The Duniyadari: मोहला-मानपुर जिला में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को अहम सफलता मिली है। जिला पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के संयुक्त दल ने सीमावर्ती जंगल में छिपाकर रखे गए नक्सलियों के हथियारों का डंप बरामद किया है। इस कार्रवाई में एक एके-47 रायफल, एक इंसास रायफल सहित बड़ी मात्रा में कारतूस और अन्य सामग्री जब्त की गई है।
पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह के निर्देशन में चलाए गए अभियान के दौरान जवानों ने संदिग्ध इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज किया। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर डीआरजी और आईटीबीपी के जवान सुबह जंगल क्षेत्र में पहुंचे और तलाशी अभियान शुरू किया।
जानकारी के अनुसार, कांकेर जिला के ग्राम उयकाटोला और कोवाचीटोला तथा मानपुर ब्लॉक के ग्राम कलवर के बीच घने जंगल में जमीन के भीतर गड्ढा बनाकर हथियार छिपाए गए थे। तलाशी के दौरान जवानों ने सावधानीपूर्वक खुदाई कर डंप को बाहर निकाला।
बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा बलों का मानना है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात की तैयारी में इन हथियारों को छिपाकर रखे थे। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है और आसपास के जंगलों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
The Duniyadari: रायपुर- चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में सोमवार को आयोजित उप निरीक्षक संवर्ग के दीक्षांत (पासिंग आउट परेड) समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और नवप्रशिक्षित अधिकारियों से सलामी ली। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी अधिकारियों को बधाई देते हुए उन्हें जनसेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का संदेश दिया।
इस सत्र में कुल 859 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूरा किया, जिनमें 54 सूबेदार, 528 उप निरीक्षक (जीडी), 2 उप निरीक्षक (कंप्यूटर), 1 उप निरीक्षक (रेडियो), 1 उप निरीक्षक (अंगुली चिन्ह), 68 उप निरीक्षक (एसबी) तथा 205 प्लाटून कमांडर शामिल हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह अवसर प्रशिक्षुओं के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां से वे राष्ट्र और प्रदेश की सेवा के लिए नई जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि कठोर प्रशिक्षण के बाद हासिल की गई यह उपलब्धि न केवल प्रशिक्षुओं बल्कि उनके परिवार और पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि अब इन युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का समावेश हो चुका है, जो उन्हें बेहतर अधिकारी बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने पुलिस सेवा को जिम्मेदारीपूर्ण बताते हुए कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से अपेक्षा की कि वे हर परिस्थिति में ईमानदारी, संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के साथ विश्वास कायम करने की भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में पुलिसिंग व्यवस्था में तकनीक का महत्व बढ़ गया है और राज्य में आधुनिक उपकरणों व साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष इकाइयों को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि यह बैच नए आपराधिक कानूनों के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाला पहला बैच है, जो न्याय व्यवस्था को और मजबूत करेगा।
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने भी नवप्रशिक्षित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि ये युवा छत्तीसगढ़ पुलिस की ताकत को और मजबूत करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से जनता में विश्वास और अपराधियों में कानून का भय बनाए रखने की अपील की।
समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं—सर्वेश कुमार, किरण, मीताली बुग्गे, देवेंद्र सिंह, भरत कुमार, जयप्रकाश राठौर, सचिन यादव, सुंदर मनीष, जितेंद्र कुमार वैष्णव, जितेंद्र सिंह राजपूत और राकेश वैष्णव—को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
The Duniyadari: रायपुर- राजधानी रायपुर के मौदहापारा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक बार फिर मारपीट की घटना ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए। शहर के व्यस्त इलाके स्काईवॉक के सामने स्थित सतलज बार के बाहर पैसों के लेनदेन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घटना का वीडियो मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि देर रात सतलज बार के बाहर अचानक कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही मिनटों में मारपीट में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पैसों के लेनदेन को लेकर शुरू हुआ विवाद उग्र हो गया और एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया। वायरल वीडियो में कुछ युवक पीड़ितों के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना के दौरान देवेंद्र नगर थाना की पेट्रोलिंग टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि टीम ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति का दावा है कि पुलिस को पूरी जानकारी देने के बावजूद टीम ने क्षेत्राधिकार का हवाला देकर कार्रवाई से दूरी बना ली। साथ ही पीड़ितों के नशे में होने की बात कहकर उन्हें मौदहापारा थाने ले जाने की सलाह दी गई। इस रवैये को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
इधर, मामले की सूचना मिलते ही कोतवाली एसीपी दीपक मिश्रा मौके पर पहुंचे और पीड़ितों से बातचीत कर शिकायत दर्ज करवाई। पीड़ितों में एक युवक की पहचान अतुल तिवारी के रूप में हुई है, जबकि दूसरे युवक ने खुद को पंडरी का निवासी बताया। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि पंडरी क्षेत्र के गोपाल तांडी ने करीब 10 हजार रुपये के विवाद को लेकर अपने साथियों के साथ उन पर हमला किया और घटना के बाद फरार हो गया।
फिलहाल मौदहापारा थाना पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि विवाद के पीछे कोई पुरानी रंजिश या अन्य वजह तो नहीं थी।
घटना के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर बहस तेज हो गई है। लोगों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में पुलिस तत्काल कार्रवाई करे, ताकि अपराधियों में कानून का डर बना रहे और आम नागरिकों का भरोसा कायम रह सके।
The Duniyadari: रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस को आज 859 नए अधिकारी मिले, जिन्होंने प्रशिक्षण पूर्ण कर सेवा के लिए कदम बढ़ाया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में आयोजित दीक्षांत समारोह में विष्णुदेव साय और विजय शर्मा शामिल हुए।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। प्रशिक्षण पूरा करने वाले अधिकारियों में सूबेदार, उप निरीक्षक और प्लाटून कमांडर शामिल हैं। इस मौके पर नवप्रशिक्षित अधिकारियों को कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और जनसेवा के मूल्यों के साथ कार्य करने का संदेश दिया गया।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने नवचयनित अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी प्रतिबद्धता और समर्पण से प्रदेश की कानून व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। वहीं, समारोह में मौजूद अधिकारियों और प्रशिक्षकों ने भी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
प्रशिक्षण पूरा कर निकले ये सभी अधिकारी जल्द ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में अपनी सेवाएं देंगे और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
The Duniyadari: महासमुंद जिले में लगातार दूसरे दिन प्रेमी जोड़े की आत्महत्या का मामला सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया है। ताजा मामला पिथौरा थाना क्षेत्र का है, जहां एक युवक और युवती ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मृत युवती खल्लारी थाना क्षेत्र के धरमपुरा गांव की रहने वाली बताई जा रही है, जबकि युवक पटेवा थाना क्षेत्र का निवासी बताया गया है। दोनों के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
मौके से मिली जानकारी के अनुसार युवती के हाथ में गोदने के जरिए “अंकिता” नाम लिखा हुआ मिला है। वहीं घटनास्थल से बरामद आधार कार्ड के आधार पर युवती को नाबालिग बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस अभी इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि करने में जुटी हुई है।
घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले भी जिले में इसी तरह प्रेमी जोड़े द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना सामने आई थी, जिससे क्षेत्र में दहशत और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
The Duniyadari: कोरबा- शहर में इन दिनों पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा चल रही है, लेकिन धार्मिक आयोजन से अधिक चर्चा अब भक्तों के बीच हुए विवाद को लेकर हो रही है। बताया जा रहा है कि बाबा से मुलाकात और सोशल मीडिया रील बनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देर रात हाथापाई में बदल गया।
जानकारी के अनुसार, हनुमंत कथा के लिए कोरबा पहुंचे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कटघोरा के अग्रसेन भवन में ठहरे हुए हैं। रविवार देर रात विश्व हिंदू परिषद से जुड़े अमरजीत सिंह अपने समर्थकों के साथ उनसे मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद जमीन कारोबारी बसंत अग्रवाल के समर्थकों ने मुलाकात को लेकर आपत्ति जताई और उन्हें रोक दिया।
मुलाकात को लेकर शुरू हुई बहस कुछ ही देर में तीखी नोकझोंक में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ने के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला।
घटना की जानकारी सामने आते ही सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से वायरल हो गया। अब शहर में कथा से ज्यादा चर्चा इस विवाद को लेकर हो रही है।
इस मामले में कटघोरा थाना प्रभारी डीएन तिवारी ने बताया कि आपसी विवाद की सूचना मिली है, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। शिकायत मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
The Duniyadari: कोरबा- जिले के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ढपढप में आयोजित पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की दिव्य हनुमंत कथा के दौरान चेन स्नेचिंग की एक और घटना सामने आई है। भीड़ का फायदा उठाकर अज्ञात बदमाशों ने एक महिला के गले से करीब डेढ़ तोले का मंगलसूत्र पार कर दिया। चोरी हुए मंगलसूत्र की कीमत लगभग पांच लाख रुपए बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कथा स्थल पर पिछले दो दिनों में यह तीसरी चेन स्नेचिंग की वारदात है। अब तक करीब छह लोग चेन स्नेचिंग का शिकार हो चुके हैं, जिससे श्रद्धालुओं में दहशत का माहौल बन गया है। इससे पहले कथा प्रारंभ होने से पूर्व निकाली गई कलश यात्रा के दौरान भी चेन स्नेचिंग की घटना सामने आई थी।
बताया जा रहा है कि कथा शुरू होने से एक दिन पहले शुक्रवार को निकाली गई कलश यात्रा में 21 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए थे। इसी दौरान भी भीड़ में सक्रिय चोरों ने वारदात को अंजाम दिया था। लगातार हो रही घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि, आयोजन स्थल पर सुरक्षा के लिए करीब 64 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस अब इन कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। पीड़ितों ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है।
पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे कार्यक्रम में भारी सोने-चांदी के आभूषण पहनकर न आएं और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्क रहें। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम गठित कर जांच तेज कर दी गई है।
The Duniyadari: कोरबा- जिले में चल रही हनुमंत कथा जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते चर्चा में है, वहीं अब आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर विवाद भी सामने आने लगा है। कथा शुरू होने से पहले से ही अंदरूनी मतभेद की चर्चाएं थीं, जो रविवार रात विवाद और झड़प तक पहुंच गईं।
जानकारी के अनुसार, कटघोरा स्थित अग्रसेन भवन में, जहां कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ठहरे हुए हैं, कार्यक्रम संयोजक अमरजीत सिंह और बसंत अग्रवाल के बीच विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि मामला बाबा से मुलाकात को लेकर शुरू हुआ। रात करीब 9 बजे अमरजीत सिंह अपने समर्थकों के साथ भवन के भीतर जाने का प्रयास कर रहे थे, जिसे बसंत अग्रवाल पक्ष के लोगों ने रोक दिया।
देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और धक्का-मुक्की के बाद मारपीट की स्थिति बन गई। आरोप है कि इस दौरान एक गनमैन ने भी हाथ उठा दिया, जिससे माहौल और गरमा गया। घटना की खबर फैलते ही दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और कुछ देर के लिए अग्रसेन भवन परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि बाद में समझाइश के बाद मामला शांत हो गया और पुलिस तक बात नहीं पहुंची।
सूत्रों के मुताबिक, बसंत अग्रवाल पर कुछ लोगों को विशेष प्रवेश दिलाने और इसके बदले धन लेने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। वहीं आयोजन समिति के कुछ सदस्यों का कहना है कि उन्हें निर्णय प्रक्रिया से अलग कर व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं। आयोजन से जुड़े खर्चों को लेकर भी असंतोष की बातें सामने आ रही हैं।
हनुमंत कथा का आयोजन अपना घर सेवा आश्रम द्वारा किया जा रहा है। आयोजन में कार्यक्रम संयोजक अमरजीत सिंह के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह और राणा मुखर्जी की अहम भूमिका बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि इनकी टीम लंबे समय से तैयारी में जुटी थी, लेकिन अंतिम समय में हुए नए हस्तक्षेप से स्थिति असहज हो गई।
इधर, आयोजन के दौरान बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार और राजनीतिक हस्तियों के साथ तस्वीरों वाले बैनर-पोस्टर लगाए जाने को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि धार्मिक आयोजन के बीच इस तरह के व्यक्तिगत प्रचार का उद्देश्य क्या है।
हालांकि फिलहाल मामला शांत हो गया है, लेकिन आयोजन से जुड़े लोगों के बीच असंतोष बना हुआ है। आने वाले दिनों में आयोजन समिति इस स्थिति को कैसे संभालती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
The Duniyadari: बिलासपुर- बिलासपुर जिले के बेलगहना चौकी क्षेत्र अंतर्गत नगोई गांव स्थित रानी सागर तालाब के पास नवजात बच्ची का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
चौकी प्रभारी हेमंत सिंह ने बताया कि नवजात का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है।
The Duniyadari: Raipur- मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai आज Chandkhuri में आयोजित दीक्षांत परेड समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने परेड की सलामी ली और प्रशिक्षण पूरा करने वाले जवानों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशिक्षित जवान कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि अनुशासन, समर्पण और सेवा भाव ही पुलिस बल की असली पहचान है। जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।
समारोह के दौरान आकर्षक परेड का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षु जवानों ने अपने कौशल और अनुशासन का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।