के भीतर तय पदस्थापना वाली जगह में जॉइनिंग करें, अन्यथा उनकी पोस्टिंग स्वमेव निरस्त मानी जाएगी। चयनितों को 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा गया हैं।

देखें लिस्ट….

 

खैरागढ़ रियासत के कमल विलास पैलेस पर भी ताला, जानें किसने लिया एक्शन, पढ़ें पूरी खबर

रायपुर/खैरागढ़। खैरागढ़ के दिवंगत राजा देवव्रत सिंह की संपत्ति को लेकर राजघराने में चल रहे विवाद को लेकर प्रशासन ने खैरागढ़ स्थित कमल विलास पैलेस को भी शनिवार को सील कर दिया।

शनिवार को खैरागढ़ एसडीएम लवकेश ध्रुव ने आदेश जारी कर खैरागढ़ स्थित कमल विलास पैलेस को भी सील करने का आदेश जारी कर दिया। इस के बाद खैरागढ़ तहसीलदार प्रीतम साहू दलबल सहित कमल विलास पैलेस पहुंचे। इस दौरान पुलिस बल और नगर पालिका का अमला भी मौजूद रहा।

इसके बाद शाम को कार्यवाही शुरू हुई और कमल विलास पैलेस के दरवाजों पर ताला जड़ दिया गया। राजघराने में बढ़ते संपत्ति विवाद को ध्यान रखते में प्रशासन ने कमल विलास पैलेस भी ताला लगाने का फैसला लिया। अब उदयपुर स्थित पैलेस के तरह ही खैरागढ़ के कमल विलास पैलेस में भी ताला लटक रहा है।

अपने-अपने सामान निकाले बाहर

प्रशासन ने कमल विलास में पैलेस में ताला लगाने का निर्णय लिया तो पैलेस में रह रहे लोगों को अपना सामान निकालने के लिए निर्देश दिए गए। इसके बाद दोनों पक्ष अपने-अपने सामान निकाल कर वहाँ से रवाना हो गए। राजा आर्यव्रत सिंह भी पैलेस खाली कर चुके हैं। वहीं उनके अलावा जितने भी लोग निवासरत थे, वे सभी लोग अब कोर्ट के आदेश से पहले पैलेस में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।

बता दें कि स्व सिंह की मौत के बाद संपत्ति के विवाद पर बच्चों और दूसरी पत्नी के बीच लगातार विवाद बढ़ रहा है, गुरुवार को स्व सिंह के उदयपुर निवास में भी बड़ा हंगामा मचा था। यहाँ ग्रामीणों ने पथराव और तोड़फोड़ भी किया था। आखिरकार देर रात को प्रशासन ने उदयपुर निवास को सील कर दिया था।

बड़ी तबाही लाएगा ओमिक्रान, जनवरी के तीसरे हफ्ते तक हो सकते हैं इतने लाख

मुंबई/नई दिल्ली। देश के सभी राज्यों में ओमिक्रान के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के नए मामलों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। डॉक्टरों और विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में कोरोना वायरस की तीसरी लहर शुरुआती चरण में है। इस बीच, महाराष्ट्र सरकार ने आशंका जताई है कि जनवरी के तीसरी सप्ताह तक राज्य में कोरोना वायरस के 80 लाख मामले आ सकते हैं और 80 हजार लोगों की मौत हो सकती है।

रिपोर्ट के मुातबिक, राज्य के अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) डॉ. प्रदीप व्यास ने सभी जिला कलेक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि तीसरी लहर में कोविड-19 संक्रमणों की संख्या बहुत बड़ी होने वाली है। डॉ व्यास के पत्र में कहा गया है अगर तीसरी लहर में 80 लाख कोविड मामले होते हैं, तो इसमें 1 फीसदी मौत का अनुमान मान लिया जाए तो 80 हजार मौतें देखने को मिल सकती है।

डॉ. व्यास ने अधिकारियों से अपील की कि वो ओमिक्रॉन वैरिएंट को हल्का और कम घातक मानकर न चले। यह उन लोगों के लिए उतना ही घातक है जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है और उन्हें कॉमरेडिटीज है। इसलिए टीकाकरण में तेजी लाएं और लोगों के जीवन को बचाएं। व्यास की ओर से पत्र को राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों, नगर आयुक्तों और जिला परिषदों के सीईओ को भेजा गया है।

पंचायत चुनाव 20 जनवरी को, प्रेक्षकों की ब्रीफिंग में बोले.राज्य निर्वाचन आयुक्त.अलर्ट मोड पर रहकर करें कार्य

रायपुर। प्रदेश में 20 जनवरी को त्रिस्तरीय पंचायत आम चुनाव और उप चुनाव के तहत मतदान होगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री ठाकुर राम सिंह ने कहा कि स्वतंत्र ,निष्पक्ष और निर्भीक चुनाव के लिए  राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा  28  प्रेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो निर्वाचन कार्य पर बारीकी से नज़र रखेंगे।

3 जनवरी को नामांकन,6 तक नाम वापसी

आज निर्वाचन भवन में सभी प्रेक्षकों की ब्रीफिंग सम्पन्न हुई। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि सभी प्रेक्षक 3 जनवरी को अपने अपने कार्यक्षेत्र में अनिवार्य रूप से उपस्थिति दें। उन्होंने कहा कि सभी प्रेक्षक राज्य निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं। इसलिए प्रेक्षक के रूप में अपने कार्यों के बारे में सभी प्रेक्षक केवल राज्य निर्वाचन आयोग से निर्देश प्राप्त करेंगे। अपने.अपने कार्यक्षेत्र में को अपने दायित्वों और 3 जनवरी को ही नामांकन दाखिल करने की आखिरी तिथि है। इसके बाद 4 जनवरी से नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा होगी और 6 जनवरी नाम वापसी का आखरी दिन है।

अलर्ट मोड पर रहकर करें कार्य

ब्रीफिंग में राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि चुनाव बहुत संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण प्रक्रिया है इसलिए हम सबको हमेशा अलर्ट मोड़ पर रहना ज़रूरी है। कहा कि आयोग के प्रतिनिधि के रूप में  शान्तिपूर्वक और भय, दबाव एवं प्रलोभन से मुक्त वातावरण में स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से  निर्वाचन सम्पन्न कराना आप सबकी ज़िम्मेदारी है।

ब्रीफिंग में उप सचिव डॉ संतोष कुमार देवांगन ने प्रेक्षकों के  दायित्वों के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि प्रेक्षक यह भी देखेंगे कि जिलों में मतदान में गड़बड़ी, हिंसा या उपद्रव को कारगर ढंग से रोकने के लिए आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं या नहीं। यह भी देखें कि जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा निर्वाचन कार्य में लगने वाले प्रपत्रों एवं निर्वाचन सामग्री की समुचित व्यवस्था कर ली गई है। मतपेटियों, मतपत्रों, अमिट स्याही एवं मतदाता सूचियों आदि के बारे में संतुष्ट हो लें।

ओनो के माध्यम से नामांकन दाखिल

उप सचिव दीपक कुमार अग्रवाल ने बताया कि विगत चुनाव की तरह इस बार भी जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य और सरपंच के लिए नाम निर्देशन पत्र ओनो सॉफ्टवेयर के माध्यम से  ऑनलाइन दाखिल किए जा रहे हैं। केवल पंच पद के लिए इसमें छूट दी गई है।

ब्रीफिंग में आयोग के अवर सचिव आलोक श्रीवास्तव, प्रणय वर्मा,संयुक्त संचालक वित्त जेरोमी एक्का सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी भी मौजूद थे।