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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रचा विकास का नया अध्याय, ट्रैक नवीनीकरण से लेकर यात्री सुविधाओं तक बड़े सुधार

The Duniyadari: रायपुर/बिलासपुर- दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा किए गए इन प्रयासों से न केवल रेल नेटवर्क अधिक सुरक्षित और मजबूत हुआ है, बल्कि यात्रियों की यात्रा भी पहले से अधिक सुगम और आरामदायक बनी है। रेलवे द्वारा किए गए ये कार्य भविष्य की तेज और सुरक्षित रेल सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

इस दौरान ट्रैक नवीनीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। कुल 348 ट्रैक किलोमीटर का प्राथमिक रेल नवीनीकरण किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। वहीं 271 किलोमीटर स्लीपर नवीनीकरण का कार्य भी पूरा किया गया, जो पिछले वर्ष से 21 प्रतिशत अधिक है। इन सुधारों से ट्रैक की गुणवत्ता बेहतर हुई है और ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित एवं भरोसेमंद बना है, जिससे यात्रियों को समय पर और आरामदायक यात्रा का लाभ मिल रहा है।

रेलवे ने गति सुधार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। कुल 192.36 ट्रैक किलोमीटर पर सेक्शनल स्पीड को बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा किया गया। इसके साथ ही 6 स्थानों पर लूप लाइन की गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाई गई है। इन सुधारों से ट्रेनों की कुल यात्रा अवधि में कमी आई है और ट्रेनों के ठहराव तथा क्रॉसिंग में लगने वाला समय भी कम हुआ है, जिससे पूरे रेल नेटवर्क की कार्यक्षमता बढ़ी है।

सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे ने 34 मानवयुक्त समपार फाटकों को समाप्त किया। इसके स्थान पर 18 रोड ओवर ब्रिज और 27 रोड अंडर ब्रिज का निर्माण किया गया। इन संरचनात्मक सुधारों से जहां रेलवे सुरक्षा में वृद्धि हुई है, वहीं सड़क उपयोगकर्ताओं को भी राहत मिली है। अब फाटक बंद होने की स्थिति में लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत हो रही है और दुर्घटनाओं की संभावना में भी कमी आई है।

यात्री सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया गया। इस वर्ष 14 नए लिफ्ट और 12 एस्केलेटर लगाए गए। इसके अलावा 12 नए फुट ओवर ब्रिज बनाए गए, जिनमें 4 की चौड़ाई 12 मीटर है। 9 स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाई गई, जबकि 22 स्टेशनों पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कार्य पूरे किए गए। इन सुविधाओं से यात्रियों की आवाजाही आसान हुई है और स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन में भी सुधार आया है।

विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और महिलाओं को इन सुविधाओं से बड़ी राहत मिली है। चौड़े फुट ओवर ब्रिज और ऊंचे प्लेटफॉर्म ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों को बेहतर बनाया है। साथ ही विकसित स्टेशनों पर स्वच्छ और आधुनिक सुविधाओं से यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल रहा है।

इन सभी उपलब्धियों के साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार किया है। रेलवे का यह प्रयास आने वाले समय में तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद रेल यात्रा को नए स्तर पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका .

महतारी वंदन योजना की 26वीं किश्त जारी, 68 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में पहुंचे 641 करोड़ रुपये

The Duniyadari: रायपुर- विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए महतारी वंदन योजना की 26वीं किश्त जारी कर दी है। राशि जारी होते ही प्रदेशभर की लाखों महिलाओं के मोबाइल पर बैंक जमा की सूचना पहुंची, जिससे हितग्राहियों में खुशी का माहौल देखा गया।

राज्य सरकार की ओर से इस किश्त के तहत 68 लाख 48 हजार 899 महिलाओं के बैंक खातों में 641 करोड़ 62 लाख 92 हजार रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए। इनमें 7773 महिलाएं नियद नेल्ला नार योजना से जुड़े गांवों की भी शामिल हैं।

सरकार ने इस योजना की शुरुआत मार्च 2024 में नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने और महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से की थी। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। अब तक इस योजना के माध्यम से महिलाओं को कुल 16,881 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।

ई-केवाईसी अभियान भी जारी

योजना का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे, इसके लिए हितग्राही महिलाओं का ई-केवाईसी अभियान भी तेज किया गया है। ई-गवर्नेंस सर्विसेस इंडिया लिमिटेड के माध्यम से 3 अप्रैल से शुरू हुई यह प्रक्रिया 30 जून तक चलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत भवन और शहरी क्षेत्रों में वार्ड कार्यालयों में वीएलई के माध्यम से केवाईसी अद्यतन किया जा रहा है।

जिनके खाते में राशि नहीं पहुंची, वे कराएं ई-केवाईसी

लक्ष्मी राजवाड़े ने अपील करते हुए कहा है कि जिन महिलाओं का ई-केवाईसी अभी तक नहीं हुआ है, वे जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी कराएं, ताकि योजना की राशि समय पर उनके खातों में पहुंच सके।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार योजना के कुल 68 लाख 94 हजार 633 हितग्राहियों में से केवाईसी लंबित हितग्राहियों को छोड़कर 68 लाख 48 हजार 899 महिलाओं को 26वीं किश्त का भुगतान किया गया है।

रेलवे की बड़ी तैयारी, 10 ट्रेनें रद्द, कई का परिचालन प्रभावित

The Duniyadari: बिलासपुर- हावड़ा–मुंबई मुख्य रेलमार्ग पर चौथी लाइन निर्माण कार्य के चलते दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में 15 से 27 अप्रैल 2026 तक रेल यातायात प्रभावित रहेगा। जांजगीर-नैला स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी और ऑटो सिग्नलिंग से जुड़े प्री-नॉन/नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के कारण रेलवे प्रशासन ने 10 ट्रेनों को निरस्त करने का निर्णय लिया है, वहीं दो ट्रेनों को आंशिक रूप से समाप्त एवं प्रारंभ किया जाएगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस कार्य के पूरा होने के बाद क्षेत्र में ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगी, लेकिन फिलहाल यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

ये ट्रेनें रहेंगी रद्द

16 से 27 अप्रैल 2026 तक

68738/68737 बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर मेमू रद्द

16 से 27 अप्रैल 2026 तक

68735 रायगढ़–बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द

15 से 26 अप्रैल 2026 तक

68736 बिलासपुर–रायगढ़ मेमू पैसेंजर रद्द

15 से 26 अप्रैल 2026 तक

68746 रायपुर–गेवरा रोड मेमू पैसेंजर रद्द

16 से 27 अप्रैल 2026 तक

68745 गेवरा रोड–रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द

15 से 26 अप्रैल 2026 तक

58204 रायपुर–कोरबा पैसेंजर रद्द

16 से 27 अप्रैल 2026 तक

58203 कोरबा–रायपुर पैसेंजर रद्द

16 से 27 अप्रैल 2026 तक

68734/68733 बिलासपुर–गेवरा रोड–बिलासपुर मेमू रद्द

16 से 27 अप्रैल 2026 तक

68732/68731 बिलासपुर–कोरबा–बिलासपुर मेमू रद्द

11 से 25 अप्रैल 2026 तक

58210 बिलासपुर–गेवरा रोड पैसेंजर रद्द

आंशिक रूप से प्रभावित ट्रेनें

16 से 27 अप्रैल 2026 तक

68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन में समाप्त होगी। बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच सेवा रद्द रहेगी।

16 से 27 अप्रैल 2026 तक

68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन से प्रारंभ होगी। झारसुगुड़ा से बिलासपुर के बीच सेवा रद्द रहेगी।

यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था

यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए 18250/18249 तथा 18252/18251 कोरबा–रायपुर–कोरबा हसदेव एक्सप्रेस को 16 से 27 अप्रैल 2026 तक कोरबा–बिलासपुर–कोरबा के बीच पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलाया जाएगा।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेकर ही स्टेशन पहुंचने की अपील की I

कसनिया में 33/11 केवी नवनिर्मित विद्युत उपकेंद्र प्रारंभ: मंत्री लखनलाल देवांगन ने किया उद्घाटन

The Duniyadari:

*ग्रामीण उपभोक्ताओं को मिलेगी उच्च गुणवत्ता वाली बिजली, लगभग 5 हजार लोगों को होगा लाभ*

कोरबा, 06 अप्रैल 2026 / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कटघोरा के कसनिया में नवनिर्मित 33/11 केवी उपकेंद्र का आज विधिवत लोकार्पण किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम, सार्वजनिक उपक्रम तथा आबकारी मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने उपकेंद्र का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर सहित वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

यह उपकेंद्र 1 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत से निर्मित किया गया है तथा इसकी स्थापित क्षमता 3.15 एमवीए है। उपकेंद्र के प्रारंभ होने से कटघोरा, कापूबहरा, सुतर्रा, मोहनपुर, अमरपुर, घूँचापुर, दादर, लखनपुर, राल सहित कटघोरा नगर के 4 वार्डों के लगभग 5,000 से अधिक उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्तापूर्ण एवं स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

पूर्व में एकमात्र सबस्टेशन पर बढ़ते लोड के कारण बार-बार होने वाली ओवरलोडिंग एवं तकनीकी बाधाओं से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। नए उपकेंद्र से न केवल विद्युत आपूर्ति में निरंतरता रहेगी बल्कि तकनीकी समस्याओं का तत्काल निराकरण भी संभव हो सकेगा।

मुख्य अतिथि मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपकेंद्र कटघोरा क्षेत्र के विकास में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने लोगों से विभागीय योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने का आग्रह किया।

कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने नवीन उपकेंद्र को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया और आमजन से सूर्यघर मुफ्त बिजली बिल योजना अपनाने की अपील की।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद झुका प्रशासन, बैंड-बाजे के साथ धान बेचने पहुंचा किसान

The Duniyadari: बलरामपुर- जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां प्रशासन द्वारा धान बेचने से रोके जाने पर किसान ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। किसान बैंड-बाजे के साथ धान बेचने मंडी पहुंचा। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। बाद में हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन को झुकना पड़ा और किसान को धान बेचने की अनुमति देनी पड़ी।

जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर जिले के एक किसान को प्रशासन ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए धान बेचने से रोक दिया था। किसान ने इस फैसले को गलत बताते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने किसान के पक्ष में आदेश जारी करते हुए प्रशासन को धान खरीदी की अनुमति देने के निर्देश दिए।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद किसान अपने समर्थकों के साथ बैंड-बाजे के साथ खरीदी केंद्र पहुंचा। ढोल-नगाड़ों के बीच किसान ने प्रशासन के फैसले के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई और कोर्ट के आदेश के बाद धान बेचने की प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान मंडी परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और मामला चर्चा का विषय बन गया।

बताया जा रहा है कि किसान का कहना था कि उसे बिना किसी ठोस कारण के धान बेचने से रोका गया था, जिससे उसे आर्थिक नुकसान हो रहा था। न्यायालय से राहत मिलने के बाद किसान ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि न्याय मिला है और अब वह अपनी उपज बेच पाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने भी हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए किसान का धान खरीदा। वहीं, यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और किसान के विरोध का तरीका लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है।

पीजी कर रहे डॉक्टरों को बड़ी राहत: अध्ययन अवकाश अब 2 की जगह 3 साल, पुराने बैच को भी लाभ देने की मांग

The Duniyadari: रायपुर- छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने प्रदेश के सेवारत चिकित्सकों के हित में अहम फैसला लिया है। अब पीजी पाठ्यक्रम कर रहे डॉक्टरों को मिलने वाला अध्ययन अवकाश 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दिया गया है। इस निर्णय को राज्य के डॉक्टरों के लिए बड़ी राहत और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जिससे सैकड़ों चिकित्सकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

इस फैसले का छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन ने स्वागत करते हुए इसे लंबे समय से चल रहे प्रयासों की सफलता बताया है। फेडरेशन का कहना है कि पीजी कर रहे डॉक्टरों को पर्याप्त अध्ययन समय देने की मांग लगातार उठाई जा रही थी, ताकि वे अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण बेहतर ढंग से पूरा कर सकें।

फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह लोधी ने निर्णय पर संतोष जताते हुए कहा कि यह सामूहिक प्रयासों और लगातार संवाद का परिणाम है। उन्होंने बताया कि संगठन ने इस मुद्दे को कई बार शासन के समक्ष उठाया, जिसके बाद यह सकारात्मक फैसला लिया गया। उनके अनुसार, इससे डॉक्टरों को लाभ मिलेगा और राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

हालांकि, इस फैसले के साथ एक नई समस्या भी सामने आई है। वर्ष 2025 से पहले पीजी पाठ्यक्रम के लिए अध्ययन अवकाश पर गए चिकित्सकों को इस नई व्यवस्था का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वर्ष 2021, 2022 और 2023 बैच के डॉक्टरों को अब भी पुराने नियमों के तहत ही अवकाश मिल रहा है, जिससे वे असमानता और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

डॉ. लोधी ने मांग की है कि पहले से अध्ययन अवकाश पर गए चिकित्सकों को भी संशोधित नीति का लाभ दिया जाए और बढ़े हुए अवकाश के अनुरूप उन्हें क्षतिपूर्ति प्रदान की जाए। वहीं फेडरेशन के जुड़े अध्यक्ष डॉ. रेशम सिंह ने राज्य सरकार से जल्द स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की है, ताकि प्रभावित चिकित्सकों को राहत मिल सके।

फेडरेशन का मानना है कि इस फैसले से राज्य में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और डॉक्टरों को बेहतर प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। इससे भविष्य में मरीजों को भी अधिक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि डॉक्टरों के हितों और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए आगे भी प्रयास जारी रहेंगे।

अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, दंपती और बेटे की मौत

The Duniyadari: अंबिकापुर- अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर सोमवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहां ट्रक और कार की आमने-सामने टक्कर में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और सड़क पर लंबा जाम लग गया।

मिली जानकारी के अनुसार, कार में सवार दंपती अपने बेटे के साथ अंबिकापुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार तीनों लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे शवों को बाहर निकाला।

इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया।

पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। वहीं, इस दर्दनाक हादसे से मृतकों के परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है।

जल जीवन मिशन से ढिटोरी की महिलाओं के जीवन में आई नई मुस्कान

The Duniyadari: कोरबा 06 अप्रैल 2026/

जिले के करतला विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बुढियापाली का आश्रित ग्राम ढिटोरी, जो जिला मुख्यालय से लगभग 36 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, आज विकास की एक नई इबारत लिख रहा है।

लगभग 763 की जनसंख्या वाले इस गाँव में पहले स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती थी, जिससे विशेषकर महिलाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

गाँव की 38 वर्षीय जोगिनी बाई उन दिनों को याद करते हुए बताती हैं कि उन्हें पानी लाने के लिए घर से काफी दूर जाना पड़ता था। गर्मी हो या बारिश, हर मौसम में साफ पानी का इंतजाम करना एक संघर्ष जैसा था, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती थी बल्कि शारीरिक श्रम भी अधिक करना पड़ता था।

भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ’हर घर जल’ पहल और जल जीवन मिशन के माध्यम से ढिटोरी की यह तस्वीर पूरी तरह बदल गई है।

मिशन के तहत ग्राम ढिटोरी के सभी 176 घरों को नल कनेक्शन से जोड़ दिया गया है, जिससे अब ग्रामीणों को सुबह और शाम उनके घर पर ही पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल प्राप्त हो रहा है।

इस योजना के क्रियान्वयन से ग्रामीण महिलाओं को पानी ढोने के पुराने और कठिन काम से बड़ी राहत मिली है, जिससे उनके समय और श्रम की बचत हो रही है।

जल जीवन मिशन ने न केवल पेयजल की समस्या का निदान किया है, बल्कि इसने ग्रामीण समाज की महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव भी लाया है।

घर पर ही स्वच्छ पानी उपलब्ध होने से महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और उनके भीतर एक नया आत्मविश्वास जागृत हुआ है।

आज ढिटोरी की महिलाएं घर के साथ-साथ सामाजिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता की ओर भी कदम बढ़ा रही हैं। पानी की उपलब्धता ने गाँव में खुशहाली का संचार किया है और जोगिनी बाई जैसी अनेक महिलाओं के जीवन को सम्मान और गरिमा के साथ सहज बना दिया है।

जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी आमजनों की समस्याएं, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

*कलेक्टर की संवेदनशील पहलः दिव्यांग बालक को तत्काल व्हील चेयर कराया गया उपलब्ध*

*शिविर के माध्यम से आमजनों को बिजली बिल सुधार की समस्याओं से राहत दिलाने के निर्देश*

*’राशन वितरण में अनियमितता पर सख्त कार्रवाई करने के दिए निर्देश*

कोरबा, 06 अप्रैल 2026/

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के शहरी एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रस्तुत की। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर  देवेंद्र पटेल,  ओंकार यादव, डिप्टी कलेक्टर टी आर भारद्वाज सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में सरईसिंगार के निवासी प्रकाश चन्द्र साहू द्वारा अपने 14 वर्षीय दिव्यांग पुत्र यश कुमार साहू के लिए पेंशन व व्हील चेयर, स्वास्थ्य इलाज एवं पेंशन हेतु आवेदन प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने प्रकरण को सवेंदनशीलता से लेते हुए उप संचालक समाज कल्याण को तत्काल यश कुमार को व्हील चेयर प्रदान करने के निर्देश दिए, उन्होंने यश के बेहतर स्वास्थ्य लाभ हेतु स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया साथ ही दिव्यांग पेंशन सहित विभाग में संचालित अन्य योजनाओं से भी लाभान्वित करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।

कलेक्टर के निर्देश के परिपालन में समाज कल्याण विभाग द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए आवेदक प्रकाश चन्द्र को उनके पुत्र यश कुमार के लिए व्हील चेयर प्रदान किया गया एवं अन्य विभागीय योजनाओं से शीघ्र ही लाभान्वित करने आशांवित किया गया।

जनदर्शन में विभिन्न ग्रामों से आए श्री संतोष कुमार, श्री सामरत यादव सहित अन्य नागरिकों ने बिजली बिल में त्रुटियों के सुधार के सम्बंध में आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर श्री दुदावत ने

विद्युत विभाग के अधिकारी को शिविर आयोजित कर राज्य शासन की नई गाइडलाइन के अनुसार आमजनों को राहत पहचाने के निर्देश दिए। साथ ही शिविर के सम्बंध में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

ग्राम खोड्डल की महिलाओं द्वारा गांव के उचित मूल्य दुकान से खाद्यान्न वितरण में अनियमितता की शिकायत प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य अधिकारी को तत्काल जांच दल गठित कर प्रकरण की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही शिकायत सत्य पाए जाने पर संबंधित संचालक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

*विभिन्न जनसमस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्यवाही के निर्देश*’

जनदर्शन में अवैध कब्जा पर रोक, प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा मजदूरी भुगतान, आर्थिक सहायता, वनाधिकार पट्टा, सीमांकन एवं मानदेय भुगतान संबंधी कुल 113 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने सभी प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को त्वरित जांच कर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राहत प्रदान करने के निर्देश दिए।

रेलवे का ब्लॉक, विशाखापट्टनम–रायपुर पैसेंजर 6 दिन रहेगी रद्द

The Duniyadari: रायपुर- यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। ईस्ट कोस्ट रेलवे के संबलपुर रेल मंडल के मुनिगुड़ा–भीषमकट्टक सेक्शन में रेलवे अवसंरचना को मजबूत करने के लिए अहम कार्य किए जाने हैं। इस दौरान आरसीसी सेगमेंट बॉक्स की स्थापना के साथ RV-230 रिलीविंग गर्डर की लॉन्चिंग और डी-लॉन्चिंग का काम किया जाएगा।

इन कार्यों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए अलग-अलग तिथियों में ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक लिया जाएगा। इसके चलते विशाखापट्टनम–रायपुर–विशाखापट्टनम पैसेंजर ट्रेन अप्रैल महीने में कुल 6 दिन रद्द रहेगी।

रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 58528 विशाखापट्टनम–रायपुर पैसेंजर और ट्रेन संख्या 58527 रायपुर–विशाखापट्टनम पैसेंजर 9, 11, 13, 20, 23 और 25 अप्रैल 2026 को नहीं चलेगी।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी रेलवन ऐप या एनटीईएस ऐप के माध्यम से जरूर जांच लें। रेलवे ने इस असुविधा के लिए खेद जताते हुए कहा है कि यह कार्य भविष्य में सुरक्षित और सुगम रेल संचालन के लिए जरूरी है।