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ड्रंक-ड्राइविंग पर सख्ती: 4 घंटे में 121 चालकों पर कार्रवाई, पुलिस ने दी सख्त चेतावनी

The Duniyadari: रायपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने शनिवार 4 अप्रैल की रात विशेष अभियान चलाया। शहर के आठ प्रमुख स्थानों पर करीब चार घंटे तक चली इस कार्रवाई में 121 वाहन चालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए। अभियान का नेतृत्व विकास कुमार ने किया।

यातायात पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 (शराब पीकर वाहन चलाना) के तहत अब तक 1,724 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या 1,537 थी। मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है।

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और लोगों की जान बचाना है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि शराब पीने के बाद वाहन चलाने से बचें। यदि नशे की स्थिति में हों तो कैब सेवा का उपयोग करें या परिवार के किसी सदस्य की मदद लें।

इसके साथ ही दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, यातायात नियमों का पालन करने और नाबालिगों को वाहन न देने की भी सलाह दी गई है। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के औचक अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। 🚦🚔

CG Accident: तेज रफ्तार बाइक खड़े टैंकर से भिड़ी, युवक की मौके पर मौत

The Duniyadari: जशपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में युवक की जान चली गई। तमता-डूमरबहार मुख्य मार्ग पर पंडरीपानी के पास तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े पानी टैंकर से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मामला पत्थलगांव थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मकान निर्माण कार्य के लिए एक पानी टैंकर सड़क किनारे खड़ी थी। इसी दौरान तमता से डूमरबहार की ओर जा रहा बाइक सवार युवक तीखे मोड़ पर अचानक संतुलन खो बैठा और सीधे टैंकर से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक टैंकर के नीचे तक घुस गई।

घटना की सूचना मिलते ही पत्थलगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

मलबे में लगी आग से मचा हड़कंप, पास की दुकानें बाल-बाल बचीं

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The Duniyadari: रायपुर। वार्ड क्रमांक 49 में सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद छोड़े गए मलबे में रविवार को अचानक आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। निगम की टीम ने दो दिन पहले यहां सड़क किनारे बनी अस्थायी दुकानों को हटाया था, लेकिन तोड़फोड़ के बाद निकला मलबा वहीं छोड़ दिया गया था।

रविवार को इसी मलबे में अचानक धुआं उठता दिखाई दिया और देखते ही देखते आग भड़क उठी। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत स्थिति संभालते हुए आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। राहत की बात यह रही कि आग ज्यादा फैल नहीं सकी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

जिस स्थान पर आग लगी, उसके ठीक बगल में गद्दा, तकिया और रजाई की दुकान संचालित है। ज्वलनशील सामान होने के कारण खतरा बढ़ गया था। स्थानीय लोगों की सतर्कता और समय रहते किए गए प्रयास से आग पर काबू पाया गया। घटना के बाद क्षेत्र में निगम द्वारा मलबा हटाने की मांग तेज हो गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

अस्पताल में लापरवाही, मरीजों को पॉलीथिन में परोसा जा रहा गर्म भोजन

The Duniyadari: ग्वालियर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जया आरोग्य अस्पताल में मरीजों की सेहत से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। अस्पताल में चल रही निःशुल्क भोजन व्यवस्था में गंभीर लापरवाही उजागर हुई है, जहां मरीजों को थाली की जगह प्रतिबंधित पॉलीथिन में गर्म खाना दिया जा रहा है।

यह व्यवस्था सीधे तौर पर Supreme Court of India के आदेशों और स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मानी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही सरकारी संस्थानों में खाने-पीने की सामग्री के लिए पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगा चुका है। इसके साथ ही Food Safety and Standards Authority of India ने भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि गर्म भोजन को प्लास्टिक में पैक करना या परोसना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक और अवैध है।

इसके बावजूद अस्पताल में रोजाना लगभग 400 से 500 मरीजों को प्लास्टिक की थैलियों में गर्म भोजन दिया जा रहा है। यह सब कुछ खुलेआम हो रहा है, लेकिन गजराराजा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल

अस्पताल की किचन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों के लिए भोजन तैयार किया जाता है, लेकिन वितरण व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित बताई जा रही है। मरीज और उनके परिजन मजबूरी में पॉलीथिन की थैलियों में दाल, सब्जी और रोटी लेने को विवश हैं। इस स्थिति ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पॉलीथिन में गर्म भोजन से खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार गर्म भोजन को प्लास्टिक में रखने से कई तरह के हानिकारक रसायन निकलते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं—

प्लास्टिक से निकलने वाले रसायन कैंसर और हार्मोनल असंतुलन का कारण बन सकते हैं

माइक्रोप्लास्टिक शरीर में जाकर आंतों को नुकसान पहुंचा सकते हैं

लंबे समय में मधुमेह, मोटापा और किडनी संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है

मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

Bilaspur-रायपुर रूट पर आज ट्रेनें प्रभावित, समर स्पेशल की घोषणा; ऊधमपुर एक्सप्रेस में भी बदलाव

The Duniyadari: बिलासपुर- Indian Railways द्वारा रायपुर-उरकुरा-मांढर सेक्शन में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाने का काम किया जा रहा है। इस तकनीकी उन्नयन के कारण 5 अप्रैल को बिलासपुर और रायपुर के बीच चलने वाली कुछ लोकल ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे प्रशासन के मुताबिक यह काम पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन पहले से अधिक सुरक्षित और तेज हो सकेगा, हालांकि यात्रियों को एक दिन की असुविधा का सामना करना पड़ेगा।

आज रद्द रहने वाली ट्रेनें

ऑटोमेटिक सिग्नलिंग कार्य के चलते निम्न मेमू पैसेंजर ट्रेनें रद्द रहेंगी —

68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर

68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर

68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर

68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर

इसके अलावा 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू 5 अप्रैल को गोंदिया से बिलासपुर के बीच नहीं चलेगी और केवल बिलासपुर से झारसुगुड़ा के लिए रवाना होगी। वहीं वापसी में 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू बिलासपुर स्टेशन पर ही समाप्त कर दी जाएगी।

समर स्पेशल ट्रेन की सुविधा

गर्मी की छुट्टियों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने हटिया से लोकमान्य तिलक टर्मिनल के बीच साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन कुल 9 ट्रिप लगाएगी।

08609 हटिया-एलटीटी स्पेशल : 20 अप्रैल से 15 जून तक हर सोमवार

08610 एलटीटी-हटिया स्पेशल : 22 अप्रैल से 17 जून तक हर बुधवार

प्रमुख स्टॉपेज और समय

यह स्पेशल ट्रेन बिलासपुर (रात 1:15 बजे), रायपुर (रात 2:55 बजे), दुर्ग और गोंदिया होते हुए मुंबई पहुंचेगी। ट्रेन में 22 कोच लगाए जाएंगे, जिससे वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

ऊधमपुर एक्सप्रेस के रूट में बदलाव

उत्तर रेलवे में परिचालन कारणों से दुर्ग से ऊधमपुर जाने वाली ट्रेनों में भी अस्थायी बदलाव किया गया है।

12549 दुर्ग-ऊधमपुर एक्सप्रेस : 26 मई तक यह ट्रेन जालंधर कैंट तक ही चलेगी

20847 दुर्ग-ऊधमपुर एक्सप्रेस : 27 मई तक यह ट्रेन अंबाला कैंट तक सीमित रहेगी

रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।

05 अप्रैल 2026 राशिफल (रविवार)

♈ मेष राशि

आज स्वास्थ्य में सुधार होगा, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। काम में आपकी छवि मजबूत होगी और घर में खुशी का माहौल रहेगा। यात्रा का योग भी बन सकता है। ,

♉ वृष राशि

आज आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। साझेदारी या निवेश में जल्दबाजी न करें। कार्यक्षेत्र में धैर्य से काम लेने पर लाभ मिलेगा।

♊ मिथुन राशि

खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन आपकी रचनात्मकता आपको आगे बढ़ाएगी। नई योजना बनाना फायदेमंद रहेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा।

♋ कर्क राशि

आज भावनात्मक रूप से मजबूत रहना जरूरी है। काम में नए अवसर मिल सकते हैं। घर-परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।

♌ सिंह राशि

आज आत्मविश्वास बढ़ेगा। नौकरी-व्यवसाय में प्रगति के संकेत हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। खर्च पर ध्यान रखें।

♍ कन्या राशि

वित्तीय मामलों में सावधानी जरूरी है। निवेश सोच-समझकर करें। काम में नई जिम्मेदारी मिल सकती है।

♎ तुला राशि

नेटवर्किंग और संपर्क से लाभ मिलेगा। सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने से फायदा होगा। खर्च नियंत्रित रखें।

♏ वृश्चिक राशि

आज करियर में नई संभावनाएं बनेंगी। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा।

♐ धनु राशि

नई योजना शुरू करने का अच्छा समय है। यात्रा का योग बन सकता है। धार्मिक या आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।

♑ मकर राशि

दीर्घकालिक योजना बनाने का दिन है। निवेश में जल्दबाजी न करें। काम में सफलता मिल सकती है।

♒ कुंभ राशि

आज रिश्तों में सुधार होगा। साझेदारी से लाभ मिल सकता है। काम में नए अवसर मिलेंगे।

♓ मीन राशि

आज मेहनत का फल मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नौकरी-व्यवसाय में उन्नति के संकेत हैं।

गंगरेल बांध में शुरू हुई वाटर एंबुलेंस सेवा, डुबान क्षेत्र के ग्रामीणों को अब 45 मिनट में मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा

The Duniyadari: धमतरी- जिले के दूरस्थ डुबान क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंच अब आसान होने जा रही है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की पहल पर गंगरेल बांध क्षेत्र में वाटर एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है, जिससे अब पहले की लंबी दूरी और कठिन रास्तों से राहत मिलेगी। जहां पहले मरीजों को अस्पताल पहुंचने के लिए लगभग 50 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था, वहीं अब जलमार्ग के जरिए यह दूरी घटकर करीब सात किलोमीटर रह गई है।

कलेक्टर ने डुबान क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को समझते हुए अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि लंबे समय से इन इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, खासकर आपातकालीन स्थिति में समय पर इलाज मिलना चुनौतीपूर्ण होता था। इस समस्या को देखते हुए वाटर एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की गई है।

इस नई सुविधा से चिखली, माटेगहन, मोंगरागहन, मोंगरी, उरपुटी, कोड़ेगांव बी, कोड़ेगांव रैय्यत सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। सात पंचायतों के करीब 32 गांवों के हजारों लोग इस सेवा से लाभान्वित होंगे। वाटर एंबुलेंस के माध्यम से मरीजों को लगभग 45 मिनट में धमतरी तक पहुंचाया जा सकेगा, जिससे गंभीर मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी।

जिला प्रशासन ने बताया कि इस सेवा के बेहतर संचालन के लिए जल्द ही टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर ग्रामीण आसानी से सेवा का लाभ उठा सकें। कलेक्टर ने कहा कि यह सिर्फ परिवहन की सुविधा नहीं, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवनरक्षक पहल है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन का लक्ष्य अंतिम छोर तक रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। आने वाले समय में इस सेवा का विस्तार कर इसे और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। वाटर एंबुलेंस सेवा से डुबान क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।

तीन घंटे तक महिला से हैवानियत, दुष्कर्म के बाद प्राइवेट पार्ट में डाली बोतल; CCTV में सुनाई दी चीखें

The Duniyadari: अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। महामाया प्रवेश द्वार से सटे रिंग रोड के फुटपाथ पर एक अज्ञात महिला की दुष्कर्म के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई।

हत्यारे ने न केवल महिला का सिर पत्थर से कुचल दिया, बल्कि उसके निजी अंग में पानी की बोतल डालकर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध की तलाश जारी है।

सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि यह खौफनाक वारदात रात करीब 1:00 बजे से भोर के 4:00 बजे के बीच हुई। फुटेज में संदिग्ध आरोपी और महिला रात एक बजे महामाया रोड से सद्भावना चौक की ओर जाते दिखे हैं।

रिंग रोड स्थित मछली और मटन की दुकानों के पास, जहां रात में सुरक्षा के लिए ग्रीन नेट लगाया जाता था, आरोपी ने पहले महिला के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह उसे घसीटकर बगल की दुकान में ले गया, जहां पत्थर से सिर कुचलकर उसकी जान ले ली।

घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में दरिंदगी की तस्वीरें साफ नजर आ रही हैं। हालांकि, जिस स्थान पर हत्या हुई, वह कैमरा की सीधी नजर में नहीं था, लेकिन पास के वॉइस रिकॉर्डर में मृतका की आखिरी चीखें कैद हुई हैं।

महिला बार-बार ‘नहीं मारने’ की गुहार लगा रही थी, लेकिन आरोपी ने उसे मौत के घाट उतार दिया। सुबह करीब 4:00 बजे संदिग्ध को घटनास्थल से जाते हुए देखा गया है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, मृतका और संदिग्ध आरोपी खानाबदोश थे और साथ में कबाड़ बीनने का काम करते थे। स्थानीय कबाड़ विक्रेताओं ने पुष्टि की है कि वे अक्सर साथ देखे जाते थे।

हालांकि महिला के अलग-अलग नाम सामने आने के कारण अभी तक उसकी आधिकारिक पहचान नहीं हो सकी है। एसएसपी राजेश अग्रवाल, फोरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वायड की टीम ने मौके का मुआयना किया है।

घनी आबादी और मुख्य चौराहे के पास हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व पार्षद सतीश बारी ने घटना की सूचना पुलिस को दी और मांग की है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में रात के समय पुलिस कर्मियों की स्थायी ड्यूटी लगाई जाए।

फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

नई शिक्षा सत्र की शुरुआत में एनसीईआरटी पुस्तकों का संकट, अभिभावक महंगी निजी किताबें खरीदने को मजबूर

The Duniyadari: भोपाल- नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होते ही स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई है, लेकिन बाजार में एनसीईआरटी की किताबों की कमी ने अभिभावकों और विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ा दी है। विशेष रूप से गणित, विज्ञान और हिंदी जैसे मुख्य विषयों की पुस्तकें पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

इस वर्ष कक्षा पहली से आठवीं और नौवीं तक के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। खासतौर पर कक्षा नौवीं के सभी विषयों की किताबों में बड़े स्तर पर संशोधन किए गए हैं। यही वजह है कि बाजार में नौवीं की नई एनसीईआरटी किताबें अभी तक नहीं पहुंच पाई हैं। किताबें उपलब्ध नहीं होने के कारण अभिभावकों को मजबूरन निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदनी पड़ रही हैं।

बुक डिपो संचालकों का कहना है कि नौवीं कक्षा का पाठ्यक्रम पूरी तरह से बदला गया है, जिसके चलते नई किताबों की छपाई जारी है। उनका अनुमान है कि नई पुस्तकें बाजार में आने में अभी 15 से 20 दिन का समय लग सकता है।

नई व्यवस्था के तहत कक्षा नौवीं के पाठ्यक्रम को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। इसमें भाषा एवं संवाद कौशल, कोर विषय (गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान) तथा कौशल आधारित विषय शामिल किए गए हैं। वहीं सामाजिक विज्ञान को अब एकीकृत रूप में पढ़ाया जाएगा। पहले इतिहास, भूगोल, राजनीति और अर्थशास्त्र अलग-अलग पढ़ाए जाते थे, लेकिन अब इन्हें एक साथ जोड़ा गया है। साथ ही नए पाठ्यक्रम में भारतीय इतिहास और ज्ञान परंपरा पर विशेष जोर दिया गया है।

कीमतों में भी बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। जहां एनसीईआरटी की किताबें 50 से 60 रुपये तक उपलब्ध होती हैं, वहीं निजी प्रकाशकों की किताबें 300 से 400 रुपये तक बिक रही हैं। ऐसे में एनसीईआरटी की पांच किताबें जहां 300 से 400 रुपये में मिल जाती हैं, वहीं निजी प्रकाशकों के पूरे सेट की कीमत तीन से चार हजार रुपये तक पहुंच रही है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

आरटीई एडमिशन में सुस्ती पर सख्त हुआ हाईकोर्ट, छुट्टी के दिन खुली अदालत

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The Duniyadari: बिलासपुर- आरटीई कोटे के तहत प्रवेश प्रक्रिया में देरी को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को अवकाश होने के बावजूद अदालत खोली गई और मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए स्कूल शिक्षा विभाग से जवाब तलब किया गया।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने आरटीई के तहत गरीब, वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के प्रवेश में हो रही देरी को गंभीर माना। कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग को शपथ पत्र दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की सुनवाई 8 अप्रैल को तय की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है, लेकिन आरटीई के तहत पहली कक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया धीमी है। कुल 38,438 आवेदनों में से अब तक केवल 23,766 यानी करीब 62 प्रतिशत की ही जांच पूरी हो सकी है, जबकि 16 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। कई जिलों में जांच की स्थिति 10 प्रतिशत से भी कम बताई गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पंजीयन और नोडल वेरिफिकेशन के लिए 16 फरवरी से 31 मार्च तक की समय सीमा तय की गई थी, लेकिन तय समय के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि नोडल प्राचार्यों के स्तर पर धीमी जांच इसकी प्रमुख वजह है, जिससे आगे की प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

वहीं, नोडल वेरिफिकेशन के बाद 13 से 17 अप्रैल के बीच लॉटरी के जरिए स्कूल आवंटन प्रस्तावित है। लेकिन जांच और तैयारियां अधूरी रहने की स्थिति में प्रवेश कार्यक्रम आगे बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है, जिससे अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

छुट्टी के दिन अदालत खोलकर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के अधिकारों से किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग को विस्तृत शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।