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10 लाख का राजश्री गुटखा लूटने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार,कंपनी का पूर्व ट्रक चालक ही निकला मास्टर माइंड

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 10 लाख रुपए के गुटखे से भरे मेटाडोर लूटने वाले गिरोह के  6 आरोपी मोहम्मद वसीम,मोहम्मद बिलाल अंसारी,शेख साहिल,पवन मौर्य, राकेश नायडू और राघव सोनी को पुलिस ने गिरफ्तार लिया है। गिरोह के सदस्यों ने वारदात को अंजाम देने के लिए एक माह पहले की योजना बनाई थी। इस दौरान उन्होंने पांच दिनों तक रैकी की। फिर मौका पाकर पुलिस कर्मी बनकर बाइपास रोड में ड्राइवर को रोक लिया और बंधक बनाकर गुटखा समेत मेटाडोर लूटकर ले गए थे।

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी राकेश नायडू पहले गुटखा फैक्टरी में गाड़ी चलाता था। इसके चलते उसे गुटखा गाड़ी निकलने का समय पता था। यही वजह है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर गुटखा गाड़ी को लूटने की योजना बनाई।

ऐसे खुला राज

बड़ी मात्रा में गुटखा खपाने के चक्कर में आरोपियों के लूट का राज खुल गया और पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से गुटखा, कार, मेटाडोर, टाटा मैजिक वाहन और 6 मोबाइल समेत 25 लाख का माल जब्त किया गया है।

जानकारी देते हुए SP पारुल माथुर ने बताया कि लूट की वारदात के बाद तोरवा पुलिस और साइबर सेल की टीम इस मामले की जांच में जुट गई। उन्होंने खुद घटनास्थल का जायजा लिया और हाइवे पर ढाबा संचालक व कर्मचारियों से जानकारी जुटाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने CCTV फुटेज खंगालने कहा। मस्तूरी क्षेत्र के जिस रूट में लूटी हुई मेटाडोर मिली, उस रास्ते पर पुलिस ने बारीकी से जांच की और लगातार जानकारी जुटाती रही। आखिरकार 48 घंटे में पुलिस ने गिरोह को पकड़ लिया और लूटे हुए गुटखा के साथ ही घटना में उपयोग की गई गाड़ियों को भी जब्त कर लिया।

पुलिस की जांच के दौरान ही तोरवा थाने के आरक्षक गोविंद शर्मा व संजीव जांगड़े को खबर मिली कि सरकंडा के लिंगियाडीह में रहने वाले किराना दुकानदार बड़ी मात्रा में गुटखा बेचने की फिराक में है। यही पुलिस के लिए अहम सुराग था। पुलिस ने दुकानदार को पकड़ने के पहले उसकी पूरी जानकारी जुटाई और साइबर सेल की मदद से उसका कॉल डिटेल्स खंगाला गया। तब लुटेरों की जानकारी मिली। फिर गिरोह के सदस्यों को पकड़ने के लिए खरसिया में दबिश दी।

जांच के दौरान पुलिस ने पवन मौर्य को पकड़ कर पूछताछ की, इससे पहले ही गिरोह के सदस्यों ने लूट की पूरी कहानी पुलिस को बता दिया था। दुकान संचालक पवन मौर्य अपने घर के पीछे बाड़ी में गुटखा के 140 बोरी गुटखा और 35 बोरी तंबाकू को छिपाकर रखा था। पूछताछ में पता चला कि माल खपाने के बाद आरोपी विशाखापट्नम भागने की फिराक में थे।

सीजी ब्रेकिंग: झंडा उतारने के दौरान करंट की चपेट में आई छात्राएं, एक की मौत, छात्रावास वार्डन सस्पेंड

रायपुर। छत्तीसगढ़, महासमुंद जिले ,प्री मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास,गणतंत्र दिवस,झंडा, करंट से मौत हो गई, जबकि एक को गंभीरावस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा के बाद छात्रावास में हड़कंप मच गया।

सूचना पर अफसर भी छात्रावास पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इधर घटना की सूचना मिलने के बाद सीएम भूपेश बघेल ने छात्रावास अधीक्षिका को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। महामसुंद कलेक्टर ने इस मामले में जांच के आदेश भी जारी किए हैं। इधर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में लिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक महामसुंद जिले के पटेवा में प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास संचालित है। यहां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाते हुए झंडारोहण किया गया था। शाम को झंडा उतारने के दौरान दो छात्राएं करंट की चपेट में आ गईं। हाईटेंशन तार छात्रावास से होकर गुजरी हुई है। झंडा लगाने लोहे की पाइप का उपयोग किया गया था। पाइप बिजली तार के संपर्क में कैसे आया कोई नहीं नहीं बता पा रहे। हादसे में मृत छात्रा का नाम किरण बताया जाता रहा है। वहीं एक छात्रा को महासमुंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

महासमुंद कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने पटेवा कन्या हॉस्टल में छात्राओं से झंडा उतवाने के दौरान करंट लगने से एक छात्रा की मौत पर हॉस्टल की अधीक्षिका ऐश्वर्या साहू को तत्काल निलंबित कर दिया है। कलेक्टर ने दुर्घटना के जांच के आदेश दिए हैं। करंट लगने से गंभीर एक छात्रा के बेहतर उपचार के निर्देश दिए गए है।

कलेक्टर ने दुर्घटना प्रकरण तैयार कर आर्थिक सहायता राशि मुहैया कराने के निर्देश दिए। इधर सीएम ने मृत छात्रा के परिजनों को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने व घायल अन्य एक छात्रा को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

Vedanta के डिमर्जर की रूपरेखा मार्च के अंत तक हो जाएगी जारी- अनिल अग्रवाल

न्यूज डेस्क।मेटल और माइनिंग ग्रुप Vedanta Ltd केचेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि वेदांता अपने अहम बिजनेस वर्टिकल्स को अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में विभाजित करने की योजना की रूपरेखा मार्च के अंत तक घोषित कर देगी । उन्होंने कहा कि ऐसा करने का लक्ष्य निवेशकों के लिए वैल्यू क्रिएट करना, कंपनी के कारोबार को सरल और आसान करना है।

बता दें कि कंपनी का जिंक बिजनेस पहले से ही एक सब्सिडियरी के तौर पर बाजार में लिस्टेड है। इसके अलावा अब कंपनी के एल्युमिनियम, आयरन और स्टील के साथ ही तेल और गैस कारोबार को भी अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों के रुप में गठित करने की योजना है।
पीटीआई को दिए गए इंटरव्यू में अनिल अग्रवाल ने कहा कि इससे कंपनी के स्टेक होल्डरों के लिए वैल्यू अनलॉक होगी और यह अलग-अलग कंपनियां ज्यादा बेहतर तरीके से अपने सेक्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेगी और लॉन्ग टर्म में बेहतर ग्रोथ दे सकेंगी।

उन्होंने इस बातचीत में कहा कि यह डीमर्जर स्वाभाविक प्रक्रिया के तौर पर हो रहा है। बाजार काफी अच्छा है और वेदांता के अलग-अलग डिवीजन में अच्छा प्रोडक्शन हो रहा है। हमारा मानना है कि अलग-अलग कारोबार के लिए अलग-अलग कंपनियों के गठन से अच्छी वैल्यू क्रिएट होगी। उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि अगले 1 से डेढ़ महीने में या मार्च के खत्म होने से पहले हम अपनी इस डीमर्जर की रूपरेखा पेश कर देंगे।

बताते कि वेदांता ने पिछले साल नवंबर में एलान किया था कि उसके बोर्ड ने कंपनी के एल्युमीनियम, आयरन और स्टील और ऑयल एंड गैस बिजनेस को अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों के रुप में गठित करने के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टरों की एक समिति का गठन किया है। कंपनी ने तब यह भी बताया था कि कमिटी के सिफारिश के आधार पर कंपनी का बोर्ड स्ट्रेटजिक भागीदारी जैसे दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर सकता है।

इस डीमर्जर के बाद वेदांता ग्रुप से टूट कर 3 नई लिस्टेड कंपनियां बनेंगी । इसके बाद लंदन स्थिति पेरेंट कंपनी वेदांता रिसोर्सेस ग्रुप में 5 लिस्टेड कंपनियां होगी। इन 5 लिस्टेड कंपनियों में से 4 लिस्टेड कंपनियां ऐसी होगी जिनकी शेयरहोल्डिंग सामान होगी। इन 4 कंपनियों में Vedanta Ltd औऱ 3 नई लिस्ट होने वाली कंपनियां शामिल होंगी। ग्रुप की पहले से ही लिस्टेड सब्सिडियरी Hindustan Zinc Limited (HZL) में वेदांता लिमिटेड की 64.9 फीसदी हिस्सेदारी बनी रहेगी।

कोयला मंत्रालय के अधीन सरकारी कंपनियों के कैपेक्स में हुई 28.33% की ग्रोथ

न्यूज डेस्क।सरकार ने बुधवार को कहा कि कोयला मंत्रालय (Ministry of Coal) के केंद्रीय सार्वजिनक क्षेत्र के उद्यमों (Central Public Sector Enterprises (CPSEs) का दिसंबर, 2021 को समाप्त अवधि के लिए पूंजीगत व्यय (capex) सालाना आधार पर 28.33 प्रतिशत बढ़कर 12,605.75 करोड़ रुपये हो गया है। कोयला मंत्रालय का अपने CPSEs के जरिये दिसंबर, 2020 तक की अवधि के लिए पूंजीगत व्यय 9,822.28 करोड़ रुपये रहा था।

कोयला मंत्रालय ने एक बयाना में कहा, “दिसंबर, 2020 तक की अवधि के लिए पिछले साल की 9,822.28 करोड़ रुपये की तुलना में, कोयला मंत्रालय के सीपीएसई (CPSEs) ने 12,605.75 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च किया है, जिससे COVID-प्रभावित अर्थव्यवस्था को एक बड़ा प्रोत्साहन मिला है।” यह पूंजीगत व्यय कोयला मंत्रालय के वार्षिक लक्ष्य का 75 प्रतिशत है ऐसा बयान में आगे कहा गया है।

कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Ltd (CIL) कोयला मंत्रालय के तहत आने वाले सरकारी एंटरप्राइजेस में से एक है। सीआईएल ने पहले कहा था कि 2021-22 की पहली तिमाही में उसका पूंजीगत व्यय दो गुना से अधिक बढ़कर 1,840 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले की तिमाही में यह 844 करोड़ रुपये था।
कोल इंडिया ने एक बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में पूंजीगत व्यय दो गुना बढ़ गया क्योंकि हमने इवैकुएशन इंफ्रास्ट्रक्चर (evacuation infrastructure), भूमि अधिग्रहण और भारी उपकरणों की खरीदारी में निवेश को जारी रखा है।

सीआईएल ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के लिए निर्धारित 1,960 करोड़ रुपये के प्रगतिशील लक्ष्य का 94 प्रतिशत हासिल कर लिया है।

रेल साइडिंग और कॉरिडोर, कोल हैंडलिंग प्लांट, (CHP), साइलो और हॉल रोड की स्थापना जैसे इवैकुएशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के इरादे की वजह से इस पर सीआईएल का कैपेक्स बढ़कर 504 करोड़ रुपये हो गया है, जो सभी कैपेक्स हेड्स में दूसरा सबसे बड़ा खर्च है।

हिंदी मीडियम से पढ़ने वाले शख्स को बड़ी कामयाबी, Google ने दिया 3.30 करोड़ का पैकेज

न्यूज डेस्क।दूसरे लोगो को लगता है कि हिंदी मीडियम से पढ़ाई करके बड़ी सफलता हासिल नहीं की जा सकती है. अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो आप गलत हैं. आज हम जिस शख्स की सफलता की कहानी बताने जा रहे हैं, उसने अपनी शुरुआती पढ़ाई हिंदी मीडियम से ही की है और अब Google ने शख्स को 3.30 करोड़ रुपये का शानदार जॉब पैकेज ऑफर किया है.

इस शख्स का नाम श्रीधर चंदन है. राजस्थान के अजमेर के रहने वाले श्रीधर ने कामयाबी की नई इबारत लिखी है. श्रीधर को गूगल ने 3.30 करोड़ रुपये का सालाना पैकेज ऑफर किया है. गूगल ने उन्हें सीनियर ग्रुप इंजीनियर के पद पर पोस्टिंग दी है. श्रीधरन अभी न्यूयार्क की कंपनी ब्लूमबर्ग में बतौर सीनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं.

बचपन से ही पढ़ाई में फोकस्ड
श्रीधर चंदन बचपन से ही पढ़ाई के प्रति इतने फोकस्ड थे कि परिवार में ना तो वह मां की सुनते थे और ना ही परिवार के सदस्यों की. वह सिर्फ अपना ध्यान पढ़ाई पर ही लगाते थे. पिता हरि चंदनानी के अनुसार, श्रीधर 31 दिसम्बर 1985 को अजमेर के जवाहर लाल नेहरू सरकारी अस्पताल में पैदा हुए थे. उनकी शुरुआती पढ़ाई हिंदी मीडियम से हुई है. इसके बाद अजमेर के सेंट पॉल स्कूल में दाखिला लिया.

पिता ने बताया कि वह 8वीं कक्षा की मेरिट में आए थे. इसके बाद आदर्श स्कूल से 12वीं और फिर उनका सेलेक्शन AIEEE में हुआ. पुणे से कंप्यूटर साइंस में बीई की डिग्री लेने के बाद उन्होंने सबसे पहले हैदराबाद में इंफोसिस कंपनी को ज्वाइन किया. इसके बाद साल 2012 में मास्टर डिग्री लेने के लिए अमेरिका चले गए. वहां वर्जीनिया टेक यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद ब्लूमबर्ग में नौकरी हासिल की.
पिता लगाते थे कोयले की टाल
पिता ने बताया कि चंदन ने जॉब के साथ-साथ हायर स्टडी जारी रखी थी. साल 2021 में उन्होंने छुटि्टयां लेकर पढ़ाई की, इसके बाद उनका सेलेक्शन गूगल में हो गया. वह बहुत ही साधारण परिवार से आते हैं. उनके पिता का जीवन संघर्ष में बीता है. दस-बारह साल की उम्र में उनकी लकड़ी और कोयले की टाल थी. हालांकि बाद में इंजीनियरिंग करके उन्होंने गुजरात मोरवी में नौकरी की और फिर साल 1976 में सिंचाई विभाग में इंजीनियर की नौकरी मिली.

पहले शादीशुदा महिला से बनाए अवैध संबंध, फिर मंदिर में की शादी… अचानक एक दिन उठाया ये खौफनाक कदम

न्यूज डेस्क।उस शख्स ने प्यार में चांद तारे तोड़कर लाने का दावा किया. फिर विवाहित महिला को अपने प्रेम जाल में फंसाया. राज खुला तो उस महिला से मंदिर में शादी कर ली. लेकिन जब प्रेमिका से पत्नी बनी महिला ने उस शख्स के घर जाने की जिद पकड़ ली तो उसके पति ने एक ऐसी वारदात को अंजाम दे डाला, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया.

अवैध संबंधों से शुरू होकर शादी तक पहुंची ये कहानी पटना जिले में बाढ़ अनुमंडल के बुढ़नीचक गांव की है. जहां का रहने वाले नीरज नाम के युवक का अपनी पड़ोसन के घर में आना जाना था. वो महिला अकेली रहा करती थी. उसका पति नासिक में रहता था. नीरज उस महिले के घर पर घंटों समय बिताता था. इसी दौरान दोनों में प्यार हो गया. दोनों साथ जीने मरने की कसमें खाने लगे.

नीरज अपनी शादीशुदा पड़ोसन के प्यार में पागल था. दोनों में शारीरिक संबंध बन गए. दोनों अक्सर रातें साथ बिताते थे. दोनों को लेकर आस-पास कानाफूसी होने लगी. बदनामी होते देख नीरज ने उस विवाहित महिला से मंदिर में शादी कर ली. महिला की बहन ने बताया कि शादी के बाद दोनों साथ रह रहे थे. लेकिन बीते मंगलवार की देर रात नीरज ने उसकी बहन की गला दबाकर हत्या कर दी.
[1/26, 22:41] Ishwar Chandra: मृतका की बहन के मुताबिक आरोपी युवक नीरज उसकी बहन को लिव इन में दूसरी जगह रखना चाहता था. वो उसे अपने घर ले जाने को तैयार नहीं था. जबकि वो महिला नीरज के घर जाने की ज़िद पकड़े बैठी थी. इसी बात से खफा होकर नीरज आपा खो बैठा. जो नीरज उस महिला से बेइंतहा प्यार करता था. उसी ने उस महिला की गला दबाकर हत्या कर दी.

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला की लाश कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया. मृतका की बहन के मुताबिक उसकी बहन की शादी बीस साल पहले हुई थी. लेकिन उसका पति नासिक में रहता था. जब उसे पत्नी और नीरज के बीच अवैध रिश्ते का सच पता चला तो उसने अपनी पत्नी से रिश्ता तोड़ लिया था. और वो अलग रहने लगा था. पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है. जो वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया है.

RRB-NTPC एग्जाम पर बवालः खान सर बोले- अगर आंदोलन के पीछे मैं तो प्रशासन मुझे गिरफ्तार कर ले

बिहार । RRB-NTPC एग्जाम को लेकर छात्रों का बवाल तीसरे दिन भी जारी है. छात्र बिहार में RRB NTPC CBT 2 और Group D CBT 1 परीक्षा में धांधली का आरोप लगाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. पटना डीएम का कहना है कि राज्य में हो रही हिंसा के पीछे कोचिंग संस्थानों की भूमिका सामने आई है. हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन माना जा रहा है कि उनका इशारा बिहार के चर्चित कोचिंग संचालक खान सर की ओर था. अब प्रशासन के इन आरोपों पर खान सर ने जवाब दिया है.

खान सर ने बिहार तक से बातचीत में कहा, अगर मेरी भूमिका बवाल में है, तो प्रशासन मुझे गिरफ्तार कर ले. इससे आंदोलन खत्म हो जाना चाहिए. लेकिन मुझे गिरफ्तार करती है, तो आंदोलन और उग्र हो जाएगा.

आरआरबी ने बेवकूफी की- खान सर

खान सर ने कहा, हम लोग तीन साल से चेतावनी दे रहे थे, कि ये गलत हो रहा है. लेकिन आरआरबी इतनी बेवकूफी करेगी, ये किसी को नहीं पता था. खान ने आरआरबी के रिजल्ट के तरीके पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा, RRB ने इंटरमीडिएट और स्नातक वाले को एक जैसा रिजल्ट दिया. इससे जाहिर तौर पर स्नातक वाले छात्र को लाभ हुआ. इसके अलावा स्नातक वाले छात्र का तीन चार जगह रिजल्ट दे दिया गया. आरआरबी के लोग धरातल पर नहीं हैं.

 

खान सर ने कहा, आरआरबी ने एक से एक बड़े वैज्ञानिक बिठाए हैं. जिन्होंने सीधा अवतार लिया है. छात्रों के जीवन को बर्बाद करने के लिए.

खान सर ने आरोप लगाया कि इंटरमीडिएट का कट ऑफ ग्रेजुएशन से ज्यादा किया गया. खान सर ने कहा, आपने 20 गुना रिजल्ट बोला था. लेकिन नहीं दिया. वहीं से दिकक्त हुई. 2019 में फॉर्म निकला. लेकिन 2022 तक परीक्षाभर्ती पूरी नहीं हुई. उन्होंने कहा, छात्र 2019 से RRB को देख रहे हैं. लेकिन RRB सुन नहीं रहा है. ऐसे में छात्रों का बांध टूट गया. हम लोग स्टूडेंट्स को समझा रहे थे कि आरआरबी आपके लिए कुछ सोचेगा. लेकिन अब हमने साफ कह दिया कि आप अपना देखिए, RRB आपकी बात नहीं सुनेगा.

KORBA: रेत तस्करों के आगे प्रशासन नतमस्तक… मचे बवाल के बीच भिलाई खुर्द- बरबसपुर में लगा ट्रैक्टरों का तांता…

प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरबा। रेत तस्करों के आगे प्रशासन नतमस्तक नज़र आ रहा हैं। तभी तो मंगलवार को कोतवाली में मचे बवाल के बाद भी भिलाई- खुर्द बरबसपुर हसदेव नदी में ट्रैक्टरों का तांता लगा रहा। मतलब साफ है कुछ भी हो रेत चोरी तो चलेगा ही।

बता दें कि शहर में रेत तस्करों के आतंक इस कदर हावी है कि तस्कर प्रशासन के टीम को चकमा देने में कामयाब हो रहे हैं। असल मे हमे जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक खनिज विभाग के एक ड्राइवर और सिपाही ही रेत तस्करों के मुखबीर का काम कर रहे है। बदले में अवैध कारोबारी इन्हें इनाम भी दे रहे है। तभी तो छापामारी के पहले ही रेत तस्करों को छापे की भनक लग जाती है। अब जब विभाग के लोग ही भेदी हो तो कार्रवाई का क्या कहना? खैर विभाग के एक अधिकारी को इसकी जानकारी है लेकिन क्या करें सिस्टम के मारे! इंस्पेक्टर बेचारे। यही वजह है कि रेत तस्करों के हौसले सातवे आसमान पर है। मंगलावर को कोतवाली परिसर में हुए हंगामे के बाद भी रेत माफिया भिलाई खुर्द के हसदेव नदी से दिन के उजाले में रेत निकालकर प्रशासन के टीम को खुली चुनौती दे रहे है। जब सारा सिस्टम मिलाकर रेत तस्करी को रोक नहीं पा रहे है तो फिर बाकी कामों का क्या कहना?

देंखे विडियो…

ब्रेकिंग: जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत, अधिकारी सहित कई सस्पेंड

रायबरेली। सरकारी शराब के ठेके पर जहरीली शराब पीने से अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है और 30 से अधिक लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें से कुछ की हालत गंभीर है

जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में रायबरेली जिले के महाराजगंज स्थित पहाड़पुर गांव में मंगलवार की रात में जहरीली शराब पीने से अब तक 9 लोगों की मौत हो गई। जिला प्रशासन ने इस मामले में जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक एवं एक सिपाही को निलंबित कर दिया है।

एडीएम प्रशासन अमित कुमार ने बुधवार को बताया कि पहाड़पुर स्थित पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि घटना से जुड़े शराब के ठेके का लाइसेंस धारक धीरेंद्र सिंह है। उन्होंने बताया कि ठेके पर मंगलवार देर शाम कुछ लोगों ने शराब खरीद कर पी थी। कुमार ने बताया कि देर रात पुलिस को सूचना मिली कि दो व्यक्तियों को महाराजगंज स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया है। शराब पीने वाले कुछ अन्य लोगों की हालत बाद में बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

उन्होंने बताया जहरीली शराब पीकर मरने वालों में पंकज (28), सरोज (40), रामसुमेर (40), गजोधर (46), वंशिलाल (50), सुखरानी (60) और चंद्रपाल (50) के अलावा कासिम और कल्लू भी शामिल हैं। जबकि कुछ अन्य लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

ब्रेकिंग: रायपुर में 1050 नए पाजिटिव,कम नहीं हो रही कोरोना की रफ्तार, 10 की मौत

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। बुधवार 26 जनवरी को प्रदेश में कुल 3318 नए मरीजों की पहचान हुई है। वहीं 10 मरीजों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

आज रायपुर में सर्वाधिक 1050 नए पाजिटिव मिले हैं जबकि एक की मौत हुई है। आज सबसे ज्यादा 2 मौतें रायगढ़ में हुई जबकि 133 नए मरीज मिले हैं।

बिलासपुर में 166 मरीज मिले, दुर्ग में 413 मरीज मिले हैं जबकि 1 मरीज ने दमतोड़ा है। कोरबा में 124 मरीजों की पहचान की गई है। कोरबा में एक मौत हुई है।

देखें जिलेवार आंकड़े….