The Duniyadari: खाड़ी देशों में बने हालात के बीच देश के कई हिस्सों में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस को लेकर चिंता बढ़ने की खबरों के बीच बिलासपुर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा है कि जिले में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है।
कलेक्टर ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में मांग में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन यह वास्तविक कमी की वजह से नहीं, बल्कि लोगों द्वारा जरूरत से अधिक ईंधन और गैस का भंडारण करने के कारण है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें।
प्रशासन के अनुसार जिले की 38 गैस एजेंसियों में घरेलू एलपीजी के 9,489 सिलेंडर उपलब्ध हैं, जबकि व्यावसायिक उपयोग के लिए 19.2 किलोग्राम के 247 सिलेंडर मौजूद हैं। इसके अलावा जिले के 171 पेट्रोल पंपों पर 1,209 किलोलीटर पेट्रोल और 1,429 किलोलीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है, जिसे वर्तमान मांग के अनुसार पर्याप्त बताया गया है।
कलेक्टर ने कहा कि कुछ स्थानों पर अचानक बढ़ी मांग का मुख्य कारण अफवाहें हैं। घबराहट में लोग जरूरत से अधिक खरीदारी कर रहे हैं, जिससे अनावश्यक दबाव बन रहा है और कृत्रिम संकट की स्थिति बन सकती है। उन्होंने नागरिकों से संयम बरतने और संसाधनों का समझदारी से उपयोग करने की अपील की।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही कालाबाजारी या कृत्रिम कमी पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। जरूरत पड़ने पर ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करने की बात भी कही गई है।
जिला प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि ईंधन की उपलब्धता को लेकर किसी भी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है, बशर्ते नागरिक जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें और अनावश्यक भंडारण से बचें।















