The Duniyadari: वाराणसी– छितौनी गांव में शुक्रवार रात शादी का माहौल उस वक्त ड्रामे में बदल गया जब दुल्हन ने जयमाल के वक्त दूल्हे को छोड़कर अपने प्रेमी को वरमाला पहनाने का ऐलान कर दिया। देखते ही देखते बारात लौट गई और प्रेमी-प्रेमिका ने मंदिर में शादी रचा ली।
लोहता थाना क्षेत्र के छितौनी गांव में पारस राजभर की बेटी किरण राजभर की शादी थी। दूल्हा बारात लेकर पहुंच चुका था। द्वार पूजा हो चुकी थी। स्टेज सजा था, कैमरे चल रहे थे। सब जयमाल का इंतजार कर रहे थे।
लेकिन जैसे ही किरण हाथ में वरमाला लेकर स्टेज पर आई, उसने सामने खड़े दूल्हे को देखा और फिर भीड़ में खड़े एक युवक की तरफ दौड़ पड़ी। ‘मैं शादी करूंगी तो सिर्फ इसी से’ कहते ही मंडप में हंगामा मच गया। रिश्तेदार हैरान रह गए। दूल्हे पक्ष के लोगों ने युवक पवन की पिटाई शुरू कर दी।
किरण तुरंत स्टेज से उतरी और पवन के आगे ढाल बनकर खड़ी हो गई। रोते हुए बोली- ‘इसे मत मारो, मैं इससे प्यार करती हूं।’
दरअसल किरण का चोलापुर के भरथौली गांव निवासी पवन से प्रेम संबंध था। घरवालों ने किरण की शादी दूसरी जगह तय कर दी थी। पवन भी चुपचाप शादी में पहुंचा था। स्टेज पर किरण की नजर पड़ी तो वह खुद को रोक नहीं पाई और दूल्हे को वरमाला पहनाने से मना कर दिया।
दूल्हे ने हालात समझते हुए शांति से शादी से इनकार कर दिया और बारात वापस ले गया। मामला लोहता थाने पहुंचा। दुल्हन के पिता की सूचना पर पुलिस आई। थाने में घंटों पंचायत चली। परिवार और गांव वालों के समझाने पर भी किरण अपने फैसले पर अड़ी रही। उसने दो टूक कहा कि वह किसी और के साथ जिंदगी नहीं बिता सकती।
आखिरकार दोनों परिवार राजी हो गए। कुछ घंटे पहले एक-दूसरे के आमने-सामने खड़े परिवार मंदिर पहुंचे। वहां किरण और पवन ने शादी कर ली। परिजनों ने दोनों को आशीर्वाद दिया।
एक तरफ दूल्हा बिना दुल्हन के लौट गया, दूसरी तरफ उसी रात एक प्रेम कहानी मंजिल तक पहुंच गई। गांव में अब इसी शादी की चर्चा है।



































