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हत्याकांड में बड़ा फैसला: अमित जोगी को उम्रकैद, हाईकोर्ट ने कहा– सभी आरोपियों पर एक समान साक्ष्य

The Duniyadari: रायपुर/बिलासपुर- छत्तीसगढ़ के चर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी की कि जब सभी आरोपियों पर एक ही अपराध में शामिल होने का आरोप हो और साक्ष्य भी समान हों, तो किसी एक आरोपी को अलग से राहत देना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यदि अभियोजन पक्ष का मामला सभी आरोपियों के खिलाफ एक जैसे साक्ष्यों पर आधारित हो, तो किसी एक आरोपी को बरी करते हुए अन्य को दोषी ठहराना उचित नहीं है, जब तक कि उस आरोपी के पक्ष में कोई ठोस और स्वतंत्र आधार प्रस्तुत न किया जाए।

दरअसल, 4 जून 2003 को राजधानी रायपुर में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था। जांच के दौरान बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए, जबकि अमित जोगी को छोड़कर 28 आरोपियों को दोषी ठहराया गया था।

बाद में 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए अमित जोगी को बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामला फिर से हाईकोर्ट में खोला गया, जिसके बाद अब अदालत ने अमित जोगी को भी दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

28 आरोपी पाए गए थे दोषी

इस हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत और विश्वनाथ राजभर को दोषी ठहराया गया था।

इनमें उम्रकैद पाने वालों में दो तत्कालीन सीएसपी, एक थाना प्रभारी, रायपुर महापौर एजाज ढेबर के भाई याहया ढेबर तथा शूटर चिमन सिंह भी शामिल हैं।

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म: मानिकपुर पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

The Duniyadari: कोरबा- मानिकपुर पुलिस ने शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण करने के दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों में आरोपियों ने पीड़िताओं से पहले दोस्ती की, फिर विवाह का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी से मुकर गए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पहला मामला बालको क्षेत्र से जुड़ा है। जयपुर निवासी 24 वर्षीय शैलेष गढ़वाल अपने रिश्तेदार के यहां रहकर एक निजी दफ्तर में काम करता था। उसी कार्यालय में बालको क्षेत्र की एक युवती भी कार्यरत थी। साथ काम करने के दौरान दोनों के बीच पहचान बढ़ी और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ गईं। आरोप है कि शैलेष ने युवती को शादी का भरोसा दिया और उसके साथ दैहिक संबंध बनाए। इस दौरान युवती गर्भवती भी हो गई, लेकिन आरोपी लगातार शादी का आश्वासन देता रहा। प्रसव के बाद आरोपी ने शादी से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

वहीं दूसरा मामला भी बालको क्षेत्र का ही है। यहां रहने वाली एक युवती की पहचान सोशल मीडिया के जरिए सीएसईबी पुलिस चौकी क्षेत्र में रहने वाले प्रशांत साहू से हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद दोनों के बीच नजदीकी हो गई। आरोप है कि प्रशांत ने भी शादी का वादा कर युवती के साथ दैहिक संबंध बनाए। जब पीड़िता ने विवाह के लिए दबाव बनाया तो आरोपी मुकर गया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की।

दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

गरीबों के राशन पर डाका: चावल वितरण में मिलीभगत का शक, जांच तेज

The Duniyadari: Bilaspur – सरकारी राशन के चावल वितरण में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि वेयरहाउस से निकलने वाले हर ट्रक में वजन के नाम पर करीब 130 किलो तक की हेराफेरी की जा रही थी। यह गड़बड़ी लंबे समय से चल रही थी, जिससे शासन को लाखों रुपये का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, वेयरहाउस में चावल लोड करते समय इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर ट्रकों का वजन किया जाता था, लेकिन जांच के दौरान वजन में अंतर पाया गया। दस्तावेजों में दर्ज वजन और वास्तविक वजन में लगभग 130 किलो का फर्क सामने आया। इस गड़बड़ी के बाद अधिकारियों ने मौके पर जांच शुरू की और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की।

बताया जा रहा है कि ट्रकों में चावल भरने के बाद सीलिंग से पहले ही वजन में हेरफेर किया जाता था। इस प्रक्रिया में वेयरहाउस के कुछ कर्मचारियों और ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने पूरी सप्लाई चेन की जांच के आदेश दे दिए हैं।

स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि यदि प्रति ट्रक 130 किलो की हेराफेरी हो रही है, तो प्रतिदिन कई ट्रकों के हिसाब से यह मात्रा काफी बड़ी हो जाती है। इससे गरीबों के लिए भेजा गया राशन बीच में ही कम हो रहा था।

मामले के सामने आने के बाद संबंधित वेयरहाउस प्रभारी को नोटिस जारी किया गया है। वहीं, जांच पूरी होने तक संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हत्याकांड: तीसरे दिन भी फरार मुख्य आरोपी, रेलवे ट्रैक के सहारे कमलपुर तक पहुंचने के सुराग

The Duniyadari: अंबिकापुर में महामाया प्रवेश द्वार से लगे रिंग रोड पर महिला की निर्मम हत्या के मामले में मुख्य आरोपी मिथुन उर्फ पांडा तीसरे दिन भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपी की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन अब तक उसका कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।

जांच के दौरान सामने आया है कि वारदात के कुछ घंटे बाद ही आरोपी अंबिकापुर रेलवे स्टेशन पहुंचा था, जहां वह सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ। इसके बाद वह रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे पैदल चलते हुए कमलपुर रेलवे स्टेशन तक पहुंचा। पुलिस को यहां तक उसके मूवमेंट के प्रमाण मिले हैं, लेकिन इसके आगे उसका कोई लोकेशन नहीं मिल पाया है।

शुरुआत में आरोपी का कोई फुटेज नहीं मिला था, लेकिन बाद में अलग-अलग स्थानों के सीसीटीवी खंगालने पर उसके मूवमेंट की पुष्टि हुई। होलीक्रॉस स्कूल के पास लगे कैमरे में वह पैदल जाते दिखा, इसके बाद अजिरमा बैरियर के पास भी उसकी मौजूदगी दर्ज हुई। रेलवे स्टेशन के कैमरों में उसका चेहरा साफ दिखाई दिया, जहां वह बिना घबराहट के घूमता नजर आया।

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने घटना के दिन स्टेशन क्षेत्र में ही समय बिताया और रात को एक निर्माणाधीन स्थल के पास सोया। अगले दिन दोपहर करीब 12:30 बजे वह मेमू ट्रेन में चढ़ा, लेकिन कुछ ही देर बाद उतर गया। इसके बाद वह फिर रेलवे ट्रैक के सहारे आगे बढ़ गया। जांच में उसके कमलपुर तक पहुंचने की पुष्टि हुई है, वहीं आगे सिलफिली क्षेत्र की ओर जाने के संकेत भी मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि आरोपी आसपास के गांवों में छिपा हो सकता है।

पुलिस ने बढ़ाया अलर्ट, अन्य जिलों में भेजी तस्वीर

सरगुजा पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। उसकी तस्वीर आसपास के जिलों में भी भेजी गई है ताकि जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के बाद पुलिस ने एक से अधिक आरोपियों की संलिप्तता की आशंका भी जताई है, जिससे जांच और जटिल हो गई है।

मेडिकल रिपोर्ट में महिला के साथ बर्बरता की पुष्टि हुई है। शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं, जिससे स्पष्ट हुआ है कि हत्या से पहले उसके साथ अत्यंत क्रूरता की गई थी।

गिरफ्तारी नहीं होने पर कांग्रेस का प्रदर्शन

आरोपी की गिरफ्तारी में देरी को लेकर स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ गया है। युवा कांग्रेस ने गांधी चौक स्थित डेटा सेंटर के सामने धरना प्रदर्शन किया।

लिली श्रीवास के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रधानमंत्री के नाम पर 4 लाख की फिरौती मांगने वाले दो गिरफ्तार, फर्जी पत्र बनाकर रच रहे थे साजिश

The Duniyadari: मुंबई में मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर वाले फर्जी पत्र के जरिए 4 लाख रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तौसीफ हुसैन इस्माइल पटेल (44) और सिद्धिनाथ दीनानाथ पांडे उर्फ सुनील (43) के रूप में हुई है। दोनों गोरेगांव (पश्चिम) स्थित शास्त्री नगर के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि दोनों ने एक सामाजिक संस्था चलाने वाली महिला को निशाना बनाया, जो “मेगा श्रेया” नाम से एनजीओ संचालित करती हैं और वंचित बच्चों व वृद्धाश्रमों के लिए काम करती हैं।

शिकायत के अनुसार, महिला की मुलाकात 2022 में एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान आरोपियों से हुई थी। आरोपियों ने खुद को पत्रकार बताते हुए संपर्क बनाए रखा। 18 मार्च को तौसीफ ने व्हाट्सएप वॉयस नोट भेजकर प्रधानमंत्री कार्यालय से जन्मदिन की बधाई पत्र दिलाने का दावा किया और इसके बदले रकम की मांग की। महिला ने शुरुआत में इसे नजरअंदाज किया, लेकिन आरोपियों ने 4 लाख रुपये जनसंपर्क शुल्क की मांग करते हुए दबाव बनाना शुरू कर दिया।

कुछ दिनों बाद आरोपियों ने प्रधानमंत्री के कथित हस्ताक्षर वाला बधाई पत्र भेजा, जिसमें महिला के सामाजिक कार्यों की प्रशंसा की गई थी। महिला ने इसे सोशल मीडिया पर साझा भी किया, लेकिन बाद में पत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठने पर पोस्ट हटा दी। इसके बाद आरोपियों ने धमकियां देना शुरू कर दिया और महिला के नाम से फर्जी ईमेल आईडी भी तैयार कर ली।

मामले से परेशान होकर महिला ने आरोपियों को वर्ली के एक कैफे में बुलाया, जहां उन्होंने फिर से 4 लाख रुपये की मांग दोहराई और प्रधानमंत्री कार्यालय में संपर्क होने का दावा किया। इसके बाद महिला ने पुलिस से संपर्क किया।

पुलिस ने जाल बिछाकर वर्ली सी फेस के एक होटल में आरोपियों को पैसे लेते समय रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपियों के पास से फर्जी बधाई पत्र, खिलौना नोटों के बंडल, दो असली 500 रुपये के नोट और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। साथ ही फर्जी हस्ताक्षर और लेटरहेड तैयार करने में इस्तेमाल किए गए डिजिटल उपकरणों की भी जांच जारी है।

रेल यात्रियों को राहत: रायगढ़–कोरबा–बिलासपुर–रायपुर रूट पर फिर दौड़ेंगी मेमू और पैसेंजर ट्रेनें, अकलतरा में नॉन-इंटरलॉकिंग खत्म

The Duniyadari: रायगढ़/बिलासपुर- रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अकलतरा स्टेशन में चल रहे नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के पूरा होने के बाद रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर और रायपुर रूट पर मेमू और पैसेंजर ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू किया जा रहा है। लंबे समय से प्रभावित स्थानीय यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को अब आवागमन में सुविधा मिलेगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार अकलतरा स्टेशन में अधोसंरचना उन्नयन और सिग्नलिंग सिस्टम को आधुनिक बनाने के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जा रहा था। इस दौरान कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द या आंशिक रूप से निरस्त किया गया था। अब कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का परिचालन चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जा रहा है।

नॉन-इंटरलॉकिंग खत्म होने से सबसे ज्यादा राहत दैनिक यात्रियों को मिलेगी, जो रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर और रायपुर के बीच रोजाना सफर करते हैं। इन ट्रेनों के बंद रहने से यात्रियों को बस या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा था, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए थे।

रेलवे ने बताया कि ट्रेनों के संचालन शुरू होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और स्थानीय व्यापार, शिक्षा व रोजगार से जुड़े लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी। साथ ही उन्नत सिग्नलिंग सिस्टम से ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और सुचारु हो सकेगा।

यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की समय-सारिणी की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या स्टेशन से प्राप्त कर लें, क्योंकि प्रारंभिक दिनों में समय में आंशिक बदलाव संभव है।

जिला अस्पताल की मुस्तैदी से बची महिला की जान, आपात स्थिति में दो बार दिया गया CPR

The Duniyadari: सुकमा- जिला अस्पताल सुकमा में डॉक्टरों की तत्परता और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता ने एक बार फिर गंभीर मरीज की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। छिंदगढ़ विकासखंड के कुन्ना गांव की 38 वर्षीय पाली कवासी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया, जहां देर से पहुंचने के कारण स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी।

सिविल सर्जन डॉ. एमआर कश्यप के अनुसार महिला की हालत देखते हुए तुरंत ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुजा ने बिना देरी किए एलएससीएस (सीजर) ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के दौरान मृत शिशु का जन्म हुआ, जिसके बाद महिला की स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।

ऑपरेशन के बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। रेफर करने की तैयारी चल ही रही थी कि अचानक महिला की सांस रुकने लगी और नाड़ी व हृदय गति भी थम गई। इस आपात स्थिति में मेडिकल टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को दो बार सीपीआर दिया। इसके बाद मरीज को वार्ड में शिफ्ट कर वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा गया।

डॉक्टरों ने महिला को दो यूनिट रक्त भी चढ़ाया, जिससे धीरे-धीरे उसकी हालत में सुधार होने लगा। डॉक्टरों की सतर्कता, त्वरित निर्णय और आधुनिक संसाधनों के कारण महिला की जान बचाई जा सकी। अब पाली कवासी पूरी तरह स्वस्थ हैं और जिला अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ के प्रयासों की सराहना कर रही हैं।

6 अप्रैल 2026 राशिफल (सोमवार): कई राशियों के लिए बदलाव और नए अवसर लेकर आ रही

♈ मेष राशि

आज आपका आकर्षण बढ़ेगा और लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे। कामकाज में सफलता मिलेगी, लेकिन निवेश में सावधानी रखें। जल्दबाज़ी से नुकसान हो सकता है।

♉ वृषभ राशि

आज खर्च बढ़ सकते हैं। परिवार से जुड़ी जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। नौकरी में स्थिरता रहेगी। धैर्य बनाए रखें।

♊ मिथुन राशि

आज नए अवसर मिल सकते हैं। मित्रों से सहयोग मिलेगा। धन लाभ के योग हैं।

♋ कर्क राशि

भावनात्मक बदलाव संभव है। करियर में नया मौका मिल सकता है। परिवार से सहयोग मिलेगा।

♌ सिंह राशि

आज यात्रा का योग बन सकता है। काम में सफलता मिलेगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे।

♍ कन्या राशि

करियर में बदलाव संभव है। मेहनत का फल मिलेगा। स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

♎ तुला राशि

नई योजना बन सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार का सहयोग मिलेगा।

♏ वृश्चिक राशि

आज सावधानी से निर्णय लें। विवाद से बचें। कार्यस्थल पर दबाव रहेगा।

♐ धनु राशि

नया काम शुरू करने का अच्छा समय है। यात्रा के योग बन सकते हैं।

♑ मकर राशि

परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। धन लाभ हो सकता है। नौकरी में उन्नति के संकेत हैं।

♒ कुंभ राशि

नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। कार्यक्षेत्र में सम्मान मिलेगा।

♓ मीन राशि

आज खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। भावनात्मक निर्णय लेने से बचें।

दर्दनाक घटना: प्रेमी से विवाद के बाद 11वीं की छात्रा ने लगाई आग, रायपुर में मौत

The Duniyadari: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक नाबालिग छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है। प्रेमी से विवाद के बाद 11वीं की छात्रा गंभीर रूप से जली हुई हालत में मिली थी, जिसकी इलाज के दौरान रविवार सुबह रायपुर में मौत हो गई। पुलिस फिलहाल आत्महत्या की आशंका मानकर मामले की जांच कर रही है।

यह पूरा मामला विश्रामपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार ग्राम गोरखनाथपुर निवासी 17 वर्षीय मोनिका सिंह उर्फ मोना शनिवार सुबह विश्रामपुर-भटगांव मार्ग पर पासिंग नाले के पास गंभीर रूप से जली हुई मिली थी। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने 95 प्रतिशत तक जलने की पुष्टि की। हालत गंभीर होने पर पहले अंबिकापुर और बाद में रायपुर रेफर किया गया।

घटना की जानकारी मिलने पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े शनिवार शाम अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचीं और बेहतर इलाज के लिए छात्रा को रायपुर भेजने की व्यवस्था कराई। देर रात उसे मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मोबाइल को लेकर हुआ था विवाद

परिजनों से पूछताछ में सामने आया कि मोनिका का पिछले दो वर्षों से रामनगर निवासी भूपेंद्र सिंह के साथ प्रेम संबंध था। दोनों ने मिलकर किश्त पर मोबाइल खरीदा था। बताया जा रहा है कि मोनिका ने अपने हिस्से का पैसा जमा नहीं किया था, जिस कारण भूपेंद्र ने मोबाइल अपने पास रख लिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम मोनिका भूपेंद्र के घर गई थी और रात वहीं रुकी। शनिवार सुबह उसने फिर मोबाइल मांगा, लेकिन भूपेंद्र ने देने से इनकार कर दिया। इस दौरान मोनिका ने खुद को आग लगाने की धमकी दी थी।

पेट्रोल खरीदने के बाद बढ़ा शक

पुलिस के अनुसार, मोनिका ने पास की दुकान से 100 रुपये का पेट्रोल खरीदा था। भूपेंद्र ने उसे पेट्रोल खरीदते देख लिया और कथित तौर पर पेट्रोल अपनी बाइक में डाल लिया। इसके बाद उसने मोनिका को आईटीआई कॉलोनी के पास छोड़ दिया। वहां से मोनिका का घर करीब 500 मीटर दूर बताया गया है। करीब आधे घंटे बाद छात्रा गंभीर रूप से जली हालत में मिली।

मामले में एडिशनल एसपी अभिषेक पैकरा ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और युवक से पूछताछ जारी है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

कोरबा में सनसनीखेज वारदात: बुरी नीयत में नाकाम युवक ने 7 वर्षीय मासूम की हत्या कर शव कुएं में फेंका

The Duniyadari: कोरबा जिले में सात वर्षीय बालक की संदिग्ध मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मामले में पुलिस ने एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने नशे की हालत में बालक को बहला-फुसलाकर ले जाने के बाद उसकी हत्या कर दी और शव कुएं में फेंक दिया।

यह घटना पाली थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत डोंगानाला के आश्रित ग्राम गणेशपुर की है। यहां रहने वाले शिवकुमार खुरसेंगा का सात वर्षीय बेटा आयान खुरसेंगा 2 अप्रैल की दोपहर अपने दोस्तों के साथ तालाब नहाने गया था। उसके साथी घर लौट आए, लेकिन आयान वापस नहीं पहुंचा। देर शाम तक जब उसका पता नहीं चला तो परिजनों ने तलाश शुरू की।

तलाश के दौरान जानकारी मिली कि घर के सामने रहने वाला 19 वर्षीय रंजित कुमार उर्फ रंजीत उसे अपने साथ ले गया था। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। शुक्रवार को पूरे दिन गांव और आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई, लेकिन बालक का कोई सुराग नहीं मिला। गांव में बैठक भी बुलाई गई, जहां रंजीत से पूछताछ की गई, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।

कुएं में मिला शव

सूचना मिलने पर थाना प्रभारी नागेश तिवारी मौके पर पहुंचे और आरोपी से सख्ती से पूछताछ की। दबाव में आकर उसने बताया कि बालक का शव पड़ोसी गांव करतली के एक खेत के कुएं में फेंका गया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कुएं से शव बरामद किया।

नीयत खराब हुई, फिर हत्या

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नशे की हालत में तालाब पहुंचा था। वहां नहाते हुए बालक को देखकर उसकी नीयत खराब हो गई। वह उसे बहला-फुसलाकर सुनसान स्थान पर ले गया, लेकिन अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सका। पकड़े जाने के डर से उसने पत्थर से बालक के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में उसने शव को कुएं में फेंक दिया।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज किया है। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।