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ज्ञानभारतम् मिशन के सर्वेक्षण में मिली 16वीं शताब्दी की कल्चुरीकालीन 400 वर्ष पुरानी पांडुलिपि

The Duniyadari: कोरबा 24 मई 2026/ भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ज्ञानभारतम् मिशन राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत कोरबा जिले में भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण हेतु व्यापक तथा सुनियोजित कार्यवाही कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में लगातार की जा रही है। इसी क्रम में जिले को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।

ज्ञानभारतम् मिशन के जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह के नेतृत्व में 23 मई 2026 को किए गए सर्वेक्षण के दौरान कोरबा के रानी रोड, पुरानी बस्ती स्थित पुराने राजमहल राजगढ़ी में 16वीं शताब्दी की कल्चुरीकालीन लगभग 400 वर्ष पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपि का पता चला। यह अमूल्य धरोहर कोरबा की अंतिम शासिका स्वर्गीय रानी धनराज कुंवर देवी के नाती कुमार रविभूषण प्रताप सिंह (उम्र 67 वर्ष) के निवास में संरक्षित पाई गई।

सर्वेक्षण के दौरान श्रीमद्भागवत पुराण और सुखसागर बारहवां स्कंध सहित धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व की कुल 27 प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों का पता लगाया गया। जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह द्वारा मौके पर ही “ज्ञानभारतम् ऐप” के माध्यम से इन सभी पांडुलिपियों का फोटो अपलोड कर उनका डिजिटल संरक्षण कर दिया गया।

इस अवसर पर श्री सिंह ने पाई गई पांडुलिपियों के ऐतिहासिक स्वरूप की पुष्टि हेतु छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ इतिहासकार एवं भाषाविद डॉ. रमेन्द्रनाथ मिश्र (रायपुर) से मोबाइल पर चर्चा की। डॉ. मिश्र द्वारा दी गई ऐतिहासिक जानकारी और पांडुलिपियों के संदर्भों को भी “ज्ञानभारतम् ऐप” में संग्रहित किया गया है।

जिला समन्वयक सिंह के अनुसार, स्व. रानी धनराज कुंवर देवी और स्व. जोगेश्वर प्रताप सिंह के पूर्वजों के पास पीढ़ियों से संरक्षित यह पांडुलिपि धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मोटे पुराने कागज़ पर काली स्याही से देवनागरी और संस्कृत भाषा में हस्तलिखित ये पांडुलिपियाँ अब अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं। कागज़ छूने पर टूटने लगते हैं, जिसके कारण इन्हें लंबे समय से लाल कपड़े में लपेटकर पूजा घर में सुरक्षित रखा गया था। लगभग 20 वर्ष बाद पहली बार इन्हें खोला और दिखाया गया।

श्री सिंह ने बताया कि पुराने राजपरिवार के समय में इन पांडुलिपियों का उपयोग धार्मिक आयोजनों में वाचन के लिए किया जाता था। साथ ही राजपरिवार से अंग्रेजी शासनकाल में 19वीं शताब्दी के कोलकाता छापाखाने से प्रकाशित स्कंध पुराण की लगभग 300 पृष्ठों की एक ऐतिहासिक प्रति भी प्राप्त हुई है, जो अत्यंत जर्जर अवस्था में है। इसका भी डिजिटल संरक्षण कर लिया गया है।

ज्ञानभारतम् मिशन के माध्यम से कोरबा के पुराने राजपरिवार में संरक्षित धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्त्व की इन दुर्लभ पांडुलिपियों का राष्ट्रीय स्तर पर अभिलेखीकरण किया गया है। डिजिटल स्वरूप में संरक्षित ये धरोहर अब भावी पीढ़ियों के लिए सदैव उपलब्ध रहेगी और भारतीय ज्ञान परंपरा का अमूल्य हिस्सा बनी रहेगी।

तेज धूप और थकान में भी हरा सोना से मिलती है राहत

The Duniyadari: *गाँव-गाँव इन दिनों तेंदूपत्ता संग्रहण का चल रहा सिलसिला*

कोरबा 24 मई 2026/ तेज़ दोपहरी की धूप हो या गाँव के तालाबों में कम होता पानी, गर्मी का मौसम अपने साथ कई चुनौतियाँ लेकर आता है। लेकिन कोरबा जिले के दूरस्थ गाँव लेमरू के परिवारों के लिए यही मौसम खुशियों की सौगात भी लेकर आया है। कारण है—तेंदूपत्ता के बढ़े हुए दाम, जिसने इस क्षेत्र के सैकड़ों संग्राहक परिवारों की उम्मीदों को नई उड़ान दी है।

गाँव की गलियों में दोपहर का सन्नाटा भले ही छाया रहता हो, पर जंगल की ओर जाने वाली पगडंडियों पर सुबह से शाम तक रौनक देखने को मिलती है। महिलाएं, युवा, बच्चे और बुजुर्ग तेंदूपत्ता संग्रहण में जुटे हुए हैं। जंगलों से पत्ते तोड़कर लाना, उन्हें गठरी में भरकर घर तक लाना और फिर घर की परछी में बैठकर 50-50 पत्तों के बंडल बनाना—इन सब कामों के बीच उनके चेहरों पर एक समान चमक दिखाई देती है। सभी के मन में यही खुशी है कि दाम बढ़ने से आमदनी भी बढ़ेगी और जितना अधिक संग्रहण होगा, उतनी ही आमदनी मिलेगी।

लेमरू गाँव के संतोष यादव और उनकी पत्नी दिव्या यादव हर सुबह सूरज निकलने से पहले लाम पहाड़ के जंगल की ओर निकल जाते हैं। दिव्या बताती हैं कि सुबह से दोपहर तक पत्ते तोड़ते हैं, फिर दोपहर के बाद खाना खाकर घर में बैठकर बंडल बनाना शुरू करते हैं। इस बार वे पिछले साल से कहीं अधिक पत्ता तोड़ रहे हैं, क्योंकि कीमत भी बढ़ी है और मेहनत का सीधा लाभ मिलने वाला है। संतोष परसा पेड़ की छाल से रस्सी बनाकर तेंदूपत्तों की गड्डी तैयार करते हैं।

दिव्या, जिन्हें महतारी वंदन योजना से प्रति माह 1000 रुपये की सहायता मिलती है, बताती हैं कि यह राशि उनके परिवार के लिए बेहद उपयोगी है। तेंदूपत्ता संग्रहण और योजना से मिली सहायता मिलकर अब उनके परिवार के लिए बेहतर भविष्य की राह खोल रहे हैं। वे खुशी से बताती हैं कि अब प्रति मानक बोरा की कीमत 5500 रुपये कर दी गई है, जिससे वे अपने घर के निर्माण का सपना पूरा करना चाहती हैं।

गाँव की ही सोना बाई और सुमित्रा बाई भी सुबह-सुबह जंगल जाती हैं। वे कहती हैं कि जितना ज्यादा पत्ता तोड़ेंगे, उतनी ही आय होगी। पहले कीमत 2500 रुपये थी, फिर 4000 हुई और अब 5500 रुपये होने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। तेंदूपत्ता संग्राहक कार्ड के माध्यम से बीमा और बच्चों को छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएँ भी मिल रही हैं, जो वन क्षेत्र के परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन चुकी हैं।

तेंदूपत्ता के बढ़े दामों ने संग्राहकों के चेहरों पर नई रोशनी ला दी है। संग्राहकों ने कीमत वृद्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया है। उन्हें भरोसा है कि बढ़ी हुई कीमतें उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल देंगी और उनकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत बनाएँगी।

गर्म हवाओं और सूखे खेतों के बीच भी लेमरू के इन परिवारों के चेहरों पर चिंता नहीं, बल्कि उम्मीद की हरियाली है। तेंदूपत्ता सिर्फ उनका रोज़गार नहीं है, बल्कि जीवन बदलने की एक मजबूत ताकत है। यह कहानी तेंदूपत्ते की नहीं, बल्कि उन परिवारों की है जिन्होंने मेहनत, आत्मविश्वास और बढ़ी हुई कीमतों के सहारे अपने जीवन में नई खुशियों की हरियाली उगाई है।

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोप में आरक्षक गिरफ्तार, रायपुर पुलिस ने की कार्रवाई

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The Duniyadari: Raipur में पुलिस विभाग के एक आरक्षक को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद विभागीय हलकों में हलचल मच गई है। आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाना में मामला दर्ज कर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया है। आरोपी की पहचान मुकेश साहू के रूप में हुई है, जो पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शिकायत पर अपराध क्रमांक 247/26 दर्ज किया गया है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत कायम किया गया है। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी पहचान आरोपी से वर्ष 2008 में हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ा। महिला का कहना है कि आरोपी ने वर्ष 2015 में शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी उसे रायपुर स्थित पुलिस लाइन के आवास में ले जाता था और लंबे समय तक शादी का आश्वासन देकर संबंध बनाए रखे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी की पोस्टिंग Gariaband में रहने के दौरान भी दोनों संपर्क में थे। बाद में महिला को रायपुर में किराए के मकान में रखने का भी आरोप लगाया गया है।

बताया जा रहा है कि समय के साथ जब महिला ने शादी को लेकर दबाव बनाया, तब दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। प्रारंभिक जांच और तथ्यों के सत्यापन के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी आरक्षक को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। पीड़िता के बयान, तकनीकी साक्ष्य और अन्य परिस्थितियों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत कोर्ट में पेश किया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी चर्चा का माहौल है। विभागीय स्तर पर भी पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

KORBA: चोरी करते पकड़ा गया युवक, ग्रामीणों ने बांधकर की पिटाई; वीडियो वायरल

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The Duniyadari: कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहनपुर गांव में चोरी की घटनाओं से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा, जब एक संदिग्ध युवक को चोरी के बाद भागते हुए पकड़ लिया गया। ग्रामीणों ने आरोपी को रस्सी से बांध दिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के मुताबिक, मोहनपुर और आसपास के गांवों में पिछले कई महीनों से मवेशी चोरी और खेतों से बोर पंप गायब होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। इन वारदातों से ग्रामीणों में भारी नाराजगी थी और लोग लंबे समय से चोरों की तलाश में जुटे थे।

बताया जा रहा है कि रविवार को दो युवक चोरी की वारदात को अंजाम देकर बाइक से भाग रहे थे। इसी दौरान रास्ते में स्पीड ब्रेकर आने से उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। हादसे के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने दोनों को घेरने की कोशिश की। इस दौरान एक आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे युवक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया।

ग्रामीणों ने पकड़े गए युवक को रस्सी से बांधकर उसकी पिटाई कर दी। पूछताछ में आरोपी ने खुद को तिवरता गांव का निवासी बताया। बाद में सूचना मिलने पर कटघोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने कब्जे में लेकर थाने ले गई।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। वहीं वायरल वीडियो को लेकर भी पुलिस जानकारी जुटा रही है।

हैंडपंप से पानी भरने की बात बनी खूनी संघर्ष की वजह, गांव में तनाव का माहौल

The Duniyadari: दुर्ग- जिले में पानी भरने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी झड़प में बदल गया। रिश्तेदारों के दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें लाठी, लोहे की रॉड और कुल्हाड़ी तक का इस्तेमाल किया गया। घटना में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, घटना दुर्ग जिले के एक ग्रामीण इलाके की है, जहां सार्वजनिक स्थान पर पानी भरने को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते गाली-गलौज मारपीट में बदल गई और दोनों ओर से हमला शुरू हो गया। इस दौरान महिलाओं और बुजुर्गों के बीच-बचाव करने पर भी स्थिति नहीं संभली।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी, रॉड और धारदार हथियारों से हमला किया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया तथा मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में पारिवारिक रंजिश और पुराना विवाद भी सामने आया है। फिलहाल दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मामले में अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

कपड़ों की दुकान में लगी आग, शॉर्ट सर्किट से मची अफरा-तफरी

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The Duniyadari: Raipur के लोधीपारा पड़री इलाके में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब OCTAVE नाम की रेडीमेड गारमेंट्स दुकान में अचानक आग भड़क उठी। बताया जा रहा है कि दुकान के अंदर विद्युत शॉर्ट सर्किट होने के बाद आग तेजी से फैलने लगी, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने भी आग बुझाने में सहयोग किया। दमकल कर्मियों की तत्परता और समय पर कार्रवाई के चलते आग को जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। यदि आग समय पर नहीं बुझाई जाती तो आसपास की दुकानों तक भी इसकी चपेट पहुंच सकती थी।

प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह बिजली शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि प्रशासन और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन दुकान में रखे कपड़े और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है। फिलहाल नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।

तालाब में नहाते समय हादसा, हाथी शावक की मौत से जंगल में मचा कोहराम

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The Duniyadari: रायगढ़ जिले के छाल रेंज क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। जंगल के आमामुड़ा तालाब में नहाने पहुंचे हाथियों के दल के बीच एक हाथी शावक की दबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हाथियों की चिंघाड़ सुनाई देती रही और वन विभाग की टीम को भी मौके तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के मुताबिक, छाल रेंज में इन दिनों करीब 70 हाथी अलग-अलग समूहों में विचरण कर रहे हैं। शनिवार रात करीब 8 बजे पुसल्दा गांव के पास स्थित आमामुड़ा तालाब में हाथियों का एक दल पानी में उतरा था। इसी दौरान अफरा-तफरी में एक छोटा हाथी बड़े हाथी के नीचे दब गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

ग्रामीणों ने बताया कि शावक की मौत के बाद एक मादा हाथी ने उसे तालाब से बाहर निकाला। इसके बाद पूरी रात हाथियों का झुंड शव के आसपास मंडराता रहा और लगातार चिंघाड़ता रहा। रविवार सुबह तक भी हाथियों का दल मृत शावक के पास ही मौजूद था, जिससे वन विभाग की टीम शव के करीब नहीं पहुंच सकी।

घटना की सूचना मिलते ही वन अमला और पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंच गई है। अधिकारियों का कहना है कि हाथियों के जंगल की ओर लौटने के बाद ही शावक के शव का परीक्षण और आगे की कार्रवाई की जाएगी। इलाके में ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

KORBA: कुसमुंडा खदान में बड़ा हादसा: 60 टन का डंपर पलटा, ऑपरेटर घायल

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The Duniyadari: कोरबा जिले की एसईसीएल कुसमुंडा मेगा परियोजना में रविवार सुबह एक बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। कोयला डंपिंग के दौरान एक भारी-भरकम डंपर अनियंत्रित होकर खदान क्षेत्र में पलट गया। हादसे में वाहन चालक राघवेंद्र घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, डंपर कोयला फेस में डंपिंग कार्य के लिए पहुंचा था। इसी दौरान वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह ढलान की ओर फिसलने लगा। देखते ही देखते लगभग 60 टन वजनी डंपर कई बार पलटते हुए नीचे जा गिरा। हादसा इतना भयावह था कि आसपास मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।

बताया जा रहा है कि चालक राघवेंद्र ने समय रहते सूझबूझ दिखाते हुए वाहन से छलांग लगा दी, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि गिरने और हादसे के कारण उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।

घटना की सूचना मिलते ही परियोजना के अधिकारी, सुरक्षा अमला और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। काफी देर तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद क्रेन की सहायता से पलटे डंपर को हटाया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय आसपास कोई अन्य कर्मचारी या वाहन मौजूद नहीं था, वरना नुकसान और बड़ा हो सकता था।

इधर, खदान कर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि परियोजना क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का पालन केवल कागजों तक सीमित है और भारी मशीनों के संचालन के दौरान पर्याप्त निगरानी नहीं रखी जाती। हादसे के बाद एक बार फिर खदानों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर बहस तेज हो गई है।

हसदेव मुद्दे पर गरजेगा कांग्रेस मंच, दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे टी.एस. सिंहदेव

The Duniyadari: कोरबा- छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री T. S. Singh Deo 24 और 25 मई को कोरबा एवं कटघोरा क्षेत्र के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे सामाजिक संगठनों, कांग्रेस पदाधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। दौरे का मुख्य फोकस आदिवासी अधिकार, जल-जंगल-जमीन और जनसरोकार से जुड़े विषय रहेंगे।

दौरे के पहले दिन टी.एस. सिंहदेव कटघोरा क्षेत्र पहुंचकर ग्राम बुका में आयोजित राज्य स्तरीय महासम्मेलन में हिस्सा लेंगे। हसदेव क्षेत्र से जुड़े इस कार्यक्रम का आयोजन हसदेव जलाशय संघर्ष समिति द्वारा किया जा रहा है। सम्मेलन में वन अधिकार, विस्थापन, पर्यावरण संरक्षण और आदिवासी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij, विधानसभा अध्यक्ष रह चुके Charandas Mahant तथा पूर्व मंत्री Jaisingh Agrawal भी शामिल होंगे। सम्मेलन में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कांग्रेस समर्थकों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

दौरे के दौरान सिंहदेव क्षेत्रीय नेताओं से मुलाकात कर संगठनात्मक गतिविधियों और स्थानीय समस्याओं पर भी चर्चा करेंगे।

यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा आज, रायपुर के 22 केंद्रों पर 8 हजार से अधिक अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

The Duniyadari: रायपुर- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार को आयोजित की जा रही है। परीक्षा को लेकर राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के चयनित जिलों में प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। छत्तीसगढ़ में इस बार रायपुर और बिलासपुर को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।

राजधानी रायपुर में कुल 22 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहां 8,449 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। अधिकारियों को परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में निर्धारित समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। साथ ही प्रवेश पत्र और पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य किया गया है। परीक्षा केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जिसके जरिए आईएएस, आईपीएस और अन्य केंद्रीय सेवाओं के लिए चयन किया जाता है।