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गृह निर्माण घोटाले में एक और गिरफ्तारी, ACB की कार्रवाई तेज

The Duniyadari: रायपुर- छत्तीसगढ़ में लगभग 28 वर्ष पुराने गृह निर्माण ऋण गबन मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने शनिवार 4 अप्रैल 2026 को इस प्रकरण में एक और आरोपी प्रदीप कुमार निखरा को गिरफ्तार किया है। निखरा उस समय सहकारी आवास संघ मर्यादित भोपाल में प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे।

इससे पहले 18 मार्च 2026 को मामले में दो अन्य आरोपियों — थावरदास माधवानी और बसंत कुमार साहू — को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य नामजद आरोपियों का निधन हो चुका है।

186 लोगों के नाम पर स्वीकृत हुआ था 1.86 करोड़ का ऋण

जांच में सामने आया कि वर्ष 1995 से 1998 के बीच शासन की आवासीय योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को मकान निर्माण के लिए ऋण दिया जा रहा था। इसी योजना का दुरुपयोग करते हुए “आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित रायपुर” के 186 सदस्यों के नाम पर एक-एक लाख रुपये के हिसाब से कुल 1 करोड़ 86 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराया गया।

हालांकि, जब भौतिक सत्यापन किया गया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जिन स्थानों पर मकान निर्माण दिखाया गया था, वहां न तो मकान मिले और न ही ऋण लेने वाले लोग मौजूद पाए गए। इससे स्पष्ट हुआ कि फर्जी दस्तावेज और नकली प्रमाण पत्रों के आधार पर पूरे मामले को अंजाम दिया गया।

कागजों में हेरफेर कर की गई रकम की बंदरबांट

ACB जांच में सामने आया कि तत्कालीन अध्यक्ष, आवास पर्यवेक्षक और प्रबंधक ने मिलकर सुनियोजित तरीके से फर्जी लोन तैयार किए। आरोप है कि प्रदीप कुमार निखरा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए दस्तावेजों में हेरफेर किया और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 1.86 करोड़ रुपये की राशि का गबन किया।

इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 406, 409, 420, 467, 468, 471 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(c) और 13(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर 7 अप्रैल 2026 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

जांच जारी, और खुल सकते हैं कई राज

ACB अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और अन्य संलिप्त लोगों की पहचान की जा रही है। पुराने दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय बाद भी दोषियों तक पहुंचना यह साबित करता है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कानून की पकड़ से बचना आसान नहीं है। वहीं, ACB ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी सरकारी योजना में गड़बड़ी की जानकारी मिले, तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।

अंधविश्वास ने ली जान: बच्चों की बीमारी के शक में युवक ने बुजुर्ग महिला को उतारा मौत के घाट

The Duniyadari: जशपुर। जिले के बगीचा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां अंधविश्वास ने एक वृद्ध महिला की जान ले ली। गितारीपानी गांव में शुक्रवार रात 71 वर्षीय फूलमइत बाई की एक युवक ने बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी छंदनू राम (31 वर्ष) अपने बच्चों के बार-बार बीमार होने से परेशान था। उसे शक था कि गांव की वृद्ध महिला उस पर जादू-टोना कर रही है। इसी अंधविश्वास में उसने शुक्रवार रात महिला के घर पहुंचकर लकड़ी के डंडे से सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि घटना के समय महिला खाना खाकर अपने घर में सो रही थी। अचानक हुए हमले से वह संभल भी नहीं पाई और आरोपी वार करता रहा। शनिवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर गांव में हड़कंप मच गया।

सूचना मिलते ही बगीचा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह के निर्देश पर एडिशनल एसपी राकेश पाटनवार और एसडीओपी दिलीप कोसले के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

एसडीओपी दिलीप कोसले ने बताया कि आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस जघन्य वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा जा रहा है।

10 अप्रैल को फिर होगी 12वीं हिंदी विशिष्ट की परीक्षा, 100 केंद्राध्यक्षों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

The Duniyadari: रायगढ़। माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा आयोजित हायर सेकेंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा 2026 के तहत कक्षा 12वीं हिंदी विशिष्ट विषय की 23 मार्च को हुई परीक्षा निरस्त किए जाने के बाद अब इसे 10 अप्रैल 2026 को पुनः आयोजित किया जाएगा। जिले के सभी निर्धारित परीक्षा केंद्रों में परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

इसी सिलसिले में सृजन सभा कक्ष में जिले के 100 परीक्षा केंद्रों के केंद्राध्यक्षों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर धनराज मरकाम ने प्रशिक्षण के दौरान कहा कि इस बार मंडल के नए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की गोपनीयता और विश्वसनीयता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

बताया गया कि 23 मार्च को आयोजित हिंदी विशिष्ट विषय की परीक्षा तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से निरस्त की गई थी। इसके बाद मंडल ने नई तिथि घोषित करते हुए 10 अप्रैल को पुनः परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है।

प्रशिक्षण के दौरान परीक्षा संचालन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें गोपनीय सामग्री के सुरक्षित परिवहन, समन्वयक केंद्र से थानों तक वितरण, परीक्षा केंद्रों तक सामग्री पहुंचाने और परीक्षा के बाद उत्तरपुस्तिकाओं के सुरक्षित संकलन की व्यवस्था शामिल रही। अधिकारियों ने पीपीटी के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया समझाई, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने।

गोपनीय सामग्री के परिवहन के लिए प्रत्येक थाने हेतु अलग-अलग परिवहन अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। यह कार्य केवल शासकीय वाहनों से किया जाएगा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहे। परीक्षा की सुरक्षा के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारी को पुलिस नोडल नियुक्त किया गया है।

जिले में डीएसपी सुशांतो बनर्जी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे राज्य स्तर से लेकर परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षा व्यवस्था, गोपनीय सामग्री के परिवहन और उत्तरपुस्तिकाओं के सुरक्षित जमा कराने की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक नोडल अधिकारी, जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी, मास्टर ट्रेनर, सभी केंद्राध्यक्ष और परिवहन अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का दावा है कि 10 अप्रैल को होने वाली परीक्षा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि परीक्षा बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। 📚

CM के हेलिकॉप्टर के पास दिखा संदिग्ध ड्रोन, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

The Duniyadari: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हेलिकॉप्टर के पास शनिवार को संदिग्ध ड्रोन दिखाई देने से हड़कंप मच गया। यह घटना मालदा जिला के मालतीपुर इलाके में हुई, जहां मुख्यमंत्री जनसभा को संबोधित करने के बाद हेलिकॉप्टर की ओर बढ़ रही थीं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही मुख्यमंत्री हेलिपैड पर पहुंचीं, हेलिकॉप्टर के सामने एक ड्रोन मंडराता नजर आया। इसे देखते ही ममता बनर्जी कुछ पल के लिए रुक गईं और माइक के जरिए पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ड्रोन संचालित करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री उस दिन जिले में लगातार तीन सभाएं कर रही थीं। उन्होंने पहले माणिकचक में सभा को संबोधित किया था और मालतीपुर के बाद गाजोल में तीसरी रैली के लिए रवाना होना था।

घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और ड्रोन के स्रोत व उद्देश्य की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह भी पता लगाया जा रहा है कि प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में ड्रोन कैसे पहुंचा।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में मुख्यमंत्री की हवाई यात्रा के दौरान कई बार बाधाएं सामने आ चुकी हैं। 26 मार्च को खराब मौसम के चलते उनका विमान कोलकाता के ऊपर काफी देर तक चक्कर लगाता रहा था। वहीं 1 अप्रैल को मुर्शिदाबाद जिला में भी खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर को निर्धारित स्थान पर उतरने में दिक्कत हुई थी।

मालदा में ड्रोन की ताजा घटना के बाद अब मुख्यमंत्री के चुनावी दौरे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सिरे से सवाल उठने लगे हैं, जबकि सुरक्षा एजेंसियां मामले की गंभीरता से जांच में जुट गई हैं।

कांग्रेस में मारपीट का मामला: जिला उपाध्यक्ष 6 साल के लिए निष्कासित

The Duniyadari: महासमुंद में कांग्रेस भवन के भीतर हुई मारपीट की घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। पार्टी ने मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए जिला उपाध्यक्ष विजय साव को 6 वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पार्टी कार्यालय में हुई मारपीट की घटना कांग्रेस की विचारधारा के खिलाफ है और इससे संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा है। साथ ही विजय साव को जारी कारण बताओ नोटिस का निर्धारित समय में जवाब नहीं देने पर यह कड़ी कार्रवाई की गई।

दरअसल, दो दिन पहले कांग्रेस भवन में महंगाई को लेकर पत्रकार वार्ता आयोजित की गई थी, जिसमें जिलाध्यक्ष एवं खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव ने मीडिया को संबोधित किया। प्रेस वार्ता खत्म होने के बाद सूचना देने को लेकर जिला उपाध्यक्ष विजय साव, पूर्व ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष ढेलू निषाद और कांग्रेस कार्यकर्ता निर्मल जैन के बीच विवाद शुरू हो गया।

देखते ही देखते बहस ने उग्र रूप ले लिया और तीनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। आरोप है कि गुस्से में प्लास्टिक की कुर्सियां उठाकर एक-दूसरे पर फेंकी गईं, जिससे तीनों के कपड़े तक फट गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभाली।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस संगठन ने कड़ा रुख अपनाते हुए विजय साव को छह साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

कोरबा में दो सड़क हादसे: शिक्षक और युवक की मौत, अंधेरा और अव्यवस्था बनी वजह

The Duniyadari: कोरबा- जिले में अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों दुर्घटनाएं कटघोरा थाना क्षेत्र में हुईं, जहां सड़क पर अंधेरा और अव्यवस्थित हालात हादसे की बड़ी वजह बताए जा रहे हैं। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पहली घटना सीताराम चौक से आगे चकचकवा पहाड़ के पास हुई। जानकारी के अनुसार ऐतमा नगर निवासी 25 वर्षीय शिपाल पोर्ते बाइक से किसी काम से निकला था। इसी दौरान सड़क पर पड़े गिट्टी-मिट्टी के ढेर से उसकी बाइक टकरा गई। टक्कर के बाद वह अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर पड़ा और उसके सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

दूसरी घटना बरपाली के पास हुई। पोड़ी-उपरोड़ा निवासी शिक्षक जय पांडेय वैगनआर कार से कहीं जा रहे थे। बताया जा रहा है कि सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण उनकी तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए। गंभीर रूप से घायल शिक्षक को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा लाया गया, जहां से उन्हें कोरबा रेफर किया गया। हालांकि इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।

लगातार हो रहे हादसों के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क व्यवस्था सुधारने और रात में रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की है।

घंटाघर चौपाटी में जूस की बर्फ से निकला मेंढक, लोगों में हड़कंप… खाद्य विभाग से जांच की मांग

The Duniyadari: कोरबा। गर्मी के मौसम में जूस पीने वालों के लिए चौंकाने वाली खबर सामने आई है। शहर के घंटाघर चौपाटी में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जूस बनाने के दौरान बर्फ की सिल्ली तोड़ते समय उसमें मरा हुआ मेंढक दिखाई दिया। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग दंग रह गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम चौपाटी में जूस की दुकान पर कुछ ग्राहक पहुंचे और जूस का ऑर्डर दिया। संचालक ने जूस तैयार करने के बाद उसमें डालने के लिए बर्फ तोड़ना शुरू किया। इसी दौरान बर्फ के अंदर मरा हुआ मेंढक नजर आया। इसे देखकर दुकान संचालक समेत वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

बर्फ की सिल्ली में मिला मेंढक, ग्राहकों ने जताई नाराजगी

बताया जा रहा है कि चौपाटी संघ के अध्यक्ष रवि वर्मा भी मौके पर पहुंचे और बर्फ को तोड़कर मेंढक को बाहर निकाला। इस घटना के बाद ग्राहकों में नाराजगी बढ़ गई। लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

मिली जानकारी के अनुसार, दुकान में इस्तेमाल की जा रही बर्फ धन्नु बर्फ डिपो से लाई गई थी। घटना के बाद ग्राहकों ने खाद्य विभाग और नगर प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

खाद्य विभाग ने कहा – जांच के बाद होगी कार्रवाई

इस मामले में खाद्य-औषधि विभाग के अधिकारी विकास भगत ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। जल्द ही जांच कराई जाएगी और शहर में संचालित सभी बर्फ फैक्ट्रियों की भी पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नगरपालिका में बढ़ा विवाद: पार्षद ने CMO पर लगाए धमकी और अभद्रता के आरोप, कॉल रिकॉर्डिंग वायरल

The Duniyadari: बलरामपुर- बलरामपुर नगरपालिका में इन दिनों सियासी माहौल गर्म हो गया है। एक पार्षद द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) प्रणव राय के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक टकराव खुलकर सामने आ गया है। पार्षद ने एक कथित कॉल रिकॉर्डिंग वायरल करते हुए अधिकारी पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद गौतम सिंह ने दावा किया है कि वायरल ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज सीएमओ प्रणव राय की है, जिसमें जनप्रतिनिधियों से आपत्तिजनक लहजे में बातचीत की गई है। पार्षद का कहना है कि अधिकारी लगातार जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज कर रहे हैं और दबाव बनाकर काम कराने की कोशिश करते हैं।

गौतम सिंह ने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने सीएमओ के खिलाफ शिकायत की हो। इससे पहले भी कई बार उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने मुद्दा उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अपनी ही सरकार में जनप्रतिनिधियों की सुनवाई नहीं होना चिंताजनक है।

इधर, इस पूरे मामले पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रणव राय ने सफाई देते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वायरल किया गया ऑडियो उनका नहीं है और किसी ने जानबूझकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की है।

वायरल कॉल रिकॉर्डिंग के सामने आने के बाद नगरपालिका में सियासी हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है।

दुष्कर्म-हत्या मामला: सरकार पर बरसे टीएस सिंहदेव, बोले– बेटियों की सुरक्षा पर खड़े हो रहे सवाल

The Duniyadari: रायपुर। अंबिकापुर में हुई दुष्कर्म और हत्या की दर्दनाक घटना को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे अंबिकापुर को झकझोर कर रख दिया है और संवेदनशील समाज का सिर शर्म से झुक गया है।

सिंहदेव ने कहा कि अंबिकापुर की एक बेटी के साथ हुई दरिंदगी और उसकी हत्या ने लोगों के मन में गुस्सा और भय दोनों पैदा कर दिए हैं। उन्होंने इस घटना को देश को झकझोर देने वाले निर्भया कांड जैसी दर्दनाक घटना से जोड़ते हुए कहा कि आखिर बेटियां कब तक असुरक्षित रहेंगी।

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि शहर का व्यस्त इलाका भी सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो गया है और प्रशासन स्थिति संभालने में विफल साबित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दर्द है। इस तरह के जघन्य अपराधों को भुलाया नहीं जा सकता। सिंहदेव ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कठोरतम सजा की मांग की।

सिंहदेव ने कहा कि ऐसे अपराधों के लिए मृत्युदंड जैसी सख्त सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की दरिंदगी करने की हिम्मत न करे। उन्होंने कहा कि अब न्याय में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह हर बेटी की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है।

कांग्रेस का नया फरमान: भाजपा नेताओं के साथ मंच साझा करने पर रोक, सियासत गरमाई

The Duniyadari: रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में कांग्रेस के एक नए निर्देश ने हलचल मचा दी है। पार्टी की ओर से जारी आदेश में साफ कहा गया है कि कांग्रेस के नेता किसी भी कार्यक्रम या सार्वजनिक मंच पर भाजपा नेताओं के साथ शामिल नहीं होंगे। इस निर्देश के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

रायपुर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष पप्पू बंजारे की ओर से जारी इस आदेश में कहा गया है कि कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता किसी भी ऐसे आयोजन में हिस्सा न लें, जहां भाजपा के नेता मौजूद हों। पार्टी ने इसे अनुशासन से जोड़ते हुए निर्देश का सख्ती से पालन करने की बात कही है।

कांग्रेस के इस फैसले पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राजनांदगांव से भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि यह फैसला कांग्रेस की अंदरूनी घबराहट को दर्शाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह दीपक बैज का “रोका-छेका” है और पार्टी में भगदड़ जैसी स्थिति बन रही है।

सांसद पांडेय ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्वतंत्र रूप से काम करने की बजाय नियंत्रण में रखना चाहती है। वहीं कांग्रेस के इस निर्णय को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।